﻿
'/PUNC योगिनाम्/NP अपि/AVK सर्वेषाम्/SN मद्गतेन/NP अन्तरात्मना/NP ।/PUNC श्रद्धावान्/KN भजते/KP यः/A माम्/SN सःSN मे/SN युक्ततमः/NP मतः/KN '/PUNC इति/AUD प्रश्नबीजम्/NP उपन्यस्य/NP ,/PUNC स्वयम्/SSN एव/INTF '/PUNC ईदृशम्/SNV मदीयम्/NP तत्त्वम्/NP ,/PUNC एवम्/AUD मद्गतान्तरात्मा/NP स्यात्/KP '/PUNC इति/AUD एतत्/SN विवक्षुः/NP -/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP
मयि/SN आसक्तमनाः/NP पार्थ/NS योगम्/NP युञ्जन्/KN मदाश्रयः/NP ।/PUNC
असंशयम्/NP समग्रम्/NP माम्/SN यथा/AVK ज्ञास्यसि/KP तत्/SN श्रुणु/KP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC  -/PUNC मयि/SN वक्ष्यमाणविशेषणे/NP परमेश्वरे/NP आसक्तम्/NP मनः/NP यस्य/SN सः/SN मय्यासक्तमनाः/NP ,/PUNC हे/ASMB पार्थ/NS योगम्NP युञ्जन्/KN मनः/NP समाधानम्/NP कुर्वन्/KN ,/PUNC मदाश्रयः/NP अहम्/SN एव/INTF परमेश्वरः/NP आश्रयः/NP यस्य/SN सः/SN मदाश्रयः/NP ।/PUNC यः/A हि/A कश्चित्/SN पुरुषार्थेन/NP केनचित्/A अर्थी/NP भवति/KP सः/SN तत्/SN साधनम्/NP कर्म/NP अग्निहोत्रादि/NP तपः/NP दानम्/NP वा/AVK किञ्चित्/SN आश्रयम्/NP प्रतिपद्यते/KP ,/PUNC अयम्/SN तु/A योगी/NP माम्/SN एव/INTF आश्रयम्/NP प्रतिपद्यते/KP ,/PUNC हित्वा/KKS अन्यत्/SN साधन/NP अन्तरम्/AVK मयि/SN एव/INTF आसक्तमनाः/NP भवति/KP ।/PUNC यः/A त्वम्/SN एवम्/AUD भूतः/KN सन्/KKS असंशयम्/NP समग्रम्/NP समस्तम्/NP विभूतिबलशक्त्यैश्वर्यादिगुणसंपन्नम्/NP माम्/SN यथा/AVK येन/SN प्रकारेण/NP ज्ञास्यसि/KP संशयमन्तरेण/NP '/PUNC एवम्/AUD एव/INTF भगवान्/NP '/PUNC इति/AUD ,/PUNC तत्/SN शृणु/KP उच्यमानम्/NP मया/SN ।।/PUNC
तत्/SN च/AVK मद्विषयम्/NP -/PUNC
ज्ञानम्/NP ते/SN अहम्/SN सविज्ञानम्/NP इदम्/SN वक्ष्यामि/NP अशेषतः/KN ।/PUNC
यत्/SN ज्ञात्वा/KKS न/AN इह/A भूयः/NP अन्यत्/SN ज्ञातव्यम्/KN अवशिष्यते/KNV ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ज्ञानम्/NP ते/SN तुभ्यम्/SN अहम्/SN सविज्ञानम्/NP विज्ञानसहितम्/NP स्वानुभवयुक्तम्/NP इदम्/SN वक्ष्यामि/NP कथयिष्यामि/KP अशेषतः/KN कार्त्स्न्येन/NS ।/PUNC तत्/SN ज्ञानम्/NP विवक्षितम्/NP स्तौति/NP श्रोतुः/KP अभिमुखीकरणाय/NP -/PUNC यत्/SN ज्ञात्वा/KKS यत्/SN ज्ञानम्/NP ज्ञात्वा/KKS न/AN इह/A भूयः/NP पुनः/A अन्यत्/SN ज्ञातव्यम्/KN पुरुषार्थसाधनम्/NP अवशिष्यते/KN न/AN अवशिष्टम्/KN भवति/KP ।/PUNC इति/AUD मत्तत्त्वज्ञः/NP यः/A ,/PUNC सः/SN सर्वज्ञः/NV भवति/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC अतःAVK विशिष्टफलत्वात्/NP दुर्लभम्/NP ज्ञानम्/NP ।।/PUNC
कथम्/SN इति/AUD उच्यते/KN -/PUNC
मनुष्याणाम्/NP सहस्रेषु/SMKY कश्चित्/SN यतति/KP सिद्धये/NP ।/PUNC
यतताम्/KP अपि/AVK सिद्धानाम्/NP कश्चित्/SN माम्/SN वेत्ति/NP तत्त्वतः/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मनुष्याणाम्/NP मध्ये/NP सहस्रेषु/SMKY अनेकेषु/SN कश्चित्/SN यतति/KP प्रयत्नम्/NP करोति/KP सिद्धये/NP सिद्ध्यर्थम्/NP ।/PUNC तेषाम्/SN यतताम्/KP अपि/AVK सिद्धानाम्/NP ,/PUNC सिद्धाः/NP एव/INTF हि/A ते/SN ये/SN मोक्षाय/NP यतन्ते/KP ,/PUNC तेषाम्/SN कश्चित्/SN एव/INTF हि/A माम्/SN वेत्ति/NP तत्त्वतः/NP यथावत्/ASD ।।/PUNC
श्रोतारम्/NP प्ररोचनेन/NP अभिमुखीकृत्य/KKS आह/ABS -/PUNC
भूमिरापः/NP अनलः/NP वायुः/NP खम्/NP मनः/NP बुद्धिः/NP एव/INTF च/APY ।/PUNC
अहङ्कारः/NP इति/AUD इयम्/SN मे/SN भिन्ना/NP प्रकृतिः/NP अष्टधा/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC -/PUNC भूमिः/NP इति/AUD पृथिवीतन्मात्रम्/NP उच्यते/KN ,/PUNC न/AN स्थूला/NP ,/PUNC '/PUNC भिन्ना/NP प्रकृतिः/NP अष्टधा/NP '/PUNC इति/AUD वचनात्/NP ।/PUNC तथा/AVK अप्/NP आदयः/NP अपि/AVK तन्मात्राणि/NP एव/INTF उच्यन्ते/KN -/PUNC आपः/NP अनलः/NP वायुः/NP खम्/NP ।/PUNC मनः/NP इति/AUD मनसः/NP कारणम्/A अहंकारः/NP गृह्यते/NP ।/PUNC बुद्धिः/NP इति/AUD अहंकारकारणम्/NP महत्तत्त्वम्/NP ।/PUNC अहंकारः/NP इति/AUD अविद्यासंयुक्तम्/NP अव्यक्तम्/KN ।/PUNC यथा/AVK विषसंयुक्तम्/NP अन्नम्/NP विषम्/NP इति/AUD उच्यते/KN ,/PUNC एवम्/AUD अहंकारवासनावत्/KN अव्यक्तम्/KN मूलकारणम्/NP अहंकारः/NP इति/AUD उच्यते/KN ,/PUNC प्रवर्तकत्वात्/NP अहंकारस्य/NP ।/PUNC अहंकारः/NP एव/INTF हि/A सर्वस्य/SN प्रवृत्तिबीजम्/NP दृष्टम्/KN लोके/NP ।/PUNC इति/AUD इयम्/SN यथा/AVK उक्ता/KN प्रकृतिः/NP मे/SN मम/SN ईश्वरी/NP मायाशक्तिः/NP अष्टधा/NP भिन्ना/NP भेदम्/NP आगता/KN ।।/PUNC
अपरा/NP इयम्/SN इतः/A तु/A अन्याम्/SN प्रकृतिम्/NP विद्धि/NP मे/SN पराम्/NP ।/PUNC
जीवभूताम्/NP महाबाहः/NP यया/A इदम्/SN धार्यते/NP जगत्/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अपरा/NP न/AN परा/NP निकृष्टा/KN अशुद्धा/NP अनर्थकरी/NP संसारबन्धनात्मिका/NP इयम्/SN ।/PUNC इतः/A अस्याः/SN यथा/AVK उक्तायाः/NP तु/A अन्याम्/SN विशुद्धाम्/NP प्रकृतिम्/NP मम/SN आत्मभूताम्/NP विद्धि/NP मे/SN पराम्/NP प्रकृष्टाम्/KN जीवभूताम्/NP क्षेत्रज्ञलक्षणाम्/NP प्राणधारणनिमित्तभूताम्/NP हे/ASMB महाबाहः/NP ,/PUNC यया/A प्रकृत्या/KKS इदम्/SN धार्यते/NP जगत्/NP अन्तः/AVK प्रविष्टया/KN ।।/PUNC
एतत्/SN योनीनि/NP भूतानि/NP सर्वाणि/SN इति/AUD उपधारय/NP ।/PUNC
अहम्/SN कृत्स्नस्य/NS जगतः/NP प्रभवः/NP प्रलयः/NP तथा/AVK ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एतत्/SN योनीनि/NP ते/SN परापरे/NP क्षेत्रक्षेत्रज्ञलक्षणे/NP प्रकृती/NP योनिः/NP येषाम्/SN भूतानाम्/NP तानि/SN एतत्/SN योनीनि/NP ,/PUNC भूतानि/KN सर्वाणि/SN इतिAUD एवम्/AUD उपधारय/NP जानीहि/NP ।/PUNC यस्मात्/SN मम/SN प्रकृती/NP योनिः/NP कारणम्/A सर्वभूतानाम्/NP ,/PUNC अतः/AVK अहम्/SN कृत्स्नस्य/NS समस्तस्य/NP जगतः/NP प्रभवः/NP उत्पत्तिः/NP प्रलयः/NP विनाशः/NP तथा/AVK ।/PUNC प्रकृतिद्वयद्वारेण/NP अहम्/SN सर्वज्ञः/NV ईश्वरः/NP जगतः/NP कारणम्/A इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
यतः/A तस्मात्/SN -/PUNC
मत्तः/NP परतरम्/NP न/AN अन्यत्/SN किञ्चित्/SN अस्ति/KP धनञ्जय/NS ।/PUNC
मयि/SN सर्वम्/SN इदम्/SN प्रोतम्/KN सूत्रे/NP मणिगणाः/NP इव/ASD ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मत्तः/NP परमेश्वरात्/NP परतरम्/NP अन्यत्/SN कारणान्तरम्/A किञ्चित्/SN न/AN अस्ति/KP न/AN विद्यते/KP ,/PUNC अहम्/SN एव/INTF जगत्कारणम्/NP इत्यर्थः/NP ,/PUNC हे/ASMB धनञ्जय/NS ।/PUNC यस्मात्/SN एवम्/AUD तस्मात्/SN मयि/SN परमेश्वरे/NP सर्वाणि/SN भूतानि/NP सर्वमिदम्/SN जगत्/NP प्रोतम्/KN अनुस्यूतम्/NP अनुगतम्/KN अनुविद्धम्/KN ग्रथितम्/NP इत्यर्थ/NP ,/PUNC दीर्घतन्तुषु/NP पटवत्/NP ,/PUNC सूत्रे/NP च/AVK मणिगणाः/NP इव/ASD ।।/PUNC
केन/SN केन/DV धर्मेण/NP विशिष्टे/KN त्वयि/SN सर्वम्/SN इदम्/SN प्रोतम्/KN इति/AUD उच्यते/KN -/PUNC
रसः/NP अहम्/SN अप्सु/KP कौन्तेय/NP प्रभा/NP अस्मि/KP शशिसूर्ययोः/NS ।/PUNC
प्रणवः/NP सर्व/SN वेदेषु/NP शब्दः/NP खे/NP पौरुषम्/NP नृषु/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC -/PUNC रसः/NP अहम्/SN ,/PUNC अपाम्/NP यः/SSN सारः/NP सः/SSN रसः/NP ,/PUNC तस्मिन्/SN रसभूते/NP मयि/SN आपः/NP प्रोता/KN इत्यर्थः/NP ।/PUNC एवम्AUD सर्वत्र/A ।/PUNC यथा/AVK अहम्/SN अप्सु/KP रसः/NP ,/PUNC एवम्/AUD प्रभा/NP अस्मि/KP शशिसूर्ययोः/NS ।/PUNC प्रणवः/NP ओंकारः/NP सर्व/SN वेदेषु/NP ,/PUNC तस्मिन्/SN प्रणवभूते/NP मयि/SN सर्वे/SN वेदाः/NP प्रोताः/KN ।/PUNC तथा/AVK खे/NP आकाशे/NP शब्दः/NP सारभूतः/NP ,/PUNC तस्मिन्/SN मयि/SN खम्/NP प्रोतम्/KN ।/PUNC तथा/AVK पौरुषम्/NP पुरुषस्य/NP भावः/NP पौरुषम्/NP यतः/A पुंबुद्धिः/NP नृषु/NP ,/PUNC तस्मिन्/SN मयि/SN पुरुषाः/NP प्रोताः/KN ।।/PUNC
पुण्यः/NP गन्धः/NP पृथिव्याम्/NP च/APY तेजः/NP च/APY अस्मि/KP विभावसौ/NP ।/PUNC
जीवनम्/NP सर्व/SN भूतेषु/NP तपः/NP च/APY अस्मि/KP तपस्विषु/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC -/PUNC पुण्यः/NP सुरभिः/NP गन्धः/NP पृथिव्याम्/NP च/APY अहम्/SN ,/PUNC तस्मिन्/SN मयि/SN गन्धभूते/NP पृथिवी/NP प्रोता/KN ।/PUNC पुण्यत्वम्/NP गन्धस्य/NP स्वभावतः/NP एव/INTF पृथिव्याम्/NP दर्शितम्/NP अप्/NP आदिषु/NP रसादेः/NP पुण्यत्वोपलक्षणार्थम्/NP ।/PUNC अपुण्यत्वम्/NP तु/A गन्धादीनाम्/NP अविद्याधर्मादि/NP अपेक्षम्/NP संसारिणाम्/NP भूतविशेषसंसर्गनिमित्तम्/NP भवति/KP ।/PUNC तेजः/NP च/APY दीप्तिः/NP च/APY अस्मि/KP विभावसौ/NP अग्नौ/NP ।/PUNC तथा/AVK जीवनम्/NP सर्वभूतेषु/NP ,/PUNC येन/SN जीवन्ति/NP सर्वाणि/SN भूतानि/NP तत्/SN जीवनम्/NP ।/PUNC तपः/NP च/AVK अस्मि/KP तपस्विषु/NP ,/PUNC तस्मिन्/SN तपसि/NP मयि/SN तपस्विनः/NP प्रोताः/KN ।।/PUNC
बीजम्/NP माम्/SN सर्वभूतानाम्/NP विद्धि/NP पार्थ/NS सनातनम्/NP ।/PUNC
बुद्धिः/NP बुद्धिमताम्/NP अस्मि/KP तेजः/NP तेजस्विनाम्/NP अहम्/SN ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC -/PUNC बीजम्/NP प्ररोहकारणम्/NP माम्/SN विद्धि/NP सर्वभूतानाम्/NP हे/ASMB पार्थ/NS सनातनम्/NP चिरन्तनम्/NP ।/PUNC किम्/AP च/AVK ,/PUNC बुद्धिः/NP विवेकशक्तिः/NP अन्तः/AVK करणस्य/A बुद्धिमताम्/NP विवेकशक्तिमताम्/NP अस्मि/KP ,/PUNC तेजः/NP प्रागल्भ्यम्/NP तद्वताम्/NP तेजस्विनाम्/NP अहम्/SN ।।/PUNC
बलम्/NP बलवताम्/NP अस्मि/KP कामरागविवर्जितम्/NP ।/PUNC
धर्माविरुद्धः/NP भूतेषु/NP कामः/NP अस्मि/KP भरतर्षभ/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC -/PUNC बलम्/NP सामर्थ्यम्/NP ओजः/NP बलवताम्/NP अहम्/SN ,/PUNC तत्/SN च/AVK बलम्/NP कामरागविवर्जितम्/NP ,/PUNC कामः/NP च/APY रागः/NP च/APY कामरागौ/NP -/PUNC कामः/NP तृष्णा/NP असंनिकृष्टेषु/KN विषयेषु/NP ,/PUNC रागः/NP रञ्जना/NP प्राप्तेषु/NP विषयेषु/NP ?/PUNC ताभ्याम्/SN कामरागाभ्याम्/NP विवर्जितम्/NP देहादिधारणमात्रार्थम्/NP बलम्/NP सत्त्वम्/NP अहम्/SN अस्मि/KP ;/PUNC न/AN तु/A यत्संसारिणाम्/NP तृष्णारागकारणम्/NP ।/PUNC किम्/AP च/AVK -/PUNC धर्माविरुद्धः/NP धर्मेण/NP शास्त्रार्थेन/NP अविरुद्धः/KN यः/A प्राणिषु/NP भूतेषु/NP कामः/NP ,/PUNC यथा/AVK देहधारणमात्रादि/NP अर्थः/NP अशनपानादिविषयः/NP ,/PUNC सः/SN कामः/NP अस्मि/KP हे/ASMB भरतर्षभ/NP ।।/PUNC
किम्/AP च/APY -/PUNC
ये/SN चAPY एव/INTF सात्त्विकाः/NP भावाः/NP राजसाः/NP तामसाः/NP च/APY ये/SN ।/PUNC
मत्त/NP एव/INTF इति/AUD तान्/SN विद्धि/NP न/AN तु/A अहम्/SN तेषु/SN ते/SN मयि/SN ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ये/SN च/AVK एव/INTF सात्त्विकाः/NP सत्त्वनिर्वृत्ताः/NP भावाः/NP पदार्थाः/NP ,/PUNC राजसाः/NP रजोनिर्वृत्ताः/NP ,/PUNC तामसाः/NP तमोनिर्वृत्ताः/NP च/AVK ,/PUNC ये/SN केचित्/A प्राणिनाम्/NP स्वकर्मवशात्/NP जायन्ते/KP भावाः/NP ,/PUNC तान्/SN मत्त/NP एव/INTF जायमानान्/KNV इति/AUD एवम्/AUD विद्धि/NP सर्वान्/SN समस्तान्/NP एव/INTF ।/PUNC यद्यपि/AVK ते/SN मत्तः/NP जायन्ते/KP ,/PUNC तथापि/AVK न/AN तु/A अहम्/SN तेषु/SN तदधीनः/NP तद्वशः/NP ,/PUNC यथा/AVK संसारिणः/NP ।/PUNC ते/SN पुनः/A मयि/SN मद्वशाः/NP मदधीनाः/NP ।।/PUNC
एवम्/AUD भूतम्/NP अपि/AVK परमेश्वरम्/NP नित्यशुद्धबुद्धमुक्तस्वभावम्/NP सर्वभूतात्मानम्/NP निर्गुणम्/NP संसारदोषबीजप्रदाहकारणम्/NP माम्/SN न/AN अभिजानाति/NP जगत्/NP इति/AUD अनुक्रोशम्/KN दर्शयति/KP भगवान्/NP ।/PUNC तत्/SN च/AVK किंनिमित्तम्/NP जगतः/NP अज्ञानम्/NP इति/AUD उच्यते/KN -/PUNC
त्रिभिः/SMKY गुणमयैः/NP भावैः/NP एभिः/SNV सर्वम्/SN इदम्/SN जगत्/NP ।/PUNC
