﻿
सप्तमे/SMKP अध्याये/NP भगवतः/NP तत्त्वम्/NP विभूतयः/NP च/APY प्रकाशिताः/KN ,/PUNC नवमे/SMKY च/APY ।/PUNC अथ/A इदानीम्/A येषु/SSN येषु/DV भावेषु/NP चिन्त्यः/KKS भगवान्/NP,/PUNC ते/SSN ते/DV भावाः/NP वक्तव्याः/KN ,/PUNC तत्त्वम्/NP च/APY भगवतः/NP वक्तव्यम्/KN उक्तम्/KN अपि/APY दुर्विज्ञेयत्वात्/NP ,/PUNC इत्यतः/KN
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC  
भूयः/A एव/INTF महाबाहः/NP शृणु/KP मे/SN परमम्/NV वचः/NP ।/PUNC
यत्/SN ते/SN अहम्/SN प्रीयमाणाय/NP वक्ष्यामि/KP हितकाम्यया/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC  
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC -/PUNC भूयः/A एव/INTF भूयः/A पुनः/A हे/ASMB महाबाहः/NP शृणु/KP मे/SN मदीयम्/SN परमम्/NV प्रकृष्टम्/NV निरतिशयवस्तुनः/NP प्रकाशकम्/NV वचः/NP वाक्यम्/NP यत्/SN परमम्/NV ते/SN तुभ्यम्/SN प्रीयमाणाय/NP -/PUNC मत्/SN वचनात्/NP प्रीयसे/NP त्वम्/SN अतीव/NV अमृतम्/NP एव/INTF पिबन्/KP ,/PUNC ततः/A -/PUNC वक्ष्यामि/KP हितकाम्यया/NP हितेच्छया/NP ।।/PUNC
किमर्थम्/AP अहम्/SN वक्ष्यामि/KP इति/AUD ?/PUNC अतः/A आह/KP -/PUNC
न/AN मे/SN विदुः/NP सुरगणाः/NP प्रभवम्/NP न/AN महर्षयः/NP ।/PUNC
अहम्/SN आदिः/A हि/A देवानाम्/NP महर्षीणाम्/NP च/APY सर्वशः/A ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN मे/SN विदुः/NP न/AN जानन्ति/KP सुरगणाः/NP ब्रह्मादयः/NP ।/PUNC किम्/SN ते/SN न/AN विदुः/NP ?/PUNC मम/SN प्रभवम्/NP प्रभावम्/NP प्रभुशक्त्यतिशयम्/NV ,/PUNC अथवा/AVK प्रभवम्/NP प्रभवनम्/NP उत्पत्तिम्/NP ।/PUNC न/AN अपि/A महर्षयः/NV भृग्वादयः/NS विदुः/KP ।/PUNC कस्मात्/SN ते/SN न/AN विदुः/KP इति/AUD ?/PUNC उच्यते/KP -/PUNC अहम्/SN आदिः/NV कारणम्/NP हि/A यस्मात्/SN देवानाम्/NP महर्षीणाम्/NP च/APY सर्वशः/A सर्वप्रकारैः/NP ।।/PUNC
किम्/SN च/AVK -/PUNC
यः/SSN माम्/SN अजम्/NV अनादिम्//NV च/APY वेत्ति/KP लोकमहेश्वरम्/NP ।/PUNC
असम्मूढः/NP सः/SSN मर्त्येषु/NP सर्वपापैः/NP प्रमुच्यते/KP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यः/SSN माम्/SN अजम्/NV अनादिम्/NV च/APY ,/PUNC यस्मात्/SN अहम्/SN आदिः/NV देवानाम्/NP महर्षीणाम्/NP च/APY ,/PUNC न/AN मम/SN अन्यः/SN आदिः/A विद्यते/KP ;/PUNC अतः/A अहम्/SN अजः/NV अनादिः/NV च/APY ;/PUNC अनादित्वम्/NP अजत्वे/NP हेतुः/A ,/PUNC तम्/SN माम्/SN अजम्/NV अनादिम्/NV च/APY यः/SSN वेत्ति/KP विजानाति/KP लोकमहेश्वरम्/NP लोकानाम्/NP महान्तम्/NV ईश्वरम्/NP तुरीयम्/NP अज्ञानतत्कार्यवर्जितम्/KN असंमूढः/NV संमोहवर्जितः/KN सः/SN मर्त्येषु/NP मनुष्येषु/NP ,/PUNC सर्वपापैः/NP सर्वैः/SNV पापैः/NP मतिपूर्वामतिपूर्वकृतैः/NP प्रमुच्यते/KP प्रमोक्ष्यते/KP ।।/PUNC
इतः/A च/AVK अहम्/SNV महेश्वरः/NP लोकानाम्/NP -/PUNC
बुद्धिः/NP ज्ञानम्संमोहः/NP क्षमा/NP सत्यम्/NP दमः/NP शमः/NP ।/PUNC
सुखम्/NP दुःखम्/NP भवः/NP अभावः/NP भयम्/NP च/APY अभयम्/NP एव/INTF च/APY  ।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC -/PUNC बुद्धिः/NP अन्तःकरणस्य/NP सूक्ष्माद्यर्थावबोधनसामर्थ्यम्/NP ,/PUNC तद्वन्तम्/NP बुद्धिमान/NP इति/AUD हि/A वदन्ति/KP ।/PUNC ज्ञानम्/NP आत्मादिपदार्थानाम्/NP अवबोधः/KP ।/PUNC असंमोहः/NP प्रत्युत्पन्नेषु/NP बोद्धव्येषु/NP विवेकपूर्विका/NV प्रवृत्तिः/NP ।/PUNC क्षमा/NP आक्रुष्टस्य/NP ताडितस्य/NP वा/APY अविकृतचित्तता/NP ।/PUNC सत्यम्/NP यथादृष्टस्य/NP यथाश्रुतस्य/NP च/APY आत्मानुभवस्य/NP परबुद्धिसंक्रान्तये/NP तथा/APY एव/INTF उच्चार्यमाणा/KN वाक्/NP सत्यम्/NV उच्यते/KP ।/PUNC दमः/NP बाह्येन्द्रियोपशमः/NP ।/PUNC शमः/NP अन्तःकरणस्य/NP उपशमः/NP ।/PUNC सुखम्/NP आह्लादः/NV ।/PUNC दुःखम्/NP संतापः/NV ।/PUNC भवः/NP उद्भवः/NP ।/PUNC अभावः/NP तत्/SN विपर्ययः/NP ।/PUNC भयम्/NP च/AVK त्रासः/NP ,/PUNC अभयम्/NP एव/INTF च/AVK तत्/SN विपरीतम्/NP ।।/PUNC
अहिंसा/NP समता/NP तुष्टिः/NP तपः/NP दानम्/NP यशः/NP यशः/DV ।/PUNC
भवन्ति/KP भावाः/NP भूतानाम्/NP मत्तः/NP एव/INTF पृथक्/NV विधाः/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अहिंसा/NP अपीडा/NP प्राणिनाम्/NP ।/PUNC समता/NP समचित्तता/NP ।/PUNC तुष्टिः/NP संतोषः/NP पर्याप्तबुद्धिः/NP लाभेषु/NP ।/PUNC तपः/NP इन्द्रियसंयमपूर्वकम्/NV शरीरपीडनम्/NP ।/PUNC दानम्/NP यथाशक्ति/NV संविभागः/NP ।/PUNC यशः/NP धर्मनिमित्ता/NV कीर्तिः/NP ।/PUNC अयशः/NP तु/A अधर्मनिमित्ता/NV अकीर्तिः/NP ।/PUNC भवन्ति/KP भावाः/NP यथा/ASD उक्ताः/KN बुद्ध्यादयः/NV भूतानाम्/NP प्राणिनाम्/NP मत्तः/NP एव/INTF ईश्वरात्/NP पृथक्/NV विधाः/NP नाना/NV विधाः/NP स्वकर्मानुरूपेण/NP ।।/PUNC
किम्/SN च/AVK -/PUNC
महर्षयः/NP सप्त/SMKP पूर्वे/SN चत्वारः/SMKP मनवः/NP तथा/APY ।/PUNC
मद्भावा/NP मानसा/NP जाता/KN येषाम्/SNV लोक/NP इमाः/SNV प्रजाः/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC

।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC -/PUNC महर्षयः/NP सप्त/SMKP भृग्वादयः/NS पूर्वे/SN अतीतकालसंबन्धिनः/NP ,/PUNC चत्वारः/SMKY मनवः/NP तथा/APY सावर्णा/NP इति/AUD प्रसिद्धाः/KN ,/PUNC ते/SN च/AVK मद्भावाः/NP मद्गतभावनाः/NP वैष्णवेन/NP सामर्थ्येन/NP उपेताः/KN ,/PUNC मानसाः/NP मनसा/NP एव/INTF उत्पादिताः/KN मया/SN जाताः/KN उत्पन्नाः/NP ,/PUNC येषाम्/SNV मनूनाम्/NS महर्षीणाम्/NP च/AVK सृष्टिः/NP लोके/NP इमाः/SNV स्थावरजङ्गमलक्षणाः/NV प्रजाः/NP ।।/PUNC
एताम्/SNV विभूतिम्/NP योगम्/NP च/AVK मम/SN यः/SN वेत्ति/KP तत्त्वतः/KN ।/PUNC 
सः/SN अविकम्पेन/NV योगेन/NP युज्यते/KP न/AN अत्र/A संशयः/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एताम्/SN यथा/ASD उक्ताम्/NP विभूतिम्/NP विस्तारम्/NP योगम्/NP च/APY युक्तिम्/NP च/APY आत्मनः/NP घटनम्/NP ,/PUNC अथवा/AVK योगैश्वर्यसामर्थ्यम्/NV सर्वज्ञत्वम्/NV योगजम्/NP योगः/NP उच्यते/KP ,/PUNC मम/SN मदीयम्/SN योगम्/NP यः/SSN वेत्ति/KP तत्त्वतः/KN तत्त्वेन/NP यथावत्/ASD इति/AUD एतत्/SN ,/PUNC सः/SSN अविकम्पेन/NV अप्रचलितेन/NV योगेन/NP सम्यक्/NV दर्शनस्थैर्यलक्षणेन/NP युज्यते/KP संबध्यते/KP ।/PUNC न/AN अत्र/A संशयः/NP न/AN अस्मिन्/SNV अर्थे/NP संशयः/NP अस्ति/KP ।।/PUNC 
कीदृशेन/SN अविकम्पेन/NV योगेन/NP युज्यते/KP इति/AUD उच्यते/KP -/PUNC
अहम्/SN सर्वस्य/SN प्रभवः/NV मत्तः/NP सर्वम्/SN प्रवर्तते/KP ।/PUNC
इति/AUD मत्वा/KKS भजन्ते/KP माम्/SN बुधाः/NP भावसमन्विताः/KN ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अहम्/SN परम्/NV ब्रह्म/NP वासुदेवाख्यम्/NP सर्वस्य/SNV जगतः/NP प्रभवः/NP उत्पत्तिः/NP ।/PUNC मत्तः/NP एव/INTF स्थितिनाशक्रियाफलोपभोगलक्षणम्/NP विक्रियारूपम्/ASD सर्वम्/SNV जगत्/NP प्रवर्तते/KP ।/PUNC इति/AUD एवम्/AUD मत्वा/KKS भजन्ते/KP सेवन्ते/KP माम्/SN बुधाः/NP अवगतपरमार्थतत्त्वाः/NP ,/PUNC भावसमन्विताः/KN भावः/NP भावना/NP परमार्थतत्त्वाभिनिवेशः/NP तेन/SN समन्विताः/KN संयुक्ताः/KN इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
किम्/SN च/AVK -/PUNC
मच्चित्ताः/NP मद्गतप्राणाः/NP बोधयन्तः/KN परस्परम्/A ।/PUNC
कथयन्तः/KN च/AVK माम्/SN नित्यम्/NP तुष्यन्ति/KP च/APY रमन्ति/KP च/APY ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मच्चित्ताः/NP ,/PUNC मयि/SN चित्तम्/NP येषाम्/SN ते/SNV मच्चित्ताः/NP ,/PUNC मद्गतप्राणाः/NP माम्/SN गताः/KN प्राप्ताः/KN चक्षुरादयः/NP प्राणाः/NP येषाम्/SN ते/SNV मद्गतप्राणाः/NP ,/PUNC मयि/SN उपसंहृतकरणाः/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC अथवा/AVK ,/PUNC मद्गतप्राणाः/NP मद्गतजीवनाः/NP इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC बोधयन्तः/KN अवगमयन्तः/KN परस्परम्/A अन्योन्यम्/A ,/PUNC कथयन्तः/KN च/AVK ज्ञानबलवीर्यादिधर्मैः/NP विशिष्टम्/NP माम्/SN ,/PUNC तुष्यन्ति/KP च/AVK परितोषम्/NP उपयान्ति/KP च/AVK रमन्ति/KP च/AVK रतिम्/NP च/AVK प्राप्नुवन्ति/KP प्रियसंगत्येव/INTF ।।/PUNC 
ये/SN यथा/ASD उक्तैः/NV प्रकारैः/NP भजन्ते/KP माम्/SN भक्ताः/NP सन्तः/NP -/PUNC
तेषाम्/SN सततयुक्तानाम्/NP भजताम्/KP प्रीतिपूर्वकम्/KV ।/PUNC
ददामि/KP बुद्धियोगम्/NP तम्/SN येन/SN माम्/SN उपयान्ति/KP ते/SN ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तेषाम्/SN सततयुक्तानाम्/NP नित्याभियुक्तानाम्/NP निवृत्तसर्वबाह्यैषणानाम्/NP भजताम्/KP सेवमानानाम्/NP ।/PUNC किम्/SN अर्थित्वादिना/NP कारणेन/NP ?/PUNC न/AN इति/AUD आह/KP -/PUNC प्रीतिपूर्वकम्/NV प्रीतिः/NP स्नेहः/NP तत्/SN पूर्वकम्/NP माम्/SN भजताम्/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC ददामि/KP प्रयच्छामि/KP बुद्धियोगम्/NV बुद्धिः/NP सम्यक्/NV दर्शनम्/NP मत्तत्त्वविषयम्/NP तेन/SN योगः/NP बुद्धियोगः/NP तम्/SN बुद्धियोगम्/NP ,/PUNC येन/SNV बुद्धियोगेन/NP सम्यक्/NV दर्शनलक्षणेन/NP माम्/SN परमेश्वरम्/NP आत्मभूतम्/NP आत्मत्वेन/NP उपयान्ति/KP प्रतिपद्यन्ते/KP ।/PUNC के/SN ?/PUNC ते/SSN ये/SSN मच्चित्तत्वादिप्रकारैः/NP माम्/SN भजन्ते/KP ।।/PUNC
किमर्थम्/NP ,/PUNC कस्य/SN वा/APY ,/PUNC त्वत्प्राप्तिप्रतिबन्धहेतोः/NP नाशकम्/NV बुद्धियोगम्/NP तेषाम्/SN त्वद्भक्तानाम्/NP ददासि/KP इति/AUD अपेक्षायाम्/NP आह/KP -/PUNC
तेषाम्/SN एव/INTF अनुकम्पार्थम्/NP अहम्/SN अज्ञानजम्/NV तमः/NP ।/PUNC
नाशयामि/KP आत्मभावस्थः/NV ज्ञानदीपेन/NP भास्वता/KP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तेषाम्/SN एव/INTF कथम्/NP नु/A नाम/NP श्रेयः/NP स्यात्/KP इति/AUD अनुकम्पार्थम्/NP दयाहेतोः/NP अहम्/SN अज्ञानजम्/NV अविवेकतः/KN जातम्/KN मिथ्याप्रत्ययलक्षणम्/NP मोहान्धकारम्/NP तमः/NP नाशयामि/KP ,/PUNC आत्मभावस्थः/NV आत्मनः/NP भावः/NP अन्तःकरणाशयः/NP तस्मिन्/SN एव/INTF स्थितः/KN सन्/KKS ज्ञानदीपेन/NP विवेकप्रत्ययरूपेण/ASD भक्तिप्रसादस्नेहाभिषिक्तेन/NP मद्भावनाभिनिवेशवातेरितेन/NP ब्रह्मचर्यादिसाधनसंस्कारवत्प्रज्ञावर्तिना/NP विरक्तान्तःकरणाधारेण/NP विषयव्यावृत्तचित्तरागद्वेषाकलुषितनिवातापवरकस्थेन/NP नित्यप्रवृत्तैकाग्र्यध्यानजनितसम्यग्दर्शनभास्वता/NP ज्ञानदीपेन/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
यथा/ASD उक्ताम्/KN भगवतः/NP विभूतिम्/NP योगम्/NP च/APY श्रुत्वा/KKS अर्जुनः/NS उवाच/KP -/PUNC 
अर्जुनः/NS उवाच/KP
परम्/NV ब्रह्म/NP परम्/NV धाम/NP पवित्रम्/NV परमम्/NV भवान्/SN ।/PUNC
पुरुषम्/NP शाश्वतम्/NV दिव्यम्/NV आदिदेवम्/NV अजम्/NV विभुम्/NV ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC

।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC -/PUNC परम्/NV ब्रह्म/NS परमात्मा/NP परम्/NV धाम/NP परम्/NV तेजः/NP पवित्रम्/NV पावनम्/NV परमम्/NV प्रकृष्टम्/NV भवान्/SN ।/PUNC पुरुषम्/NP शाश्वतम्/NV नित्यम्/NV दिव्यम्/NV दिवि/NP भवम्/KP आदिदेवम्/NP सर्वदेवानाम्/NP आदौ/NP भवम्/KP आदिदेवम्/NP अजम्/NV विभुम्/NV विभवनशीलम्/NV ।।/PUNC
ईदृशम्/ASD -/PUNC
आहुः/KP त्वाम्/SN ऋषयः/NP सर्वे/SNV देवर्षिः/NV नारदः/NS तथा/APY ।/PUNC
असितः/KN देवलः/NS व्यासः/NS स्वयम्/SN च/APY एव/INTF ब्रवीषि/KP मे/SN ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC -/PUNC आहुः/KP कथयन्ति/KP त्वाम्/SN ऋषयः/NP वसिष्ठादयः/NS सर्वे/SNV देवर्षिः/NV नारदः/NS तथा/AVK ।/PUNC असितः/KN देवलः/NS अपि/A एवम्/AUD एव/INTF आह/KP ,/PUNC व्यासः/NS च/APY ,/PUNC स्वयम्/SN च/APY एव/INTF त्वम्/SN च/APY ब्रवीषि/KP मे/SN ।।/PUNC
सर्वम्/SN एतत्/SNV ऋतम्/NP मन्ये/KP यत्/SN माम्/SN वदसि/KP केशव/NS ।/PUNC
न/AN हि/A ते/SNV भगवन्/NP व्यक्तिम्/NP विदुर्देवा/NP न/AN दानवाः/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सर्वम्/SN एतत्/SN यथा/ASD उक्तम्/KN ऋषिभिः/NP त्वया/SN च/AVK एतत्/SNV ऋतम्/NP सत्यम्/NP एव/INTF मन्ये/KP ,/PUNC यत्/SN माम्/SN प्रति/AUP वदसि/KP भाषसे/KP हे/ASMB केशव/NS ।/PUNC न/AN हि/A ते/SN तव/SN भगवन्/NP व्यक्तिम्/NP प्रभवम्/NP विदुः/KP न/AN देवाः/NP ,/PUNC न/AN दानवाः/NP ।।/PUNC
यतः/A त्वम्/SN देवादीनाम्/NP आदिः/NP ,/PUNC अतः/A -/PUNC
स्वयम्/SN एव/INTF आत्मना/NP आत्मानम्/NP वेत्थ/KP त्वम्/SN पुरुषोत्तम/NV ।/PUNC