मोहितम्/NP न/AN अभिजानाति/NP मामेभ्यः/SN परम्/SN अव्ययम्/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC -/PUNC त्रिभिः/SMKY गुणमयैः/NP गुणविकारैः/NP रागद्वेषमोहादिप्रकारैः/NP भावैः/NP पदार्थैः/NP एभिः/SNV यथा/AVK उक्तैः/KN सर्वम्/SN इदम्/SN प्राणिजातम्/NP जगत्/NP मोहितम्/NP अविवेकिताम्/NP आपादितम्/NP सत्/A न/AN अभिजानाति/NP माम्/SN ,/PUNC एभ्यः/SN यथा/AVK उक्तेभ्यः/KN गुणेभ्यः/NP परम्/SN व्यतिरिक्तम्/NP विलक्षणम्/NP च/AVK अव्ययम्/NP व्ययरहितम्/NP जन्मादिसर्वभावविकारवर्जितम्/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
कथम्/A पुनः/A दैवीम्/NP एताम्/SN त्रिगुणात्मिकाम्/SMKY वैष्णवीम्/NP मायाम्/NP अतिक्रामति/NP इति/AUD उच्यते/KN -/PUNC
दैवी/NP हि/A एषा/SN गुणमयी/NP मम/SN माया/NP दुरत्यया/NP ।/PUNC
माम्/SN एव/INTF ये/SN प्रपद्यन्ते/KP मायाम्/NP एताम्/SN तरन्ति/NP ते/SN ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC -/PUNC दैवी/NP देवस्य/NP मम/SN ईश्वरस्य/NP विष्णोः/NP स्वभावभूता/NP हि/A यस्मात्/SN एषा/SN यथा/AVK उक्ता/KN गुणमयी/NP मम/SN माया/NP दुरत्यया/NP दुःखेन/NP अत्ययः/NP अतिक्रमणम्/NP यस्याः/SN सा/SN दुरत्यया/NP ।/PUNC तत्र/A एवम्/AUD सति/A सर्वधर्मान्/NP परित्यज्य/NP माम्/SN एव/INTF मायाविनम्/NP स्वात्मभूतम्/NP सर्वात्मना/NP ये/SN प्रपद्यन्ते/KP ते/SN मायाम्/NP ताम्/SN सर्वभूतमोहिनीम्/NP तरन्ति/NP अतिक्रामन्ति/NP ;/PUNC ते/SN संसारबन्धनात्/NP मुच्यन्ते/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
यदि/AVK त्वाम्/SN प्रपन्नाः/NP मायाम्/NP एताम्/SN तरन्ति/NP ,/PUNC कस्मात्/SN त्वाम्/SN एव/INTF सर्वे/SN न/AN प्रपद्यन्ते/KP इति/AUD उच्यते/KN -/PUNC
न/AN माम्/SN दुष्कृतिनः/NP मूढाः/KN प्रपद्यन्ते/KP नराधमाः/NP ।/PUNC
मायया/NP अपहृतज्ञानाः/NP आसुरम्/NP भावम्/NP आश्रिताः/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN माम्/SN परमेश्वरम्/SN नारायणम्/NP दुष्कृतिनः/NP पापकारिणः/NP मूढाः/KN प्रपद्यन्ते/KP नराधमाः/NP नराणाम्/NP मध्ये/NP अधमाः/NP निकृष्टाः/KN ।/PUNC ते/SN च/AVK मायया/NP अपहृतज्ञानाः/NP संमुषितज्ञानाः/NP आसुरम्/NP भावम्/NP हिंसानृतादिलक्षणम्/NP आश्रिताः/KN ।।/PUNC
ये/SN पुनः/A नरोत्तमाः/KN पुण्यकर्माणः/NP -/PUNC
चतुर्विधाः/SMKY भजन्ते/KP माम्/SN जनाः/NP सुकृतिनः/NP अर्जुन/NS ।/PUNC
आर्तः/NP जिज्ञासुः/KP अर्थार्थी/NP ज्ञानी/NP च/AVK भरतर्षभ/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC -/PUNC चतुर्विधाः/SMKY चतुःप्रकाराः/NP भजन्ते/KP सेवन्ते/KP माम्/SN जनाः/NP सुकृतिनः/NP पुण्यकर्माणः/NP हे/ASMB अर्जुन/NS ।/PUNC आर्तः/NP आर्तिपरिगृहीतः/NP तस्करव्याघ्ररोगादिना/NP अभिभूतः/NP आपन्नः/KN ,/PUNC जिज्ञासुः/KP भगवत्तत्त्वम्/NP ज्ञातुम्/KKS इच्छति/KP यः/SN ,/PUNC अर्थार्थी/NP धनकामः/NP ,/PUNC ज्ञानी/NP विष्णोः/NP तत्त्ववित्/NP च/AVK हे/ASMB भरतर्षभ/NP ।।/PUNC

तेषाम्/SN ज्ञानी/NP नित्ययुक्तः/KKS एकभक्तिः/NP विशिष्यते/NP ।/PUNC
प्रियः/NP हि/A ज्ञानिनः/NP अत्यर्थम्/NP अहम्/SN सः/SN च/AVK मम/SN प्रियः/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तेषाम्/SN चतुर्णाम्/SMKY मध्ये/NP ज्ञानी/NP तत्त्ववित्/NP तत्त्ववित्त्वात्/NP नित्ययुक्तः/KKS भवति/KP एकभक्तिः/NP च/AVK ,/PUNC अन्यस्य/SN भजनीयस्य/NP अदर्शनात्/KP ;/PUNC अतः/AVK सः/SN एकभक्तिः/NP विशिष्यते/NP विशेषम्/NV आधिक्यम्/NP आपद्यते/KP ,/PUNC अतिरिच्यते/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC प्रियः/NP हि/A यस्मात्/SN अहम्/SN आत्मा/NP ज्ञानिनः/NP ,/PUNC अतः/AVK तस्य/SN अहम्/SN अत्यर्थम्/NP प्रियः/NP ;/PUNC प्रसिद्धम्/NP हि/A लोके/NP '/PUNC आत्मा/NP प्रियः/NP भवति/KP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC तस्मात्/SN ज्ञानिनः/NP आत्मत्वात्/NP वासुदेवः/NS प्रियः/NP भवति/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC सः/SN च/AVK ज्ञानी/NP मम/SN वासुदेवस्य/NS आत्मा/NP एव/INTF इति/AUD मम/SN अत्यर्थम्/NP प्रियः/NP ।।/PUNC
न/AN तर्हि/AVK आर्तादयः/NP त्रयः/SMKY वासुदेवस्य/NS प्रियाः/NP ?/PUNC न/AN ;/PUNC किम्/AP तर्हि/AVK ?/PUNC -/PUNC
उदाराः/NP सर्व/SN एव/INTF एते/SN ज्ञानी/NP तु/A आत्मा/NP एव/INTF मे/SN मतम्/NP ।/PUNC
आस्थितः/NP सः/SN हि/A युक्तात्मा/NP माम्/SN एव/INTF अनुत्तमाम्/NP गतिम्/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC -/PUNC उदाराः/NP उत्कृष्टाः/KN सर्वः/SN एव/INTF एते/SN ,/PUNC त्रयः/SMK अपि/AVK मम/SN प्रियाः/NP एव/INTF इत्यर्थः/NP ।/PUNC न/AN हि/A कश्चित्/SN मद्भक्तः/NP मम/SN वासुदेवस्य/NS अप्रियः/NP भवति/KP ।/PUNC ज्ञानी/NP तु/A अत्यर्थम्/NP प्रियः/NP भवति/KP इति/AUD विशेषः/NP ।/PUNC तत्/SN कस्मात्/SN इत्यतः/A आह/ABS -/PUNC ज्ञानी/NP तु/A आत्मा/NP एव/INTF न/AN अन्यः/SN मत्तः/NP इति/AUD मे/SN मम/SN मतम्/NP निश्चयः/NP ।/PUNC आस्थितः/KN आरोढुम्/KN प्रवृत्तः/NP सः/SN ज्ञानी/NP हि/A यस्मात्/SN '/PUNC अहम्/SN एव/INTF भगवान्/NP वासुदेवः/NS न/AN अन्यः/SN अस्मि/KP '/PUNC इत्/A एवम्/AUD युक्तात्मा/NP समाहितचित्तः/NP सन्/KKS माम्/SN एव/INTF परम्/AVK ब्रह्म/NP गन्तव्यम्/KN अनुत्तमाम्/NP गतिम्/NP गन्तुम्/KKS प्रवृत्तः/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
ज्ञानी/NP पुनः/A अपि/AVK स्तूयते/KP -/PUNC
बहूनाम्/NV जन्मनाम्/NP अन्ते/AVK ज्ञानवान्/KN माम्/SN प्रपद्यते/KP ।PUNC
वासुदेवः/NS सर्वम्/SN इति/AUD सः/SN महात्मा/NP सुदुर्लभः/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC -/PUNC बहूनाम्/SN जन्मनाम्/NP ज्ञानार्थसंस्काराश्रयाणाम्/NP अन्ते/AVK समाप्तौ/NP ज्ञानवान्/KN प्राप्तपरिपाकज्ञानः/NP माम्/SN वासुदेवम्/NS प्रत्यगात्मानम्/NP प्रत्यक्षतः/NP प्रपद्यते/NP ।/PUNC कथम्/SN ?/PUNC वासुदेवः/NS सर्वम्/SN इति/AUD ।/PUNC यः/A एवम्/AUD सर्वात्मानम्/NP माम्/SN नारायणम्/NP प्रतिपद्यते/KP ,/PUNC सः/SN महात्मा/NP ;/PUNC न/AN तत्समः/NP अन्यः/SN अस्ति/KP ,/PUNC अधिकः/NP वा/AVK ।/PUNC अतः/AVK सुदुर्लभः/NP ,/PUNC '/PUNC मनुष्याणाम्/NP सहस्रेषु/NP '/PUNC इति/AUD हि/A उक्तम्/KN ।।/PUNC
आत्मा/NP एव/INTF सर्वः/SN वासुदेवः/NS इत्/A एवम्/AUD अप्रतिपत्तौ/NP कारणम्/A उच्यते/KN -/PUNC
कामैः/NP तैः/SN तैः/DV हृतज्ञानाः/NP प्रपद्यन्ते/KP अन्य/SN देवताः/NP ।/PUNC
तम्/SN तम्/DV नियमम्/NP अस्थाय/NP प्रकृत्या/KKS नियताः/KN स्वया/SN ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC -/PUNC कामैः/NP तैः/SN तैः/DV पुत्रपशुस्वर्गादिविषयैः/NP हृतज्ञानाः/NP अपहृतविवेकविज्ञानाः/NP प्रपद्यन्ते/KP अन्य/SN देवताः/NP प्राप्नुवन्ति/KP वासुदेवात्/NS आत्मनः/NP अन्याः/SN देवताः/NP ;/PUNC तम्/SN तम्/DV नियमम्/NP देवताराधने/NP प्रसिद्धः/NP यः/A यःDV नियमः/NP तम्/SN तम्/DV आस्थाय/NP आश्रित्य/KKS प्रकृत्या/KKS स्वभावेन/NP जन्मान्तरार्जितसंस्कारविशेषेण/NP नियताः/KN नियमिताः/NP स्वया/SN आत्मीयया/NP ।।/PUNC
तेषाम्/SN च/AVK कामिनाम्/NP -/PUNC
यः/A यःDV याम्/SN याम्/DV तनुम्/NP भक्तः/KN श्रद्धया/NP अर्चितुम्/KKS इच्छति/KP ।/PUNC
तस्य/SN तस्य/DV अचलाम्/NP श्रद्धाम्/NP ताम्/NP एव/INTF विदधामि/KP अहम्/SN ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यः/A यः/DV कामी/NP याम्/SN याम्/DV देवतातनुम्/NP श्रद्धया/NP संयुक्तः/NP भक्तः/NP च/AVK सन्/KKS अर्चितुम्/KKS पूजयितुम्/KKS इच्छति/KP ,/PUNC तस्य/SN तस्य/DV कामिनः/NP अचलाम्/NP स्थिराम्/NP श्रद्धाम्/NP ताम्/SN एव/INTF विदधामि/KP स्थिरी/NP करोमि/KP ।।/PUNC
यया/SN एव/INTF पूर्वम्/SN प्रवृत्तः/KN स्वभावतः/NP यः/A याम्/SN देवतातनुम्/NP श्रद्धया/NP अर्चितुम्/KKS इच्छति/KP -/PUNC
सः/SN तया/SN श्रद्धया/NP युक्तः/KN तस्याः/SN राधनम्/NS ईहते/NP ।/PUNC
लभते/KP च/AVK ततः/A कामान्/NP मया/SN एव/INTF विहितान्/NP हि/A तान्/SN ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सः/SN तया/SN मद्विहितया/NP श्रद्धया/NP युक्तः/KN सन्/KKS तस्याः/SN देवतातन्वाः/NP राधनम्/NS आराधनम्/NP ईहते/NP चेष्टते/KN ।/PUNC लभते/KP च/AVK ततः/A तस्याः/SN आराधितायाः/NP देवतातन्वाः/NP कामान्/KN ईप्सितान्/KP मया/SN एव/INTF परमेश्वरेण/NP सर्वज्ञेन/NP कर्मफलविभागज्ञतया/NP विहितान्/NP निर्मितान्/NP तान्/SN ,/PUNC हि/A यस्मात्/SSN ते/SN भगवता/NP विहिताः/KN कामाः/NP तस्मात्/SSN तान्/SN अवश्यम्/NP लभते/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC '/PUNC हितान्/NP '/PUNC इति/AUD पदच्छेदे/NP हितत्वम्/NP कामानाम्/NP उपचरितम्/NP कल्प्यम्/NP ;/PUNC न/AN हि/A कामाः/NP हिताः/KN कस्यचित्/A ।।/PUNC
यस्मात्/SN अन्तवत्साधनव्यापाराः/NP अविवेकिनः/NP कामिनः/NP च/AVK ते/SN ,/PUNC अतः/AVK -/PUNC
अन्त/AVK वत्/A तु/A फलम्/NP तेषाम्/SN तद्भवति/NP अल्पमेधसाम्/NP ।/PUNC
देवान्/NP देवयजः/NP यान्ति/NP मद्भक्ताः/KN यान्ति/NP माम्/SN अपि/AVK ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अन्त/AVK वत्/A विनाशि/NP तु/A फलम्/NP तेषाम्/SN तत्/SN भवति/KP अल्पमेधसाम्/NP अल्पप्रज्ञानाम्/NP ।/PUNC देवान्/NP देवयजः/NP यान्ति/KP देवान्/KN यजन्त/KP इति/AUD देवयजः/NP ,/PUNC ते/SN देवान्/KN यान्ति/KP ,/PUNC मद्भक्ताः/KN यान्ति/KP माम्/SN अपि/AVK ।/PUNC एवम्/AUD समाने/NP अपि/AVK आयासे/NP माम्/SN एव/INTF न/AN प्रपद्यन्ते/KP अनन्तफलाय/NP ,/PUNC अहो/ABS खलु/NP कष्टम्/NP वर्तन्ते/KP ,/PUNC इति/AUD अनुक्रोशम्/NP दर्शयति/NP भगवान्/NP ।।/PUNC
किंनिमित्तम्/NP माम्/SN एव/INTF न/AN प्रपद्यन्ते/KP इति/AUD उच्यते/KN -/PUNC
अव्यक्तम्/KN व्यक्तिम्/NP आपन्नम्/NP मन्यन्ते/KP माम्/SN अबुद्धयः/NP ।/PUNC
परम्/AVK भावम्/NP अजानन्तः/NP मम/SN अव्ययम्/NP अनुत्तमम्/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अव्यक्तम्/NP अप्रकाशम्/NP व्यक्तिम्/NP आपन्नम्/NP प्रकाशम्/NP गतम्/KN इदानीम्/NP मन्यन्ते/KP माम्/SN नित्यप्रसिद्धम्/NP ईश्वरम्/NP अपि/AVK सन्तम्/NP अबुद्धयः/KNV अविवेकिनः/NP परम्/AVK भावम्/NP परमात्मस्वरूपम्/NP अजानन्तः/KN अविवेकिनः/NP मम/SN अव्ययम्/NP व्ययरहितम्/NP अनुत्तमम्/NP निरतिशयम्/NP मदीयम्/NP भावम्/NP अजानन्तः/KN मन्यन्ते/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
तदज्ञानम्/NP किंनिमित्तम्/NP इति/AUD उच्यते/KN -/PUNC
न/AN अहम्/SN प्रकाशः/NP सर्वस्य/SN योगमायासमावृतः/NP ।/PUNC
मूढः/KN अयम्/SN न/AN अभिजानाति/NP लोकः/NP माम्/SN अजम्/NP अव्ययम्/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN अहम्/SN प्रकाशः/NP सर्वस्य/SN लोकस्य/NP ,/PUNC केषांचित्/A एव/INTF मद्भक्तानाम्/NP प्रकाशः/NP अहम्/SN इति/AUD अभिप्रायः/NP ।/PUNC योगमायासमावृतः/NP योगः/NP गुणानाम्/NP युक्तिः/KN घटनम्/NP स/SN एव/INTF माया/NP योगमाया/NP ,/PUNC तया/SN योगमाययासमावृतः/NP ,/PUNC संछन्नः/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC अतः/AVK एव/INTF मूढः/KN लोकः/NP अयम्/NP न/AN अभिजानाति/NP माम्/SN अजम्/NP अव्ययम्/NP ।।/PUNC 
यया/SN योगमाययासमावृतम्/NP माम्/SN लोकः/NP न/AN अभिजानाति/NP ,/PUNC न/AN असौ/SN योगमाया/NP मदीया/NP सती/NP मम/SN ईश्वरस्य/NP मायाविनः/NP ज्ञानम्/NP प्रतिबध्नाति/NP ,/PUNC यथा/AVK अन्यस्य/SN अपि/AVK मायाविनः/NP मायाज्ञानम्/NP तद्वत्/NP ।।/PUNC
यतः/AVK एवम्/AUD ,/PUNC अतः/AVK -/PUNC
वेदाहम्/NP समतीतानि/NP वर्तमानानि/NP च/AVK अर्जुन/NP ।/PUNC
भविष्याणि/NP च/AVK भूतानि/NP माम्/SN तु/A वेद/NP न/AN कश्चन/SN ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अहम्/SN तु/A वेद/NP जाने/NP समतीतानि/NP समतिक्रान्तानि/NP भूतानि/KN ,/PUNC वर्तमानानि/NP च/APY अर्जुन/NP ,/PUNC भविष्याणि/NP च/APY भूतानि/KN वेद/NP अहम्/SN ।/PUNC माम्/SN तु/A वेद/NP न/AN कश्चन/SN मद्भक्तम्/NP मत्/NP शरणम्/NP एकम्/SMK मुक्त्वा/KKS ;/PUNC मत्तत्त्ववेदनाभावात्/NP एव/INTF न/AN माम्/SN भजते/KP ।।/PUNC