भूतभावन/NV भूतेश/NV देवदेव/NV जगत्पते/NV ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC -/PUNC स्वयम्/SN एव/INTF आत्मना/NP आत्मानम्/NP वेत्थ/KP जानासि/KP त्वम्/SN निरतिशयज्ञानैश्वर्यबलादिशक्तिमन्तम्/NV ईश्वरम्/NP पुरुषोत्तम/NV ।/PUNC भूतानि/NP भावयति/KP इति/AUD भूतभावनः/NP ,/PUNC हे/ASMB भूतभावन/NV ।/PUNC भूतेश/NP भूतानाम्/NP ईशितः/KN ।/PUNC हे/ASMB देवदेव/NV जगत्पते/NV ।।/PUNC 
वक्तुम्/KKS अर्हसि/KP अशेषेण/NV दिव्याः/NV हि/A आत्मविभूतयः/NP ।/PUNC     
याभिः/SNV विभूतिभिः/NP लोकान्/NP इमान्/SNV त्वम्/SN व्याप्य/KKS तिष्ठसि/KP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC -/PUNC वक्तुम्/KKS कथयितुम्/KKS अर्हसि/KP अशेषेण/NP ।/PUNC दिव्याः/NV हि/A आत्मविभूतयः/NP ।/PUNC आत्मनः/NP विभूतयः/NP याः/SSN ताः/SSN वक्तुम्/KKS अर्हसि/KP ।/PUNC याभिः/SNV विभूतिभिः/NP आत्मनः/NP माहात्म्यविस्तरैः/NP इमान्/SNV लोकान्/NP त्वम्/SN व्याप्य/KKS तिष्ठसि/KP ।।/PUNC
कथम्/A विद्याम्/NP अहम्/SN योगिन्/NP त्वाम्/SN सदा/A परिचिन्तयन्/KNV ।/PUNC
केषु/SNV केषु/DV च/AVK भावेषु/NP चिन्त्यः/KKS असि/KP भगवन्/NP मया/SN ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC -/PUNC कथम्/A विद्याम्/NP विजानीयाम्/KP अहम्/SN हे/ASMB योगिन्/NP त्वाम्/SN सदा/A परिचिन्तयन्/KNV ।/PUNC केषु/SNV केषु/DV च/AVK भावेषु/NP वस्तुषु/NP चिन्त्यः/KKS असि/KP ध्येयः/NP असि/KP भगवन्/NP मया/SN ।।/PUNC
विस्तरेण/NP आत्मनः/NP योगम्/NP विभूतिम्/NP च/APY जनार्दन/NV ।/PUNC
भूयः/A कथय/KP तृप्तिः/NP हि/A शृण्वतः/KN न/AN अस्ति/KP मे/SN अमृतम्/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC -/PUNC विस्तरेण/NP आत्मनः/NP योगम्/NP योगैश्वर्यशक्तिविशेषम्/NP विभूतिम्/NP च/APY विस्तरम्/NP ध्येयपदार्थानाम्/NP हे/ASMB जनार्दन/NV ,/PUNC अर्दतेः/NP गतिकर्मणः/NP रूपम्/NP ,/PUNC असुराणाम्/NP देवप्रतिपक्षभूतानाम्/NP जनानाम्/NP नरकादिगमयितृत्वात्/NP जनार्दनः/NV अभ्युदयनिःश्रेयसपुरुषार्थप्रयोजनम्/NP सर्वैः/SNV जनैः/NP याच्यते/KP इति/AUD वा/AVK ।/PUNC भूयः/A पूर्वम्/A उक्तम्/KN अपि/A कथय/KP ;/PUNC तृप्तिः/NP परितोषः/NP हि/A यस्मात्/SN न/AN अस्ति/KP मे/SN मम/SN शृण्वतः/KN त्वन्मुखनिःसृतवाक्यामृतम्/NP ।।/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP
हन्त/ABS ते/SN कथयिष्यामि/KP दिव्याः/NV हि/A आत्मविभूतयः/NP ।/PUNC
प्राधान्यतः/KN कुरुश्रेष्ठ/NV न/AN अस्ति/KP अन्तः/KN विस्तरस्य/NP मे/SN ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC -/PUNC हन्त/ABS इदानीम्/A ते/SN तव/SN दिव्याः/NV दिवि/NV भवाः/KP आत्मविभूतयः/NP आत्मनः/NP मम/SN विभूतयः/NP याः/SSN ताः/SSN कथयिष्यामि/KP इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC प्राधान्यतः/KN यत्र/A यत्र/DV प्रधाना/NV या/SSN या/DV विभूतिः/NP ताम्/SSN ताम्/DV प्रधानाम्/NP प्राधान्यतः/KN कथयिष्यामि/KP अहम्/SN कुरुश्रेष्ठ/NV ।/PUNC अशेषतः/KN तु/A वर्षशतेन/SMKY अपि/A न/AN शक्या/NP वक्तुम्/KKS ,/PUNC यतः/A न/AN अस्ति/KP अन्तः/KN विस्तरस्य/NP मे/SN मम/SN विभूतीनाम्/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC तत्र/A प्रथमम्/SMKP एव/INTF तावत्/A शृणु/KP -/PUNC
अहम्/SN आत्मा/NP गुडाकेश/NV सर्वभूताशयस्थितः/KN ।/PUNC
अहम्/SN आदिः/NP च/APY मध्यम्/NP च/APY भूतानाम्/NP अन्तः/KN एव/INTF च/APY ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अहम्/SN आत्मा/NP प्रत्यगात्मा/NP गुडाकेश/NV ,/PUNC गुडाका/NV निद्रा/NP तस्याः/SN ईशः/NP गुडाकेशः/NV ,/PUNC जितनिद्रः/NV इत्यर्थः/NP ;/PUNC घनकेशः/NV इति/AUD वा/AVK ।/PUNC सर्वभूताशयस्थितः/KN सर्वेषाम्/SNV भूतानाम्/NP आशये/NP अर्न्तहृदि/NP स्थितः/KN अहम्/SN आत्मा/NP प्रत्यगात्मा/NP नित्यम्/NV ध्येयः/NP ।/PUNC तत्/SN  अशक्तेन/NP च/AVK उत्तरेषु/NV भावेषु/NP चिन्त्यः/KKS अहम्/SN ;/PUNC यस्मात्/SN अहम्/SN एव/INTF आदिः/NP भूतानाम्/NP कारणम्/NP तथा/AVK मध्यम्/NP च/AVK स्थितिः/NP अन्तः/NP प्रलयः/NP च/AVK ।।/PUNC
एवम्/AUD च/AVK ध्येयः/NP अहम्/SN -/PUNC
आदित्यानाम्/NS अहम्/SN विष्णुः/NS ज्योतिषाम्/NP रविः/NS अंशुमान्/KN ।/PUNC
मरीचिः/NS मरुताम्/NS अस्मि/KP नक्षत्राणाम्/NP अहम्/SN शशी/NS ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC -/PUNC आदित्यानाम्/NS द्वादशानाम्/NP विष्णुः/NS नाम/NP आदित्यः/NS अहम्/SN ।/PUNC ज्योतिषाम्/NP रविः/NS प्रकाशयितॄणाम्/NP अंशुमान्/KN रश्मिमान्/KN ।/PUNC मरीचिः/NS नाम/NP मरुताम्/NS मरुद्देवताभेदानाम्/NP अस्मि/KP ।/PUNC नक्षत्राणाम्/NP अहम्/SN शशी/NS चन्द्रमाः/NS ।।/PUNC
वेदानाम्/NP सामवेदः/NS अस्मि/KP देवानाम्/NP अस्मि/KP वासवः/NS ।/PUNC
इन्द्रियाणाम्/NP मनः/NP च/AVK अस्मि/KP भूतानाम्/NP अस्मि/KP चेतना/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC -/PUNC वेदानाम्/NP मध्ये/NP सामवेदः/NS अस्मि/KP ।/PUNC देवानाम्/NP रुद्रादित्यादीनाम्/NS वासवः/NS इन्द्रः/NS अस्मि/KP ।/PUNC इन्द्रियाणाम्/NP एकादशानाम्/SMKP चक्षुरादीनाम्/NP मनः/NP च/AVK अस्मि/KP संकल्पविकल्पात्मकम्/NP मनः/NP च/AVK अस्मि/KP ।/PUNC भूतानाम्/NP अस्मि/KP चेतना/NP कार्यकरणसंघाते/NP नित्याभिव्यक्ता/NV बुद्धिवृत्तिः/NP चेतना/NP ।।/PUNC


रुद्राणाम्/NS शङ्करः/NS च/AVK अस्मि/KP वित्तेशः/NV यक्षरक्षसाम्/NP ।/PUNC
वसूनाम्/NP पावकः/NP च/AVK अस्मि/KP मेरुः/NS शिखरिणाम्/NP अहम्/SN ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC -/PUNC रुद्राणाम्/NS एकादशानाम्/NP शंकरः/NS च/AVK अस्मि/KP ।/PUNC वित्तेशः/NV कुबेरः/NS यक्षरक्षसाम्/NP यक्षाणाम्/NP रक्षसाम्/NP च/APY ।/PUNC वसूनाम्/NP अष्टानाम्/SMKP पावकः/NP च/AVK अस्मि/KP अग्निः/NP ।/PUNC मेरुः/NS शिखरिणाम्/NP शिखरवताम्/NP अहम्/SN ।।/PUNC
पुरोधसाम्/NP च/AVK मुख्यम्/NP माम्/SN विद्धि/KP पार्थ/NS बृहस्पतिम्/NS ।/PUNC
सेनानीनाम्/NP अहम्/SN स्कन्दः/NS सरसाम्/NP अस्मि/KP सागरः/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC -/PUNC पुरोधसाम्/NP च/AVK राजपुरोहितानाम्/NP च/AVK मुख्यम्/NV प्रधानम्/NV माम्/SN विद्धि/KP हे/ASMB पार्थः/NS बृहस्पतिम्/NS ।/PUNC सः/SN हि/A इन्द्रस्य/NS इति/AUD मुख्यः/NV स्यात्/KP पुरोधाः/NP ।/PUNC सेनानीनाम्/NP सेनापतीनाम्/NP अहम्/SN स्कन्दः/NS देवसेनापतिः/NP ।/PUNC सरसाम्/NP यानि/SNV देवखातानि/NP सरांसि/NP तेषाम्/SNV सरसाम्/NP सागरः/NP अस्मि/KP भवामि/KP ।।/PUNC
महर्षीणाम्/NP भृगुः/NS अहम्/SN गिराम्/NP अस्मि/KP एकमक्षरम्/NP ।/PUNC
यज्ञानाम्/NP जपयज्ञः/NP अस्मि/KP स्थावराणाम्/NP हिमालयः/NS ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC -/PUNC महर्षीणाम्/NP भृगुः/NS अहम्/SN ।/PUNC गिराम्/NP वाचाम्/NP पदलक्षणानाम्/NP एकम्/SMKY अक्षरम्/NP ओंकारः/NS अस्मि/KP ।/PUNC यज्ञानाम्/NP जपयज्ञः/NS अस्मि/KP ,/PUNC स्थावराणाम्/NP स्थितिमताम्/NP हिमालयः/NS ।।/PUNC
अश्वत्थः/NS सर्ववृक्षाणाम्/NP देवर्षीणाम्/NP च/AVK नारदः/NS ।/PUNC
गन्धर्वाणाम्/NP चित्ररथः/NS सिद्धानाम्/NP कपिलः/NS मुनिः/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अश्वत्थः/NS सर्ववृक्षाणाम्/NP ,/PUNC देवर्षीणाम्/NP च/AVK नारदः/NS देवाः/NP एव/INTF सन्तः/NP ऋषित्वम्/NP प्राप्ताः/KN मन्त्रदर्शित्वात्ते/NP देवर्षयः/NP ,/PUNC तेषाम्/SN नारदः/NS अस्मि/KP ।/PUNC गन्धर्वाणाम्/NP चित्ररथः/NS नाम/NP गन्धर्वः/NP अस्मि/KP ।/PUNC सिद्धानाम्/NP जन्मना/NP एव/INTF धर्मज्ञानवैराग्यैश्वर्यातिशयम्/NP प्राप्तानाम्/NP कपिलः/NS मुनिः/NP ।।/PUNC 
उच्चैःश्रवसमश्वानाम्/NP विद्धि/KP माम्/SN अमृतोद्भवम्/NP ।/PUNC
ऐरावतम्/NS गजेन्द्राणाम्/NP नराणाम्/NP च/AVK नराधिपम्/NV ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC

।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC -/PUNC उच्चैःश्रवसम्/NS अश्वानाम्/NP उच्चैःश्रवाः/NS नाम/NP अश्वराजः/NP तम्/SN माम्/SN विद्धि/KP विजानीहि/KP अमृतोद्भवम्/NP अमृतनिमित्तमथनोद्भवम्/NP ।/PUNC ऐरावतम्/NS इरावत्याः/NS अपत्यम्/NP गजेन्द्राणाम्/NP हस्तीश्वराणाम्/NP ,/PUNC तम्/SN '/PUNC माम्/SN विद्धि/KP '/PUNC इति/AUD अनुवर्तते/KP ।/PUNC नराणाम्/NP च/AVK मनुष्याणाम्/NP नराधिपम्/NV राजानम्/NP माम्/SN विद्धि/KP जानीहि/KP ।।/PUNC
आयुधानाम्/NP अहम्/SN वज्रम्/NP धेनूनाम्/NP अस्मि/KP कामधुक्/NS ।/PUNC
प्रजनः/NP च/AVK अस्मि/KP कन्दर्पः/NS सर्पाणाम्/NP अस्मि/KP वासुकिः/NS ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC -/PUNC आयुधानाम्/NP अहम्/SN वज्रम्/NS दधीच्यस्थिसंभवम्/NP ।/PUNC धेनूनाम्/NP दोग्ध्रीणाम्/NS अस्मि/KP कामधुक्/NS वसिष्ठस्य/NS सर्वकामानाम्/NV दोग्ध्री/NS ,/PUNC सामान्या/NP वा/AVK कामधुक्/NS ।/PUNC प्रजनः/NP प्रजनयिता/KN अस्मि/KP कंदर्पः/NS कामः/NS सर्पाणाम्/NP सर्पभेदानाम्/NP अस्मि/KP वासुकिः/NS सर्पराजः/NP ।।/PUNC
अनन्तः/NS च/AVK अस्मि/KP नागानाम्/NP वरुणः/NS यादसाम्/NP अहम्/SN ।/PUNC
पितॄणाम्/NP अर्यमा/NS च/AVK अस्मि/KP यमः/NS संयमताम्/NP अहम्/SN ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अनन्तः/NS च/AVK अस्मि/KP नागानाम्/NP नागविशेषाणाम्/NP नागराजः/NP च/AVK अस्मि/KP ।/PUNC वरुणः/NS यादसाम्/NP अहम्/SN अब्देवतानाम्/NP राजा/NP अहम्/SN ।/PUNC पितॄणाम्/NP अर्यमा/NS नाम/NP पितृराजः/NP च/AVK अस्मि/KP ।/PUNC यमः/NS संयमताम्/KP संयमनम्/NP कुर्वताम्/KP अहम्/SN ।।/PUNC
प्रह्लादः/NS च/AVK अस्मि/KP दैत्यानाम्/NP कालः/NP कलयताम्/NP अहम्/SN ।/PUNC
मृगाणाम्/NP च/AVK मृगेन्द्रः/NS अहम्/SN वैनतेयः/NS च/AVK पक्षिणाम्/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC -/PUNC प्रह्लादः/NS नाम/NP च/AVK अस्मि/KP दैत्यानाम्/NP दितिवंश्यानाम्/NP ।/PUNC कालः/NP कलयताम्/NP कलनम्/NP गणनम्/NP कुर्वताम्/KP अहम्/SN ।/PUNC मृगाणाम्/NP च/AVK मृगेन्द्रः/NS सिंहः/NS व्याघ्रः/NS वा/APY अहम्/SN ।/PUNC वैनतेयः/NS च/AVK गरुत्मान्/NP विनतासुतः/NP पक्षिणाम्/NP पतत्रिणाम्/NP ।।/PUNC
पवनः/NS पवताम्/NP अस्मि/KP रामः/NS शस्त्रभृताम्/NP अहम्/SN ।/PUNC
झषाणाम्/NP मकरः/NP च/AVK अस्मि/KP स्रोतसाम्/NP अस्मि/KP जाह्नवी/NS ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 31/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 31/PUNC ।।/PUNC -/PUNC पवनः/NS वायुः/NS पवताम्/NP पावयितॄणाम्/NP अस्मि/KP ।/PUNC रामः/NS शस्त्रभृताम्/NP अहम्/SN शस्त्राणाम्/NP धारयितॄणाम्/NP दाशरथिः/NS रामः/NS अहम्/SN ।/PUNC झषाणाम्/NP मत्स्यादीनाम्/NP मकरः/NS नाम/NP जातिविशेषः/NP अहम्/SN ।/PUNC स्रोतसाम्/NP स्रवन्तीनाम्/NP अस्मि/KP जाह्नवी/NS गङ्गा/NS ।।/PUNC
सर्गाणाम्/NP आदिः/NP अन्तः/NP च/APY मध्यम्/NP च/APY एव/INTF अहम्/SN अर्जुन/NS ।/PUNC
अध्यात्मविद्या/NS विद्यानाम्/NP वादः/NP प्रवदताम्/NP अहम्/SN ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 32/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 32/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सर्गाणाम्/NP सृष्टीनाम्/NP आदिः/NP अन्तः/NP च/APY मध्यम्/NP च/APY एव/INTF अहम्/SN उत्पत्तिस्थितिलयाः/NP अहम्/SN अर्जुन/NS ।/PUNC भूतानाम्/NP जीवाधिष्ठितानाम्/NP एव/INTF आदिः/NP अन्तः/NP च/APY इत्यादि/A उक्तम्/KN उपक्रमे/NP ,/PUNC इह/A तु/A सर्वस्य/SN एव/INTF सर्गमात्रस्य/NP इति/AUD विशेषः/NP ।/PUNC अध्यात्मविद्या/NS विद्यानाम्/NP मोक्षार्थत्वात्/NP प्रधानम्/NV अस्मि/KP ।/PUNC वादः/NP अर्थनिर्णयहेतुत्वात्/NP प्रवदताम्/NP प्रधानम्/NP ,/PUNC अतः/A सः/SN अहम्/SN अस्मि/KP ।/PUNC प्रवक्तृद्वारेण/NP वदनभेदानाम्/NP एवINTF वादजल्पवितण्डानाम्/NP इह/A ग्रहणम्/NP प्रवदताम्/KP इति/AUD ।।/PUNC
अक्षराणाम्/NP अकारः/NS अस्मि/KP द्वन्द्वः/NS सामासिकस्य/NP च/AVK ।/PUNC
अहम्/SN एव/INTF अक्षयः/NV कालः/NP धाता/NV अहम्/SN विश्वतोमुखः/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 33/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 33/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अक्षराणाम्/NP वर्णानाम्/NP अकारः/NS वर्णः/NP अस्मि/KP ।/PUNC द्वन्द्वः/NS समासः/NP अस्मि/KP सामासिकस्य/NS च/AVK समाससमूहस्य/NP ।/PUNC किम्/SN च/AVK अहम्/SN एव/INTF अक्षयः/NV अक्षीणः/NV कालः/NP प्रसिद्धः/NV क्षणाद्याख्यः/NP ,/PUNC अथवा/AVK परमेश्वरः/NP वा/AVK कालस्य/NP अपि/A कालः/NP अस्मि/KP ।/PUNC धाता/NP अहम्/SN कर्मफलस्य/NP विधाता/NP सर्वजगतः/KN विश्वतोमुखः/NP सर्वतोमुखः/NP ।।/PUNC