केन/SN पुनः/A मत्तत्त्ववेदनप्रतिबन्धेन/NP प्रतिबद्धानिNP सन्ति/KP जायमानानि/KNV सर्व/SN भूतानि/KN माम्/SN न/AN विदन्ति/KP इति/AUD अपेक्षायाम्/NP इदम्/SN आह/ABS -/PUNC
इच्छाद्वेषसमुत्थेन/NP द्वन्द्वमोहेन/NP भारत/NP ।/PUNC
सर्वभूतानि/NP संमोहम्/NP सर्गे/NP यान्ति/KP परन्तप/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC -/PUNC इच्छाद्वेषसमुत्थेन/NP इच्छा/NP च/APY द्वेषः/NP च/APY इच्छाद्वेषौ/NP ताभ्याम्/SN समुत्तिष्ठति/NP इति/AUD इच्छाद्वेषसमुत्थः/NP तेन/SN इच्छाद्वेषसमुत्थेन/NP ।/PUNC केन/SN इति/AUD विशेषापेक्षायाम्/NP इदम्/SN आह/KP -/PUNC द्वन्द्वमोहेन/NP द्वन्द्वनिमित्तः/KN मोहः/NP द्वन्द्वमोहः/NP तेन/SN ।/PUNC तौ/SN एव/INTF इच्छाद्वेषौ/NP शीतोष्णवत्/NP परस्परविरुद्धौ/NP सुखदुःखतद्धेतुविषयौ/NP यथा/AVK कालम्/NP सर्वभूतैः/NP संबध्यमानौ/NP द्वन्द्वशब्देन/NP अभिधीयेते/NP ।/PUNC तत्र/A यदा/A इच्छाद्वेषौ/NP सुखदुःखतद्धेतु/NP संप्राप्त्या/KKS लब्धात्मकौ/KN भवतः/SN ,/PUNC तदा/A तौ/SN सर्वभूतानाम्/NP प्रज्ञायाः/NP स्ववशापादनद्वारेण/NP परमार्थात्मतत्त्वविषयज्ञानोत्पत्तिप्रतिबन्धकारणम्/NP मोहम्/NP जनयतः/KN ।/PUNC न/AN हि/A इच्छाद्वेषदोषवशीकृतचित्तस्य/NP यथा/AVK भूतार्थविषयज्ञानम्/NP उत्पद्यते/KN बहिः/A अपि/AVK ;/PUNC किमु/AP वक्तव्यम्/KN ताभ्याम्/SN आविष्टबुद्धेः/NP संमूढस्य/NP प्रत्यगात्मनि/NP बहुप्रतिबन्धे/NP ज्ञानम्/NP नAN उत्पद्यत/KN इति/AUD ।/PUNC अतः/AVK तेन/SN इच्छाद्वेषसमुत्थेन/NP द्वन्द्वमोहेन/NP ,PUNC भारत/NP भरतान्वयज/NP ,/PUNC सर्वभूतानि/NP संमोहितानि/NP सन्ति/KP संमोहम्/NP संमूढताम्/NP सर्गे/NP जन्मनि/NP ,/PUNC उत्पत्तिकाले/NP इति/AUD एतत्/SN ,/PUNC यान्ति/NP गच्छन्ति/KP हे/ASMB परंतप/NP ।/PUNC मोहवशानि/NP एव/INTF सर्वभूतानि/NP जायमानानि/KNV जायन्ते/KP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।/PUNC यतः/A एवम्/AUD ,/PUNC अतः/AVK तेन/SN द्वन्द्वमोहेन/NP प्रतिबद्धप्रज्ञानानि/NP सर्वभूतानि/NP संमोहितानि/NP माम्/SN आत्मभूतम्/NP न/AN जानन्ति/NP ;/PUNC अतः/AVK एव/INTF आत्मभावेन/NP माम्/SN न/AN भजन्ते/KP ।।/PUNC
के/SN पुनः/A अनेन/NP द्वन्द्वमोहेन/NP निर्मुक्ताः/KN सन्तः/KN त्वाम्/SN विदित्वा/KKS यथा/AVK शास्त्रम्/NP आत्मभावेन/NP भजन्ते/KP इति/AUD अपेक्षितम्/NP अर्थम्/NP दर्शयितुम्/KKS उच्यते/KN -/PUNC
येषाम्/SN तु/A अन्तगतम्/KN पापम्/NP जनानाम्/NP पुण्यकर्मणाम्/NP ।/PUNC
ते/A द्वन्द्वमोहनिर्मुक्ताःKN भजन्ते/KP माम्/SN दृढव्रताः/KN ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC -/PUNC येषाम्/SN तु/A पुनः/A अन्तगतम्/KN समाप्तप्रायम्/NP क्षीणम्/NP पापम्/NP जनानाम्/NP पुण्यकर्मणाम्/NP पुण्यम्/NP कर्म/NP येषाम्/SN सत्त्वशुद्धिकारणम्/NP विद्यते/KP ते/SN पुण्यकर्माणः/NP तेषाम्/SN पुण्यकर्मणाम्/NP ,/PUNC ते/SN द्वन्द्वमोहनिर्मुक्ताः/KN यथा/AVK उक्तेन/KN द्वन्द्वमोहेन/NP निर्मुक्ताः/KN भजन्ते/KP माम्/SN परमात्मानम्/NP दृढव्रताः/KN ।/PUNC '/PUNC एवम्/AUD एव/INTF परमार्थतत्त्वम्/NP न/AN अन्यथा/NP '/PUNC इत्/A एवम्/AUD सर्व/SN परित्यागव्रतेन/NP निश्चितविज्ञानाः/NP दृढव्रताः/KN उच्यन्ते/KN ।।/PUNC
ते/SN किमर्थम्/NP भजन्ते/KP इति/AUD उच्यते/KN -/PUNC
जरामरणमोक्षाय/NP माम्/SN आश्रित्य/KKS यतन्ति/KP ये/SN ।/PUNC
ते/SN ब्रह्म/NP तद्विदुः/NP कृत्स्नम्/NS अध्यात्मम्/NP कर्म/NP च/AVK अखिलम्/NP ।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC -/PUNC जरामरणमोक्षाय/NP जरामरणयोः/NP मोक्षार्थम्/NP माम्/SN परमेश्वरम्/NP आश्रित्य/KKS मत्समाहितचित्ताः/NP सन्तः/KN यतन्ति/KP प्रयतन्ते/NP ये/SN ,/PUNC ते/SN यत्/SSN ब्रह्म/NP परम्/AVK तत्/SSN विदुः/NP कृत्स्नम्/NS समस्तम्/NP अध्यात्मम्/NP प्रत्यगात्मविषयम्/NP वस्तु/NP तत्/SN विदुः/NP ,/PUNC कर्म/NP च/AVK अखिलम्/NP समस्तम्/NP विदुः/NP ।।/PUNC
साधिभूताधिदैवम्NP माम्/SN साधियज्ञम्/NP च/AVK ये/SN विदुः/NP ।/PUNC
प्रयाणकाले/NP अपि/AVK च/AVK माम्/SN ते/SN विदुः/NP युक्त/KN चेतसः/NP ।।/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमद्भगवद्गीतासु/NP उपनिषत्सु/NP ब्रह्मविद्यायाम्/NP योगशास्त्रे/NP श्रीकृष्णार्जुनसंवादे/NS ज्ञानविज्ञानयोगः/NP नाम/NP सप्तमः/SMKY अध्यायः/NP ।।/PUNC
।।/PUNC 7/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC -/PUNC साधिभूताधिदैवम्/NP अधिभूतम्/NP च/APY अधिदैवम्/NP च/APY अधिभूताधिदैवम्/NP ,/PUNC सह/AUP अधिभूताधिदैवेन/NP वर्तते/KP इति/AUD साधिभूताधिदैवम्/NP च/APY माम्/SN ये/SN विदुः/NP ,/PUNC साधियज्ञम्/NP च/AVK सह/AUP अधियज्ञेन/NP साधियज्ञम्/NP ये/SN विदुः/NP ,/PUNC प्रयाणकाले/NP अपि/AVK च/APY मरणकाले/NP अपि/AVK च/APY माम्/SN ते/SN विदुः/NP युक्त/KN चेतसः/NP समाहितचित्ता/NP इति/AUD ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य/NP श्रीगोविन्दभगवत्पूज्यपादशिष्यस्य/NP श्रीमत्/KN शङ्करभगवतः/KN कृतौ/KN श्रीमद्भगवद्गीताभाष्ये/NP सप्तमः/SMKY अध्यायः/NP ।।/PUNC
'/PUNC ते/SN ब्रह्म/NP तत्/SN विदुः/NP कृत्स्नम्/NS (/PUNC गीता/NS 7/PUNC ./PUNC 29/PUNC )/PUNC '/PUNC इत्यादिना/NP भगवता/KN अर्जुनस्य/NS प्रश्नबीजानि/NP उपदिष्टानि/KN ।/PUNC अतः/AVK तत्/SN प्रश्नार्थम्/NP 
अर्जुनः/NS उवाच/KP
किम्/AP तत्/SN ब्रह्म/NP किम्/AP अध्यात्मम्/NP किम्/AP कर्म/NP पुरुषोत्तम/NP ।/PUNC
अधिभूतम्/NP च/AVK किम्/AP प्रोक्तम्/KKS अधिदैवम्/NP किम्/AP उच्यते/KN ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC
अधियज्ञः/NP कथम्/SN कः/SN अत्र/A देहे/NP अस्मिन्/SN मधुसूदन/NP ।/PUNC
प्रयाणकाले/NP च/AVK कथम्/SN ज्ञेयः/NP असि/KP नियतात्मभिः/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 1/PUNC -/PUNC 8/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एषाम्/SN प्रश्नानाम्/NP यथा/AVK क्रमम्/NP निर्णयाय/NP श्रीभगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP
अक्षरम्/NP ब्रह्म/NP परमम्/AVK स्वभावः/NP अध्यात्मम्/NP उच्यते/KP ।/PUNC
भूतभावोद्भवकरः/NP विसर्गः/NP कर्मसंज्ञितः/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अक्षरम्/NP न/AN क्षरति/NP इति/AUD अक्षरम्/NP परमात्मा/NP ,/PUNC '/PUNC एतस्य/SN वा/AVK अक्षरस्य/NP प्रशासने/NP गार्गि/NS (/PUNC बृह0/NS उ0/NS 3/PUNC ।/PUNC 8/PUNC ।/PUNC 9/PUNC '/PUNC इति/AUD श्रुतेः/KN ।/PUNC ओंकारस्य/NP च/AVK '/PUNC ओम्/A इति/AUD एकाक्षरम्/NP ब्रह्म/NP (/PUNC गीता/NS 8/PUNC ।/PUNC 13/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD परेण/NP विशेषणात्/NP अग्रहणम्/NP ।/PUNC परमम्/AVK इति/AUD च/AVK निरतिशये/NP ब्रह्मणि/NP अक्षरे/NP उपपन्नतरम्/NP विशेषणम्/NP ।/PUNC तस्य/SN एव/INTF परस्य/NP ब्रह्मणः/NP प्रतिदेहम्/NP प्रत्यगात्मभावः/NP स्वभावः/NP ,/PUNC स्वः/SN भावः/NP स्वभावः/NP अध्यात्मम्/NP उच्यते/KN ।/PUNC आत्मानम्/NP देहम्/NP अधिकृत्य/KKS प्रत्यगात्म/NP तया/SN प्रवृत्तम्/KN परमार्थब्रह्मावसानम्/NP वस्तु/NP स्वभावः/NP अध्यात्मम्/NP उच्यते/KN अध्यात्मशब्देन/NP अभिधीयते/NP ।/PUNC भूतभावोद्भवकरः/NP भूतानाम्/NP भावः/NP भूतभावः/NP तस्य/SN उद्भवः/KN भूतभावोद्भवः/NP तम्/SN करोति/KP इति/AUD भूतभावोद्भवकरः/NP ,/PUNC भूतवस्तूत्पत्तिकरः/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC विसर्गः/KN विसर्जनम्/NP देवतोद्देशेन/NP चरुपुरोडाशादेः/NP द्रव्यस्य/NP परित्यागः/NP ;/PUNC सः/SN एषः/SN विसर्गलक्षणः/NP यज्ञः/NP कर्मसंज्ञितः/NP कर्मशब्दितः/NP इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC तस्मात्/SN हि/A बीजभूतात्/NP वृष्ट्यादिक्रमेण/NP स्थावरजङ्गमानि/NP भूतानि/KN उद्भवन्ति/KN ।।/PUNC
अधिभूतम्/KN क्षरः/NP भावः/NP पुरुषः/NP च/AVK आधिदैवतम्/NP ।/PUNC
अधियज्ञः/NP अहम्/SN एवINTF अत्र/A देहे/NP देहभृताम्/NP वर/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अधिभूतम्/KN प्राणिजातम्/NP अधिकृत्य/KKS भवति/KP इति/AUD ।/PUNC कः/SN असौ/SN ?/PUNC क्षरः/NP क्षरति/NP इति/AUD क्षरः/NP विनाशी/NP ,/PUNC भावः/NP यत्/SN किञ्चित्/SN जनिमत्/NP वस्तु/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC पुरुषः/NP पूर्णम्/SN अनेन/A सर्वम्/SN इति/AUD ,/PUNC पुरि/NP शयनात्/NP वा/AVK ,/PUNC पुरुषः/NP आदित्यान्तर्गतः/NP हिरण्यगर्भः/NP ,/PUNC सर्वप्राणिकरणानाम्/NP अनुग्राहकः/NP ,/PUNC सः/SN अधिदैवतम्/NP ।/PUNC अधियज्ञः/NP सर्वयज्ञाभिमानिनी/NP विष्ण्वाख्या/NP देवता/NP ,/PUNC '/PUNC यज्ञः/NP वै/A विष्णुः/NP '/PUNC इति/AUD श्रुतेः/KN ।/PUNC  सः/SN हि/A विष्णुः/NP अहम्/SN एव/INTF ;/PUNC अत्र/A अस्मिन्/SN देहे/NP यः/SN यज्ञः/NP तस्य/SN अहम्/SN अधियज्ञः/NP ;/PUNC यज्ञः/NP हि/A देहनिर्वर्त्यत्वेन/NP देहसमवायी/NP इति/AUD देहाधिकरणः/NP भवति/KP ,/PUNC देहभृताम्/NP वर/NP ।।/PUNC
अन्तकाले/NP च/AVK माम्/SN एव/INTF स्मरन्/KP मुक्त्वा/KKS कलेवरम्/NP ।/PUNC
यः/SN प्रयाति/KP सः/SN मद्भावम्/NP याति/KP न/AN अस्ति/KP अत्र/A संशयः/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अन्तकाले/NP च/APY मरणकाले/NP च/APY माम्/SN एव/INTF परमेश्वरम्/NP विष्णुम्/NP स्मरन्/KP मुक्त्त्वा/KKS परित्यज्य/NP कलेवरम्/NP शरीरम्/NP यः/SN प्रयाति/KP गच्छति/KP ,/PUNC सः/SN मद्भावम्/NP वैष्णवम्/NP तत्त्वम्/NP याति/KP ।/PUNC न/AN अस्ति/KP न/AN विद्यते/KP अत्र/A अस्मिन्/SN अर्थे/NP संशयः/NP -/PUNC याति/KP वा/AVK न/AN वा/AVK इति/AUD ।।/PUNC
न/AN मद्विषयः/NP एव/INTF अयम्/SN नियमः/NP ।/PUNC किम्/AP तर्हि/AVK ?/PUNC -/PUNC
यम्/SN यम्/DV व/A अपि/AVK स्मरन्/KP भावम्/KN त्यजति/NP अन्ते/AVK कलेवरम्/NP ।/PUNC
तम्/SN तम्/DV एव/INTF एति/SN कौन्तेय/NP सदा/NP तद्भावभावितः/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यम्/SN यम्/DV व/A अपि/AVK यम्/SN यम्/DV भावम्/KN देवताविशेषम्/NP स्मरन्/KN चिन्तयन्/KN त्यजति/NP परित्यजति/NP अन्ते/AVK अन्तकाले/NP प्राणवियोगकाले/NP कलेवरम्/NP शरीरम्/NP तम्/SN तम्/DV एव/INTF स्मृतम्/KN भावम्/KN एव/INTF एति/SN न/AN अन्यम्/NP कौन्तेय/NP ,/PUNC सदा/A सर्वदा/A तद्भावभावितः/NP तस्मिन्/SN भावः/NP तद्भावः/NP सः/SN भावितः/KP स्मर्यमाण/NP तया/SN अभ्यस्तः/NP येन/SN सः/SN तद्भावभावितः/NP सन्/KKS ।।/PUNC
यस्मात्/SN एवम्/AUD अन्त्या/NP भावना/NP देहान्तरप्राप्तौ/NP कारणम्/A -/PUNC
तस्मात्/SN सर्वेषु/SN कालेषु/NP माम्/SN अनुस्मर/NP युध्य/NP च/APY ।/PUNC
मयि/SN अर्पितमनोबुद्धिः/NP माम्/SN एव/INTF एष्यसि/SN असंशयः/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तस्मात्/SN सर्वेषु/SN कालेषु/NP माम्/SN अनुस्मर/NP यथा/AVK शास्त्रम्/NP ।/PUNC युध्य/NP च/APY युद्धम्/NP च/APY स्वधर्मम्/NP कुरु/KP ।/PUNC मयि/SN वासुदेवे/NS अर्पिते/NP मनोबुद्धी/NP यस्य/SN तव/A सःSN त्वम्/SN मयि/SN अर्पितमनोबुद्धिः/NP सन्/KKS माम्/SN एव/INTF यथा/AVK स्मृतम्/KN एष्यसि/SN आगमिष्यसि/KP ;/PUNC असंशयः/NP न/AN संशयः/NP अत्र/A विद्यते/KP ।।/PUNC
किम्/AP च/APY -/PUNC
अभ्यासयोगयुक्तेन/NP चेतसा/NP न/AN अन्यगामिना/NP ।/PUNC
परमम्/AVK पुरुषम्/NP दिव्यम्/NP याति/KP पार्थानुचिन्तयन्/NS ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अभ्यासयोगयुक्तेन/NP मयि/SN चित्तसमर्पणविषयभूते/NP कस्मिन्/SN तुल्यप्रत्ययावृत्तिलक्षणः/NP विलक्षणप्रत्ययानन्तरितः/NP अभ्यासः/NP सः/SN च/AVK अभ्यासः/NP योगः/NP तेन/SN युक्तम्/KN तत्र/A एव/INTF व्यापृतम्/NP योगिनः/NP चेतः/NP तेन/SN ,/PUNC चेतसा/NP न/AN अन्यगामिना/NP न/AN अन्यत्र/NP विषयान्तरे/NP गन्तुम्/KKS शीलम्/NP अस्य/SN इति/AUD न/AN अन्यगामि/NP तेन/SN न/AN अन्यगामिना/NP ,/PUNC परमम्/AVK निरतिशयम्/NP पुरुषम्/NP दिव्यम्/NP दिवि/NP सूर्यमण्डले/NP भवम्/KN याति/KP गच्छति/KP हे/ASMB पार्थ/NS अनुचिन्तयन्/NP शास्त्राचार्योपदेशम्/NP अनुध्यायन्/NP इति/AUD एतत्/SN ।।/PUNC
किम्/AP विशिष्टम्/KN च/AVK पुरुषम्/NP याति/KP इतिAUD उच्यते/KN -/PUNC
कविम्NP पुराणम्/NP अनुशासितारम्/NP अणोः/NP अणीयांसम्/NP अनुस्मरेत्/KP यः/SN ।/PUNC
सर्वस्य/SN धातारम्/NP अचिन्त्यरूपम्/NP आदित्यवर्णम्/NV तमसः/NP परस्तात्/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC -/PUNC कविम्/NP क्रान्तदर्शिनम्/NP सर्वज्ञम्/NP पुराणम्/NP चिरन्तनम्/NP अनुशासितारम्/NP सर्वस्य/SN जगतः/NP प्रशासितारम्/NP अणोः/NP सूक्ष्मात्/NP अपि/AVK अणीयांसम्/NP सूक्ष्मतरम्/NP अनुस्मरेत्/KNV अनुचिन्तयेत्/KNV यः/SN कश्चित्/SN ,/PUNC सर्वस्य/SN कर्मफलजातस्य/NP धातारम्/NP विधातारम्/NP विचित्रतया/NP प्राणिभ्यः/NP विभक्तारम्/NP ,/PUNC अचिन्त्यरूपम्/NP न/AN अस्य/SN रूपम्/NP नियतम्/NP विद्यमानम्/NP अपि/AVK केनचित्/A चिन्तयितुम्/KKS शक्यते/KP इति/AUD अचिन्त्यरूपः/NP तम्/SN ,/PUNC आदित्यवर्णम्/NV आदित्यस्य/NP इव/ASD नित्यचैतन्यप्रकाशः/NP वर्णः/NP यस्य/SN तम्/SN आदित्यवर्णम्/NP ,/PUNC तमसः/NP परस्तात्/NP अज्ञानलक्षणात्/NP मोहान्धकारात्/NP परम्/AVK तम्/SN अनुचिन्तयत्/KNV याति/KP इति/AUD पूर्वेण/NP संबन्धः/NP ।।/PUNC
किम्/AP च/APY -/PUNC
प्रयाणकाले/NP मनसा/NP अचलेन/NP भक्त्या/KKS युक्तः/KN योगबलेन/NP च/AVK एव/INTF ।/PUNC
भ्रुवोः/NP मध्ये/NP प्राणम्/NP आवेश्य/NP सम्यक्/NV सः/SN तम्/SN परम्/AVK पुरुषम्/NP उपैति/NP दिव्यम्/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC -/PUNC प्रयाणकाले/NP मरणकाले/NP मनसा/NP अचलेन/NP चलनवर्जितेन/NP भक्त्या/KKS युक्तः/KN भजनम्/NP भक्तिः/NP तया/SN युक्तः/KN योगबलेन/NP च/AVK एव/INTF योगस्य/NP बलम्/NP योगबलम्/NP समाधिजसंस्कारप्रचयजनितचित्तस्थैर्यलक्षणम्/NP योगबलम्/NP तेन/SN च/AVK युक्तः/KN इत्यर्थः/NP ,/PUNC पूर्वम्/SN हृदयपुण्डरीके/NP वशीकृत्य/KKS चित्तम्/NP ततः/SN ऊर्ध्वगामिन्या/NP नाड्या/NP भूमिजयक्रमेण/NP भ्रुवोः/NP मध्ये/NP प्राणम्/NP आवेश्य/NP स्थापयित्वा/KKS सम्यक्/NV अप्रमत्तः/KN सन्/KKS ,/PUNC सः/SN एवम्/AUD विद्वान्/NP योगी/NP '/PUNC कविम्/NP पुराणम्/NP '/PUNC इत्यादिलक्षणम्/NP तम्/SN परम्/AVK परतरम्/NP पुरुषम्/NP उपैति/NP प्रतिपद्यते/KP दिव्यम्/NP द्योतनात्मकम्/NP ।।/PUNC
पुनः/A अपि/AVK वक्ष्यमाणेन/NP उपायेन/NP प्रतिपित्सितस्य/NP ब्रह्मणः/NP वेदविद्वदनादि/NP विशेषण/NP विशेष्यस्य/NV अभिधानम्/KN करोति/KP भगवान्/NP -/PUNC
यत्/SN अक्षरम्/NP वेदविदः/NP वदन्ति/KP विशन्ति/NP यत्/SN यतयः/NP वीतरागाः/NP ।/PUNC
त्/A इच्छन्तः/NP ब्रह्मचर्यम्/NP चरन्ति/KP तत्/SN ते/SN पदम्/NP संग्रहेण/NP प्रवक्ष्ये/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यत्/SN अक्षरम्/NP न/AN क्षरति/NP इति/AUD अक्षरम्/NP अविनाशि/NP वेदविदः/NP वेदार्थज्ञाः/NP वदन्ति/KP ,/PUNC '/PUNC तत्/SN वा/AVK तत्/SN अक्षरम्/NP गार्गि/NS ब्राह्मणाः/NP अभिवदन्ति/KP (/PUNC बृ0/NS उ0/NS 3/PUNC ।/PUNC 8/PUNC ।/PUNC 8/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD श्रुतेः/KP ,/PUNC सर्व/SN विशेषनिवर्तकत्वेन/NP अभिवदन्ति/KP '/PUNC अस्थूलमनणु/NP (/PUNC बृ0/NS उ0/NS 3/PUNC ।/PUNC 8/PUNC ।/PUNC 8/PUNC )/PUNC '/PUNC इत्यादि/A ।/PUNC किम्/AP च/APY -/PUNC विशन्ति/NP प्रविशन्ति/NP सम्यक्/NV दर्शनप्राप्तौ/NP सत्याम्/NP यत्/SN यतयः/NP यतनशीलाः/NP संन्यासिनः/NP वीतरागाः/NP वीतः/NP विगतः/KN रागः/NP येभ्यः/SN ते/SN वीतरागाः/NP ।/PUNC यत्/SN च/AVK अक्षरम्/NP इच्छन्तः/NP -/PUNC ज्ञातुम्/KKS इति/AUD वाक्यशेषः/NP -/PUNC ब्रह्मचर्यम्/NP गुरौ/NP चरन्ति/KP आचरन्ति/KP ,/PUNC तत्/SN ते/SN पदम्/NP तत्/SN अक्षराख्यम्/NP पदम्/NP पदनीयम्/NP ते/SN तव/A संग्रहेण/NP संग्रहः/NP संक्षेपः/NP तेन/SN संक्षेपेण/NP प्रवक्ष्ये/NP कथयिष्यामि/KP ।।/PUNC
'/PUNC सः/SN यः/SN ह/A वै/A तद्भगवन्/KN मनुष्येषु/NP प्रायणान्तम्/NP ओंकारम्/NP अभिध्यायीत/NP कतमम्/NP वाव/NP सः/SN तेन/SN लोकम्/NP जयति/KP इति/AUD ।/PUNC तस्मै/SN सः/SN हा/ABS उवाच/KP तत्/SN वै/A सत्यकामः/NP परम्/AVK च/APY अपरम्/NP च/APY ब्रह्म/NP यत्/SN ओंकारः/NP '/PUNC इति/AUD उपक्रम्य/NP '/PUNC यः/SN पुनः/A एतम्/A त्रिमात्रेण/NP ओम्/A इति/AUD एतेन/A एव/INTF अक्षरेण/NP परम्/AVK पुरुषम्/NP अभिध्यायीत/NP (/PUNC प्र0/NS उ0/NS 5/PUNC ।/PUNC 1/PUNC ।/PUNC 2/PUNC ।/PUNC 5/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सः/SN सामभिः/NP उन्नीयते/NP ब्रह्मलोकम्/NP '/PUNC इत्यादिना/A वचनेन/NP ,/PUNC '/PUNC अन्यत्र/NP धर्मात्/NP अन्यत्र/NP अधर्मात्/NP '/PUNC इति/AUD च/AVK उपक्रम्य/NP '/PUNC सर्वे/SN वेदाः/NP यत्/SN पदम्/NP आमनन्ति/NP ।/PUNC तपांसि/NP सर्वाणि/SN च/AVK यत्/SN वदन्ति/KP ।/PUNC यत्/SN इच्छन्तः/NP ब्रह्मचर्यम्/NP चरन्ति/KP तत्ते/NP पदम्/NP संग्रहेण/NP ब्रवीमि/KP ओम्/A इति/AUD एतत्/SN (/PUNC क0/NS उ0/NS 1/PUNC ।/PUNC 2/PUNC ।/PUNC 14/PUNC ./PUNC 15/PUNC )/PUNC '/PUNC इत्यादिभिः/NP च/AVK वचनैः/NP परस्य/NP ब्रह्मणः/NP वाचकरूपेण/NP ,/PUNC प्रतिमावत्/NP प्रतीकरूपेण/NP वा/AVK ,/PUNC परब्रह्मप्रतिपत्तिसाधनत्वेन/NP मन्दमध्यमबुद्धीनाम्/NP विवक्षितस्य/NP ओंकारस्य/NP उपासनम्/NP कालान्तरे/NP मुक्तिफलम्/NP उक्तम्/KN यत्/SN ,/PUNC तत्/SN एव/INTF इह/A अपि/AVK '/PUNC कविम्/NP पुराणम्/NP अनुशासितारम्/NP (/PUNC गीता/NS 8/PUNC ।/PUNC 9/PUNC )/PUNC '/PUNC '/PUNC यत्/SN अक्षरम्/NP वेदविदः/NP वदन्ति/KP (/PUNC गीता/NS 8/PUNC ।/PUNC 11/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD च/AVK उपन्यस/NP तस्य/SN परस्य/NP ब्रह्मणः/NP पूर्वोक्तरूपेण/NP प्रतिपत्त्युपायभूतस्य/NP ओंकारस्य/NP कालान्तरम्/NP उक्तिफलम्/NP उपासनम्/NP योगधारणासहितम्/NP वक्तव्यम्/KN ,/PUNC प्रसक्तानुप्रसक्तम्/NP च/AVK यत्/SN किञ्चित्/SN ,/PUNC इत्/A एवम्/AUD अर्थः/NP उत्तरः/NP ग्रन्थः/NP आरभ्यते/KP -/PUNC
सर्वद्वाराणि/NP संयम्य/NP मनः/NP हृदि/NP निरुध्य/NP च/APY ।/PUNC
मूर्ध्नि/NP आधाय/NP आत्मनः/NP प्राणम्/NP आस्थितः/NP योगधारणाम्/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सर्व/SN द्वाराणि/NP सर्वाणि/SN च/APY तानि/SN द्वाराणि/NP च/APY सर्व/SN द्वाराणि/NP उपलब्धौ/KN ,/PUNC तानि/SN सर्वाणि/SN संयम्य/NP संयमनम्/NP कृत्वा/KKS मनः/NP हृदि/NP हृदयपुण्डरीके/NP निरुध्य/NP निरोधम्/NP कृत्वा/KKS निष्प्रचारम्/NP आपाद्य/NP ,/PUNC तत्र/A वशीकृतेन/NP मनसा/NP हृदयात्/NP ऊर्ध्वगामिन्या/NP नाड्या/NP ऊर्ध्वम्/NP आरुह्य/NP मूर्ध्नि/NP आधाय/NP आत्मनः/NP प्राणम्/NP आस्थितः/KN प्रवृत्तः/KN योगधारणाम्/NP धारयितुम्/KKS ।।/PUNC
तत्र/A एव/INTF च/AVK धारयन्/KN -/PUNC
ओम्/A इति/AUD एकाक्षरम्/NP ब्रह्म/NP व्याहरन्/KN माम्/SN अनुस्मरन्/KP ।/PUNC
यः/A प्रयाति/KP त्यजन्/KN देहम्/NP सः/SN याति/KP परमाम्/NP गतिम्/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ओम्/A इति/AUD एकाक्षरम्/NP ब्रह्म/NP ब्रह्मणः/NP अभिधानभूतम्/NP ओंकारम्/NP व्याहरन्/KN उच्चारयन्/KN ,/PUNC तदर्थभूतम्/NP माम्/SN ईश्वरम्/NP अनुस्मरन्/KP अनुचिन्तयन्/KNV यः/A प्रयाति/KP म्रियते/KP ,/PUNC सः/SN त्यजन्/KN परित्यजन्/KN देहम्/NP शरीरम्/NP -/PUNC '/PUNC त्यजन्/KN देहम्/NP '/PUNC इति/AUD प्रयाणविशेषणार्थम्/NP ,/PUNC देहत्यागेन/NP प्रयाणम्/NP आत्मनः/NP ,/PUNC न/AN स्वरूपनाशेन/NP इत्यर्थः/NP -/PUNC सः/SN एवम्/AUD याति/KP गच्छति/KP परमाम्/NP प्रकृष्टाम्/KN गतिम्/NP ।।/PUNC
किम्/AP च/APY -/PUNC
अनन्यचेताः/NP सततम्/NP यः/A माम्/SN स्मरति/KP नित्यशः/NP ।/PUNC
तस्य/SN अहम्/SN सुलभः/NP पार्थ/NS नित्ययुक्तस्य/NP योगिनः/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अनन्यचेताः/NP न/AN अन्यविषये/NP चेतः/NP यस्य/SN सः/SN अयम्/SN अनन्यचेताः/NP ,/PUNC योगी/NP सततम्/NP सर्वदा/A यः/A माम्/SN परमेश्वरम्/NP स्मरति/KP नित्यशः/NP ।/PUNC सततम्/NP इति/AUD नैरन्तर्यम्/NP उच्यते/KN ,/PUNC नित्यशः/NP इति/AUD दीर्घकालत्वम्/NP उच्यते/KN ।/PUNC न/AN षण्मासम्/NP संवत्सरम्/NP वा/AVK ;/PUNC किम्/AP तर्हि/AVK ?/PUNC यावत्/SN जीवम्/NP नैरन्तर्येण/NP यः/A माम्/SN स्मरति/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC तस्य/SN योगिनः/NP अहम्/SN सुलभः/NP सुखेन/NP लभ्यः/NP हे/ASMB पार्थ/NS ,/PUNC नित्ययुक्तस्य/NP सदा/A समाहितचित्तस्य/NP योगिनः/NP ।/PUNC यतः/AVK एवम्/AUD ,/PUNC अतः/AVK अनन्यचेताः/NP सन्/KKS मयि/SN सदा/A समाहितः/NP भवेत्/SN ।।/PUNC
तव/A सौलभ्येन/NP किम्/AP स्यात्/KP इति/AUD उच्यते/KN ;/PUNC शृणु/KP तत्/SSN मम/SN सौलभ्येन/NP यत्/SSN भवति/KP -/PUNC
माम्/SN उपेत्य/KKS पुनर्जन्म/NP दुःखालयम्/NP अशाश्वतम्/NP ।/PUNC
न/AN आप्नुवन्ति/KP महात्मानः/NP संसिद्धिम्/NP परमाम्/NP गताः/KN ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC -/PUNC माम्/SN उपेत्य/KKS माम्/SN ईश्वरम्/NP उपेत्य/KKS मद्भावम्/NP आपद्य/KP पुनर्जन्म/NP पुनः/A उत्पत्तिम्/NP न/AN आप्नुवन्ति/KP न/DV प्राप्नुवन्ति/KP ।/PUNC किम्/AP विशिष्टम्/KN पुनर्जन्म/NP न/AN प्राप्नुवन्ति/KP इति/AUD ,/PUNC तत्/SN विशेषणम्/NP आह/ABS -/PUNC दुःखालयम्/NP दुःखानाम्/NP आध्यात्मिकादीनाम्/NP आलयम्/NP आश्रयम्/NP आलीयन्ते/NP यस्मिन्/SN दुःखानि/NP इति/AUD दुःखालयम्/NP जन्म/NP ।/PUNC न/AN केवलम्/A दुःखालयम्/NP ,/PUNC अशाश्वतम्/NP अनवस्थितस्वरूपम्/NP च/APY ।/PUNC न/AN आप्नुवन्ति/KP ईदृशम्/SNV पुनर्जन्म/NP महात्मानः/NP यतयः/NP संसिद्धिम्/NP मोक्षाख्याम्/NP परमाम्/NP प्रकृष्टाम्/KN गताः/KN प्राप्ताः/NP ।/PUNC ये/SN पुनः/A माम्/SN न/AN प्राप्नुवन्ति/KP ते/SN पुनः/A आवर्तन्ते/NP ।।/PUNC
किम्/AP पुनः/A त्वत्तः/NP अन्यत्/NP प्राप्ताः/NP पुनरावर्तन्ते/NP इति/AUD ,/PUNC उच्यते/KN -/PUNC
आब्रह्मभुवनात्/NP लोकाः/NP पुनरावर्तिनः/NP अर्जुन/NS ।/PUNC
माम्/SN उपेत्य/KKS तु/A कौन्तेय/NP पुनर्जन्म/NP न/AN विद्यते/KP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC -/PUNC आब्रह्मभुवनात्/NP भवन्ति/KP अस्मिन्/SN भूतानि/KN इति/AUD भुवनम्/NP ,/PUNC ब्रह्मणः/NP भुवनम्/NP ब्रह्मभुवनम्/NP ,/PUNC ब्रह्मलोकः/NP इत्यर्थः/NP ,/PUNC आब्रह्मभुवनात्/NP सह/AUP ब्रह्मभुवनेन/NP लोकाः/NP सर्वे/SN पुनरावर्तिनः/NP पुनरावर्तनस्वभावाः/NP हे/ASMB अर्जुन/NS ।/PUNC माम्/SN कम्/SN उपेत्य/KKS तु/A कौन्तेय/NP पुनर्जन्म/NP पुनरुत्पत्तिः/NP न/AN विद्यते/KP ।।/PUNC
ब्रह्मलोकसहिताः/NP लोकाः/NP कस्मात्/SN पुनरावर्तिनः/NP ?/PUNC कालपरिच्छिन्नत्वात्/NP ।/PUNC कथम्/NP ?/PUNC -/PUNC
सहस्रयुगपर्यन्तम्/NP अहः/NP यत्/SN ब्रह्मणः/NP विदुः/NP ।/PUNC
रात्रिम्/NP युगसहस्रान्ताम्/NP ते/SN अहोरात्रविदः/NP जनाः/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सहस्रयुगपर्यन्तम्/NP सहस्राणि/NV युगानि/NP पर्यन्तः/NP पर्यवसानम्/NP यस्य/SN अह्नः/NP तत्/SN अहः/NP सहस्रयुगपर्यन्तम्/NP ,/PUNC ब्रह्मणः/NP प्रजापतेः/NP विराजः/NP विदुः/NP ,/PUNC रात्रिम्/NP अपि/AVK युगसहस्रान्ताम्/NP अहः/NP परिमाणाम्/NP एव/INTF ।/PUNC के/A विदुः/NP इति/AUD आह/ABS -/PUNC ते/SN अहोरात्रविदः/NP कालसंख्याविदः/NP जनाः/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC यतः/AVK एवम्/AUD कालपरिच्छिन्नाः/NP ते/SN ,/PUNC अतः/AVK पुनरावर्तिनः/NP लोकाः/NP ।।/PUNC
प्रजापतेः/NP अहनि/NP यत्/SN भवति/KP रात्रौ/NP च/AVK ,/PUNC तत्/SN उच्यते/KN -/PUNC
अव्यक्तात्/NP व्यक्तयः/KN सर्वाः/SN प्रभवन्ति/NP अहरागमे/NP ।/PUNC