मृत्युः/NP सर्वहरः/NP च/APY अहम्/SN उद्भवः/NP च/APY भविष्यताम्/KP ।/PUNC
कीर्तिः/NP श्रीः/NP वाक्/NP च/APY नारीणाम्/NP स्मृतिः/NP मेधा/NP धृतिः/NP क्षमा/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 34/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 34/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मृत्युः/NP द्विविधः/NV धनादिहरः/NP प्राणहरः/NP च/APY ;/PUNC तत्र/A यः/SSN प्राणहरः/NP ,/PUNC सः/SSN सर्वहरः/NP उच्यते/KP ;/PUNC सः/SN अहम्/SN इत्यर्थः/NP ।/PUNC अथवा/AVK ,/PUNC परः/NV ईश्वरः/NP प्रलये/NP सर्वहरणात्/NP सर्वहरः/NP ,/PUNC सः/SN अहम्/SN ।/PUNC उद्भवः/NP उत्कर्षः/NP अभ्युदयः/NP तत्/SN प्राप्तिहेतुः/NP च/APY अहम्/SN ।/PUNC केषाम्/SN ?/PUNC भविष्यताम्/NP भाविकल्याणानाम्/NP ,/PUNC उत्कर्षप्राप्तियोग्यानाम्/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC कीर्तिः/NP श्रीः/NP वाक्/NP च/APY नारीणाम्/NP स्मृतिः/NP मेधा/NP धृतिः/NP क्षमा/NP इति/AUD एताः/SNV उत्तमाः/NV स्त्रीणाम्/NP अहम्/SN अस्मि/KP ,/PUNC यासाम्/SN आभासमात्रसंबन्धेन/NP अपि/A लोकः/NP कृतार्थम्/NP आत्मानम्/NP मन्यते/KP ।।/PUNC
बृहत्साम/NS तथा/AVK साम्नाम्/NP गायत्री/NS छन्दसाम्/NP अहम्/SN ।/PUNC
मासानाम्/NP मार्गशीर्षः/NS अहम्/SN ऋतूनाम्/NP कुसुमाकरः/NS ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 35/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 35/PUNC ।।/PUNC -/PUNC बृहत्साम/NS तथा/AVK साम्नाम्/NP प्रधानम्/NV अस्मि/KP ।/PUNC गायत्री/NS च्छन्दसाम्/NP अहम्/SN गायत्र्यादिच्छन्दोविशिष्टानाम्/NP ऋचाम्/NP गायत्री/NS ऋक्/NP अहम्/SN अस्मि/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC मासानाम्/NP मार्गशीर्षः/NS अहम्/SN ,/PUNC ऋतूनाम्/NP कुसुमाकरः/NS वसन्तः/NS ।।/PUNC
द्यूतम्/NP छलयताम्/NP अस्मि/KP तेजः/NP तेजस्विनाम्/NP अहम्/SN ।/PUNC
जयः/NP अस्मि/KP व्यवसायः/NP अस्मि/KP सत्त्वम्/NP सत्त्ववताम्/NP अहम्/SN ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 36/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 36/PUNC ।।/PUNC -/PUNC द्यूतम्/NP अक्षदेवनादिलक्षणम्/NP छलयताम्/NP छलस्य/NP कर्तॄणाम्/NP अस्मि/KP ।/PUNC तेजस्विनाम्/NP तेजः/NP अहम्/SN ।/PUNC जयः/NP अस्मि/KP जेतॄणाम्/NP ,/PUNC व्यवसायः/NP अस्मि/KP व्यवसायिनाम्/NP ,/PUNC सत्त्वम्/NP सत्त्ववताम्/NP सात्त्विकानाम्/NP अहम्/SN ।।/PUNC
वृष्णीनाम्/NS वासुदेवः/NS अस्मि/KP पाण्डवानाम्/NS धनञ्जयः/NS ।/PUNC
मुनीनाम्/NP अपि/A अहम्/SN व्यासः/NS कवीनाम्/NP उशना/NS कविः/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 37/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 37/PUNC ।।/PUNC -/PUNC वृष्णीनाम्/NS यादवानाम्/NS वासुदेवः/NS अस्मि/KP अयम्/SN एव/INTF अहम्/SN त्वत्सखा/NP ।/PUNC पाण्डवानाम्/NP धनंजयः/NS त्वम्/SN एव/INTF ।/PUNC मुनीनाम्/NP मननशीलानाम्/NP सर्वपदार्थज्ञानिनाम्/NP अपि/A अहम्/SN व्यासः/NS ,/PUNC कवीनाम्/NP क्रान्तदर्शिनाम्/NP उशना/NS कविः/NP अस्मि/KP ।।/PUNC
दण्डः/NP दमयताम्/KP अस्मि/KP नीतिः/NP अस्मि/KP जिगीषताम्/NP ।/PUNC
मौनम्/NP च/AVK एव/INTF अस्मि/KP गुह्यानाम्/NP ज्ञानम्/NP ज्ञानवताम्/NP अहम्/SN ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 38/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 38/PUNC ।।/PUNC -/PUNC दण्डः/NP दमयताम्/KP दमयितॄणाम्/NP अस्मि/KP अदान्तानाम्/NP दमनकारण्/NP ।/PUNC नीतिः/NP अस्मि/KP जिगीषताम्/NP जेतुम्/KKS इच्छताम्/KP ।/PUNC मौनम्/NP च/AVK एव/INTF अस्मि/KP गुह्यानाम्/NP गोप्यानाम्/NP ।/PUNC ज्ञानम्/NP ज्ञानवताम्/NP अहम्/SN ।।/PUNC
यत्/SSN च/AVK अपि/A सर्वभूतानाम्/NV बीजम्/NP तत्/SSN अहम्/SN अर्जुन/NS ।/PUNC   
न/AN तत्/SSN अस्ति/KP विना/AUP यत्/SSN स्यात्/KP मया/SN भूतम्/NP चराचरम्/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 39/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 39/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यत्/SSN च/AVK अपि/A सर्वभूतानाम्/NV बीजम्/NP प्ररोहकारणम्/NP ,/PUNC तत्/SSN अहम्/SN अर्जुन/NS ।/PUNC प्रकरणोपसंहारार्थम्/NP विभूतिसंक्षेपम्/NP आह/KP -/PUNC न/AN तत्/SSN अस्ति/KP भूतम्/NP चराचरम्/NP चरम्/NP अचरम्/NP वा/APY ,/PUNC मया/SN विना/AUP यत्/SN स्यात्/KP भवेत्/KP ।/PUNC मया/SN अपकृष्टम्/KN परित्यक्तम्/KN निरात्मकम्/NP शून्यम्/NP हि/A तत्/SN स्यात्/KP ।/PUNC अतः/A मदात्मकम्/NP सर्वम्/SN इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
न/AN अन्तः/KN अस्ति/KP मम/SN दिव्यानाम्/NP विभूतीनाम्/NP परंतप/NV ।/PUNC
एषः/SN तु/A उद्देशतः/KN प्रोक्तः/KN विभूतेः/NP विस्तरः/NP मया/SN ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 40/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 40/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN अन्तः/KN अस्ति/KP मम/SN दिव्यानाम्/NP विभूतीनाम्/NP विस्तराणाम्/NP परंतप/NV ।/PUNC न/AN हि/A ईश्वरस्य/NP सर्वात्मनः/NP दिव्यानाम्/NP विभूतीनाम्/NP इयत्ता/SN शक्या/NP वक्तुम्/KKS ज्ञातुम्/KKS वा/APY केनचित्/A ।/PUNC एषः/SN तु/A उद्देशतः/KN एकदेशेन/NP प्रोक्तः/KN विभूतेः/NP विस्तरः/NP मया/SN ।।/PUNC 
यत्/SSN यत्/DV विभूतिमत्/NP सत्त्वम्/NP श्रीमत्/NP ऊर्जितम्/KN एव/INTF वा/AVK ।/PUNC
तत्/SSN तत्/DV एव/INTF अवगच्छ/KP त्वम्/SN मम/SN तेजः/NP अंशसंभवम्/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 41/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 41/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यत्/SSN यत्/DV लोके/NP विभूतिमत्/NV विभूतियुक्तम्/NV सत्त्वम्/NP वस्तु/NP श्रीमत्/NP ऊर्जितम्/KN एव/INTF वा/AVK श्रीः/SN लक्ष्मीः/NS तया/SN सहितम्/AUP उत्साहोपेतम्/NP वा/AVK ,/PUNC तत्/SSN तत्/DV एव/INTF अवगच्छ/KP त्वम्/SN जानीहि/KP मम/SN ईश्वरस्य/NP तेजः/NP अंशसंभवम्/NP तेजसः/NV अंशः/NP एकदेशः/NP संभवः/NP यस्य/SN तत् /SNV तेजः/NP अंशसंभवम्/NP इति/AUD अवगच्छ/KP त्वम्/SN ।।/PUNC
अथवा/AVK बहुना/A एतेन/SN किम्/SN ज्ञातेन/NP तव/SN अर्जुन/NS ।/PUNC
विष्टभ्यKKS अहम्/SN इदम्/SNV कृत्स्नम्/NS एकांशेन/NP स्थितः/KN जगत्/NP ।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 42/PUNC ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमद्भगवद्गीतासु/NS उपनिषत्सु/NS ब्रह्मविद्यायाम्/NS योगशास्त्रे/NS श्रीकृष्णार्जुनसंवादे/NP विभूतियोगः/NS नाम/NP दशमः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC
।।/PUNC 10/PUNC ./PUNC 42/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अथवा/AVK बहुना/A एतेन/SN एवम्/AUD आदिना/A किम्/SN ज्ञातेन/NP तव/SN अर्जुन/NS स्यात्/KP सावशेषेण/NP ।/PUNC अशेषतः/KN त्वम्/SN उच्यमानम्/KN अर्थम्/NP शृणु/KP -/PUNC विष्टभ्य/KKS विशेषतः/KN स्तम्भनम्/NP दृढम्/NP कृत्वा/KKS इदम्/SNV कृत्स्नम्/NS जगत्/NP एकांशेन/NP एकावयवेन/NP एकपादेन/NP ,/PUNC सर्वभूतस्वरूपेण/NP इति/AUD एतत्/SN ;/PUNC तथा/AVK च/AVK मन्त्रवर्णः/NP -/PUNC '/PUNC पादः/NP अस्य/SNV विश्वा/NP भूतानि/NP (/PUNC तै0/SN आर0/NS 3/PUNC ।/PUNC 12/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD ;/PUNC स्थितः/KN अहम्/SN इति/AUD ।।/PUNC 
इति/AUD श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य/NV श्रीगोविन्दभगवत्पूज्यपादशिष्यस्य/NV श्रीमच्छङ्करभगवतः/NP कृतौ/KN श्रीमद्भगवद्गीताभाष्ये/NS दशमः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC
भगवतः/NP विभूतयः/NP उक्ताः/KN ।/PUNC तत्र/A च/AVK '/PUNC विष्टभ्य/KKS अहम्/SN इदम्/SNV कृत्स्नम्/NS एकांशेन/NP स्थितः/KN जगत्/NP '/PUNC इति/AUD भगवता/NP अभिहितम्/KN श्रुत्वा/KKS ,/PUNC यत्/SSN जगदात्मरूपम्/ASD आद्यम्/NV ऐश्वरम्/NP तत्/SSN साक्षात्कर्तुम्/KKS इच्छन्/KNV ,/PUNC 
अर्जुनः/NS उवाच/KP
मत्/SN अनुग्रहाय/NP परमम्/NV गुह्यम्/NP अध्यात्मसंज्ञितम्/KN ।/PUNC
यत्/SN त्वया/SN उक्तम्/KN वचः/NP तेन/SN मोहः/NP अयम्/SN विगतः/KN मम/SN ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 1/PUNC 1/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मत्/SN अनुग्रहाय/NP मम/SN अनुग्रहार्थम्/NP परमम्/NV निरतिशयम्/NP गुह्यम्/NP गोप्यम्/NP अध्यात्मसंज्ञितम्/KN आत्मानात्मविवेकविषयम्/NP यत्/SN त्वया/SN उक्तम्/KN वचः/NP वाक्यम्/NP तेन/SN ते/SN वचसा/NP मोहः/NP अयम्/SN विगतः/KN मम/SN ,/PUNC अविवेकबुद्धिः/NP अपगता/KN इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
किञ्च/A -/PUNC
भवाप्ययौ/SN हि/A भूतानाम्/NP श्रुतौ/KP विस्तरशः/KV मया/SN ।/PUNC
त्वत्तः/KN कमलपत्राक्ष/NV माहात्म्यम्/NP अपि/A च/AVK अव्ययम्/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC -/PUNC भवः/NP उत्पत्तिः/NP अप्ययः/NP प्रलयः/NP तौ/SNV भवाप्ययौ/NP हि/A भूतानाम्/NP श्रुतौ/KP विस्तरशः/KV ,/PUNC न/AN संक्षेपतः/KN ,/PUNC मया/SN त्वत्तः/KN त्वत्सकाशात्/NP ,/PUNC कमलपत्राक्ष/NV कमलस्य/NP पत्रम्/NP कमलपत्रम्/NP तत्/SN वत्/ASD अक्षिणी/NP यस्य/SN तव/SN सः/SN त्वम्/SN कमलपत्राक्षः/NV हे/ASMB कमलपत्राक्ष/NV ,/PUNC महात्मनः/NP भावः/NP माहात्म्यम्/NP अपि/A च/AVK अव्ययम्/NP अक्षयम्/NP '/PUNC श्रुतम्/KP '/PUNC इति/AUD अनुवर्तते/KP ।।/PUNC 
एवम्/AUD एतत्/SN यथा/ASD आत्थ/KP त्वम्/SN आत्मानम्/NP परमेश्वर/NP ।/PUNC
द्रष्टुम्/KKS इच्छामि/KP ते/SN रूपम्/NP ऐश्वरम्/NP पुरुषोत्तम/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एवम्/AUD एतत्/SN न/AN अन्यथा/A यथा/AVK येन/SNV प्रकारेण/NP आत्थ/KP कथयसि/KP त्वम्/SN आत्मानम्/NP परमेश्वर/NP ।/PUNC तथा/AVK अपि/A द्रष्टुम्/KKS इच्छामि/KP ते/SN तव/SN ज्ञानैश्वर्यशक्तिबलवीर्यतेजोभिः/NP संपन्नम्/NV ऐश्वरम्/NP वैष्णवम्/NV रूपम्/NP पुरुषोत्तम/NV ।।/PUNC 
मन्यसे/KP यदि/AVK तत्/SN शक्यम्/NP मया/SN द्रष्टुम्/KKS इति/AUD प्रभो/NP ।/PUNC
योगेश्वर/NV ततः/A मे/SN त्वम्/SN दर्शय/KP आत्मानम्/NP अव्ययम्/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC .PUNC 4/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मन्यसे/KP चिन्तयसि/KP यदि/AVK मया/SN अर्जुनेन/NS तत्/SN शक्यम्/NP द्रष्टुम्/KKS इति/AUD प्रभो/NV ,/PUNC स्वामिन्/NV ,/PUNC योगेश्वर/NV योगिनः/NP योगाः/NP ,/PUNC तेषाम्/SN ईश्वरः/NP योगेश्वरः/NP ,/PUNC हे/ASMB योगेश्वर/NV ।/PUNC यस्मात्/SSN अहम्/SN अतीव/NV अर्थी/NP द्रष्टुम्/KKS ,/PUNC ततः/A तस्मात्/SSN मे/SN मदर्थम्/NP दर्शय/KP त्वम्/SN आत्मानम्/NP अव्ययम्/NP ।।/PUNC
एवम्/AUD चोदितः/KN अर्जुनेन/NS श्रीभगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP
पश्य/KP मे/SN पार्थ/NS रूपाणि/NP शतशः/SMKY अथ/A सहस्रशः/SMKY ।/PUNC
नानाविधानि/NV दिव्यानि/NV नानावर्णाकृतीनि/NV च/APY ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC -/PUNC पश्य/KP मे/SN पार्थ/NS ,/PUNC रूपाणि/NP शतशः/SMKY अथ/A सहस्रशः/SMKY ,/PUNC अनेकशः/NV इत्यर्थः/NP ।/PUNC तानि/SNV च/AVK नानाविधानि/NV अनेकप्रकाराणि/NV दिवि/NP भवानि/KP दिव्यानि/NV अप्राकृतानि/NV नानावर्णाकृतीनि/NV च/APY नाना/NV विलक्षणाः/NV नीलपीतादिप्रकाराः/NV वर्णाः/NP तथा/APY आकृतयः/NP च/APY अवयवसंस्थानविशेषाः/NP येषाम्/SNV रूपाणाम्/NP तानि/SNV नानावर्णाकृतीनि/NV च/AVK ।।/PUNC
पश्य/KP आदित्यान्/NS वसून्/NS रुद्रान्/NS अश्विनौ/NS मरुतः/NS तथा/AVK ।/PUNC
बहूनि/A अदृष्टपूर्वाणि/NV पश्य/KP आश्चर्याणि/NV भारत/NS ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC -/PUNC पश्य/KP आदित्यान्/NS द्वादश/SMKP ,/PUNC वसून्/NS अष्टौ/SMKP ,/PUNC रुद्रान्/NS एकादश/SMKP ,/PUNC अश्विनौ/NS द्वौ/SMKY ,/PUNC मरुतः/NS सप्त/SMKP सप्त/DV गणाः/NP ये/SN तान्/SN ।/PUNC तथा/AVK च/AVK बहूनि/SNV अन्यानि/SNV अपि/A अदृष्टपूर्वाणि/NP मनुष्यलोके/NP त्वया/SN ,/PUNC त्वत्तः/KN अन्येन/SN वा/AVK केनचित्/A ,/PUNC पश्य/KP आश्चर्याणि/NV अद्भुतानि/NV भारत/NS ।।/PUNC
न/AN केवलम्/A एतावत्/SN एव/INTF -/PUNC
इह/A एकस्थम्/SMKY जगत्/NP कृत्स्नम्/NS पश्य/KP अद्य/A सचराचरम्/A ।/PUNC
मम/SN देहे/NP गुडाकेश/NV यत्/SN च/AVK अन्यत्/SN द्रष्टुम्/KKS इच्छसि/KP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC -/PUNC इह/A एकस्थम्/SMKY एकस्मिन्/SMKY एव/INTF स्थितम्/KN जगत्/NP कृत्स्नम्/NP समस्तम्/NP पश्य/KP अद्य/A इदानीम्/A सचराचरम्/A सह/AUP चरेण/NP अचरेण/NP च/APY वर्तते/KP मम/SN देहे/NP गुडाकेश/NV ।/PUNC यत्/SSN च/AVK अन्यत्/SN जयपराजयादि/NP ,/PUNC यत्/SN शङ्कसे/KP ,/PUNC '/PUNC यत्/SN वा/AVK जयेम/KP यदि/A वा/AVK नः/AN जयेयुः/KP (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ।/PUNC 6/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD यत्/SN अवोचः/KP ,/PUNC तत्/SN अपि/A द्रष्टुम्/KKS यदि/A इच्छसि/KP ।।/PUNC
किन्तु/AVK -/PUNC
न/AN तु/A माम्/SN शक्यसे/KP द्रष्टुम्/KKS अनेन/SN एव/INTF स्वचक्षुषा/NP ।/PUNC
दिव्यम्/NP ददामि/KP ते/SSN चक्षुः/NP पश्य/KP मे/SSN योगम्/NP ऐश्वरम्/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN तु/A माम्/SN विश्वरूपधरम्/NP शक्यसे/KP द्रष्टुम्/KKS अनेन/SN एव/INTF प्राकृतेन/NP स्वचक्षुषा/NP स्वकीयेन/SNV चक्षुषा/NP ।/PUNC येन/SN तु/A शक्यसे/KP द्रष्टुम्/KKS दिव्येन/NP ,/PUNC तत्/SN दिव्यम्/NV ददामि/KP ते/SN तुभ्यम्/SN चक्षुः/NP ।/PUNC तेन/SN पश्य/KP मे/SN योगम्/NP ऐश्वरम्/NP ईश्वरस्य/NP मम/SN ऐश्वरम्/NP योगम्/NP योगशक्त्यतिशयम्/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
संजयः/NS उवाच/KP -/PUNC
सञ्जयः/NS उवाच/KP
एवम्/AUD उक्त्वा/KKS ततः/A राजन्/NP महायोगेश्वरः/NV हरिः/NS ।/PUNC
दर्शयामास/KP पार्थाय/NS परमम्/NV रूपम्/NP ऐश्वरम्/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एवम्/AUD यथोक्तप्रकारेण/NP उक्त्वा/KKS ततः/A अनन्तरम्/A राजन्/NV धृतराष्ट्र/NS ,/PUNC महायोगेश्वरः/NP महान्/NV च/APY असौ/SNV योगेश्वरः/NP च/AVK हरिः/NS नारायणः/NS दर्शयामास/KP दर्शितवान्/KN पार्थाय/NS पृथासुताय/NP परमम्/NV रूपम्/NP विश्वरूपम्/NP ऐश्वरम्/NP ।।/PUNC
अनेकवक्त्रनयनम्/NV अनेकाद्भुतदर्शनम्/NV ।/PUNC
अनेकदिव्याभरणम्/NV दिव्यानेकोद्यतायुधम्/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अनेकवक्त्रनयनम्/NV अनेकानि/SNV वक्त्राणि/NP नयनानि/NP च/APY यस्मिन्/SNV रूपे/NP तत्/SN अनेकवक्त्रनयनम्/NP ,/PUNC अनेकाद्भुतदर्शनम्/NV अनेकानि/SNV अद्भुतानि/NV विस्मापकानि/NV दर्शनानि/NP यस्मिन्/SNV रूपे/NP तत्/SN अनेकाद्भुतदर्शनम्/NV रूपम्/NP ,/PUNC तथा/AVK अनेकदिव्याभरणम्/NV अनेकानि/SNV दिव्यानि/NV आभरणानि/NP यस्मिन्/SN तत्/SN अनेकदिव्याभरणम्/NP ,/PUNC तथा/AVK दिव्यानेकोद्यतायुधम्/NV दिव्यानि/NV अनेकानि/NV अस्यादीनि/SN उद्यतानि/NP आयुधानि/NP यस्मिन्/SN तत्/SN दिव्यानेकोद्यतायुधम्/NP ,/PUNC '/PUNC दर्शयामास/KP '/PUNC इति/AUD पूर्वेण/A संबन्धः/NP ।।/PUNC
किञ्च/A -/PUNC
दिव्यमाल्याम्बरधरम्/NV दिव्यगन्धानुलेपनम्/NV ।/PUNC
सर्वाश्चर्यमयम्/NV देवम्/NP अनन्तम्/NV विश्वतोमुखम्/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC -/PUNC दिव्यमाल्याम्बरधरम्/NV दिव्यानि/NV माल्यानि/NP पुष्पाणि/NP अम्बराणि/NP वस्त्राणि/NP च/APY ध्रियन्ते/KP येन/SNV ईश्वरेण/NP तम्/SN दिव्यमाल्याम्बरधरम्/NV ,/PUNC दिव्यगन्धानुलेपनम्/NP दिव्यम्/NV गन्धानुलेपनम्/NP यस्य/SN तम्/SN दिव्यगन्धानुलेपनम्/NP ,/PUNC सर्वाश्चर्यमयम्/NV सर्वाश्चर्यप्रायम्/NV देवम्/NP अनन्तम्/NV न/AN अस्य/SN अन्तः/KN अस्ति/KP इति/AUD अनन्तः/NV तम्/SN ,/PUNC विश्वतोमुखम्/NV सर्वतोमुखम्/NV सर्वभूतात्मभूतत्वात्/NP ,/PUNC तम्/SN दर्शयामास/KP ।/PUNC '/PUNC अर्जुनः/NS ददर्श/KP '/PUNC इति/AUD वा/AVK अध्याह्रियते/KP ।।/PUNC
या/SSN पुनः/A भगवतः/NP विश्वरूपस्य/NP भाः/NP ,/PUNC तस्याः/SN उपमा/NP उच्यते/KP -/PUNC
दिवि/NP सूर्यसहस्रस्य/NP भवेत्/KP युगपत्/A उत्थिता/KN ।/PUNC
यदि/AVK भाः/NP सदृशी/ASD सा/SSN स्यात्/KP भासः/NP तस्य/SN महात्मनः/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC -/PUNC दिवि/NP अन्तरिक्षे/NP तृतीयस्याम्/SMKP वा/AVK दिवि/NP सूर्याणाम्/NP सहस्रम्/SMKY सूर्यसहस्रम्/SMK तस्य/SN युगपत्/A उत्थितस्य/NP सूर्यसहस्रस्य/NP या/SSN युगपत्/A उत्थिता/KN भाः/NP ,/PUNC सा/SSN यदि/A ,/PUNC सदृशी/NP स्यात्/KP तस्य/SN महात्मनः/NP विश्वरूपस्य/NP एव/INTF भासः/NP ।/PUNC यदि/A वा/AVK न/AN स्यात्/KP ,/PUNC ततः/A विश्वरूपस्य/NP एव/INTF भाः/NP अतिरिच्यते/KP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC
किञ्च/A -/PUNC
तत्र/A एकस्थम्/SMKY जगत्/NP कृत्स्नम्/NP प्रविभक्तम्/KN अनेकधा/SN ।/PUNC
अपश्यत्/KP देवदेवस्य/NP शरीरे/NP पाण्डवः/NP तदा/A ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तत्र/A तस्मिन्/SNV विश्वरूपे/NP एकस्मिन्/SMK स्थितम्/NP एकस्थम्/SMKY जगत्/NP कृत्स्नम्/NP प्रविभक्तम्/KN अनेकधा/SNV देवपितृमनुष्यादिभेदैः/NP अपश्यत्/KP दृष्टवान्/KN देवदेवस्य/NV हरेः/NS शरीरे/NP पाण्डवः/NP अर्जुनः/NS तदा/A ।।/PUNC
ततः/A सः/SN विस्मयाविष्टः/KN हृष्टरोमा/NV धनञ्जयः/NS ।/PUNC
प्रणम्य/KKS शिरसा/NP देवम्/NP कृताञ्जलिः/NP अभाषत/KP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ततः/A तम्/SN दृष्ट्वा/KKS सः/SN विस्मयेन/NP आविष्टः/KN विस्मयाविष्टः/KN हृष्टानि/NV रोमाणि/NP यस्य/SN सः/SN अयम्/SNV हृष्टरोमा/NP च/AVK अभवत्/KP धनञ्जयः/NS ।/PUNC प्रणम्य/KKS प्रकर्षेण/NV नमनम्/NP कृत्वा/KKS प्रह्वीभूतः/KN सन्/KKS शिरसा/NP देवम्/NP विश्वरूपधरम्/NP कृताञ्जलिः/NP नमस्कारार्थम्/NP संपुटीकृतहस्तः/KN सन्/KKS अभाषत/KP उक्तवान्/KN ।।/PUNC
कथम्/AP ?/PUNC यत्/SSN त्वया/SN दर्शितम्/KN विश्वरूपम्/NP ,/PUNC तत्/SSN अहम्/SN पश्यामि/KP इति/AUD स्वानुभवम्/NP आविष्कुर्वन्/KNV अर्जुनः/NS उवाच/KP -/PUNC
अर्जुनः/NS उवाच/KP -/PUNC
पश्यामि/KP देवान्/NP तव/SN देव/NP देहे/NP सर्वान्/SN तथा/AVK भूतविशेषसङ्घान्/NP ।/PUNC 
ब्रह्माणम्/NS ईशम्/NP कमलासनस्थम्/NV ऋषीन्/NP च/APY सर्वान्/SNV उरगान्/NP च/APY दिव्यान्/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC -/PUNC पश्यामि/KP उपलभे/KP हे/ASMB देव/NP ,/PUNC तव/SN देहे/NP देवान्/NP सर्वान्/SNV ,/PUNC तथा/AVK भूतविशेषसंघान्/NP भूतविशेषाणाम्/NV स्थावरजङ्गमानाम्/NV नानासंस्थानविशेषाणाम्/NV संघाः/NP भूतविशेषसंघाः/NP तान्/SN ,/PUNC किञ्च/A -/PUNC ब्रह्माणम्/NS चतुर्मुखम्/NS ईशम्/NV ईशितारम्/NV प्रजानाम्NP कमलासनस्थम्/NV पृथिवीपद्ममध्ये/NP मेरुकर्णिकासनस्थम्/NP इत्यर्थः/NP ,/PUNC ऋषीन्/NP च/AVK वसिष्ठादीन्/NS सर्वान्/SNV ,/PUNC उरगान्/NP च/AVK वासुकिप्रभृतीन्/ASD दिव्यान्/NP दिवि/NP भवान्/SN ।।/PUNC 
अनेकबाहूदरवक्त्रनेत्रम्/NV पश्यामि/KP त्वाम्/SN सर्वतः/KN अनन्तरूपम्/NV ।/PUNC
न/AN अन्तम्/NP न/AN मध्यम्/NP न/AN पुनः/A तव/SN आदिम्/NP पश्यामि/KP विश्वेश्वर/NV विश्वरूप/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अनेकबाहूदरवक्त्रनेत्रम्/NV अनेके/SNV बाहवः/SNV उदराणि/NP वक्त्राणि/NP नेत्राणि/NP च/APY यस्य/SN तव/SN सः/SN त्वम्/SN अनेकबाहूदरवक्त्रनेत्रः/NP तम्/SN अनेकबाहूदरवक्त्रनेत्रम्/NP ।/PUNC पश्यामि/KP त्वा/SN त्वाम्/SN सर्वतः/KN सर्वत्र/A अनन्तरूपम्/NV अनन्तानि/NV रूपाणि/NP अस्य/SN इति/AUD अनन्तरूपः/NP तम्/SN अनन्तरूपम्/NP ।/PUNC न/AN अन्तम्/NP ,/PUNC अन्तः/KN अवसानम्/NP ,/PUNC न/AN मध्यम्/NP ,/PUNC मध्यम्/NP नाम/NP द्वयोः/SMKY कोट्योः/NP अन्तरम्/A ,/PUNC न/AN पुनः/A तव/SN आदिम्/NP -/PUNC न/AN देवस्य/NP अन्तम्/NP पश्यामि/KP ,/PUNC न/AN मध्यम्/NP पश्यामि/KP ,/PUNC न/AN पुनः/A आदिम्/A पश्यामि/KP ,/PUNC हे/ASMB विश्वेश्वर/NV विश्वरूप/NV ।।/PUNC
किञ्च/A -/PUNC
किरीटिनम्/NV गदिनम्/NV चक्रिणम्/NV च/APY तेजोराशिम्/NP सर्वतः/A दीप्तिमन्तम्/KN ।/PUNC
पश्यामि/KP त्वाम्/SN दुर्निरीक्ष्यम्/KKS समन्तात्/A दीप्तानलार्कद्युतिम्/NP अप्रमेयम्/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC -/PUNC किरीटिनम्/NV किरीटम्/NS नाम/NP शिरोभूषणविशेषः/NP तत्/SN यस्य/SN अस्ति/KP सः/SN किरीटी/NS तम्/SN किरीटिनम्/NV ,/PUNC तथा/AVK गदिनम्/NV गदा/NS अस्य/SN विद्यते/KP इति/AUD गदी/NV तम्/SN गदिनम्/NV ,/PUNC तथा/AVK चक्रिणम्/NV चक्रम्/NP अस्य/SN अस्ति/KP इति/AUD चक्री/NV तम्/SN चक्रिणम्/NV च/AVK ,/PUNC तेजोराशिम्/NP तेजःपुञ्जम्/NP सर्वतोदीप्तिमन्तम्/KN सर्वतोदीप्तिः/NP अस्य/SN अस्ति/KP इति/AUD सर्वतोदीप्तिमान्/KN ,/PUNC तम्/SN सर्वतोदीप्तिमन्तम्/KN पश्यामि/KP त्वाम्/SN दुर्निरीक्ष्यम्/KKS दुःखेन/NV निरीक्ष्यः/KKS दुर्निरीक्ष्यः/KKS तम्/SN दुर्निरीक्ष्यम्/NP समन्तात्/A समन्ततः/KN सर्वत्र/A दीप्तानलार्कद्युतिम्/NP अनलः/NP च/APY अर्कः/NP च/APY अनलार्कौ/NP दीप्तौ/NV अनलार्कौ/NP दीप्तानलार्कौ/NP तयोः/SNV दीप्तानलार्कयोः/NP द्युतिः/NP इव/ASD द्युतिः/NP तेजः/NP यस्य/SN तव/SN सः/SN त्वम्/SN दीप्तानलार्कद्युतिः/NP ,/PUNC तम्/SN दीप्तानलार्कद्युतिम्/NP अप्रमेयम्/NV न/AN प्रमेयम्/NP अशक्यपरिच्छेदम्/NP इति/AUD एतत्/SN ।।/PUNC
इतः/A एव/INTF ते/SN योगशक्तिदर्शनात्/NP अनुमिनोमि/KP -/PUNC
त्वम्/SN अक्षरम्/NP परमम्/NV वेदितव्यम्/KN त्वम्/SN अस्य/SN विश्वस्य/NP परम्/NV निधानम्/NP ।/PUNC
त्वम्/SN अव्ययः/NP शाश्वतधर्मगोप्ता/NV सनातनः/NV त्वम्/SN पुरुषः/NP मतः/NP मे/SN ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC -/PUNC त्वम्/SN अक्षरम्/NP न/AN क्षरति/KP इति/AUD ,/PUNC परमम्/NV ब्रह्म/NP वेदितव्यम्/KN ज्ञातव्यम्/KN मुमुक्षुभिः/NP ।/PUNC त्वम्/SN अस्य/SNV विश्वस्य/NP समस्तस्य/NV जगतः/NP परम्/NV प्रकृष्टम्/NV निधानम्/NP निधीयते/KP अस्मिन्/SN इति/AUD निधानम्/NP परः/NV आश्रयः/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC किञ्च/A ,/PUNC त्वम्/SN अव्ययः/NP न/AN तव/SN व्ययः/NP विद्यते/KP इति/AUD अव्ययः/NP ,/PUNC शाश्वतधर्मगोप्ता/NV शश्वद्भवः/NV शाश्वतः/NV नित्यः/NV धर्मः/NP तस्य/SN गोप्ता/NP शाश्वतधर्मगोप्ता/NP ।/PUNC सनातनः/NV चिरंतनः/NV त्वम्/SN पुरुषः/NP परमः/NV मतः/NP अभिप्रेतः/KN मे/SN मम/SN ।।/PUNC
किञ्च/A -/PUNC
अनादिमध्यान्तम्/NV अनन्तवीर्यम्/NV अनन्तबाहुम्/NV शशिसूर्यनेत्रम्/NV ।/PUNC
पश्यामि/KP त्वाम्/SN दीप्तहुताशवक्त्रम्/NV स्वतेजसा/NP विश्वम्/NP इदम्/SN तपन्तम्/KN ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अनादिमध्यान्तम्/NP आदिः/NP च/APY मध्यम्/NP च/APY अन्तः/NP च/APY न/AN विद्यते/KP यस्य/SN सः/SN अयम्/SN अनादिमध्यान्तः/NP तम्/SN त्वाम्/SN अनादिमध्यान्तम्/NP ,/PUNC अनन्तवीर्यम्/NP न/AN तव/SN वीर्यस्य/NP अन्तः/NP अस्ति/KP इति/AUD अनन्तवीर्यः/NP तम्/SN त्वाम्/SN अनन्तवीर्यम्/NV ,/PUNC तथा/AVK अनन्तबाहुम्/NV अनन्ताः/NV बाहवः/NV यस्य/SN तव/SN सः/SN त्वम्/SN ,/PUNC अनन्तबाहुः/NP तम्/SN त्वाम्/SN अनन्तबाहुम्/NV ,/PUNC शशिसूर्यनेत्रम्/NV शशिसूर्यौ/NP नेत्रे/NP यस्य/SN तव/SN सः/SN त्वम्/SN शशिसूर्यनेत्रः/NP तम्/SN त्वाम्/SN शशिसूर्यनेत्रम्/NP चन्द्रादित्यनयनम्/NP ,/PUNC पश्यामि/KP त्वाम्/SN दीप्तहुताशवक्त्रम्/NV दीप्तः/KN च/AVK असौ/SNV हुताशः/NP च/APY वक्त्रम्/NP यस्य/SN तव/SN सः/SN त्वम्/SN दीप्तहुताशवक्त्रः/NP तम्/SN त्वाम्/SN दीप्तहुताशवक्त्रम्/NV ,/PUNC स्वतेजसा/NP विश्वम्/NP इदम्/SNV समस्तम्/NV तपन्तम्/KN सन्तापयन्तम्/KN ।।/PUNC
द्यावापृथिव्योः/NP इदम्/SN अन्तरम्/A हि/A व्याप्तम्/NP त्वया/SN एकेन/SMKY दिशः/NP च/AVK सर्वाः/SN ।/PUNC
दृष्ट्वा/KKS अद्भुतम्/NV रूपम्/NP उग्रम्/NV तव/SN इदम्/SNV लोकत्रयम्/SMKY प्रव्यथितम्/KN महात्मन्/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC -/PUNC द्यावापृथिव्योः/NP इदम्/SNV अन्तरम्/A हि/A अन्तरिक्षम्/NP व्याप्तम्/NP त्वया/SN एकेन/SMKY विश्वरूपधरेण/NP दिशः/NP च/AVK सर्वाः/SN व्याप्ताः/KN ।/PUNC दृष्ट्वा/KKS उपलभ्य/KKS अद्भुतम्/NV विस्मापकम्/NP रूपम्/NP इदम्/SN तव/SN उग्रम्/NV क्रूरम्/NV लोकानाम्/NP त्रयम्/SMKY लोकत्रयम्/NP प्रव्यथितम्/KN भीतम्/KN प्रचलितम्/KN वा/AVK हे/ASMB महात्मन्/NP अक्षुद्रस्वभाव/NV ।।/PUNC
अथ/A अधुना/A पुरा/A '/PUNC यत्/SN वा/AVK जयेम/KP यदि/A वा/AVK नः/AN जयेयुः/KP (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ।/PUNC 6/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD अर्जुनस्य/NS यः/SN संशयः/NP आसीत्/KP ,/PUNC तत्/SN निर्णयाय/NP पाण्डवजयम्/NP ऐकान्तिकम्/NV दर्शयामि/KP इति/AUD प्रवृत्तः/KN भगवान्/NP ।/PUNC तम्/SN पश्यन्/KNV आह/KP -/PUNC