रात्र्यागमे/NP प्रलीयन्ते/NP तत्र/A एव/INTF अव्यक्तसंज्ञके/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अव्यक्तात्/NP अव्यक्तम्/NP प्रजापतेः/NP स्वापावस्था/NP तस्मात्/SN अव्यक्तात्/NP व्यक्तयः/KN व्यज्यन्त/NP इति/AUD व्यक्तयः/KN स्थावरजङ्गमलक्षणाः/NP सर्वाः/SN प्रजाः/NP प्रभवन्ति/KN अभिव्यज्यन्ते/NP ,/PUNC अह्नः/NP आगमः/NP अहरागमः/NP तस्मिन्/SN अहरागमे/NP काले/NP ब्रह्मणः/NP प्रबोधकाले/NP ।/PUNC तथा/AVK रात्र्यागमे/NP ब्रह्मणः/NP स्वापकाले/NP प्रलीयन्ते/NP सर्वाः/SN व्यक्तयः/KN तत्र/A एव/INTF पूर्वोक्ते/KN अव्यक्तसंज्ञके/NP ।।/PUNC
अकृताभ्यागम/NP कृत/KN विप्रणाशदोष/NP परिहारार्थम्/NP ,/PUNC बन्धमोक्षशास्त्रप्रवृत्तिसाफल्यप्रदर्शनार्थम्/NP अविद्यादिक्लेशमूलकर्माशयवशात्/NP च/AVK अवशः/NP भूतग्रामः/NP भूत्वा/KKS भूत्वा/DV प्रलीयते/NP इति/AUD अतः/AVK संसारे/NP वैराग्यप्रदर्शनार्थम्/NP च/AVK इदम्/SN आह/ABS -/PUNC
भूतग्रामः/NP सः/SN एव/INTF अयम्/SN भूत्वा/KKS भूत्वा/DV प्रलीयते/NP ।/PUNC
रात्र्यागमे/NP अवशः/NP पार्थ/NS प्रभवत्यहरागमे/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC -/PUNC भूतग्रामः/NP भूतसमुदायः/NP स्थावरजङ्गमलक्षणः/NP यः/A पूर्वस्मिन्/SN कल्पे/NP आसीत्/KP सः/SN एव/INTF अयम्/SN न/AN अन्यः/SN ।/PUNC भूत्वा/KKS भूत्वा/DV अहरागमे/NP ,/PUNC प्रलीयते/NP पुनः/A पुनः/DV रात्र्यागमे/NP अह्नः/NP क्षये/NP अवशः/NP अस्वतन्त्रः/NP एव/INTF ,/PUNC हे/ASMB पार्थ/NS ,/PUNC प्रभवति/KP जायते/KP अवशः/NP एव/INTF अहरागमे/NP ।।/PUNC यत्/SN उपन्यस्तम्/NP अक्षरम्/NP ,/PUNC तस्य/SN प्राप्त्युपायः/NP निर्दिष्टः/KN '/PUNC ओम्/A इति/AUD एकाक्षरम्/NP ब्रह्म/NP (/PUNC गीता/NP 8/PUNC ।/PUNC 13/PUNC )/PUNC '/PUNC इत्यादिना/NP ।/PUNC अथ/AVK इदानीम्/NP अक्षरस्य/NP एव/INTF स्वरूपनिर्दिदिक्षया/NP इदम्/SN उच्यते/KN ,/PUNC अनेन/NP योगमार्गेण/NP इदम्/SN गन्तव्यम्/KN इति/AUD -/PUNC
परः/NP तस्मात्/SN तु/A भावः/NP अन्यः/SN अव्यक्तः/KN अव्यक्तात्/NP सनातनः/NP ।/PUNC
यः/A सः/SN सर्वेषु/SNV भूतेषु/NP नश्यत्सु/NP न/AN विनश्यति/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC -/PUNC परः/NP व्यतिरिक्तः/KN भिन्नः/NP ;/PUNC कुतः/KN ?/PUNC तस्मात्/SN पूर्वोक्तात्/NP ।/PUNC तु/A -/PUNC शब्दः/NP अक्षरस्य/NP विवक्षितस्य/NP अव्यक्तात्/NP वैलक्षण्यविशेषणार्थः/NP ।/PUNC भावः/NP अक्षराख्यम्/NP परम्/AVK ब्रह्म/NP ।/PUNC व्यतिरिक्तत्वे/NP सत्यपि/NP सालक्षण्यप्रसङ्गः/NP अस्ति/KP इति/AUD तत्/SN विनिवृत्त्यर्थम्/NP आह/ABS -/PUNC अन्यः/SN इति/AUD ।/PUNC अन्यः/SN विलक्षणः/NP ।/PUNC सः/SN च/AVK अव्यक्तः/KN अनिन्द्रियगोचरः/NP ।/PUNC '/PUNC परः/NP तस्मात्/SN '/PUNC इति/AUD उक्तम्/KN ;/PUNC कस्मात्/SN पुनः/A परः/NP ?/PUNC पूर्वोक्तात्/NP भूतग्रामबीजभूतात्/NP अविद्यालक्षणात्/NP अव्यक्तात्/NP ।/PUNC अन्यः/SN विलक्षणः/NP भावः/NP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।/PUNC सनातनः/NP चिरन्तनः/NP यः/SN सः/SN भावः/NP सर्वेषु/SN भूतेषु/NP ब्रह्मादिषु/NP नश्यत्सु/NP न/AN विनश्यति/NP ।।/PUNC
अव्यक्तः/KN अक्षरः/NP इति/AUD उक्तः/KN तम्/SN आहुः/ABS परमाम्/NP गतिम्/NP ।/PUNC
यम्/SN प्राप्य/KKS न/AN निवर्तन्ते/NP तत्/SN धाम/NP परमम्/NP मम/SN ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यः/SN असौ/SN अव्यक्तः/KN अक्षरः/NP इति/AUD उक्तः/KN ,/PUNC तम्/SN एव/INTF अक्षरसंज्ञकम्/NP अव्यक्तम्/NP भावम्/NP आहुः/ABS परमाम्/NP प्रकृष्टाम्/KN गतिम्/NP ।/PUNC यम्/SN परम्/AVK भावम्/NP प्राप्य/KKS गत्वा/KKS न/AN निवर्तन्ते/NP संसाराय/NP ,/PUNC तत्/SN धाम/NP स्थानम्/NP परमम्/AVK प्रकृष्टम्/KN मम/SN ,/PUNC विष्णोः/NP परमम्/AVK पदम्/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
तत्/SN लब्धेः/KN उपायः/NP उच्यते/KN -/PUNC

पुरुषः/NP सः/SN परः/NP पार्थ/NS भक्त्या/KKS लभ्यः/KN तु/A अनन्यया/NP ।/PUNC
यस्य/SN अन्तः/AVK स्थानि/NP भूतानि/NP येन/SN सर्वम्/SN इदम्/NP ततम्/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC -/PUNC पुरुषः/NP पुरि/NP शयनात्/NP पूर्णत्वात्/NP वा/AVK ,/PUNC सः/SN परः/NP पार्थ/NS ,/PUNC परः/NP निरतिशयः/NP ,/PUNC यस्मात्/SN पुरुषात्/NP न/AN परम्/AVK किञ्चित्/SN ।/PUNC सः/SN भक्त्या/KKS लभ्यः/KN तु/A ज्ञानलक्षणया/NP अनन्यया/NV आत्मविषयया/NP ।/PUNC यस्य/SNV पुरुषस्य/NP अन्तःस्थानि/NP मध्यस्थानि/NP भूतानि/NP कार्यभूतानि/NP ;/PUNC कार्यम्/NP हि/A कारणस्य/NP अन्तर्वर्ति/NP भवति/KP ।/PUNC येन/SNV पुरुषेण/NP सर्वम्/SNV इदम्/SNV जगत्/NP ततम्/KN व्याप्तम्/KN आकाशेन/NP इव/ASD घटादि/NP ।।/PUNC
प्रकृतानाम्/NP योगिनाम्/NP प्रणवावेशितब्रह्मबुद्धीनाम्/NP कालान्तरमुक्तिभाजाम्/NP ब्रह्मप्रतिपत्तये/NP उत्तरः/NP मार्गः/NP वक्तव्यः/KN इति/AUD '/PUNC यत्र/A काले/NP '/PUNC इत्यादि/A विवक्षितार्थसमर्पणार्थम्/NP उच्यते/KP ,/PUNC आवृत्तिमार्गोपन्यासः/NP इतरमार्गः/NP तुत्यर्थः/NP -/PUNC
यत्र/A काले/NP तु/A अनावृत्तिम्/NP आवृत्तिम्/NP च/AVK एव/INTF योगिनः/NP ।/PUNC
प्रयाता/KN यान्ति/KP तम्/SNV कालम्/NP वक्ष्यामि/NP भरतर्षभ/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यत्र/A काले/NP प्रयाताः/KN इति/AUD व्यवहितेन/KN संबन्धः/NP ।/PUNC यत्र/A यस्मिन्/SNV काले/NP तु/A अनावृत्तिम्/NP अपुनर्जन्म/NP आवृत्तिम्/NP तत्/SN विपरीताम्/NP च/AVK एव/INTF ।/PUNC योगिनः/NP इति/AUD योगिनः/NP कर्मिणः/NP च/APY उच्यन्ते/KN ,/PUNC कर्मिणः/NP तु/A गुणतः/A -/PUNC '/PUNC कर्मयोगेन/NP योगिनाम्/NP (/PUNC गीता/NS 3/PUNC ।/PUNC 3/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD विशेषणात्/NP -/PUNC योगिनः/NP ।/PUNC यत्र/A काले/NP प्रयाताः/NP मृताः/KN योगिनः/NP अनावृत्तिम्/NP यान्ति/KP ,/PUNC यत्र/A काले/NP च/AVK प्रयाताः/KN आवृत्तिम्/NP यान्ति/KP ,/PUNC तम्/SN कालम्/NP वक्ष्यामि/NP भरतर्षभ/NP ।।/PUNC
तम्/SN कालम्/NP आह/ABS -/PUNC
अग्निर्ज्योतिः/NP अहः/NP शुक्लः/NP षण्मासाः/NP उत्तरायणम्/NP ।/PUNC
तत्र/A प्रयाताः/NP गच्छन्ति/KP ब्रह्म/NP ब्रह्मविदः/NP जनाः/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अग्निः/NP कालाभिमानिनी/NP देवता/NP ।/PUNC तथा/AVK ज्योतिः/NP अपि/AVK देवता/NP एव/INTF कालाभिमानिनी/NP ।/PUNC अथवा/AVK ,/PUNC अग्निज्योतिषी/NP यथा/AVK श्रुते/KN वा/AVK देवते/NP ।/PUNC भूयसा/NP तु/A निर्देशः/NP '/PUNC यत्र/A काले/NP (/PUNC गीता/NS 8/PUNC ।/PUNC 23/PUNC )/PUNC '/PUNC '/PUNC तम्/SN कालम्/NP (/PUNC गीता/NS 8/PUNC ।/PUNC 23/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD आम्रवणवत्/NP ।/PUNC तथा/AVK अहः/NP देवता/NP अहरभिमानिनी/NP ;/PUNC अहः/NP शुक्लः/NP शुक्लपक्षदेवता/NP ;/PUNC षण्मासाः/NP उत्तरायणम्/NP ,/PUNC तत्रापि/AVK देवता/NP एव/INTF मार्गभूताः/NP इति/AUD स्थितः/NP अन्यत्र/NP अयम्/SN न्यायः/NP ।/PUNC तत्र/A तस्मिन्/SN मार्गे/NP प्रयाताः/NP मृताः/KN गच्छन्ति/KP ब्रह्म/NP ब्रह्मविदः/NP ब्रह्मोपासकाः/NP ब्रह्मोपासनपराः/NP जनाः/NP ।/PUNC '/PUNC क्रमेण/NP '/PUNC इति/AUD वाक्यशेषः/NP ।/PUNC न/AN हि/A सद्योमुक्तिभाजाम्/NP सम्यक्/NV दर्शननिष्ठानाम्/NP गतिः/NP आगतिः/NP वा/AVK क्वचित्/A अस्ति/KP ,/PUNC '/PUNC न/AN तस्य/SN प्राणा/NP उत्क्रामन्ति/NP '/PUNC इति/AUD श्रुतेः/KN ।/PUNC ब्रह्मसंलीनप्राणा/NP व/A ते/SN ब्रह्ममया/NP ब्रह्मभूता/NP एव/INTF ते/SN ।।/PUNC
धूमः/NP रात्रिः/NP तथा/AVK कृष्णः/NP षण्मासाः/NP दक्षिणायनम्/NP ।/PUNC
तत्र/A चान्द्रमसम्/NP ज्योतिर्योगी/NP प्राप्य/KKS निवर्तते/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC -/PUNC धूमः/NP रात्रिः/NP धूमाभिमानिनी/NP रात्र्यभिमानिनी/NP च/AVK देवता/NP ।/PUNC तथा/AVK कृष्णः/NP कृष्णपक्षदेवता/NP ।/PUNC षण्मासाः/NP दक्षिणायनम्/NP इति/AUD च/AVK पूर्ववत्/ASD देवता/NP एव/INTF ।/PUNC तत्र/A चन्द्रमसि/NP भवम्/NP चान्द्रमसम्/NP ज्योतिः/NP फलम्/NP इष्टादिकारी/NP योगी/NP कर्मी/NP प्राप्य/KKS भुक्त्वा/KKS तत्क्षयात्/NP इह/A पुनः/A निवर्तते/NP ।।/PUNC
शुक्लकृष्णे/NP गती/NP हि/A एते/SN जगतः/NP शाश्वते/NP मते/KN ।/PUNC
एकया/SMKY याति/KP अनावृत्तिम्/NP अन्यया/SN आवर्तते/NP पुनः/A ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC -/PUNC शुक्लकृष्णे/NP शुक्ला/NP च/APY कृष्णा/NP च/APY शुक्लकृष्णे/NP ,/PUNC ज्ञानप्रकाशकत्वात्/KN शुक्ला/NP ,/PUNC तदभावात्/KN कृष्णा/NP ;/PUNC ते/SN शुक्लकृष्णे/NP हि/A गती/KN जगतः/NP इति/AUD अधिकृतानाम्/KNV ज्ञानकर्मणोः/NP ,/PUNC न/AN जगतः/NP सर्वस्य/NP एव/INTF ते/SN गती/KN संभवतः/NP ;/PUNC शाश्वते/NP नित्ये/NP ,/PUNC संसारस्य/NP नित्यत्वात्/NP ,/PUNC मते/KN अभिप्रेते/NP ।/PUNC तत्र/A कया/SN शुक्लया/NP याति/KP अनावृत्तिम्/NP ,/PUNC अन्यया/SN इतरया/NP आवर्तते/NP पुनः/A भूयः/NP ।।/PUNC
न/AN एते/SN सृती/NP पार्थ/NS जानन्/NP योगी/NP मुह्यति/NP कश्चन/SN ।/PUNC
तस्मात्/SN सर्वेषु/SN कालेषु/NP योगयुक्तः/KN भव/NP अर्जुन/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN ते/SN यथा/AVK उक्ते/KN सृती/NP मार्गौ/NP पार्थ/NS जानन्/NP संसाराय/NP का/SN ,/PUNC अन्या/SN मोक्षाय/NP इति/AUD ,/PUNC योगी/NP न/AN मुह्यति/NP कश्चन/SNV कश्चित्/SN अपि/AVK ।/PUNC तस्मात्/SN सर्वेषु/SN कालेषु/NP योगयुक्तः/KN समाहितः/NP भव/NP अर्जुन/NS ।।/PUNC
शृणु/KP तस्य/SN योगस्य/NP माहात्म्यम्/NP -/PUNC

वेदेषु/NP यज्ञेषु/NP तपःसु/NP च/AVK एव/INTF दानेषु/NP यत्/SN पुण्यफलम्/NP प्रदिष्टम्/KN ।/PUNC
अत्येति/SN तत्/SN सर्वम्/SN इदम्/SN विदित्वा/KKS योगी/NP परम्/AVK स्थानम्/NP उपैति/NP च/AVK आद्यम्/NP ।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमद्भगवद्गीतासु/NS उपनिषत्सु/NS ब्रह्मविद्यायाम्/NP योगशास्त्रे/NP श्रीकृष्णार्जुन/NS संवादे/NP तारकब्रह्मयोगः/NP नाम/NP अष्टमः/SMKY अध्यायः/NP ।।/PUNC
।।/PUNC 8/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC -/PUNC वेदेषु/NP सम्यक्/NV अधीतेषु/NP यज्ञेषु/NP च/AVK साद्गुण्येन/NP अनुष्ठितेषु/NP तपःसु/NP च/APY सुतप्तेषु/NP दानेषु/NP च/APY सम्यक्/NV दत्तेषु/NP ,/PUNC यद्/A तेषु/SN यत्/SN पुण्यफलम्/NP प्रदिष्टम्/KN शास्त्रेण/NP ,/PUNC अत्येति/SN अतीत्य/KKS गच्छति/KP तत्/SN सर्वम्/SN फलजातम्/KN ;/PUNC इदम्/SN विदित्वा/KKS सप्तप्रश्ननिर्णयद्वारेण/NP उक्तम्/KN अर्थम्/NP सम्यक्/NV अवधार्य/NP अनुष्ठाय/KN योगी/NP ,/PUNC परम्/AVK उत्कृष्टम्/KN ऐश्वरम्/NP स्थानम्/NP उपैति/NP च/AVK प्रतिपद्यते/KP आद्यम्/NP आदौ/NP भवम्/NP ,/PUNC कारणम्/A ब्रह्म/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य/NS श्रीगोविन्दभगवत्पूज्यपादशिष्यस्य/NP श्रीमच्छङ्करभगवतः/NP कृतौ/KN श्रीमद्भगवद्गीताभाष्ये/NP अष्टमः/SMKY अध्यायः/NP ।।/PUNC     
अष्टमे/SMKY नाडीद्वारेण/NP धारणायोगः/NP सगुणः/NP उक्तः/KN ।/PUNC तस्य/SN च/AVK फलम्/NP अग्न्यर्चिरादिक्रमेण/NP कालान्तरे/NP ब्रह्मप्राप्तिलक्षणम्/NP एव/INTF अनावृत्तिरूपम्/NP निर्दिष्टम्/KN ।/PUNC तत्र/A '/PUNC अनेन/NP एव/INTF प्रकारेण/NP मोक्षप्राप्तिफलम्/NP अधिगम्यते/KP ,/PUNC न/AN अन्यथा/SN '/PUNC इति/AUD तदाशङ्काव्याविवर्तयिषया/NP
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC
इदम्/SN तु/A ते/SN गुह्यतमम्/NP प्रवक्ष्यामि/NP अनसूयवे/NP ।/PUNC 
ज्ञानम्/NP विज्ञानसहितम्/NP यत्/SN ज्ञात्वा/KKS मोक्ष्यसे/NP अशुभात्/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC

।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC -/PUNC इदम्/SN ब्रह्मज्ञानम्/NP वक्ष्यमाणम्/NP उक्तम्/KN च/AVK पूर्वषु/NP अध्यायेषु/NP ,/PUNC तत्/SN बुद्धौ/NP संनिधीकृत्य/KKS इदम्/SN इति/AUD आह/ABS ।/PUNC तु/A -/PUNC शब्दः/NP विशेषनिर्धारणार्थः/NP ।/PUNC इदम्/SN एव/INTF तु/A सम्यक्/NV ज्ञानम्/NP साक्षात्/NP मोक्षप्राप्तिसाधनम्/NP '/PUNC वासुदेवः/NS सर्वम्/SN इति/AUD '/PUNC '/PUNC आत्मा/NP एव/INTF इदम्/SN सर्वम्/SN (/PUNC बृ0/NS उ0/NS 2/PUNC ।/PUNC 4/PUNC ।/PUNC 6/PUNC )/PUNC '/PUNC '/PUNC एकमे/SMK एव/INTF अद्वितीयम्/NP (/PUNC छा0/NS उ0/NS 6/PUNC ।/PUNC 2/PUNC ।/PUNC 1/PUNC )/PUNC '/PUNC इत्यादिश्रुतिस्मृतिभ्यः/NP ;/PUNC न/AN अन्यत्/SN ,/PUNC '/PUNC अथ/AVK ते/SNV ये/SNV अन्यथ/SN अतः/AVK विदुः/NP अन्यराजानः/NP ते/SN क्षय्यलोकाः/NP भवन्ति/KP '/PUNC इत्यादिश्रुतिभ्यः/NP च/APY ।/PUNC ते/SN तुभ्यम्/SN गुह्यतमम्/NP गोप्यतमम्/NP प्रवक्ष्यामि/NP कथयिष्यामि/KP अनसूयवे/NP असूयारहिताय/NP ।/PUNC

किम्/AP तत्/SN ?/PUNC ज्ञानम्/NP ।/PUNC किम्/AP विशिष्टम्/KN ?/PUNC विज्ञानसहितम्/NP अनुभव/NP युक्तम्/KN ,/PUNC यत्/SN ज्ञात्वा/KKS प्राप्य/KKS मोक्ष्यसे/NP अशुभात्/KN संसारबन्धनात्/NP ।।/PUNC
तत्/SN च/APY -/PUNC
राजविद्या/NP राजगुह्यम्/NP पवित्रम्/NP इदम्/SN उत्तमम्/NP ।/PUNC 
प्रत्यक्षावगमम्/NP धर्म्यम्/NP सुसुखम्/NP कर्तुम्/KKS अव्ययम्/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC -/PUNC राजविद्या/NP विद्यानाम्/NP राजा/NP ,/PUNC दीप्त्यतिशयवत्त्वात्/NP ;/PUNC दीप्यते/KN हि/A इयम्/SN अतिशयेन/NP ब्रह्मविद्या/NP सर्वविद्यानाम्/NP ।/PUNC तथा/AVK राजगुह्यम्/NP गुह्यानाम्/NP राजा/NP ।/PUNC पवित्रम्/NP पावनम्/NP इदम्/SN उत्तमम्/NP सर्वेषाम्/SN पावनानाम्/NP शुद्धिकारणम्/NP ब्रह्मज्ञानम्/NP उत्कृष्टतमम्/KN ।/PUNC अनेकजन्मसहस्रसंचितम्/NP अपि/AVK धर्माधर्मादि/NP समूलम्/NP कर्म/NP क्षणमात्रात्/NP एव/INTF भस्मी/NP करोति/KP इत्यतः/SN किम्/AP तस्य/SN पावनत्वम्/NP वक्तव्यम्/KN ।/PUNC किम्/AP च/APY -/PUNC प्रत्यक्षावगमम्/NP प्रत्यक्षेण/NP सुखादेः/NP इव/ASD अवगमः/KN यस्य/SN तत्/SN प्रत्यक्षावगमम्/NP ।/PUNC अनेकगुणवतः/NP अपि/AVK धर्मविरुद्धत्वम्/NP दृष्टम्/KKS ,/PUNC न/AN तथा/AVK आत्मज्ञानम्/NP धर्मविरोधि/NP ,/PUNC किंतु/AVK धर्म्यम्/NP धर्मात्/NP अनपेतम्/NP ।/PUNC एवम्/AUD अपि/AVK ,/PUNC स्यात्/KP दुःखसंपाद्यम्/NP इत्यतः/SN आह/ABS -/PUNC सुसुखम्/NP कर्तुम्/KKS ,/PUNC यथा/AVK रत्नविवेकविज्ञानम्/NP ।/PUNC तत्र/A अल्पायासानाम्/NP अन्येषाम्/NP कर्मणाम्/NP सुखसंपाद्यानाम्/NP अल्पफलत्वम्/NP दुष्कराणाम्/NP च/AVK महाफलत्वम्/NP दृष्टम्/KKS इति/AUD ,/PUNC इदम्/SN तु/A सुखसंपाद्यत्वात्/NP फलक्षयात्/NP व्येति/NP इति/AUD प्राप्ते/KN ,/PUNC आह/ABS -/PUNC अव्ययम्/NP इति/AUD ।/PUNC न/AN अस्य/SN फलतः/NP कर्मवत्/NP व्ययः/KN अस्ति/KP इति/AUD अव्ययम्/NP ।/PUNC अतः/AVK श्रद्धेयम्/NP आत्मज्ञानम्/NP ।।/PUNC
ये/SN पुनः/A -/PUNC
अश्रद्दधानाः/NP पुरुषाः/NP धर्मस्य/NP अस्य/SN परन्तप/NP ।/PUNC 
अप्राप्य/KKS माम्/SN निवर्तन्ते/NP मृत्युसंसारवर्त्मनि/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अश्रद्दधानाः/NP श्रद्धाविरहिताः/NP आत्मज्ञानस्य/NP धर्मस्य/NP अस्य/SN स्वरूपे/NP तत्/SN फले/NP च/AVK नास्तिकाः/NP पापकारिणः/NP ,/PUNC असुराणाम्/NP उपनिषदम्/NS देहमात्रात्मदर्शनम्/NP एव/INTF प्रतिपन्नाः/NP असुतृपः/NP पापाः/NP पुरुषाः/NP अश्रद्दधानाः/NP ,/PUNC परंतप/NP ,/PUNC अप्राप्य/KKS माम्/SN परमेश्वरम्/NP ,/PUNC मत्प्राप्तौ/KN न/AN एव/INTF आशङ्का/NP इति/AUD मत्प्राप्तिमार्गसाधनभेदभक्तिमात्रम्/NP अपि/AVK अप्राप्य/KKS इत्यर्थः/NP ।/PUNC निवर्तन्ते/NP निश्चयेन/NP वर्तन्ते/KP ;/PUNC क्व/SN ?/PUNC -/PUNC मृत्युसंसारवर्त्मनि/NP मृत्युयुक्तः/KN संसारः/NP मृत्युसंसारः/NP तस्य/SN वर्त्म/NP नरकतिर्यगादिप्राप्तिमार्गः/NP ,/PUNC तस्मिन्/SN एव/INTF वर्तन्ते/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
स्तुत्या/KKS अर्जुनम्/NS अभिमुखीकृत्य/KKS आह/ABS -/PUNC
मया/SN ततम्/NP इदम्/SN सर्वम्/SN जगदव्यक्त/KN मूर्तिना/NP ।/PUNC 
मत्स्थानि/NP सर्व/SN भूतानि/KN न/AN च/AVK अहम्/SN तेषु/SN अवस्थितः/KN ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मया/SN मम/SN यः/SN परः/NP भावः/NP तेन/SN ततम्/NP व्याप्तम्/KN सर्वम्/SN इदम्/SN जगत्/NP अव्यक्तमूर्तिना/NP न/AN व्यक्ता/KN मूर्तिः/NP स्वरूपम्/NP यस्य/SN मम/SN सः/SN अहम्/SN अव्यक्तमूर्तिः/NP तेन/SN मया/SN अव्यक्तमूर्तिना/NP ,/PUNC करणगोचरस्वरूपेण/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC तस्मिन्/SN मयि/SN अव्यक्तमूर्तौ/NP स्थितानि/NP मत्स्थानि/NP ,/PUNC सर्व/SN भूतानि/KN ब्रह्मादीनि/NP स्तम्बपर्यन्तानि/NP ।/PUNC न/AN हि/A निरात्मकम्/NP किञ्चित्/SN भूतम्/NP व्यवहाराय/NP अवकल्पते/NP ।/PUNC अतः/AVK मत्स्थानि/NP मया/SN आत्मना/NP आत्मवत्त्वेन/NP स्थितानि/NP ,/PUNC अतः/AVK मयि/SN स्थितानि/NP इति/AUD उच्यन्ते/KN ।/PUNC तेषाम्/SN भूतानाम्/KN अहम्/SN एव/INTF आत्मा/NP इत्यतः/SN तेषु/SN स्थितः/NP इति/AUD मूढ/KN बुद्धीनाम्/NP अवभासते/NP ;/PUNC अतः/AVK ब्रवीमि/KP -/PUNC न/AN च/AVK अहम्/SN तेषु/SN भूतेषु/NP अवस्थितः/NP ,/PUNC मूर्तवत्/NP संश्लेषाभावेन/NP आकाशस्य/NP अपि/AVK अन्तरतमः/NP हि/A अहम्/SN ।/PUNC न/AN हि/A असंसर्गि/NP वस्तु/NP क्वचित्/A आधेयभावेन/NP अवस्थितम्/NP भवति/KP ।।/PUNC
अतः/AVK एव/INTF असंसर्गित्वात्/NP मम/SN -/PUNC
न/AN च/AVK मत्स्थानि/NP भूतानि/KN पश्य/KP मे/SN योगम्/NP ऐश्वरम्/NP ।/PUNC
भूतभृन्न/NP च/AVK भूतस्थः/NP मम/SN आत्मा/NP भूतभावनः/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN च/AVK मत्स्थानि/NP भूतानि/KN ब्रह्मादीनि/NP ।/PUNC पश्य/KP मे/SN योगम्/NP युक्तिम्/KN घटनम्/NP मे/SN मम/SN ऐश्वरम्/NP ईश्वरस्य/NP इमम्/NP ऐश्वरम्/NP ,/PUNC योगम्/NP आत्मनः/NP याथात्म्यम्/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC तथा/AVK च/APY श्रुतिः/KN असंसर्गित्वात्/NP असङ्गताम्/NP दर्शयति/NP -/PUNC '/PUNC असङ्गः/KN न/AN हि/A सज्जते/NP (/PUNC बृह0/NS उ0/NS 3/PUNC ।/PUNC 9/PUNC ।/PUNC 26/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD ।/PUNC इदम्/SN च/AVK आश्चर्यम्/NP अन्यत्/NP पश्य/KP -/PUNC भूतभृत्/NP असङ्गः/NP अपि/AVK सन्/KKS भूतानि/KN बिभर्ति/KP ;/PUNC न/AN च/AVK भूतस्थः/NP ,/PUNC यथा/AVK उक्तेन/NP न्यायेन/NP दर्शितत्वात्/NP भूतस्थत्वानुपपत्तेः/NP ।/PUNC कथम्/NP पुनः/A उच्यते/KN '/PUNC असौ/SN मम/SN आत्मा/NP '/PUNC इति/AUD ?/PUNC विभज्य/NP देहादिसङ्घातम्/NP तस्मिन्/SN अहंकारम्/NP अध्यारोप्य/NP लोकबुद्धिम्/NP अनुसरन्/NP व्यपदिशति/NP मम/SN आत्मा/NP इति/AUD ,/PUNC न/AN पुनः/A आत्मनः/NP आत्मा/NP अन्यः/SN इति/AUD लोकवत्/NP अजानन्/KP ।/PUNC तथा/AVK भूतभावनः/NP भूतानि/KN भावयति/KP उत्पादयति/NP वर्धयति/KP इति/AUD वा/AVK भूतभावनः/NP ।।/PUNC
यथा/AVK उक्तेन//KNV श्लोकद्वयेन/NP उक्तम्/KN अर्थम्/NP दृष्टान्तेन/NP उपपादयन्/NP आह/ABS -/PUNC
यथा/AVK आकाशस्थितः/NP नित्यम्/NP वायुः/NP सर्वत्रगः/NP महान्/NP ।/PUNC 
तथा/AVK सर्वाणि/SN भूतानि/NP मत्स्थानि/NP इति/AUD उपधारय/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यथा/AVK लोके/NP आकाशस्थितः/NP आकाशे/NP स्थितः/NP नित्यम्/NP सदा/NP वायुः/NP सर्वत्र/NP गच्छति/KP इति/AUD सर्वत्रगः/NP महान्/NP परिमाणतः/NP ,/PUNC तथा/AVK आकाशवत्/NP सर्वगते/NP मयि/SN असंश्लेषेण/NP एव/INTF स्थितानि/NP इति/AUD एवम्/AUD उपधारय/NP विजानीहि/NP ।।/PUNC
एवम्/AUD वायुः/NP आकाशे/NP इव/ASD मयि/SN स्थितानि/NP सर्व/SN भूतानि/KN स्थितिकाले/NP ;/PUNC तानि/SN -/PUNC

सर्व/SN भूतानि/KN कौन्तेय/NP प्रकृतिम्/NP यान्ति/KP मामिकाम्/NP ।/PUNC 
कल्पक्षये/NP पुनः/A तानि/SN कल्पादौ/NP विसृजामि/NP अहम्/SN ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सर्व/SN भूतानि/KN कौन्तेय/NP प्रकृतिम्/NP त्रिगुणात्मिकाम्/NP अपराम्/NP निकृष्टाम्/KN यान्ति/KP मामिकाम्/NP मदीयाम्/NP कल्पक्षये/NP प्रलयकाले/NP ।/PUNC पुनः/A भूयः/NP तानि/SN भूतानि/KN उत्पत्तिकाले/NP कल्पादौ/NP विसृजामि/NP उत्पादयामि/KP अहम्/SN पूर्ववत्/ASD ।।/PUNC
एवम्/AUD अविद्यालक्षणाम्/NP -/PUNC

प्रकृतिम्/NP स्वाम्/SNV अवष्टभ्यः/NP विसृजामि/NP पुनः/A पुनः/DV ।/PUNC 
भूतग्रामम्/NP इमम्/A कृत्स्नम्/NS अवशम्/NP प्रकृतेः/NP वशात्/KP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC -/PUNC प्रकृतिम्/NP स्वाम्/SNV स्वीयाम्/SNV अवष्टभ्यः/NP वशीकृत्य/KKS विसृजामि/NP पुनः/A पुनः/DV प्रकृतितः/NP जातम्/NP भूतग्रामम्/NP भूतसमुदायम्/NP इमम्/A वर्तमानम्/NP कृत्स्नम्/NS समग्रम्/NP अवशम्/NP अस्वतन्त्रम्/NP ,/PUNC अविद्यादिदोषैः/NP परवशीकृतम्/NP ,/PUNC प्रकृतेः/NP वशात्/KP स्वभाववशात्/NP ।।/PUNC
तर्हि/AVK तस्य/SN ते/SN परमेश्वरस्य/NP ,/PUNC भूतग्रामम्/NP इमम्/A विषमम्/NP विदधतः/NP ,/PUNC तन्निमित्ताभ्याम्/NP धर्माधर्माभ्याम्/NP संबन्धः/NP स्यात्/KP इति/AUD ,/PUNC इदम्/A आह/ABS भगवान्/NP -/PUNC
न/AN च/AVK माम्/SN तानि/SN कर्माणि/NP निबध्नन्ति/NP धनञ्जय/NS ।/PUNC 
उदासीनवदासीनम्/NP असक्तम्/KN तेषु/SN कर्मसु/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN च/AVK माम्/SN ईश्वरम्/NP तानि/SN भूतग्रामस्य/NP विषमसर्गनिमित्तानि/NP कर्माणि/NP निबध्नन्ति/NP धनंजय/NS ।/PUNC तत्र/A कर्मणाम्/NP असंबन्धित्वे/NP कारणम्/A आह/ABS -/PUNC उदासीनवत्/NP आसीनम्/NP यथा/AVK उदासीनः/NP उपेक्षकः/NP कश्चित्/SN तद्वत्/NP आसीनम्/NP ,/PUNC आत्मनः/NP अविक्रियत्वात्/NP ,/PUNC असक्तम्/KN फलासङ्गरहितम्/NP ,/PUNC अभिमानवर्जितम्/NP '/PUNC अहम्/SN करोमि/KP इति/AUD तेषु/SN कर्मसु/NP ।/PUNC अतः/AVK अन्यस्य/NP अपि/AVK कर्तृत्वाभिमानाभावः/NP फलासङ्गाभावः/NP च/AVK असंबन्धकारणम्/NP ,/PUNC अन्यथा/AVK कर्मभिः/NP बध्यते/NP मूढः/KN कोशकारवत्/NP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC
तत्र/A '/PUNC भूतग्रामम्/NP इमम्/A विसृजामि/NP '/PUNC '/PUNC उदासीनवदासीनम्/NP '/PUNC इति/AUD च/AVK विरुद्धम्/NP उच्यते/KN ,/PUNC इति/AUD तत्परिहारार्थम्/NP आह/ABS -/PUNC
मया/SN अध्यक्षेण/NP प्रकृतिः/NP सूयते/NP सचराचरम्/NP ।/PUNC 
हेतुना/NP अनेन/NP कौन्तेय/NP जगत्/NP विपरिवर्तते/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मया/SN अध्यक्षेण/NP सर्वतः/NP दृशिमात्रस्वरुपेण/NP अविक्रियात्मना/NP अध्यक्षेण/NP मया/SSN ,/PUNC मम/SSN माया/NP त्रिगुणात्मिका/NP अविद्यालक्षणा/NP प्रकृतिः/NP सूयते/NP उत्पादयति/NP सचराचरम्/NP जगत्/NP ।/PUNC तथा/AVK च/AVK मन्त्रवर्णः/NP -/PUNC '/PUNC कः/SN देवः/NP सर्व/SN भूतेषु/NP गूढः/KN सर्वव्यापी/NP सर्वभूतान्तरात्मा/NP ।/PUNC कर्माध्यक्षः/NP सर्वभूताधिवासः/NP साक्षी/NP चेता/KN केवलः/NP निर्गुणः/NP च/AVK (/PUNC श्वे0/NS उ0/NS 6/PUNC ।/PUNC 11/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD ।/PUNC हेतुना/NP निमित्तेन/NP अनेन/NP अध्यक्षत्वेन/NP कौन्तेय/NP जगत्/NP सचराचरम्/NP व्यक्ताव्यक्तात्मकम्/NP विपरिवर्तते/NP सर्वावस्थासु/NP ।/PUNC दृशिकर्मत्वापत्तिनिमित्ता/NP हि/A जगतः/NP सर्वा/SN प्रवृत्तिः/NP -/PUNC अहम्/SN इदम्/SN भोक्ष्ये/NP ,/PUNC पश्यामि/KP इदम्/SN ,/PUNC शृणोमि/KP इदम्/SN ,/PUNC सुखम्/NP अनुभवामि/NP ,/PUNC दुःखम्/NP अनुभवामि/NP ,/PUNC तदर्थम्/NP इदम्/SN करिष्ये/NP ,/PUNC इदम्/SN ज्ञास्यामि/KP ,/PUNC इत्याद्याः/A अवगतिनिष्ठा/KN अवगत्यवसाना/NP एव/INTF ।/PUNC '/PUNC यः/SN अस्य/SN अध्यक्षः/NP परमे/NP व्योमन्/NP (/PUNC तै0/NS ब्रा0/NS 2/PUNC ।/PUNC 8/PUNC ।/PUNC 9/PUNC )/PUNC '/PUNC इत्यादयः/A च/AVK मन्त्राः/NP तम्/SN अर्थम्/NP दर्शयन्ति/NP ।/PUNC ततः/A च/AVK कस्य/SN देवस्य/NP सर्वाध्यक्षभूतचैतन्यमात्रस्य/NP परमार्थतः/NP सर्वभोगानभिसंबन्धिनः/NP अन्यस्य/SN चेतनान्तरस्य/NP अभावे/NP भोक्तुः/KN अन्यस्य/SN अभावात्/NP ।/PUNC किंनिमित्ता/NP इयम्/SN सृष्टिः/KN इत्यत्र/A प्रश्नप्रतिवचने/NP अनुपपन्ने/NP ,/PUNC '/PUNC कः/SN अद्धा/NP वेदः/NP कः/SN इह/NP प्रवोचत्/NP ।/PUNC कुतः/A आजाता/KNV कुतः/A इयम्/SN विसृष्टिः/KN (/PUNC तै0/NS ब्रा0/NS 2/PUNC ।/PUNC 8/PUNC ।/PUNC 9/PUNC )/PUNC '/PUNC इत्यादि/A मन्त्रवर्णेभ्यः/NP ।/PUNC दर्शितम्/NP च/APY भगवता/NP -/PUNC '/PUNC अज्ञानेन/NP आवृतम्/NP ज्ञानम्/NP तेन/SN मुह्यन्ति/NP जन्तवः/NP (/PUNC गीता/NS 5/PUNC ।/PUNC 15/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD ।।/PUNC