किञ्च/A -/PUNC
अमी/SN हि/A त्वाम्/SN सुरसङ्घाः/NP विशन्ति/KP केचित्/A भीताः/KN प्राञ्जलयः/NP गृणन्ति/KP ।/PUNC
स्वस्ति/NP इति/AUD उक्त्वा/KKS महर्षिसिद्धसङ्घाः/NP स्तुवन्ति/KP त्वाम्/SN स्तुतिभिः/NP पुष्कलाभिः/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अमी/SN हि/A युध्यमानाः/KN योद्धारः/NP त्वा/SN त्वाम्/SN सुरसंघाः/NP ये/SN अत्र/A भूभारावताराय/NP अवतीर्णाः/NP वस्वादिदेवसंघाः/NP मनुष्यसंस्थानाः/NP त्वाम्/SN विशन्ति/KP प्रविशन्तः/KN दृश्यन्ते/KP ।/PUNC तत्र/A केचित्/A भीताः/KN प्राञ्जलयः/NP सन्तः/NP गृणन्ति/KP स्तुवन्ति/KP त्वाम्/SN अन्ये/SNV पलायने/NP अपि/A अशक्ताः/KN सन्तः/NP ।/PUNC युद्धे/NP प्रति/AUP उपस्थिते/NP उत्पातादिनिमित्तानि/NP उपलक्ष्य/KKS स्वस्ति/NP अस्तु/KP जगतः/NP इति/AUD उक्त्त्वा/KKS महर्षिसिद्धसंघाः/NP महर्षीणाम्/NP सिद्धानाम्/NP च/APY संघाः/NP स्तुवन्ति/KP त्वाम्/SN स्तुतिभिः/NP पुष्कलाभिः/NP संपूर्णाभिः/NV ।।/PUNC
किञ्च/A अन्यत्/A -/PUNC
रुद्रादित्याः/NS वसवः/NS ये/SN च/AVK साध्याः/NP विश्वे/NP अश्विनौ/NS मरुतः/NS च/APY ऊष्मपाः/NP च/APY ।/PUNC
गन्धर्वयक्षासुरसिद्धसङ्घाः/NP वीक्षन्ते/KP त्वाम्/SN विस्मिताः/KN च/AVK एव/INTF सर्वे/SN ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC -/PUNC रुद्रादित्याः/NS वसवः/NS ये/SNV च/APY साध्याः/NP रुद्रादयः/NS गणाः/NP विश्वेदेवाः/NP अश्विनौ/NS च/APY देवौ/NP मरुतः/NS च/APY ऊष्मपाः/NP च/APY पितरः/NP ,/PUNC गन्धर्वयक्षासुरसिद्धसंघाः/NP गन्धर्वाः/NP हाहाहूहूप्रभृतयः/NV यक्षाः/NP कुबेरप्रभृतयः/NV असुराः/NP विरोचनप्रभृतयः/NV सिद्धाः/NP कपिलादयः/NS तेषाम्/SN संघाः/NP गन्धर्वयक्षासुरसिद्धसंघाः/NP ,/PUNC ते/SN वीक्षन्ते/KP पश्यन्ति/KP त्वा/SN त्वाम्/SN विस्मिताः/KN विस्मयम्/NP आपन्नाः/NP सन्तः/KN ते/SN एव/INTF सर्वे/SN ।।/PUNC
यस्मात्/SN -/PUNC
रूपम्/NP महत्/NV ते/SN बहुवक्त्रनेत्रम्/NV महाबाहो/NV बहुबाहूरुपादम्/NV ।/PUNC
बहूदरम्/NV बहुदंष्ट्राकरालम्/NV दृष्ट्वा/KKS लोकाः/NP प्रव्यथिताः/KN तथा/AVK अहम्/SN ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC -/PUNC रूपम्/NP महत्/NV अतिप्रमाणम्/NV ते/SN तव/SN बहुवक्त्रनेत्रम्/NV बहूनि/NV वक्त्राणि/NP मुखानि/NP नेत्राणि/NP चक्षूंषि/NP च/APY यस्मिन्/SN तत्/SNV रूपम्/NP बहुवक्त्रनेत्रम्/NP ,/PUNC हे/ASMB महाबाहो/NV ,/PUNC बहुबाहूरुपादम्/NV बहवः/NV बाहवः/NV ऊरवः/NP पादाः/NP च/APY यस्मिन्/SNV रूपे/NP तत्/SNV बहुबाहूरुपादम्/NV ,/PUNC किञ्च/A ,/PUNC बहूदरम्/NV बहूनि/NV उदराणि/NP यस्मिन्/SN इति/AUD बहूदरम्/NV ,/PUNC बहुदंष्ट्राकरालम्/NV बह्वीभिः/NV दंष्ट्राभिः/NP करालम्/NV विकृतम्/NV तत्/SN बहुदंष्ट्राकरालम्/NP ,/PUNC दृष्ट्वा/KKS रूपम्/NP ईदृशम्/SNV लोकाः/NP लौकिकाः/NV प्राणिनः/NP प्रव्यथिताः/KN प्रचलिताः/KN भयेन/NP ;/PUNC तथा/AVK अहम्/SN अपि/A ।।/PUNC
तत्र/A इदम्/SNV कारणम्/NP -/PUNC
नभःस्पृशम्/NP दीप्तम्/NV अनेकवर्णम्/NV व्यात्ताननम्/NV दीप्तविशालनेत्रम्/NV ।/PUNC
दृष्ट्वा/KKS हि/A त्वाम्/SN प्रव्यथितान्तरात्मा/NV धृतिम्/NP न/AN विन्दामि/KP शमम्/NP च/AVK विष्णो/NS ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC -/PUNC नभःस्पृशम्/NP द्युस्पर्शम्/NP इत्यर्थः/NP ,/PUNC दीप्तम्/NV प्रज्वलितम्/NV ,/PUNC अनेकवर्णम्/NV अनेके/SNV वर्णाः/NP भयंकराः/NV नानासंस्थानाः/NV यस्मिन्/SN त्वयि/SN तम्/SN त्वाम्/SN अनेकवर्णम्/NV ,/PUNC व्यात्ताननम्/NV व्यात्तानि/NV विवृतानि/NV आननानि/NP मुखानि/NP यस्मिन्/SN त्वयि/SN तम्/SN त्वाम्/SN व्यात्ताननम्/NV ,/PUNC दीप्तविशालनेत्रम्/NV दीप्तानि/NV प्रज्वलितानि/NV विशालानि/NV विस्तीर्णानि/NV नेत्राणि/NP यस्मिन्/SN त्वयि/SN तम्/SN त्वाम्/SN दीप्तविशालनेत्रम्/NV दृष्ट्वा/KKS हि/A त्वाम्/SN प्रव्यथितान्तरात्मा/NV प्रव्यथितः/KN प्रभीतः/KN अन्तरात्मा/NP मनः/NP यस्य/SN मम/SN सः/SN अहम्/SN प्रव्यथितान्तरात्मा/NP सन्/KKS धृतिम्/NP धैर्यम्/NP न/AN विन्दामि/KP न/AN लभे/KP शमम्/NP च/AVK उपशमनम्/NP मनस्तुष्टिम्/NP हे/ASMB विष्णो/NS ।।/PUNC  
कस्मात्/SN -/PUNC
दंष्ट्राकरालानि/NV च/AVK ते/SN मुखानि/NP दृष्ट्वा/KKS एव/INTF कालानलसन्निभानि/NV ।/PUNC
दिशः/NP न/AN जाने/KP न/AN लभे/KP च/AVK शर्म/NP प्रसीद/KP देवेश/NV जगन्निवास/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC 
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC -/PUNC दंष्ट्राकरालानि/NV दंष्ट्राभिः/NP करालानि/NV विकृतानि/NV ते/SN तव/SN मुखानि/NP दृष्ट्वा/KKS एव/INTF उपलभ्य/KKS कालानलसंनिभानि/NV प्रलयकाले/NP लोकानाम्/NP दाहकः/NP अग्निः/NP कालानलः/NP तत्सदृशानि/ASD कालानलसंनिभानि/NV मुखानि/NP दृष्ट्वा/KKS इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC दिशः/NP पूर्वापरविवेकेन/NP न/AN जाने/KP दिङ्मूढः/NV जातः/KN अस्मि/KP ।/PUNC अतः/A न/AN लभे/KP च/AVK न/AN उपलभे/KP च/AVK शर्म/NP सुखम्/NP ।/PUNC अतः/A प्रसीद/KP प्रसन्नः/NP भव/KP हे/ASMB देवेश/NV ,/PUNC जगन्निवास/NP ।।/PUNC
येभ्यः/SNV मम/SN पराजयाशङ्का/NP या/SN आसीत्/KP सा/SN च/AVK अपगता/KN ।/PUNC
यतः/A -/PUNC
अमी/SN च/AVK त्वाम्/SN धृतराष्ट्रस्य/NS पुत्राः/NP सर्वे/SN सह/AUP एव/INTF अवनिपालसङ्घैः/NP ।/PUNC
भीष्मः/NS द्रोणः/NS सूतपुत्रः/NP तथा/APY असौ/SN सह/AUP अस्मदीयैः/SN अपि/A योधमुख्यैः/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अमी/SN च/AVK त्वाम्/SN धृतराष्ट्रस्य/NS पुत्राः/NP दुर्योधनप्रभृतयः/ASD -/PUNC '/PUNC त्वरमाणाः/NP विशन्ति/KP '/PUNC इति/AUD व्यवहितेन/NP संबन्धः/NP -/PUNC सर्वे/SN सह/AUP एव/INTF सहिताः/KN अवनिपालसंघैः/NP अवनिम्/NP पृथ्वीम्/NP पालयन्ति/KP इति/AUD अवनिपालाः/NP तेषाम्/SN संघैः/NP ,/PUNC किञ्च/A भीष्मः/NS द्रोणः/NS सूतपुत्रः/NV कर्णः/NS तथा/APY असौ/SN सह/AUP अस्मदीयैः/SN अपि/A धृष्टद्युम्नप्रभृतिभिः/ASD योधमुख्यैः/NP योधानाम्/NP मुख्यैः/NV प्रधानैः/NV सह/AUP ।।/PUNC
किञ्च/A -/PUNC
वक्त्राणि/NP ते/SN त्वरमाणाः/KV विशन्ति/KP दंष्ट्राकरालानि/NV भयानकानि/NV ।/PUNC
केचित्/A विलग्ना/NV दशनान्तरेषु/NP संदृश्यन्ते/KP चूर्णितैः/KN उत्तमाङ्गैः/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC -/PUNC वक्त्राणि/NP मुखानि/NP ते/SN तव/SN त्वरमाणाः/KV त्वरायुक्ताः/KN सन्तः/KN विशन्ति/KP ,/PUNC किंविशिष्टानि/NV मुखानि/NP ?/PUNC दंष्ट्राकरालानि/NV भयानकानि/NV भयंकराणि/NV ।/PUNC किञ्च/A ,/PUNC केचित्/A मुखानि/NP प्रविष्टानाम्/NP मध्ये/NP विलग्नाः/NV दशनान्तरेषु/NP मांसम्/NP इव/ASD भक्षितम्/KN संदृश्यन्ते/KP उपलभ्यन्ते/KP चूर्णितैः/KN चूर्णीकृतैः/KN उत्तमाङ्गैः/NP शिरोभिः/NP ।।/PUNC
कथम्/A प्रविशन्ति/KP मुखानि/NP इति/AUD आह/KP -/PUNC
यथा/AVK नदीनाम्/NP बहवः/NV अम्बुवेगाः/NP समुद्रम्/NP एव/INTF अभिमुखाः/NP द्रवन्ति/KP ।/PUNC
तथा/AVK तव/SN अमी/SNV नरलोकवीराः/NP विशन्ति/KP वक्त्राणि/NP अभिविज्वलन्ति/KP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यथा/AVK नदीनाम्/NP स्रवन्तीनाम्/NP बहवः/NV अनेके/NV अम्बूनाम्/NP वेगाः/NP अम्बुवेगाः/NP त्वराविशेषाः/NV समुद्रम्/NP एव/INTF अभि/AUP मुखाः/NP प्रति/AUP मुखाः/NP द्रवन्ति/KP प्रविशन्ति/KP ,/PUNC तथा/AVK तत्/SN वत्/ASD ,/PUNC तव/SN अमी/SNV भीष्मादयः/NS नरलोकवीराः/NV मनुष्यलोके/NP शूराः/NV विशन्ति/KP वक्त्राणि/NP अभिविज्वलन्ति/KP प्रकाशमानानि/KP ।।/PUNC
ते/SN किमर्थम्/NP प्रविशन्ति/KP कथम्/A च/AVK इति/AUD आह/KP -/PUNC
यथा/AVK प्रदीप्तम्/NV ज्वलनम्/NP पतङ्गाः/NP विशन्ति/KP नाशाय/NP समृद्धवेगाः/NV ।/PUNC
तथा/AVK एव/INTF नाशाय/NP विशन्ति/KP लोकाः/NP तव/SN अपि/A वक्त्राणि/NP समृद्धवेगाः/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यथा/AVK प्रदीप्तम्/NV ज्वलनम्/NP अग्निम्/NP पतङ्गाः/NP पक्षिणः/NP विशन्ति/KP नाशाय/NP विनाशाय/NP समृद्धवेगाः/NV समृद्धः/NV उद्भूतः/KN वेगः/NP गतिः/NP येषाम्/SN ते/SN समृद्धवेगाः/NV ,/PUNC तथा/AVK एव/INTF नाशाय/NP विशन्ति/KP लोकाः/NP प्राणिनः/NP तव/SN अपि/A वक्त्राणि/NV समृद्धवेगाः/NV ।।/PUNC
त्वम्/SN पुनः/A -/PUNC
लेलिह्यसे/KP ग्रसमानः/KN समन्तात्/NV लोकान्/NP समग्रान्/NV वदनैः/NP ज्वलद्भिः/NV ।/PUNC
तेजोभिः/NP आपूर्य/KKS जगत्/NP समग्रम्/NV भासः/NP तव/SN उग्राः/KV प्रतपन्ति/KP विष्णो/NS ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC -/PUNC लेलिह्यसे/KP आस्वादयसि/KP ग्रसमानः/KN अन्तः/KN प्रवेशयन्/KNV समन्तात्/NV समन्ततः/KN लोकान्/NP समग्रान्/NV समस्तान्/NV वदनैः/NP वक्त्रैः/NP ज्वलद्भिः/NV दीप्यमानैः/KN तेजोभिः/NP आपूर्य/KKS संव्याप्य/KKS जगत्/NP समग्रम्/NV सह/AUP अग्रेण/A समस्तम्/A इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC किञ्च/A ,/PUNC भासः/NP दीप्तयः/NP तव/SN उग्राः/KV क्रूराः/KV प्रतपन्ति/KP प्रतापम्/NP कुर्वन्ति/KP हे/ASMB विष्णो/NS व्यापनशील/NV ।।/PUNC
यतः/A एवम्/AUD उग्र/NV स्वभावः/NP ,/PUNC अतः/A -/PUNC
आख्याहि/KP मे/SN कः/SN भवान्/SN उग्र/NV रूपः/NP नमः/NP अस्तु/KP ते/SNV देववर/NV प्रसीद/KP ।/PUNC
विज्ञातुम्/KKS इच्छामि/KP भवन्तम्/SN आद्यम्/NP न/AN हि/A प्रजानामि/KP तव/SN प्रवृत्तिम्/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 31/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 31/PUNC ।।/PUNC -/PUNC आख्याहि/KP कथय/KP मे/SN मह्यम्/SN कः/SN भवान्/SN उग्र/NV रूपः/NP क्रूर/NV अकारः/NP ,/PUNC नमः/NP अस्तु/KP ते/SN तुभ्यम्/SN हे/ASMB देववर/NV देवानाम्/NP प्रधान/NV ,/PUNC प्रसीद/KP प्रसादम्/NP कुरु/KP ।/PUNC विज्ञातुम्/KKS विशेषेण/NV ज्ञातुम्/KKS इच्छामि/KP भवन्तम्/SN आद्यम्/NP आदौ/NP भवम्/KP आद्यम्/NP ,/PUNC न/AN हि/A यस्मात्/SN प्रजानामि/KP तव/SN त्वदीयाम्/SN प्रवृत्तिम्/NP चेष्टाम्/NP ।।/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP
कालः/NP अस्मि/KP लोकक्षयकृत्/NV प्रवृद्धः/KN लोकान्/NP समाहर्तुम्/KKS इह/A प्रवृत्तः/KN ।/PUNC
ऋते/AUP अपि/A त्वाम्/SN न/AN भविष्यन्ति/KP सर्वे/SNV ये/SN अवस्थिताः/KN प्रति/AUP अनीकेषु/NP योधाः/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 32/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 32/PUNC ।।/PUNC -/PUNC कालः/NP अस्मि/KP लोकक्षयकृत्/NV लोकानाम्/NP क्षयम्/NP करोति/KP इति/AUD लोकक्षयकृत्/NV प्रवृद्धः/KN वृद्धिम्/NP गतः/KN ।/PUNC यदर्थम्/NP प्रवृद्धः/KN तत्/SN शृणु/KP -/PUNC लोकान्/NP समाहर्तुम्/KKS संहर्तुम्/KKS इह/A अस्मिन्/SNV काले/NP प्रवृत्तः/KN ।/PUNC ऋते/AUP अपि/A विना/AUP अपि/A त्वा/SN त्वाम्/SN न/AN भविष्यन्ति/KP भीष्मद्रोणकर्णप्रभृतयः/ASD सर्वे/SN ,/PUNC येभ्यः/SNV तव/SN आशङ्का/NP ,/PUNC ये/SN अवस्थिताः/KN प्रत्यनीकेषु/NV अनीकम्/NP अनीकम्/DV प्रति/AUP प्रत्यनीकेषु/NV प्रतिपक्षभूतेषु/NV अनीकेषु/NV योधाः/NP योद्धारः/NP ।।/PUNC
यस्मात्/SN एवम्/AUD -/PUNC
तस्मात्/SN त्वम्/SN उत्तिष्ठ/KP यशः/NP लभस्व/KP जित्वा/KKS शत्रून्/NP भुङ्क्ष्व/KP राज्यम्/NP समृद्धम्/NV ।/PUNC
मया/SN एव/INTF एते/SN निहताः/KN पूर्वम्/A एव/INTF निमित्तमात्रम्/A भव/KP सव्यसाचिन्/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 33/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 33/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तस्मात्/SN त्वम्/SN उत्तिष्ठ/KP '/PUNC भीष्मप्रभृतयः/ASD अतिरथाः/NV अजेयाः/NV देवैः/NP अपि/A ,/PUNC अर्जुनेन/NS जिताः/KN '/PUNC इति/AUD यशः/NP लभस्व/KP ;/PUNC केवलम्/A पुण्यैः/NP हि/A तत्/SN प्राप्यते/KP ।/PUNC जित्वा/KKS शत्रून्/NP दुर्योधनप्रभृतीन्/ASD भुङ्क्ष्व/KP राज्यम्/NP समृद्धम्/NV असपत्नम्/NV अकण्टकम्/NV ।/PUNC मया/SN एव/INTF एते/SN निहताः/KN निश्चयेन/NP हताः/KN प्राणैः/NP वियोजिताः/KN पूर्वम्/A एव/INTF ।/PUNC निमित्तमात्रम्/A भव/KP त्वम्/SN हे/ASMB सव्यसाचिन्/NV ,/PUNC सव्येन/NP वामेन/NP अपि/A हस्तेन/NP शराणाम्/NP क्षेपात्/NP सव्यसाची/NV इति/AUD उच्यते/KP अर्जुनः/NS ।।/PUNC
द्रोणम्/NS च/APY भीष्मम्/NS च/APY जयद्रथम्/NS च/APY कर्णम्/NS तथा/APY अन्यान्/SN अपि/APY योधवीरान्/NP ।/PUNC   
मया/SN हतान्/NP त्वम्/SN जहि/KP मा/AN व्यथिष्ठाः/KN युध्यस्व/KP जेता/KN असि/KP रणे/NP सपत्नान्/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 34/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 34/PUNC ।।/PUNC -/PUNC द्रोणम्/NS च/AVK ,/PUNC येषु/SNV येषु/DV योधेषु/NP अर्जुनस्य/NS आशङ्का/NP तान्/SN तान्/DV व्यपदिशति/KP भगवान्/NP ,/PUNC मया/SN हतान्/NP इति/AUD ।/PUNC तत्र/A द्रोणभीष्मयोः/NS तावत्/SN प्रसिद्धम्/NV आशङ्काकारणम्/NP ।/PUNC द्रोणः/NS तु/A धनुर्वेदाचार्यः/NV दिव्यास्त्रसंपन्नः/NV ,/PUNC आत्मनः/NP च/AVK विशेषतः/KN गुरुः/NV गरिष्ठः/NV ।/PUNC भीष्मः/NS च/AVK स्वच्छन्दमृत्युः/NV दिव्यास्त्रसंपन्नः/NV च/APY परशुरामेण/NS द्वन्द्वयुद्धम्/NP अगमत्/KP ,/PUNC न/AN च/AVK पराजितः/KN ।/PUNC तथा/AVK जयद्रथः/NS , यस्य/SN पिता/NP तपः/NP चरति/KP '/PUNC मम/SN पुत्रस्य/NP शिरः/NP भूमौ/NP निपातयिष्यति/KP यः/SN ,/PUNC तस्य/SN अपि/AVK शिरः/NP पतिष्यति/KP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC कर्णः/NS अपि/A वासवदत्तया/NS शक्त्या/NP तु/A अमोघया/NP संपन्नः/NP सूर्यपुत्रः/NP कानीनः/NP यतः/A ,/PUNC अतः/A तत्/SN नाम्ना/NP एव/INTF निर्देशः/NP ।/PUNC मया/SN हतान्/NP त्वम्/SN जहि/KP निमित्तमात्रेण/NP ।/PUNC मा/AN व्यथिष्ठाः/KN तेभ्यः/SN भयम्/NP मा/AN कार्षीः/NP ।/PUNC युध्यस्व/KP जेता/KN असि/KP दुर्योधनप्रभृतीन्/ASD रणे/NP युद्धे/NP सपत्नान्/NP शत्रून्/NP ।।/PUNC
संजयः/NS उवाच/KP -/PUNC
सञ्जयः/NS उवाच/KP
एतत्/SN श्रुत्वा/KKS वचनम्/NP केशवस्य/NS कृताञ्जलिः/NP वेपमानः/KN किरीटी/NP ।/PUNC
नमस्कृत्वा/KKS भूयः/A एव/INTF आह/KP कृष्णम्/NS सगद्गदम्/NV भीतभीतः/KN प्रणम्य/KKS ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 35/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 35/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एतत्/SN श्रुत्वा/KKS वचनम्/NP केशवस्य/NS पूर्वोक्तम्/KN कृताञ्जलिः/NP सन्/KKS वेपमानः/KN कम्पमानः/KN किरीटी/NP नमस्कृत्वा/KKS ,/PUNC भूयः/A पुनः/A एव/INTF आह/KP उक्तवान्/KN कृष्णम्/NS सगद्गदम्/NV भयाविष्टस्य/NV दुःखाभिघातात्/NP स्नेहाविष्टस्य/NV च/APY हर्षोद्भवात्/NP ,/PUNC अश्रुपूर्णनेत्रत्वे/NP सति/A श्लेष्मणा/NP कण्ठावरोधः/NP ;/PUNC ततः/A च/AVK वाचः/NP अपाटवम्/NV मन्दशब्दत्वम्/NV यत्/SN सः/SN गद्गदः/NV तेन/SN सह/AUP वर्तते/KP इति/AUD सगद्गदम्/NV वचनम्/NP आह/KP इति/AUD वचनक्रियाविशेषणम्/NP एतत्/SN ।/PUNC भीतभीतः/KN पुनः/A पुनः/A भयाविष्टचेताः/KN सन्/KKS प्रणम्य/KKS प्रह्वः/NP भूत्वा/KKS ,/PUNC '/PUNC आह/KP '/PUNC इति/AUD व्यवहितेन/NP संबन्धः/NP ।।/PUNC 
अत्र/A अवसरे/NP संजयवचनम्/NP साभिप्रायम्//NP ।/PUNC कथम्/AP ?/PUNC द्रोणादिषु/NS अर्जुनेन/NS निहतेषु/NV अजेयेषु/NV चतुर्षु/NV ,/PUNC निराश्रयः/NV दुर्योधनः/NS निहतः/KN एव/INTF इति/AUD मत्वा/KKS धृतराष्ट्रः/NS जयम्/NP प्रति/AUP निराशः/NP सन्/KKS सन्धिम्/NP करिष्यति/KP ,/PUNC ततः/A शान्तिः/NP उभयेषाम्/SN भविष्यति/KP इति/AUD ।/PUNC तत्/SN अपि/A न/AN अश्रौषीत्/NV धृतराष्ट्रः/NS भवितव्यवशात्/NP ।।/PUNC
अर्जुनः/NS उवाच/KP -/PUNC
अर्जुनः/NS उवाच/KP
स्थाने/NP हृषीकेश/NV तव/SN प्रकीर्त्या/NP जगत्/NP प्रहृष्यति/KP अनुरज्यते/KP च/APY ।/PUNC
रक्षांसि/NP भीतानि/NV दिशः/NP द्रवन्ति/KP सर्वे/SN नमस्यन्ति/KP च/AVK सिद्धसङ्घाः/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 36/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 36/PUNC ।।/PUNC -/PUNC स्थाने/NP युक्तम्/KN ।/PUNC किम्/SN तत्/SN ?/PUNC तव/SN प्रकीर्त्या/NP त्वन्माहात्म्यकीर्तनेन/NP श्रुतेन/NP ,/PUNC हे/ASMB हृषीकेश/NV ,/PUNC यत्/SNV जगत्/NP प्रहृष्यति/KP प्रहर्षम्/NV उपैति/KP ,/PUNC तत्/SNV स्थाने/NP युक्तम्/KN ,/PUNC इत्यर्थः/NP ।/PUNC अथवा/AVK विषयविशेषणम्/NV स्थाने/NP इति/AUD ।/PUNC युक्तः/KN हर्षादिविषयः/NP भगवान्/NP ,/PUNC यतः/A ईश्वरः/NP सर्वात्मा/NV सर्वभूतसुहृत्/NV च/APY इति/AUD ।/PUNC तथा/AVK अनुरज्यते/KP अनुरागम्/NP च/AVK उपैति/KP ;/PUNC तत्/SN च/AVK विषये/NP इति/AUD व्याख्येयम्/NP ।/PUNC किञ्च/A ,/PUNC रक्षांसि/NP भीतानि/NV भयाविष्टानि/NV दिशः/NP द्रवन्ति/KP गच्छन्ति/KP ;/PUNC तत्/SN च/AVK स्थाने/NP विषये/NP ।/PUNC सर्वे/SN नमस्यन्ति/KP नमस्कुर्वन्ति/KP च/AVK सिद्धसंघाः/NP सिद्धानाम्/NP समुदायाः/NP कपिलादीनाम्/NS ,/PUNC तत्/SN च/AVK स्थाने/NP ।।/PUNC
भगवतः/NP हर्षादिविषयत्वे/NP हेतुम्/NP दर्शयति/KP -/PUNC
कस्मात्/SN च/AVK ते/SN न/AN नमेरन्/KP महात्मन्/NP गरीयसे/NV ब्रह्मणः/NS अपि/A आदिकर्त्रे/NV ।/PUNC
अनन्त/NV देवेश/NV जगन्निवास/NV त्वम्/SN अक्षरम्/NP सत्/NV असत्/NV तत्/SN परम्/NV यत्/SN ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 37/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 37/PUNC ।।/PUNC -/PUNC कस्मात्/SN च/AVK हेतोः/NP ते/SN तुभ्यम्/SN न/AN नमेरन्/KP नमस्कुर्युः/KP हे/ASMB महात्मन्/NP ,/PUNC गरीयसे/NV गुरुतराय/NV ;/PUNC यतः/A ब्रह्मणः/NS हिरण्यगर्भस्य/NS अपि/A आदिकर्ता/NV कारणम्/NP अतः/A तस्मात्/SN आदिकर्त्रे/NP ।/PUNC कथम् ते/SN न/AN नमस्कुर्युः/KP ?/PUNC अतः/A हर्षादीनाम्/NP नमस्कारस्य/NP च/AVK स्थानम्/NP त्वम्/SN अर्हः/NV विषयः/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC हे/ASMB अनन्त/NV देवेश/NV हे/ASMB जगन्निवास/NV त्वम्/SN अक्षरम्/NP तत्/SN परम्/NV ,/PUNC यत्/SN वेदान्तेषु/NP श्रूयते/KP ।/PUNC किम्/SN  तत्/SN ?/PUNC सत्/NV असत्/NV इति/AUD ।/PUNC सत्/NP विद्यमानम्/NP ,/PUNC असत्/NP च/AVK यत्र/A न/AN अस्ति/KP इति/AUD बुद्धिः/NP ;/PUNC ते/SN उपधानभूते/NP सदसती/NP यस्य/SNV अक्षरस्य/NP ,/PUNC यद्द्वारेण/NP सदसती/NP इति/AUD उपचर्यते/KP ।/PUNC परमार्थतः/KN तु/A सदसतोः/NP परम्/NV तत्/SNV अक्षरम्/NP यत्/SNV अक्षरम्/NP वेदविदः/NV वदन्ति/KP ।/PUNC तत्/SN त्वम्/SN एव/INTF ,/PUNC न/AN अन्यत्/SN इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC
पुनः/A अपि/AVK स्तौति/KP -/PUNC
त्वम्/SN आदिदेवः/NV पुरुषः/NV पुराणः/NV त्वम्/SN अस्य/SNV विश्वस्य/NP परम्/NV निधानम्/NP ।/PUNC
वेत्ता/NV असि/KP वेद्यम्/NP च/APY परम्/NV च/APY धाम/NP त्वया/SN ततम्/SNV विश्वम्/NP अनन्तरूप/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 38/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 38/PUNC ।।/PUNC -/PUNC त्वम्/SN आदिदेवः/NP ,/PUNC जगतः/KN स्रष्ट्टत्वात्/NP ।/PUNC पुरुषः/NP ,/PUNC पुरि/NP शयनात्/NP पुराणः/NV चिरंतनः/NV त्वम्/SN एव/INTF अस्य/SNV विश्वस्य/NP परम्/NV प्रकृष्टम्/NV निधानम्/NP निधीय/KKS ते/SN अस्मिन्/SNV जगत्/NP सर्वम्/SN महाप्रलयादौ/A इति/AUD ।/PUNC किञ्च/A ,/PUNC वेत्ता/NV असि/KP ,/PUNC वेदिता/NV असि/KP सर्वस्य/SN एव/INTF वेद्यजातस्य/NP ।/PUNC यत्/SN च/AVK वेद्यम्/NP वेदनार्हम्/NP तत्/SN च/AVK असि/KP परम्/NV च/AVK धाम/NP परमम्/NV पदम्/NP वैष्णवम्/NS ।/PUNC त्वया/SN ततम्/SNV व्याप्तम्/NV विश्वम्/NP समस्तम्/A ,/PUNC हे/ASMB अनन्तरूप/NV अन्तः/KN न/AN विद्यते/KP तव/SN रूपाणाम्/NP ।।/PUNC
किञ्च/A -/PUNC
वायुः/NS यमः/NS अग्निः/NS वरुणः/NS शशाङ्कः/NS प्रजापतिः/NS त्वम्/SN प्रपितामहः/NP च/APY ।/PUNC
नमः/NP नमः/DV ते/SN अस्तु/KP सहस्रकृत्वः/NP पुनः/A च/AVK भूयः/A अपि/A नमः/NP नमः/DV ते/SN ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 39/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 39/PUNC ।।/PUNC -/PUNC वायुः/NS त्वम्/SN यमः/SN च/APY अग्निः/NS वरुणः/NS अपाम्/NP पतिः/NP शशाङ्कः/NS चन्द्रमाः/NS प्रजापतिः/NS त्वम्/SN कश्यपादिः/NS प्रपितामहः/NS च/APY पितामहस्य/NP अपि/A पिता/NP प्रपितामहः/NV ,/PUNC ब्रह्मणः/NS अपि/A पिता/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC नमः/NP नमः/DV ते/SN तुभ्यम्/SN अस्तु/KP सहस्रकृत्वः/NP ।/PUNC पुनः/A च/AVK भूयः/A अपि/A नमः/NP नमः/DV ते/SN ।/PUNC बहुशः/NV नमस्कारक्रियाभ्यासावृत्तिगणनम्/NP कृत्वसुचा/NP उच्यते/KP ।/PUNC '/PUNC पुनः/A च/AVK '/PUNC '/PUNC भूयः/A अपि/A '/PUNC इति/AUD श्रद्धाभक्त्यतिशयात्/NP अपरितोषम्/NP आत्मनः/NP दर्शयति/KP ।।/PUNC
तथा/AVK -/PUNC
नमः/NP पुरस्तात्/A अथ/A पृष्ठतः/KN ते/SN नमः/NP अस्तु/KP ते/SN सर्वतः/A एव/INTF सर्व/SN ।/PUNC
अनन्तवीर्यामितविक्रमः/NV त्वम्/SN सर्वम्/SN समाप्नोषि/KP ततः/A असि/KP सर्वः/SN ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 40/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 40/PUNC ।।/PUNC -/PUNC नमः/NP पुरस्तात्/NP पूर्वस्याम्/NS दिशि/NP तुभ्यम्/SN ,/PUNC अथ/A पृष्ठतः/KN ते/SN पृष्ठतः/KN अपि/A च/AVK ते/SN नमोऽस्तु/KP ,/PUNC ते/SN सर्वतः/A एव/INTF सर्वासु/SNV दिक्षु/NP सर्वत्र/A स्थिताय/NP हे/ASMB सर्व/SN ।/PUNC अनन्तवीर्यामितविक्रमः/NV अनन्तम्/NV वीर्यम्/NP अस्य/SN ,/PUNC अमितः/NV विक्रमः/NP अस्य/SN ।/PUNC वीर्यम्/NP सामर्थ्यम्/NP विक्रमः/NP पराक्रमः/NP ।/PUNC वीर्यवान्/KN अपि/A कश्चित्/A शत्रुवधादिविषये/NP न/AN पराक्रमते/KP ,/PUNC मन्दपराक्रमः/NV वा/AVK ।/PUNC त्वम्/SN तु/A अनन्तवीर्यः/NV अमितविक्रमः/NV च/APY इति/AUD अनन्तवीर्यामितविक्रमः/NV ।/PUNC सर्वम्/SN समस्तम्/NV जगत्/NP समाप्नोषि/KP सम्यक्/NV एकेन/SN आत्मना/NP व्याप्नोषि/KP यतः/A ,/PUNC ततः/A तस्मात्/SN असि/KP भवसि/SN सर्वः/SN त्वम्/SN ,/PUNC त्वया/SN विनाभूतम्/NP न/AN किञ्चित्/A अस्ति/KP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC
यतः/A अहम्/SN त्वन्माहात्म्यापरिज्ञानात्/NP अपराद्धः/NP ,/PUNC अतः/A -/PUNC
सखा/NP इति/AUD मत्वा/KKS प्रसभम्/NP यत्/SN उक्तम्/KN हे/ASMB कृष्ण/NS हे/ASMB यादव/NV हे/ASMB सखे/NP इति/AUD ।/PUNC अजानता/NP महिमानम्/NP तव/SN इदम्/SN मया/SN प्रमादात्/NP प्रणयेन/NP वा/AVK अपि/AVK ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 41/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 41/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सखा/NP समानवयाः/NP इति/AUD मत्वा/KKS ज्ञात्वा/KKS विपरीतबुद्ध्या/NP प्रसभम्/NP अभिभूय/KKS प्रसह्य/KKS यत्/SN उक्तम्/KN हे/ASMB कृष्ण/NS हे/ASMB यादव/NV हे/ASMB सखे/NV इति/AUD च/AVK अजानता/NP अज्ञानिना/NP मूढेन/NP ;/PUNC किम्/SN अजानता/NP इति/AUD आह/KP -/PUNC महिमानम्/NP माहात्म्यम्/NP तव/SN इदम्/SNV ईश्वरस्य/NP विश्वरूपम्/NV ।/PUNC '/PUNC तव/SN इदम्/SNV महिमानम्/NP अजानता/NP '/PUNC इति/AUD वैयधिकरण्येन/NP संबन्धः/NP ।/PUNC '/PUNC तव/SN इमम्/SN '/PUNC इति/AUD पाठः/NP यदि/AVK अस्ति/KP ,/PUNC तदा/AVK सामानाधिकरण्यम्/NP एव/INTF ।/PUNC मया/SN प्रमादात्/NP विक्षिप्तचित्ततया/NP ,/PUNC प्रणयेन/NP वा/AVK अपि/AVK ,/PUNC प्रणयः/NP नाम/NP स्नेहनिमित्तः/KN विस्रम्भः/NP ,/PUNC तेन/SN अपि/A कारणेन/NP यत्/SN उक्तवान्/KN अस्मिKP ।।/PUNC
यत्/SN च/AVK अवहासार्थम्/NP असत्कृतः/KN असि/KP विहारशय्यासनभोजनेषु/NP ।/PUNC
एकः/SMK अथवा/AVK अपि/AVK अच्युत/NV तत्/SN समक्षम्/NP तत्/SN क्षामये/NP त्वाम्/SN अहम्/SN अप्रमेयम्/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 42/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 42/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यत्/SN च/AVK अवहासार्थम्/NP परिहासप्रयोजनाय/NP असत्कृतः/KN परिभूतः/KN असि/KP भवसि/KP ;/PUNC क्व/AP ?/PUNC विहारशय्यासनभोजनेषु/NP ,/PUNC विहरणम्/NP विहारः/NP पादव्यायामः/NP ,/PUNC शयनम्/NP शय्या/NP ,/PUNC आसनम्/NP आस्थायिका/NP ,/PUNC भोजनम्/NP अदनम्/NP ,/PUNC इति/AUD तेषु/SN विहारशय्यासनभोजनेषु/NP ,/PUNC कः/SN परोक्षः/NP सन्/KKS असत्कृतः/KN असि/KP परिभूतः/KN असि/KP ;/PUNC अथवा/AVK अपि/A हे/ASMB अच्युत/NV ,/PUNC तत्/SN समक्षम्/NP ,/PUNC तत्/SN शब्दः/NP क्रियाविशेषणार्थः/NP ,/PUNC प्रत्यक्षम्/NP वा/AVK असत्कृतः/KN असि/KP तत्/SN सर्वम्/SN अपराधजातम्/NP क्षामये/NP क्षमाम्/NP कारये/NP त्वाम्/SN अहम्/SN अप्रमेयम्/NV प्रमाणातीतम्/NV ।।/PUNC
यतः/A त्वम्/SN -/PUNC
पिता/NP असि/KP लोकस्य/NP चराचरस्य/NV त्वम्/SN अस्य/SN पूज्यः/NP च/APY गुरुः/NP गरीयान्/NV ।/PUNC