एवम्/AUD माम्/SN नित्यशुद्धबुद्ध/NP मुक्त/KKS स्वभावम्/NP सर्वज्ञम्/NP सर्वजन्तूनाम्/NP आत्मानम्/NP अपि/AVK सन्तम्/NP -/PUNC
अवजानन्ति/KNV माम्/SN मूढाः/KN मानुषीम्/NP तनुम्/NP आश्रितम्/NP ।/PUNC 
परम्/AVK भावम्/NP अजानन्तः/KN मम/SN भूतमहेश्वरम्/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अवजानन्ति/KNV अवज्ञाम्/NP परिभवम्/NP कुर्वन्ति/KP माम्/SN मूढाः/KN अविवेकिनः/KN मानुषीम्/NP मनुष्यसंबन्धिनीम्/NP तनुम्/NP देहम्/NP आश्रितम्/NP ,/PUNC मनुष्यदेहेन/NP व्यवहरन्तम्/NP इति/AUD एतत्/SN ,/PUNC परम्/AVK प्रकृष्टम्/KN भावम्/NP परमात्मतत्त्वम्/NP आकाशकल्पम्/NP आकाशात्/NP अपि/AVK अन्तरतमम्/NP अजानन्तः/KN मम/SN भूतमहेश्वरम्/NP सर्वभूतानाम्/NP महान्तम्/NP ईश्वरम्/NP स्वात्मानम्/NP ।/PUNC ततः/A च/AVK तस्य/SN मम/SN अवज्ञानभावनेन/NP आहताः/NP ते/SN वराकाः/NP ।।/PUNC 
कथम्/NP ?/PUNC -/PUNC
मोघाशाः/NP मोघकर्माणः/NP मोघज्ञानाः/NP विचेतसः/KN ।/PUNC 
राक्षसीम्/NP असुरीम्/NP च/AVK एव/INTF प्रकृतिम्/NP मोहिनीम्/NP श्रिताः/KN ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मोघाशाः/NP वृथाः/NP आशाः/NP आशिषः/NP येषाम्/SN ते/SN मोघाशाः/NP ,/PUNC तथा/AVK मोघकर्माणः/NP यानि/NP च/AVK अग्निहोत्रादीनि/NP तैः/A अनुष्ठीयमानानि/NP कर्माणि/NP तानि/SN च/AVK ,/PUNC तेषाम्/SN भगवत्परिभवात्/NP ,/PUNC स्वात्मभूतस्य/NP अवज्ञानात्/NP ,/PUNC मोघानि/NP एव/INTF निष्फलानि/NP कर्माणि/NP भवन्ति/KP इति/AUD मोघकर्माणः/NP ।/PUNC तथा/AVK मोघज्ञानाः/NP मोघम्/NP निष्फलम्/NP ज्ञानम्/NP येषाम्/SN ते/SN मोघज्ञानाः/NP ,/PUNC ज्ञानम्/NP अपि/AVK तेषाम्/SN निष्फलम्/NP एव/INTF स्यात्/KP ।/PUNC विचेतसः/KN विगतविवेकाः/NP च/AVK ते/SN भवन्ति/KP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।/PUNC किम्/AP च/APY -/PUNC ते/SN भवन्ति/KP राक्षसीम्/NP रक्षसाम्/NP प्रकृतिम्/NP स्वभावम्/NP आसुरीम्/NP असुराणाम्/NP च/AVK प्रकृतिम्/NP मोहिनीम्/NP मोहकरीम्/NP देहात्मवादिनीम्/NP श्रिताः/KN आश्रिताः/KNV ,/PUNC छिन्द्धि/NP ,/PUNC भिन्द्धि/NP ,/PUNC पिब/NP ,/PUNC खाद/NP ,/PUNC परस्वम्/SNV अपहर/NP ,/PUNC इति/AUD एवम्/AUD वदनशीलाः/NP क्रूरकर्माणः/NP भवन्ति/KP इत्यर्थः/NP ,/PUNC '/PUNC असुर्या/NP नाम/NP ते/SN लोकाः/NP (/PUNC ई0/NS उ0/NS 3/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD श्रुतेः/KN ।।/PUNC
ये/SN पुनः/A श्रद्दधानाः/NP भगवद्भक्तिलक्षणे/NP मोक्षमार्गे/NP प्रवृत्ताः/KN -/PUNC
महात्मानः/NP तु/A माम्/SN पार्थ/NS दैवीम्/NP प्रकृतिम्/NP आश्रिताः/KN ।/PUNC 
भजन्ति/KP अनन्यमनसः/NP ज्ञात्वा/KKS भूतादिम्/NP अव्ययम्/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC -/PUNC महात्मानः/NP तु/A अक्षुद्रचित्ताः/NP माम्/SN ईश्वरम्/NP पार्थ/NS दैवीम्/NP देवानाम्/NP प्रकृतिम्/NP शमदमदयाश्रद्धादिलक्षणाम्/NP आश्रिताः/KN सन्तः/KN भजन्ति/KP सेवन्ते/KP अनन्यमनसः/NP अनन्यचित्ताः/NP ज्ञात्वा/KKS भूतादिम्/NP भूतानाम्/NP वियदादीनाम्/NP प्राणिनाम्/NP च/AVK आदिम्/NP कारणम्/A अव्ययम्/NP ।।/PUNC
कथम्/NP ?/PUNC -/PUNC 
सततम्/NP कीर्तयन्तः/NP माम्/SN यतन्तः/NP च/AVK दृढव्रताः/KN ।/PUNC 
नमस्यन्तः/NP च/AVK माम्/SN भक्त्या/KKS नित्ययुक्ताः/KN उपासते/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सततम्/NP सर्वदा/A भगवन्तम्/NP ब्रह्मस्वरूपम्/NP माम्/SN कीर्तयन्तः/NP ,/PUNC यतन्तः/NP च/AVK इन्द्रियोपसंहारशमदमदयाहिंसादिलक्षणैः/NP धर्मैः/NP प्रयतन्तः/NP च/AVK ,/PUNC दृढव्रताः/KN दृढम्/KN स्थिरम्/NP अचाल्यम्/NP व्रतम्/NP येषाम्/SN ते/SN दृढव्रताः/KN नमस्यन्तः/NP च/AVK माम्/SN हृदयेशम्/NP आत्मानम्/NP भक्त्या/KKS नित्ययुक्ताः/KN सन्तः/NP उपासते/NP सेवन्ते/KP ।।/PUNC
ते/SN केन/SN केन/DV प्रकारेण/NP उपासते/NP इति/AUD उच्यते/KN -/PUNC
ज्ञानयज्ञेन/NP च/AVK अपि/AVK अन्ये/SN यजन्तः/KP माम्/SN उपासते/NP ।/PUNC 
एकत्वेन/NP पृथक्त्वेन/NP बहुधा/NP विश्वतोमुखम्/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ज्ञानयज्ञेन/NP ज्ञानम्/NP एव/INTF भगवत्/NP विषयम्/NP यज्ञः/NP तेन/SN ज्ञानयज्ञेन/NP ,/PUNC यजन्तः/KP पूजयन्तः/NP माम्/SN ईश्वरम्/NP च/AVK अपि/AVK अन्ये/SNV अन्याम्/SNV उपासनाम्/NP परित्यज्य/NP उपासते/NP ।/PUNC तत्/SN चAVK ज्ञानम्/NP -/PUNC एकत्वेन/NP '/PUNC एकम्/SMK एव/INTF परम्/AVK ब्रह्म/NP '/PUNC इति/AUD परमार्थदर्शनेन/NP यजन्तः/KP उपासते/NP ।/PUNC केचित्/A च/AVK पृथक्त्वेन/NP '/PUNC आदित्यचन्द्रादिभेदेन/NP सः/SN एव/INTF भगवान्/NP विष्णुः/NP वस्थितः/NP '/PUNC इति/AUD उपासते/NP ।/PUNC केचित्/A '/PUNC बहुधा/NP अवस्थितः/NP सः/SN एव/INTF भगवान्/NP सर्वतोमुखः/NP विश्वरुपः/NP '/PUNC इति/AUD तम्/SN विश्वरूपम्/NP सर्वतोमुखम्/NP बहुधा/NP बहुप्रकारेण/NP उपासते/NP ।।/PUNC
यदि/AVK बहुभिः/NP प्रकारैः/NP उपासते/NP ,/PUNC कथम्/SN त्वाम्/SN एव/INTF उपासते/NP इति/AUD ,/PUNC अतः/AVK आह/ABS -/PUNC
अहम्/SN क्रतुः/NP अहम्/SN यज्ञः/NP स्वधा/NP अहम्/SN अहम्/DV औषधम्/NP ।/PUNC 
मन्त्रः/NP अहम्/SN अहम्/DV एव/INTF आज्यम्/NP अहम्/SN अग्निः/NP अहम्/SN हुतम्/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अहम्/SN क्रतुः/NP श्रौतकर्मभेदः/NP अहम्/SN एव/INTF ।/PUNC अहम्/SN यज्ञः/NP स्मार्तः/NP ।/PUNC किम्/AP च/AVK स्वधा/NP अन्नम्/NP अहम्/SN ,/PUNC पितृभ्यः/NP यत्/SN दीयते/KP ।/PUNC अहम्/SN औषधम्/NP सर्वप्राणिभिः/NP यत्/SN अद्यते/NP तत्/SN औषध/NP शब्दशब्दितम्/NP व्रीहियवादिसाधारणम्/NP ।/PUNC अथवा/AVK स्वधा/NP इति/AUD सर्वप्राणिसाधारणम्/NP अन्नम्/NP ,/PUNC औषधम्/NP इति/AUD व्याध्युपशमनार्थम्/NP भेषजम्/NP ।/PUNC मन्त्रः/NP अहम्/SN ,/PUNC येन/SN पितृभ्यः/NP देवताभ्यः/NP च/AVK हविः/NP दीयते/KP ।/PUNC अहम्/SN एव/INTF आज्यम्/NP हविः/NP च/APY ।/PUNC अहम्/SN अग्निः/NP ,/PUNC यस्मिन्/SN हूयते/NP हविः/NP सः/SN अग्निः/NP अहम्/SN ।/PUNC अहम्/SN हुतम्/NP हवनकर्म/NP च/APY ।।/PUNC
किम्/AP च/APY -/PUNC 
पिता/NP अहम्/SN अस्य/SN जगतः/NP माता/NP धाता/NP पितामहः/NP ।/PUNC
वेद्यम्/NP पवित्रम्/NP ओंकारः/NP ऋक्/NS साम/NS यजुः/NS एव/INTF च/APY ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC -/PUNC पिता/NP जनयिता/NP अहम्/SN अस्य/SN जगतः/NP ,/PUNC माता/NP जनयित्री/NP ,/PUNC धाता/NP कर्मफलस्य/NP प्राणिभ्यः/NP विधाता/NP ,/PUNC पितामहः/NP पितुः/NP पिता/NP ,/PUNC वेद्यम्/NP वेदितव्यम्/KN ,/PUNC पवित्रम्/NP पावनम्/NP ओंकारः/NP ,/PUNC ऋक्/NS साम/NS यजुः/NS एव/INTF च/APY ।।/PUNC
किम्/AP च/APY -/PUNC
गतिः/NP भर्ता/NP प्रभुः/NP साक्षी/NP निवासः/NP शरणम्/NP सुहृत्/NP ।/PUNC 
प्रभवः/NP प्रलयः/NP स्थानम्/NP निधानम्/NP बीजम्/NP अव्ययम्/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC -/PUNC गतिः/NP कर्मफलम्/NP ,/PUNC भर्ता/NP पोष्टा/KN ,/PUNC प्रभुः/NP स्वामी/NP ,/PUNC साक्षी/NP प्राणिनाम्/NP कृताकृतस्य/NP ,/PUNC निवासः/NP यस्मिन्/SN प्राणिनः/NP निवसन्ति/KP ,/PUNC शरणम्/NP आर्तानाम्/NP ,/PUNC प्रपन्नानाम्/NP आर्तिहरः/NP ।/PUNC सुहृत्/NP प्रत्युपकारानपेक्षः/NP सन्/KKS उपकारी/NP ,/PUNC प्रभवः/NP उत्पत्तिः/NP जगतः/NP ,/PUNC प्रलयः/NP प्रलीयते/NP अस्मिन्/SN इति/AUD ,/PUNC तथा/AVK स्थानम्/NP तिष्ठति/KP अस्मिन्/SN इति/AUD ,/PUNC निधानम्/NP निक्षेपः/NP कालान्तरोपभोग्यम्/NP प्राणिनाम्/NP ,/PUNC बीजम्/NP प्ररोहकारणम्/NP प्ररोहधर्मिणाम्/NP ,/PUNC अव्ययम्/NP यावत्/SN संसारभावित्वात्/NP अव्ययम्/NP ,/PUNC न/AN हि/A अबीजम्/NP किञ्चित्/SN प्ररोहति/NP ;/PUNC नित्यम्/NP च/AVK प्ररोहदर्शनात्/NP बीजसंततिः/NP न/AN व्येति/NP इति/AUD गम्यते/KP ।।/PUNC
किम्/AP च/APY -/PUNC
तपामि/NP अहम्/SN अहम्/DV वर्षम्/NP निगृह्णामि/NP उत्सृजामि/NP च/APY ।/PUNC 
अमृतम्/NP च/APY एव/INTF मृत्युः/NP च/APY सत्/NP असत्/NP च/APY अहम्/SN अर्जुन/NS ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तपामि/NP अहम्/SN आदित्यः/KKS भूत्वा/KKS कैश्चित्/SN रश्मिभिः/NP उल्बणैः/NP ।/PUNC अहम्/SN वर्षम्/NP कैश्चित्/SN रश्मिभिः/NP उत्सृजामि/NP ।/PUNC उत्सृज्य/KN पुनः/A निगृह्णामि/NP कैश्चित्/SN रश्मिभिः/NP अष्टभिः/SMKY मासैः/NP पुनः/A उत्सृजामि/NP प्रावृषि/NP ।/PUNC अमृतम्/NP च/AVK एव/INTF देवानाम्/NP ,/PUNC मृत्युः/NP च/AVK मर्त्यानाम्/NP ।/PUNC सत्/NP यस्य/SN यत्/SN संबन्धितया/NP विद्यमानम्/NP तत्/SN ,/PUNC तत्/SN विपरीतम्/NP असत्/NP च/AVK एव/INTF अहम्/SN अर्जुन/NP ।/PUNC न/AN पुनः/A अत्यन्तम्/NP एव/INTF असत्/NP भगवान्/NP ,/PUNC स्वयम्/SNV कार्यकारणे/NP वा/AVK सदसती/NP ।।/PUNC
ये/SN पूर्वोक्तैः/KN निवृत्तिप्रकारैः/NP एकत्वपृथक्त्वादिविज्ञानैः/NP यज्ञैः/NP माम्/SN पूजयन्तः/NP उपासते/NP ज्ञानविदः/NP ,/PUNC ते/SN यथा/AVK विज्ञानम्/NP माम्/SN एव/INTF प्राप्नुवन्ति/KP ।/PUNC ये/SN पुनः/A अज्ञाः/NP कामकामाः/NP -/PUNC
त्रैविद्याः/NP माम्/SN सोमपाः/NP पूतपापाः/NP यज्ञैः/NP इष्ट्वा/KKS स्वर्गतिम्/NP प्रार्थयन्ते/NP ।/PUNC 
ते/SN पुण्यम्/NP आसाद्य/NP सुरेन्द्रलोकम्/NP अश्नन्ति/NP दिव्यान्/NP दिवि/NP देवभोगान्/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC -/PUNC त्रैविद्याः/NP ऋग्यजुःसामविदः/NS माम्/SN वस्वादिदेवरूपिणम्/NP सोमपाः/NP सोमम्/NP पिबन्ति/KP इति/AUD सोमपाः/NP ,/PUNC तेन/SN एव/INTF सोमपानेन/NP पूतपापाः/NP शुद्धकिल्बिषाः/NP ,/PUNC यज्ञैः/NP अग्निष्टोमादिभिः/NP इष्ट्वा/KKS पूजयित्वा/KKS स्वर्गतिम्/NP स्वर्गगमनम्/NP स्वरेव/NP गतिः/NP स्वर्गतिः/NP ताम्/SN ,/PUNC प्रार्थयन्ते/NP ।/PUNC ते/SN च/AVK पुण्यम्/NP पुण्यफलम्/NP आसाद्य/NP संप्राप्य/KKS सुरेन्द्रलोकम्/NP शतक्रतोः/NP स्थानम्/NP अश्नन्ति/NP भुञ्जते/KP दिव्यान्/NP दिवि/NP भवान्/SN अप्राकृतान्/NP देवभोगान्/NP देवानाम्/NP भोगान्/NP ।।/PUNC 
ते/SN तम्/SN भुक्त्वा/KKS स्वर्गलोकम्/NP विशालम्/NP क्षीणे/NP पुण्ये/NP मर्त्यलोकम्/NP विशन्ति/NP ।/PUNC 
एवम्/AUD त्रयी/SMKY धर्मम्/NP अनुप्रपन्ना/KN गतागतम्/KN कामकामा/NP लभन्ते/KP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ते/SN तम्/SN भुक्त्वा/KKS स्वर्गलोकम्/NP विशालम्/NP विस्तीर्णम्/NP क्षीणे/NP पुण्ये/NP मर्त्यलोकम्/NP विशन्ति/NP आविशन्ति/NP ।/PUNC एवम्/AUD यथा/AVK उक्तेन/KN प्रकारेण/NP त्रयी/SMKY धर्मम्/NP केवलम्/NP वैदिकम्/NP कर्म/NP अनुप्रपन्नाः/NP गतागतम्/KN गतम्/KN च/APY आगतम्/KN च/AVK गतागतम्/KN गमनागमनम्/NP कामकामाः/NP कामान्/NP कामयन्ते/NP इति/AUD कामकामाः/NP लभन्ते/KP गतागतम्/KN एव/INTF ,/PUNC न/AN तु/A स्वातन्त्र्यम्/NP क्वचित्/SN लभन्ते/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
ये/SN पुनः/A निष्कामाः/NP सम्यक्/NV दर्शनिः/NP -/PUNC
अनन्याः/SN चिन्तयन्तः/NP माम्/SN ये/SN जनाः/NP पर्युपासते/NP ।/PUNC 
तेषाम्/SN नित्याभियुक्तानाम्/NP योगक्षेमम्/NP वहामि/NP अहम्/SN ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अनन्याः/SN अपृथग्भूताः/NP परम्/AVK देवम्/NP नारायणम्/NP आत्मत्वेन/NP गताः/KN सन्तः/NP चिन्तयन्तः/NP माम्/SN ये/SN जनाः/NP संन्यासिनः/NP पर्युपासते/NP ,/PUNC तेषाम्/SN परमार्थदर्शिनाम्/NP नित्याभियुक्तानाम्/NP सतताभियोगिनाम्/NP योगक्षेमम्/NP योगः/NP अप्राप्तस्य/NP प्रापणम्/NP क्षेमः/NP तद्रक्षणम्/NP तत्/SN उभयम्/NP वहामि/NP प्रापयामि/NP अहम्/NP ;/PUNC '/PUNC ज्ञानी/NP तु/A आत्मा/NP एव/INTF मे/SN मतम्/NP '/PUNC '/PUNC सः/SN च/AVK मम/SN प्रियः/NP '/PUNC यस्मात्/SNV ,/PUNC तस्मात्/SNV ते/SN मम/SN आत्मभूताः/NP प्रियाः/NP च/AVK इति/AUD ।।/PUNC 
ननु/AP अन्येषाम्/SN अपि/AVK भक्तानाम्/NP योगक्षेमम्/NP वहति/NP एव/INTF भगवान्/NP ।/PUNC सत्यम्/NP वहति/NP एव/INTF ;/PUNC किम्/AP तु/A अयम्/SN विशेषः/NP -/PUNC अन्ये/SN ये/SN भक्ताः/KN ते/SN आत्मार्थम्/NP स्वयम्/SN अपि/AVK योगक्षेमम्/NP ईहन्ते/NP ;/PUNC अनन्यदर्शिनः/NP तु/A न/AN आत्मार्थम्/NP योगक्षेमम्/NP ईहन्ते/NP ;/PUNC न/AN हि/A ते/SN जीविते/NP मरणे/NP वा/AVK आत्मनः/NP गृद्धिम्/NP कुर्वन्ति/KP ;/PUNC केवलम्/A एव/INTF भगवच्छरणाः/NP ते/SN ;/PUNC अतः/AVK भगवान्/NP एव/INTF तेषाम्/SN योगक्षेमम्/NP वहति/NP इति/AUD ।।/PUNC
ननु/AP अन्याः/SN अपि/AVK देवताः/NP त्वम्/SN एव/INTF चेत्/NP तद्भक्ताः/KN च/AVK त्वाम्/SN एव/INTF यजन्ते/KP ।/PUNC सत्यम्/NP एवम्/AUD -/PUNC
ये/SN अपि/AVK अन्य/SN देवताः/NP भक्ताः/KN यजन्ते/KP श्रद्धया/NP अन्विताः/NP ।/PUNC 
ते/SN अपि/AVK माम्/SN एव/INTF कौन्तेय/NP यजन्ति/KP अविधिपूर्वकम्/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ये/SN अपि/AVK अन्य/SN देवता/NP भक्ताः/KN अन्यासु/SN देवतासु/NP भक्ताः/KN अन्य/SN देवता/NP भक्ताः/KN सन्तः/KN यजन्ते/KP पूजयन्ति/NP श्रद्धया/NP आस्तिक्यबुद्ध्या/NP अन्विताः/NP अनुगताः/KN ,/PUNC ते/SN अपि/AVK माम्/SN एव/INTF कौन्तेय/NP यजन्ति/KP अविधिपूर्वकम्/NP अविधिः/NP अज्ञानम्/NP तत्/SN पूर्वकम्/NP यजन्ते/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
कस्मात्/SN ते/SN अविधिपूर्वकम्/NP यजन्ते/KP इति/AUD उच्यते/KN ;/PUNC यस्मात्/SN -/PUNC
अहम्/SN हि/A सर्वयज्ञानाम्/NP भोक्ता/KN च/AVK प्रभुः/NP एव/INTF च/APY ।/PUNC
न/AN तु/A माम्/SN अभिजानन्ति/NP तत्त्वेन/NP अतः/AVK च्यवन्ति/NP ते/SN ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अहम्/SN हि/A सर्वयज्ञानाम्/NP श्रौतानाम्/NP स्मार्तानाम्/NP च/AVK सर्वेषाम्/SN यज्ञानाम्/NP देवतात्मत्वेन/NP भोक्ता/KN च/AVK प्रभुः/NP एव/INTF च/APY ।/PUNC मत्स्वामिकः/NP हि/A यज्ञः/NP ,/PUNC '/PUNC अधियज्ञः/NP अहम्/SN एव/INTF अत्र/A (/PUNC गीता/NS 8/PUNC ।/PUNC 4/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD हि/A उक्तम्/KN ।/PUNC तथा/AVK न/AN तु/A माम्/SN अभिजानन्ति/NP तत्त्वेन/NP यथावत्/ASD ।/PUNC अतः/AVK च/AVK अविधिपूर्वकम्/NP इष्ट्वा/KKS यागफलात्/NP च्यवन्ति/NP प्रच्यवन्ते/NP ते/SN ।।/PUNC
ये/SN अपि/AVK अन्यदेवताभक्तिमत्त्वेन/NP अविधिपूर्वकम्/NP यजन्ते/KP ,/PUNC तेषाम्/SN अपि/AVK यागफलम्/NP अवश्यंभावि/NP ।/PUNC कथम्/NP ?/PUNC -/PUNC
यान्ति/KP देवव्रताः/NP देवान्/KN पितॄन्/NP यान्ति/KP पितृव्रताः/NP ।/PUNC 
भूतानि/KN यान्ति/KP भूतेज्याः/NP यान्ति/KP मद्याजिनः/NP अपि/AVK माम्/SN ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यान्ति/KP गच्छन्ति/KP देवव्रताः/NP देवेषु/NP व्रतम्/NP नियमः/NP भक्तिः/NP च/AVK येषाम्/SN ते/SN देवव्रताः/NP देवान्/NP यान्ति/KP ।/PUNC पितॄन्/NP अग्निषु/NP आत्तादीन्/NP यान्ति/KP पितृव्रताः/KN श्राद्धादिक्रियापराः/NP पितृभक्ताः/NP ।/PUNC भूतानि/KN विनायकमातृगणचतुर्भगिन्यादीनि/NP यान्ति/KP भूतेज्याः/NP भूतानाम्/NP पूजकाः/NP ।/PUNC यान्ति/KP मद्याजिनः/NP मद्यजनशीलाः/NP वैष्णवाः/NP माम्/SN एव/INTF यान्ति/KP ।/PUNC समाने/NP अपि/AVK आयासे/NP माम्/SN एव/INTF न/AN भजन्ते/KP अज्ञानात्/NP ,/PUNC तेन/SN ते/SN अल्पफलभाजः/NP भवन्ति/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
न/AN केवलम्/A मद्भक्तानाम्/NP अनावृत्तिलक्षणम्/NP अनन्तफलम्/NP ,/PUNC सुखाराधनः/NP च/AVK अहम्/SN ।/PUNC कथम्/SN ?/PUNC -/PUNC
पत्रम्/NP पुष्पम्/NP फलम्/NP तोयम्/NP यः/A मे/SN भक्त्या/KKS प्रयच्छति/NP ।/PUNC 
तत्/SN अहम्/SN भक्त्युपहृतम्/NP अश्नामि/NP प्रयतात्मनः/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC -/PUNC पत्रम्/NP पुष्पम्/NP फलम्/NP तोयम्/NP उदकम्/NP यः/A मे/SN मह्यम्/NP भक्त्या/KKS प्रयच्छति/NP ,/PUNC तत्/SN अहम्/SN पत्रादि/NP भक्त्या/KKS उपहृतम्/NP भक्तिपूर्वकम्/NP प्रापितम्/NP भक्त्युपहृतम्/NP अश्नामि/NP गृह्णामि/NP प्रयतात्मनः/NP शुद्धबुद्धेः/NP ।।/PUNC
यतः/A एवम्/AUD ,/PUNC अतः/AVK -/PUNC
यत्/SN करोषि/KP यत्/SN अश्नासि/NP यत्/SN जुहोषि/NP ददासि/KP यत्/SN ।/PUNC 
यत्/SN तपस्यसि/NP कौन्तेय/NP तत्/SN कुरुष्व/NP मत्/SN अर्पणम्/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यत्/SN करोषि/KP स्वतः/SN प्राप्तम्/KN ,/PUNC यत्/SN अश्नासि/NP ,/PUNC यत्/SN च/AVK जुहोषि/KP हवनम्/NP निर्वर्तयसि/NP श्रौतम्/NP स्मार्तम्/NP वा/AVK ,/PUNC यत्/SN ददासि/KP प्रयच्छसि/NP ब्राह्मणादिभ्यः/NP हिरण्यात्/NP आज्यादि/NP ,/PUNC यत्/SN तपस्यसि/NP तपः/NP चरसि/NP कौन्तेय/NP ,/PUNC तत्/SN कुरुष्व/KP मत्/SN अर्पणम्/NP मत्/KN समर्पणम्/NP ।।/PUNC
एवम्/AUD कुर्वतः/KP तव/A यत्/SN भवति/KP ,/PUNC तत्/SN शृणु/KP -/PUNC
शुभाशुभफलैः/NP एवम्/AUD मोक्ष्यसे/NP कर्मबन्धनैः/NP ।/PUNC 
संन्यासयोगयुक्तात्मा/NP विमुक्तः/KN माम्/SN उपैष्यसि/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC .28/PUNC ।।/PUNC -/PUNC शुभाशुभफलैः/NP एवम्/AUD शुभाशुभे/NP इष्टानिष्टे/KN फले/NP येषाम्/SN तानि/SN शुभाशुभफलानि/NP कर्माणि/NP तैः/SN शुभाशुभफलैः/NP कर्मबन्धनैः/NP कर्माणि/NP एव/INTF बन्धनानि/NP कर्मबन्धनानि/NP तैः/SN कर्मबन्धनैः/NP एवम्/AUD मत्/KN अर्पणम्/NP कुर्वन्/KN मोक्ष्यसे/NP ।/PUNC सः/SN अयम्/SN संन्यासयोगः/NP नाम/NP ,/PUNC संन्यासः/NP च/AVK असौ/SN मत्/KN समर्पणतया/NP कर्मत्वात्/NP योगः/NP च/AVK असौ/SN इति/AUD ,/PUNC तेन/SN संन्यासयोगेन/NP युक्तः/KN आत्मा/NP अन्तःकरणम्/NP यस्य/SN तव/A सः/SN त्वम्/SN संन्यासयोगयुक्तात्मा/NP सन्/KKS विमुक्तः/KKS कर्मबन्धनैः/NP जीवन्/NP एव/INTF पतिते/NP च/AVK अस्मिन्/SN शरीरे/NP माम्/SN उपैष्यसि/NP आगमिष्यसि/KP ।।/PUNC
रागद्वेषवान्/NP तर्हि/AVK भगवान्/NP ,/PUNC यतः/A भक्तान्/KN अनुगृह्णाति/NP ,/NP न/AN इतरान्/NP इति/AUD ।/PUNC तत्/SN न/AN -/PUNC
समः/NP अहम्/SN सर्व/SN भूतेषु/KN न/AN मे/SN द्वेष्यः/NP अस्ति/KP न/AN प्रियः/NP ।/PUNC
ये/SN भजन्ति/KP तु/A माम्/SN भक्त्या/KKS मयि/SN ते/SN तेषु/SN च/AVK अपि/AVK अहम्/SN ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC -/PUNC समः/NV तुल्यः/NP अहम्/SN सर्व/SN भूतेषु/KN ।/PUNC न/AN मे/SN द्वेष्यः/NP अस्ति/KP न/AN प्रियः/NP ।/PUNC अग्निवत्/NP अहम्/SN -/PUNC दूरस्थानाम्/NP यथा/AVK अग्निः/NP शीतम्/NP न/AN अपनयति/NP ,/PUNC समीपम्/NP उपसर्पताम्/NP अपनयति/NP ;/PUNC तथा/AVK अहम्/SN भक्तान्/KN अनुगृह्णामि/NP ,/PUNC न/AN इतरान्/NP ।/PUNC ये/SN भजन्ति/KP तु/A माम्/SN ईश्वरम्/NP भक्त्या/KKS मयि/SN ते/SN -/PUNC स्वभावतः/NP एव/INTF ,/PUNC न/AN मम/SN रागनिमित्तम्/NP मयि/SN वर्तन्ते/NP ।/PUNC तेषु/SN च/AVK अपि/AVK अहम्/SN स्वभावतः/NP एव/INTF वर्ते/NP ,/PUNC न/AN इतरेषु/NP ।/PUNC न/AN तावता/A तेषु/SN द्वेषः/NP मम्/SN ।।/PUNC

शृणु/KP मद्भक्तेः/KN माहात्म्यम्/NP -/PUNC
अपि/AVK चेत्/NP सुदुराचारः/NP भजते/KP माम्/SN अनन्यभाक्/NP ।/PUNC 
साधुः/NP एव/INTF सः/SN मन्तव्यः/KN सम्यक्/NV व्यवसितः/NP हि/A सः/SN ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अपि/AVK चेत्/NP यद्यपि/AVK सुदुराचारः/NP सुष्ठु/KN दुराचारः/NP अतीव/A कुत्सिताचारः/NP अपि/AVK भजते/KP माम्/SN अनन्यभाक्/NP अनन्यभक्तिः/NP सन्/KKS ,/PUNC साधुः/NP एव/INTF सम्यक्/NV वृत्तः/NP एव/INTF सः/SN मन्तव्यः/KN ज्ञातव्यः/KN ;/PUNC सम्यक्/NV यथावत्/ASD व्यवसितः/NP हि/A सः/SN ,/PUNC यस्मात्/SN साधुनिश्चयः/NP सः/SN ।।/PUNC
उत्सृज्य/NP च/AVK बाह्याम्/NP दुराचारताम्/NP अन्तः/AVK सम्यक्/NV व्यवसायसामर्थ्यात्/NP -/PUNC
क्षिप्रम्/NP भवति/KP धर्मात्मा/NP शश्वच्छान्तिम्/NP निगच्छति/NP ।/PUNC 
कौन्तेय/NP प्रतिजानीहि/NP न/AN मे/SN भक्तः/KN प्रणश्यति/KP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 31/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 31/PUNC ।।/PUNC -/PUNC क्षिप्रम्/NP शीघ्रम्/KV भवति/KP धर्मात्मा/KP धर्मचित्तः/NP एव/INTF ।/PUNC शश्वत्/NP नित्यम्/NP शान्तिम्/NP च/AVK उपशमम्/NP निगच्छति/NP प्राप्नोति/KP ।/PUNC शृणु//KP परमार्थम्/NP ,/PUNC कौन्तेय/NP प्रतिजानीहि/NP निश्चिताम्/NP प्रतिज्ञाम्/NP कुरु/KP ,/PUNC न/AN मे/SN मम/SN भक्तः/KN मयि/SN समर्पितान्तरात्मा/NP मद्भक्तः/KN न/AN प्रणश्यति/NP इति/AUD ।।/PUNC
किम्/AP च/APY -/PUNC
माम्/SN हि/A पार्थ/NS व्यपाश्रित्य/KKS ये/SN अपि/AVK स्युः/NP पापयोनयः/NP ।/PUNC 
स्त्रियः/NP वैश्याः/NP तथा/AVK शूद्राः/NP ते/SN अपि/AVK यान्ति/KP पराम्/NP गतिम्/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 32/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 32/PUNC ।।/PUNC -/PUNC माम्/SN हि/A यस्मात्/SN पार्थ/NS व्यपाश्रित्य/KKS माम्/SN आश्रयत्वेन/NP गृहीत्वा/KKS ये/SN अपि/AVK स्युः/NP भवेयुः/KP पापयोनयः/NP पापा/NP योनिः/NP येषाम्/SN ते/SN पापयोनयः/NP पापजन्मानः/NP ।/PUNC के/SN ते/SN इति/AUD ,/PUNC आह/ABS -/PUNC स्त्रियः/NP वैश्याः/NP तथा/AVK शूद्राः/NP ते/SN अपि/AVK यान्ति/KP गच्छन्ति/KP पराम्/NP प्रकृष्टाम्/KN गतिम्/NP ।।/PUNC 
किम्/AP पुनर्ब्राह्मणाः/NP पुण्याः/NP भक्ताः/KN राजर्षयः/NP तथा/AVK ।/PUNC 
अनित्यम्/NP असुखम्/NP लोकम्/NP इमम्/SN प्राप्य/KKS भजस्व/NP माम्/SN ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 33/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 33/PUNC ।।/PUNC -/PUNC किम्/AP पुनः/A ब्राह्मणाः/NP पुण्याः/NP पुण्ययोनयः/NP भक्ताः/KN राजर्षयः/NP तथा/AVK राजानः/NP च/AVK ते/SN ऋषयः/NP च/AVK इति/AUD राजर्षयः/NP ।/PUNC यतः/AVK एवम्/AUD ,/PUNC अतः/AVK अनित्यम्/NP क्षणभङ्गुरम्/NP असुखम्/NP च/AVK सुखवर्जितम्/NP इमम्/SN लोकम्/NP मनुष्यलोकम्/NP प्राप्य/KKS पुरुषार्थसधनम्/NP दुर्लभम्/NP मनुष्यत्वम्/KKS लब्ध्वा/KN भजस्व/NP सेवस्व/NP माम्/SN ।।/PUNC
कथम्/SN -/PUNC
मन्मना/NP भव/NP मद्भक्तः/NP मद्याजी/NP माम्/SN नमस्कुरु/NP ।/PUNC 
माम्/SN एव/INTF एष्यसि/SN युक्त्वा/KKS एवम्/AUD आत्मानम्/NP मत्परायणः/NP ।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 34/PUNC ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमद्भगवद्गीतासु/NP उपनिषत्सु/NP ब्रह्मविद्यायाम्/NP योगशास्त्रे/NP श्रीकृष्णार्जुनसंवादे/NP राजविद्याराजगुह्ययोगः/NP नाम/NP नवमः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC
।।/PUNC 9/PUNC ./PUNC 34/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मयि/SNV वासुदेवे/NS मनः/NP यस्य/SN सः/SN त्वम्/SN मन्मनाः/NP भव/KP तथा/AVK मद्भक्तः/NP भव/NP मद्याजी/NP मद्यजनशीलः/NP भव/NP ।/PUNC माम्/SN एव/INTF च/AVK नमस्कुरु/KP ।/PUNC माम्/SN एव/INTF ईश्वरम्/NP एष्यसि/KP आगमिष्यसि/KP युक्त्वा/KKS समाधाय/KKS चित्तम्/NP ।/PUNC एवम्/AUD आत्मानम्/NP ,/PUNC अहम्/SN हि/A सर्वेषाम्/SNV भूतानाम्/NP आत्मा/NP ,/PUNC परा/SNV च/AVK गतिः/NP ,/PUNC परम्/AVK अयनम्/NP ,/PUNC तम्/SN माम्/SN एवम्/AUD भूतम्/NP ,/PUNC एष्यसि/SN इति/AUD अतीतेन/NP संबन्धः/NP ,/PUNC मत्परायणः/NP सन्/KKS इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य/NV श्रीगोवन्दभगवत्पूज्यपादशिष्यस्य/NV श्रीमच्छङ्करभगवतः/NS कृतौ/KN श्रीमद्भगवद्गीताभाष्ये/NS नवमः/SMKY अध्यायः/NP ।।/PUNC