न/AN त्वत्समः/NP अस्ति/KP अभ्यधिकः/NV कुतः/A अन्यः/SNV लोकत्रये/NP अपि/A अप्रतिमप्रभाव/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 43/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 43/PUNC ।।/PUNC -/PUNC पिता/NP असि/KP जनयिता/KN असि/KP लोकस्य/NP प्राणिजातस्य/NP चराचरस्य/NV स्थावरजङ्गमस्य/NV ।/PUNC न/AN केवलम्/A त्वम्/SN अस्य/SN जगतः/NP पिता/NP ,/PUNC पूज्यः/NV च/AVK पूजार्हः/NV ,/PUNC यतः/A गुरुः/NP गरीयान्/NV गुरुतरः/NV ।/PUNC कस्मात्/SN गुरुतरः/NP त्वम्/SN इति/AUD आह/KP -/PUNC न/AN त्वत्समः/ASD त्वत्तुल्यः/ASD अस्ति/KP ।/PUNC न/AN हि/A ईश्वरद्वयम्/SMK संभवति/KP ,/PUNC अनेकेश्वरत्वे/NP व्यवहारानुपपत्तेः/NP ।/PUNC त्वत्सम/ASD एव/INTF तावत्/A अन्यः/SN न/AN संभवति/KP ;/PUNC कुतः/A एव/INTF अन्यः/SN अभ्यधिकः/NV स्यात्/KP लोकत्रये/SMK अपि/A सर्वस्मिन्/SN ?/PUNC अप्रतिम/NV प्रभाव/NP प्रतिमीयते/KP यया/SN सा/SNV प्रतिमा/NP ,/PUNC न/AN विद्यते/KP प्रतिमा/NP यस्य/SN तव/SN प्रभावस्य/NP सः/SN त्वम्/SN अप्रतिम/NV प्रभावः/NP ,/PUNC हे/ASMB अप्रतिम/NV प्रभाव/NP निरतिशय/NV प्रभाव/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
यतः/A एवम्/AUD -/PUNC
तस्मात्/SN प्रणम्य/KKS प्रणिधाय/NP कायम्/NP प्रसादये त्वाम्+अहम्+ईशम्+ईड्यम्।
पिता+इव पुत्रस्य सखा+इव सख्युः प्रियः प्रियाय+अर्हसि देव सोढुम्।।11.44।।
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 44/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तस्मात्/SN प्रणम्य/KKS नमस्कृत्य/KKS ,/PUNC प्रणिधाय/NP प्रकर्षेण/NV नीचैः/AUP धृत्वा/KKS कायम्/NP शरीरम्/NP ,/PUNC प्रसादये/NP प्रसादम्/NP कारये/NP त्वाम्/SN अहम्/SN ईशम्/NP ईशितारम्/NP ,/PUNC ईड्यम्/NP स्तुत्यम्/NP ।/PUNC त्वम्/SN पुनः/A पुत्रस्य/NP अपराधम्/NP पिता/NP यथा/AVK क्षमते/KP ,/PUNC सर्वम्/SNV सखा/NP इव/ASD सख्युः/NP अपराधम्/NP ,/PUNC यथा/AVK वा/AVK प्रियः/NP प्रियायाः/NP अपराधम्/NP क्षमते/KP ,/PUNC एवम्/AUD अर्हसि/KP हे/ASMB देव/NP सोढुम्/KKS प्रसहितुम्/KKS क्षन्तुम्/KKS इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
अदृष्टपूर्वम्/NV हृषितः/KN अस्मि/KP दृष्ट्वा/KKS भयेन/NP च/AVK प्रव्यथितम्/NV मनः/NP मे/SN ।/PUNC
तत्/SN एव/INTF मे/SN दर्शय/KP देवरूपम्/ASD प्रसीद/KP देवेश/NV जगन्निवास/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 45/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 45/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अदृष्टपूर्वम्/NV न/AN कदाचित्/A अपि/A दृष्टपूर्वम्/NP इदम्/SNV विश्वरूपम्/NP तव/SN मया/SN अन्यैः/SN वा/AVK ,/PUNC तत्/SN अहम्/SN दृष्ट्वा/KKS हृषितः/KN अस्मि/KP ।/PUNC भयेन/NP च/AVK प्रव्यथितम्/NV मनः/NP मे/SN ।/PUNC अतः/A तत्/SN एव/INTF मे/SN मम/SN दर्शय/KP हे/ASMB देवरूपम्/NV यत्/SN मत्सखम्/NP ।/PUNC प्रसीद/KP देवेश/NV ,/PUNC जगन्निवास/NP जगतः/NP निवासः/NP जगन्निवासः/NV ,/PUNC हे/ASMB जगन्निवास/NV ।/PUNC
किरीटिनम्/NV गदिनम्/NV चक्रहस्तम्/NV इच्छामि/KP त्वाम्/SN द्रष्टुम्/KKS अहम्/SN तथा/AVK एव/INTF ।/PUNC  
तेन/SN एव/INTF रूपेण/ASD चतुर्भुजेन/NV सहस्रबाहो/NV भव/KP विश्वमूर्ते/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 46/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 46/PUNC ।।/PUNC -/PUNC किरीटिनम्/NV किरीटवन्तम्/NV तथा/AVK गदिनम्/NV गदावन्तम्/NV चक्रहस्तम्/NV इच्छामि/KP त्वाम्/SN प्रार्थये/KP त्वाम्/SN द्रष्टुम्/KKS अहम्/SN तथा/AVK एव/INTF ,/PUNC पूर्ववत्/ASD इत्यर्थः/NP ।/PUNC यतः/A एवम्/AUD ,/PUNC तस्मात्/SN तेन/SN एव/INTF रूपेण/ASD वसुदेवपुत्ररूपेण/ASD चतुर्भुजेन/NV ,/PUNC सहस्रबाहो/NV वार्तमानिकेन/NV विश्वरूपेण/NV ,/PUNC भव/KP विश्वमूर्ते/NV ;/PUNC उपसंहृत्य/KKS विश्वरूपम्/NV ,/PUNC तेन/SN एव/INTF रूपेण/ASD भव/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
अर्जुनम्/NS भीतम्/NP उपलभ्य/KKS ,/PUNC उपसंहृत्य/KKS विश्वरूपम्/NV ,/PUNC प्रियवचनेन/NP आश्वासयन्/KNV श्रीभगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC
मया/SN प्रसन्नेन/NP तव/SN अर्जुन/NS इदम्/SNV रूपम्/NP परम्/NV दर्शितम्/KN आत्मयोगात्/NP ।/PUNC
तेजोमयम्/NV विश्वम्/NP अनन्तम्/NV आद्यम्/NV यत्/SN मे/SN त्वदन्येन/SN न/AN दृष्टपूर्वम्/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 47/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 47/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मया/SN प्रसन्नेन/NP ,/PUNC प्रसादः/NP नाम/NP त्वयि/SN अनुग्रहबुद्धिः/NP ,/PUNC तद्वता/ASD प्रसन्नेन/NP मया/SN तव/SN हे/ASMB अर्जुन/NS ,/PUNC इदम्/SNV परम्/NV रूपम्/NP विश्वरूपम्/NV दर्शितम्/KN आत्मयोगात्/NP आत्मनः/NP ऐश्वर्यस्य/NP सामर्थ्यात्/NP ।/PUNC तेजोमयम्/NV तेजःप्रायम्/NV विश्वम्/NP समस्तम्/NV अनन्तम्/NV अन्तरहितम्/NV आदौ/NP भवम्/KP आद्यम्/NV यत्/SNV रूपम्/NP मे/SN मम/SN त्वदन्येन/SN त्वत्तः/KN अन्येन/SN केनचित्/A न/AN दृष्टपूर्वम्/NP ।।/PUNC
आत्मनः/NP मम/SN रूपदर्शनेन/NP कृतार्थः/NP एव/INTF त्वम्/SN संवृत्तः/KN इति/AUD तत्/SN स्तौति/KP -/PUNC
न/AN वेदयज्ञाध्ययनैः/NP न/AN दानैः/NP न/AN च/APY क्रियाभिः/NP न/AN तपोभिः/NP उग्रैः/NV ।/PUNC
एवंरूपः/ASD शक्यः/NP अहम्/SN नृलोके/NP द्रष्टुम्/KKS त्वदन्येन/SN कुरुप्रवीर/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 48/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 48/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN वेदयज्ञाध्ययनैः/NP चतुर्णाम्/SMKY अपि/A वेदानाम्/NP अध्ययनैः/NP यथावत्/ASD यज्ञाध्ययनैः/NP च/AVK -/PUNC वेदाध्ययनैः/NP एव/INTF यज्ञाध्ययनस्य/NP सिद्धत्वात्/NP पृथक्/AUP यज्ञाध्ययनग्रहणम्/NP यज्ञविज्ञानोपलक्षणार्थम्/NP -/PUNC तथा/AVK न/AN दानैः/NP तुलापुरुषादिभिः/NP ,/PUNC न/AN च/AVK क्रियाभिः/NP अग्निहोत्रादिभिः/NP श्रौतादिभिः/NP ,/PUNC न/AN अपि/A तपोभिः/NP उग्रैः/NV चान्द्रायणादिभिः/NS उग्रैः/NV घोरैः/NV ,/PUNC एवंरूपः/ASD यथादर्शितम्/KN विश्वरूपम्/NP यस्य/SN सः/SN अहम्/SN एवंरूपः/ASD न/AN शक्यः/NP अहम्/SN नृलोके/NP मनुष्यलोके/NP द्रष्टुम्/KKS त्वदन्येन/SN त्वत्तः/KN अन्येन/SN कुरुप्रवीर/NV ।।/PUNC
मा/AN ते/SN व्यथा/NP मा/AN च/AVK विमूढभावः/NP दृष्ट्वा/KKS रूपम्/NP घोरम्/NV ईदृक्/ASD मम/SN इदम्/SN ।/PUNC
व्यपेतभीः/NV प्रीतमनाःNV पुनः/A त्वम्/SN तत्/SN एव/INTF मे/SN रूपम्/NP इदम्/SN प्रपश्य/KP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 49/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 49/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मा/AN ते/SN व्यथा/NP मा/AN भूत्/NP ते/SN भयम्/NP ,/PUNC मा/AN च/AVK विमूढभावः/NV विमूढचित्तता/NP ,/PUNC दृष्ट्वा/KKS उपलभ्य/KKS रूपम्/NP घोरम्/NV ईदृक्/ASD यथादर्शितम्/KN मम/SN इदम्/SN ।/PUNC व्यपेतभीः/NV विगतभयः/NV ,/PUNC प्रीतमनाः/NV च/APY सन्/KKS पुनः/A भूयः/A त्वम्/SN तत्/SN एव/INTF चतुर्भुजम्/NV रूपम्/NP शङ्खचक्रगदाधरम्/NV तव/SN इष्टम्/NV रूपम्/NP इदम्/SN प्रपश्य/KP ।।/PUNC
संजयः/NS उवाच/KP -/PUNC
सञ्जयः/NS उवाच/KP
इति/AUD अर्जुनम्/NS वासुदेवः/NS तथा/AVK उक्त्वा/KKS स्वकम्/SNV रूपम्/NP दर्शयामास/KP भूयः/A ।/PUNC
आश्वासयामास/KP च/AVK भीतम्/NP एनम्/SN भूत्वा/KKS पुनः/A सौम्यवपुः/NV महात्मा/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 50/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 50/PUNC ।।/PUNC -/PUNC इति/AUD एवम्/AUD अर्जुनम्/NS वासुदेवः/NS तथाभूतम्/NV वचनम्/NP उक्त्वा/KKS ,/PUNC स्वकम्/SN वसुदेवस्य/NS गृहे/NP जातम्/KN रूपम्/NP दर्शयामास/KP दर्शितवान्/KN भूयः/A पुनः/A ।/PUNC आश्वासयामास/KP च/AVK आश्वासितवान्/KN भीतम्/KN एनम्/SN ,/PUNC भूत्वा/KKS पुनः/A सौम्यवपुः/NV प्रसन्नदेहः/NV महात्मा/NP ।।/PUNC
अर्जुनः/NS उवाच/KP -/PUNC
अर्जुनः/NS उवाच/KP
दृष्ट्वा/KKS इदम्/SNV मानुषम्/NV रूपम्/NP तव/SN सौम्यम्/NV जनार्दन/NV ।/PUNC
इदानीम्/A अस्मि/KP संवृत्तः/KN सचेताः/NV प्रकृतिम्/NP गतः/KN ।।/PUNC 11PUNC ./PUNC 51/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 51/PUNC ।।/PUNC -/PUNC दृष्ट्वा/KKS इदम्/SNV मानुषम्/NV रूपम्/NP मत्सखम्/NP प्रसन्नम्/NV तव/SN सौम्यम्/NV जनार्दन/NV ,/PUNC इदानीम्/A ,/PUNC अधुना/A अस्मि/KP संवृत्तः/KN संजातः/KN ।/PUNC किम्/SN ?/PUNC सचेताः/NV प्रसन्नचित्तः/KN प्रकृतिम्/NP स्वभावम्/NP गतश्च/AVK अस्मि/KP ।।/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP
सुदुर्दर्शम्/NV इदम्/SNV रूपम्/NP दृष्टवान्/KN असि/KP यत्/SN मम/SN ।/PUNC
देवाः/NP अपि/A अस्य/SNV रूपस्य/NP नित्यम्/NV दर्शनकाङ्क्षिणः/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 52/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 52/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सुदुर्दर्शम्/NV सुष्ठु/NV दुःखेन/NV दर्शनम्/NP अस्य/SN इति/AUD सुदुर्दर्शम्/NV ,/PUNC इदम्/SNV रूपम्/NP दृष्टवान्/KN असि/KP यत्/SN मम/SN ,/PUNC देवाः/NP अपि/A अस्य/SN मम/SN रूपस्य/NP नित्यम्/NV सर्वदा/NV दर्शनकाङ्क्षिणः/NP ;/PUNC दर्शनेप्सवः/NP अपि/A न/AN त्वम्/SN इव/ASD दृष्टवन्तः/KN ,/PUNC न/AN द्रक्ष्यन्ति/KP च/AVK इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC
कस्मात्/SN ?/PUNC -/PUNC
न/AN अहम्/SN वेदैः/NS न/AN तपसा/NP न/AN दानेन/AN न/AN च/APY इज्यया/NP ।/PUNC
शक्यः/NP एवंविधः/ASD द्रष्टुम्/KKS दृष्टवान्/KN असि/KP माम्/SN  यथा/AVK ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 53/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 53/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN अहम्/SN वेदैः/NS ऋग्यजुःसामाथर्ववेदैः/NS चतुर्भिः/SMKY अपि/A ,/PUNC न/AN तपसा/NP उग्रेण/NV चान्द्रायणादिना/NS ,/PUNC न/AN दानेन/NP गोभूहिरण्यादिना/NP ,/PUNC न/AN च/AVK इज्यया/NP यज्ञेन/NP पूजया/NP वा/AVK शक्यः/NP एवंविधः/ASD यथादर्शितप्रकारः/NP द्रष्टुम्/KKS दृष्टवान्/KN असि/KP माम्/SN यथा/ASD त्वम्/SN ।।/PUNC
कथम्/A पुनः/A शक्यः/NP इति/AUD उच्यते/KP -/PUNC
भक्त्या/NP तु/A अनन्यया/SN शक्यः/NP अहम्/SN एवंविधः/ASD अर्जुन/NS ।/PUNC
ज्ञातुम्/KKS दृष्टुम्/KKS च/APY तत्त्वेन/NP प्रवेष्टुम्/KKS च/APY परंतप/NV ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 54/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 54/PUNC ।।/PUNC -/PUNC भक्त्या/NP तु/A किंविशिष्टया/NP इति/AUD आह/KP -/PUNC अनन्यया/SN अपृथग्भूतया/NP ,/PUNC भगवतः/NP अन्यत्र/A पृथक्/NP न/AN कदाचित्/A अपि/A या/SSN भवति/KP सा/SSN तु/A अनन्या/NV भक्तिः/NP ।/PUNC सर्वैः/SN अपि/A करणैः/NP वासुदेवात्/NS अन्यत्/SN न/AN उपलभ्यते/KP यया/SSN ,/PUNC सा/SNV अनन्या/NV भक्तिः/NP ,/PUNC तया/SSN भक्त्या/NP शक्यः/NP अहम्/SN एवंविधः/ASD विश्वरूपप्रकारः/NV हे/ASMB अर्जुन/NS ,/PUNC ज्ञातुम्/KKS शास्त्रतः/KN ।/PUNC न/AN केवलम्/A ज्ञातुम्/KKS शास्त्रतः/KN ,/PUNC द्रष्टुम्/KKS च/APY साक्षात्कर्तुम्/KKS तत्त्वेन/NP तत्त्वतः/KN ,/PUNC प्रवेष्टुम्/KKS च/APY मोक्षम्/NP च/APY गन्तुम्/KKS परंतप/NV ।।/PUNC
अधुना/A सर्वस्य/SNV गीताशास्त्रस्य/NP सारभूतः/NV अर्थः/NP निःश्रेयसार्थः/NP अनुष्ठेयत्वेन/NP समुच्चित्य/KKS उच्यते/KP -/PUNC
मत्कर्मकृत्/NP मत्परमः/NV मद्भक्तः/NP सङ्गवर्जितः/KN ।/PUNC
निर्वैरः/NV सर्वभूतेषु/NP यः/SSN सः/SSN माम्/SN एति/KP पाण्डव/NP ।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 55/PUNC ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमद्भगवद्गीतासु/NS उपनिषत्सु/NS ब्रह्मविद्यायाम्/NS योगशास्त्रे/NS श्रीकृष्णार्जुनसंवादे/NP विश्वरूपदर्शनम्/NS नाम/NP एकादशः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC
।।/PUNC 11/PUNC ./PUNC 55/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मत्कर्मकृत्/NP मदर्थम्/NV कर्म/NP मत्कर्म/NP ,/PUNC तत्/SN करोति/KP इति/AUD मत्कर्मकृत्/NP ।/PUNC मत्परमः/NV -/PUNC करोति/KP भृत्यः/NP स्वामिकर्म/NP ,/PUNC न/AN तु/A आत्मनः/NP परमा/NV प्रेत्य/KKS गन्तव्या/KN गतिः/NP इति/AUD स्वामिनम्/NP प्रतिपद्यते/KP ;/PUNC अयम्/SN तु/A मत्कर्मकृत्/NP माम्/SN एव/INTF परमाम्/NV गतिम्/NP प्रतिपद्यते/KP इति/AUD मत्परमः/NV ,/PUNC अहम्/SN परमः/NV परा/NV गतिः/NP यस्य/SN सः/SN अयम्/SN मत्परमः/NV ।/PUNC तथा/AVK मद्भक्तः/NP माम्/SN एव/INTF सर्वप्रकारैः/NP सर्वात्मना/NP सर्वोत्साहेन/NP भजते/KP इति/AUD मद्भक्तः/NP ।/PUNC सङ्गवर्जितः/KN धनपुत्रमित्रकलत्रबन्धुवर्गेषु/NP सङ्गवर्जितः/KN सङ्गः/NP प्रीतिः/NP स्नेहः/NP तद्वर्जितः/KN ।/PUNC निर्वैरः/NV निर्गतवैरः/NV सर्वभूतेषु/NP शत्रुभावरहितः/NV आत्मनः/NP अत्यन्तापकारप्रवृत्तेषु/NP अपि/A ।/PUNC यः/SSN ईदृशः/ASD मद्भक्तः/NP सः/SSN माम्/SN एति/KP ,/PUNC अहम्/SN एव/INTF तस्य/SN परा/NV गतिः/NP ,/PUNC न/AN अन्या/SN गतिः/NP काचित्/A भवति/KP ।/PUNC अयम्/SN तव/SN उपदेशः/NP इष्टः/NV मया/SN उपदिष्टः/KN हे/ASMB पाण्डव/NP इति/AUD ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य/NV श्रीगोविन्दभगवत्पूज्यपादशिषयस्य/NV श्रीमच्छङ्करभगवतः/NP कृतौ/KN श्रीमद्भगवद्गीताभाष्ये/NS एकादशः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC
द्वितीयाध्यायप्रभृतिषु/NP विभूत्यन्तेषु/NV अध्यायेषु/NP परमात्मनः/NV ब्रह्मणः/NS अक्षरस्य/NP विध्यस्तसर्वोपाधिविशेषस्य/NP उपासनम्/NP उक्तम्/KN ;/PUNC सर्वयोगैश्वर्यसर्वज्ञानशक्तिमत्सत्त्वोपाधेः/NV ईश्वरस्य/NP तव/SN च/AVK उपासनम्/NP तत्र/A तत्र/DV उक्तम्/KN ।/PUNC विश्वरूपाध्याये/NP तु/A ऐश्वरम्/NP आद्यम्/NV समस्तजगदात्मरूपम्/NV विश्वरूपम्/NV त्वदीयम्/SN दर्शितम्/KN उपासनार्थम्/NP एव/INTF त्वया/SN ।/PUNC तत्/SN च/AVK दर्शयित्वा/KKS उक्तवान्/KN असि/KP '/PUNC मत्कर्मकृत्/NP '/PUNC इत्यादि/A ।/PUNC अतः/A अहम्/SN अनयोः/SNV उभयोः/SNV पक्षयोः/NP विशिष्टतरबुभुत्सया/NP त्वाम्/SN पृच्छामि/KP इति/AUD 
अर्जुनः/NS उवाच/KP -/PUNC
एवम्/AUD सततयुक्ताः/NV ये/SNV भक्ताः/NP त्वाम्/SN पर्युपासते/KP ।/PUNC 
ये/SN च/AVK अपि/A अक्षरम्/NV अव्यक्तम्/NV तेषाम्/SN के/SN योगवित्तमाः/NV ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एवम्/AUD इति/AUD अतीतानन्तरश्लोकेन/NP उक्तम्/KN अर्थम्/NP परामृशति/KP '/PUNC मत्कर्मकृत्/NP '/PUNC इत्यादिना/NP ।/PUNC एवम्/AUD सततयुक्ताः/KN ,/PUNC नैरन्तर्येण/NP भगवत्कर्मादौ/NP यथोक्ते/NV अर्थे/NP समाहिताः/KN सन्तः/KN प्रवृत्ताः/KN इत्यर्थः/NP ।/PUNC ये/SNV भक्ताः/NP अनन्यशरणाः/NV सन्तः/KN त्वाम्/SN यथादर्शितम्/KN विश्वरूपम्/NP पर्युपासते/KP ध्यायन्ति/KP ;/PUNC ये/SN च/AVK अन्ये/SN अपि/A त्यक्तसर्वैषणाः/NP संन्यस्तसर्वकर्माणः/NP यथाविशेषितम्/NV ब्रह्म/NP अक्षरम्/NP निरस्तसर्वोपाधित्वात्/NP अव्यक्तम्/NV अकरणगोचरम्/NV ।/PUNC यत्/SSN हि/A करणगोचरम्/NP तत्/SSN व्यक्तम्/NP उच्यते/KP ,/PUNC अञ्जेः/NP धातोः/NP तत्कर्मकत्वात्/NP ;/PUNC इदम्/SN तु/A अक्षरम्/NP तत्/SN विपरीतम्/NP ,/PUNC शिष्टैः/NP च/AVK उच्यमानैः/KN विशेषणैः/NP विशिष्टम्/NP ,/PUNC तत्/SN ये/SN च/AVK अपि/A पर्युपासते/KP ,/PUNC तेषाम्/SNV उभयेषाम्/SN मध्ये/NP के/SN योगवित्तमाः/NV ?/PUNC के/SN अतिशयेन/NV योगविदः/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC ये/SSN तु/A अक्षरोपासकाः/NV सम्यग्दर्शिनः/NV निवृत्तैषणाः/NV ,/PUNC ते/SSN तावत्/A तिष्ठन्तु/KKS ;/PUNC तान्/SN प्रति/AUP यत्/SSN वक्तव्यम्/KN ,/PUNC तत्/SSN उपरिष्टात्/NP वक्ष्यामः/KP ।/PUNC ये/SN तु/A इतरे/SN -/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP  
मयि/SN आवेश्य/KKS मनः/NP ये/SN माम्/SN नित्ययुक्ताः/KN उपासते/KP ।/PUNC 
श्रद्धया/NV परया/NV उपेताः/KN ते/SN मे/SN युक्ततमाः/NV मताः/NP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मयि/SN विश्वरूपे/NV परमेश्वरे/NP आवेश्य/KKS समाधाय/NP मनः/NP ,/PUNC ये/SSN भक्ताः/NP सन्तः/KN ,/PUNC माम्/SNV सर्वयोगेश्वराणाम्/NP अधीश्वरम्/NV सर्वज्ञम्/NV विमुक्तरागादिक्लेशतिमिरदृष्टिम्/NP ,/PUNC नित्ययुक्ताः/KN अतीतानन्तराध्यायान्तोक्तश्लोकार्थन्यायेन/NP सततयुक्ताः/KN सन्तः/KN उपासते/KP श्रद्धया/NV परया/NV प्रकृष्टया/NV उपेताः/KN ,/PUNC ते/SSN मे/SN मम/SN मताः/NP अभिप्रेताः/KN युक्ततमाः/NV इति/AUD ।/PUNC नैरन्तर्येण/NP हि/A ते/SN मच्चित्ततया/NP अहोरात्रम्/NP अतिवाहयन्ति/KP ।/PUNC अतः/A युक्तम्/KN तान्/SN प्रति/AUP युक्ततमाः/NV इति/AUD वक्तुम्/KKS ।।/PUNC
किम्/SN इतरे/SN युक्ततमाः/NV न/AN भवन्ति/KP ?/PUNC न/AN ;/PUNC किन्तु/AVK तान्/SN प्रति/AUP यत्/SSN वक्तव्यम्/KN ,/PUNC तत्/SSN शृणु/KP -/PUNC
ये/SN तु/A अक्षरम्/NP अनिर्देश्यम्/NV अव्यक्तम्/NV पर्युपासते/KP ।/PUNC 
सर्वत्रगम्/NV अचिन्त्यम्/NV च/APY कूटस्थम्/NV अचलम्/NV ध्रुवम्/NV ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ये/SN तु/A अक्षरम्/NP अनिर्देश्यम्/NV ,/PUNC अव्यक्तत्वात्/NV अशब्दगोचरः/NV इति/AUD न/AN निर्देष्टुम्/KKS शक्यते/KP ,/PUNC अतः/A अनिर्देश्यम्/NV ,/PUNC अव्यक्तम्/NV न/AN केन/SN अपि/A प्रमाणेन/NP व्यज्यते/KP इति/AUD अव्यक्तम्/NV पर्युपासते/KP परि/AUP समन्तात्/NP उपासते/KP ।/PUNC उपासनम्/NP नाम/NP यथाशास्त्रम्/NP उपास्यस्य/NV अर्थस्य/NP विषयीकरणेन/NP सामीप्यम्/AUP उपगम्य/KKS तैलधारावत्/ASD समानप्रत्ययप्रवाहेण/NP दीर्घकालम्/NP यत्/SSN आसनम्/NP ,/PUNC तत्/SSN उपासनम्/NP आचक्षते/KP ।/PUNC अक्षरस्य/NP विशेषणम्/NP आह/KP उपास्यस्य/NP -/PUNC सर्वत्रगम्/NV व्योमवत्/ASD व्यापि/NP अचिन्त्यम्/NV च/AVK अव्यक्तत्वात्/NP अचिन्त्यम्/NV ।/PUNC यत्/SSN हि/A करणगोचरम्/NP ,/PUNC तत्/SSN मनसा/NP अपि/A चिन्त्यम्/NP ,/PUNC तत्/SN विपरीतत्वात्/NP अचिन्त्यम्/NV अक्षरम्/NP ,/PUNC कूटस्थम्/NV दृश्यमानगुणम्/NP अन्तर्दोषम्/NV वस्तु/NP कूटम्/NP ।/PUNC '/PUNC कूटरूपम्/ASD '/PUNC '/PUNC कूटसाक्ष्यम्/NP '/PUNC इत्यादौ/NP कूटशब्दः/NP प्रसिद्धः/KN लोके/NP ।/PUNC तथा/AVK च/AVK अविद्याद्यनेकसंसारबीजम्/NP अन्तर्दोषवत्/ASD मायाव्याकृतादिशब्दवाच्यतया/NP '/PUNC मायाम्/NP तु/A प्रकृतिम्/NP विद्यात्/NP मायिनम्/NP तु/A महेश्वरम्/NP '/PUNC (/PUNC श्वे0/NS उ0/NS 4/PUNC ।/PUNC 10/PUNC )/PUNC '/PUNC मम/SN माया/NP दुरत्यया/NP (/PUNC गीता/NS 7/PUNC ।/PUNC 14/PUNC )/PUNC '/PUNC इत्यादौ/NP प्रसिद्धम्/KN यत्/SSN तत्/SSN कूटम्/NP ,/PUNC तस्मिन्/SN कूटे/NP स्थितम्/NP कूटस्थम्/NP तत्/SN अध्यक्षतया/NP ।/PUNC अथवा/AVK ,/PUNC राशिः/NP इव/ASD स्थितम्/NP कूटस्थम्/NP ।/PUNC अतः/A एव/INTF अचलम्/NV ।/PUNC यस्मात्/SSN अचलम्/NV ,/PUNC तस्मात्/SSN ध्रुवम्/NV ,/PUNC नित्यम्/NV इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
संनियम्य/KKS इन्द्रियग्रामम्/NP सर्वत्र/A समबुद्धयः/NP ।/PUNC 
ते/SN प्राप्नुवन्ति/KP माम्/SN एव/INTF सर्वभूतहिते/NP रताः/KN ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC -/PUNC संनियम्य/KKS सम्यक्/NV नियम्य/KKS उपसंहृत्य/KKS इन्द्रियग्रामम्/NP इन्द्रियसमुदायम्/NP सर्वत्र/A सर्वस्मिन्/SNV काले/NP समबुद्धयः/NP समा/ASD तुल्या/ASD बुद्धिः/NP येषाम्/SN इष्टानिष्टप्राप्तौ/KN ते/SNV समबुद्धयः/NP ।/PUNC ते/SSN ये/SSN एवंविधाः/ASD ते/SN प्राप्नुवन्ति/KP माम्/SN एव/INTF सर्वभूतहिते/NP रताः/KN ।/PUNC न/AN तु/A तेषाम्/SN वक्तव्यम्/KN किञ्चित्/A '/PUNC माम्/SN ते/SN प्राप्नुवन्ति/KP '/PUNC इति/AUD ;/PUNC '/PUNC ज्ञानी/NP तु/A आत्मा/NP एव/INTF मे/SN मतम्/NP (/PUNC गीता/NS 7/PUNC ।/PUNC 18/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD हि/A उक्तम्/KN ।/PUNC न/AN हि/A भगवत्स्वरूपाणाम्/NV सताम्/NP युक्ततमत्वम्/NV अयुक्ततमत्वम्/NV वा/APY वाच्यम्/NP ।।/PUNC
किन्तु/AVK -/PUNC
क्लेशः/NP अधिकतरः/NV तेषाम्/SN अव्यक्तासक्तचेतसाम्/NV ।/PUNC 
अव्यक्ताः/NV हि/A गतिः/NP दुःखम्/NP देहवद्भिः/NP अवाप्यते/KP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC -/PUNC क्लेशः/NP अधिकतरः/NV ,/PUNC यद्यपि/A मत्कर्मादिपराणाम्/NP अधिकः/NV एव/INTF क्लेशः/NP अधिकतरः/NV तु/A अक्षरात्मनाम्/NP परमात्मदर्शिनाम्/NP देहाभिमानपरित्यागनिमित्तः/KN ।/PUNC अव्यक्तासक्तचेतसाम्/NP अव्यक्ते/NV आसक्तम्/NV चेतः/NP येषाम्/SSN ते/SN अव्यक्तासक्तचेतसः/NP तेषाम्/SN अव्यक्तासक्तचेतसाम्/NP ।/PUNC अव्यक्ताः/NV हि/A यस्मात्/SN या/SSN गतिः/NP अक्षरात्मिका/NV दुःखम्/NP सा/SSN देहवद्भिः/NP देहाभिमानवद्भिः/NP अवाप्यते/KP ,/PUNC अतः/A क्लेशः/NP अधिकतरः/NV ।।/PUNC
अक्षरोपासकानाम्/NP यत्/SSN वर्तनम्/NP ,/PUNC तत्/SSN उपरिष्टात्/NP वक्ष्यामः/KP -/PUNC
ये/SN तु/A सर्वाणि/SNV कर्माणि/NP मयि/SN संन्यस्य/NP मत्पराः/NP ।/PUNC 
अनन्येन/SN एव/INTF योगेन/NP माम्/SN ध्यायन्ते/KP उपासते/KP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ये/SSN तु/A सर्वाणि/SNV कर्माणि/NP मयि/SNV ईश्वरे/NP संन्यस्य/NP मत्पराः/NP अहम्/SN परः/SN येषाम्/SN ते/SN मत्पराः/NP सन्तः/KN अनन्येनैव/INTF अविद्यमानम्/KN अन्यत्/SN आलम्बनम्/NP विश्वरूपम्/NV देवम्/NP ध्यायन्तः/KN चिन्तयन्तः/KN उपासते/KP ।।/PUNC
तेषाम्/SN किम्/SN ?/PUNC -/PUNC
तेषाम्/SN अहम्/SN समुद्धर्ता/NV मृत्युसंसारसागरात्/NP ।/PUNC 
भवामि/KP न/AN चिरात्/NP पार्थ/NS मयि/SN आवेशितचेतसाम्/NP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तेषाम्/SN मदुपासनैकपराणाम्/NP अहम्/SN ईश्वरः/NP समुद्धर्ता/NV ।/PUNC कुतः/AP इति/AUD ?/PUNC आह/KP -/PUNC मृत्युसंसारसागरात्/NP मृत्युयुक्तः/KN संसारः/NP मृत्युसंसारः/NP ,/PUNC सः/SN एव/INTF सागर/NP इव/ASD सागरः/NP ,/PUNC दुस्तरत्वात्/NP ,/PUNC तस्मात्/SN मृत्युसंसारसागरात्/NP अहम्/SN तेषाम्/SN समुद्धर्ता/NP भवामि/KP न/AN चिरात्/NP ।/PUNC किम्/SN तर्हि/A ?/PUNC क्षिप्रम्/NP एव/INTF हे/ASMB पार्थ/NS ,/PUNC मयि/SN आवेशितचेतसाम्/NP मयि/SNV विश्वरूपे/NP आवेशितम्/KN समाहितम्/KN चेतः/KN येषाम्/SN ते/SN मयि/SN आवेशितचेतसः/NP तेषाम्/SN ।।/PUNC
यतः/A एवम्/AUD ,/PUNC तस्मात्/SN -/PUNC
मयि/SN एव/INTF मनः/NP आधत्स्व/KP मयि/SN बुद्धिम्/NP निवेशय/KP ।/PUNC 
निवसिष्यसि/KP मयि/SN एव/INTF अतः/A ऊर्ध्वम्/AUP न/AN संशयः/NP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मयि/SNV एव/INTF विश्वरूपे/NV ईश्वरे/NP मनः/NP संकल्पविकल्पात्मकम्/NP आधत्स्व/KP स्थापय/KP ।/PUNC मयि/SN एव/INTF अध्यवसायम्/NP कुर्वतीम्/KNV बुद्धिम्/NP आधत्स्व/KP निवेशय/KP ।/PUNC ततः/A ते/SN किम्/SN स्यात्/KP इति/AUD शृणु/KP -/PUNC निवसिष्यसि/KP निवत्स्यसि/KP निश्चयेन/NP मदात्मना/NP मयि/SN निवासम्/NP करिष्यसि/KP एव/INTF अतः/A शरीरपातात्/NP ऊर्ध्वम्/AUP ।/PUNC न/AN संशयः/NP संशयः/NP अत्र/A न/AN कर्तव्यः/KN ।।/PUNC
अथ/A चित्तम्/NP समाधातुम्/KKS न/AN शक्नोषि/KP मयि/SN स्थिरम्/NP ।/PUNC 
अभ्यासयोगेन/NP ततः/A माम्/SN इच्छ/KP आप्तुम्/KKS धनञ्जय/NS ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अथ/A एवम्/AUD यथा/AVK अवोचम्/KP तथा/AVK मयि/SN चित्तम्/NP समाधातुम्/KKS स्थापयितुम्/KKS स्थिरम्/NV अचलम्/NV न/AN शक्नोषि/KP चेत्/A ,/PUNC ततः/A पश्चात्/NP अभ्यासयोगेन/NP ,/PUNC चित्तस्य/NP कस्मिन्/SNV आलम्बने/NP सर्वतः/A समाहृत्य/KKS पुनः/A पुनः/DV स्थापनम्/NP अभ्यासः/NP ,/PUNC तत्पूर्वकः/NP योगः/NP समाधानलक्षणः/NP तेन/SNV अभ्यासयोगेन/NP माम्/SN विश्वरूपम्/NP इच्छ/KP प्रार्थयस्व/KP आप्तुम्/KKS हे/ASMB धनञ्जय/NS ।।/PUNC
अभ्यासे/NP अपि/A असमर्थः/NP असि/KP मत्कर्मपरमः/NV भव/KP ।/PUNC 
मदर्थम्/NP अपि/A कर्माणि/NP कुर्वन्/KNV सिद्धिम्/NP अवाप्स्यसि/KP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अभ्यासे/NP अपि/A असमर्थः/NP असि/KP अशक्तः/KN असि/KP ,/PUNC तर्हि/A मत्कर्मपरमः/NV भव/KP मदर्थम्/NP कर्म/NP मत्कर्म/NP तत्परमः/NV मत्कर्मपरमः/NV ,/PUNC मत्कर्मप्रधानः/NV इत्यर्थः/NP ।/PUNC अभ्यासेन/NP विना/AUP मदर्थम्/NP अपि/A कर्माणि/NP केवलम्/A कुर्वन्/KNV सिद्धिम्/NP सत्त्वशुद्धियोगज्ञानप्राप्तिद्वारेण/NP अवाप्स्यसि/KP ।।/PUNC
अथ/A एतत्/SN अपि/A अशक्तः/KN असि/KP कर्तुम्/KKS मद्योगम्/NP आश्रितः/KN ।/PUNC 
सर्वकर्मफलत्यागम्/NP ततः/A कुरु/KP यतात्मवान्/KN ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अथ/A पुनः/A एतत्/SN अपि/A यत्/SSN उक्तम्/KN मत्कर्मपरमत्वम्/NP ,/PUNC तत्/SSN कर्तुम्/KKS अशक्तः/KN असि/KP ,/PUNC मद्योगम्/NP आश्रितः/KN मयि/SN क्रियमाणानि/NP कर्माणि/NP संन्यस्य/NP यत्/SNV करणम्/NP तेषाम्/SN अनुष्ठानम्/NP सः/SN मद्योगः/NP ,/PUNC तम्/SN आश्रितः/KN सन्/KKS ,/PUNC सर्वकर्मफलत्यागम्/NP सर्वेषाम्/SNV कर्मणाम्/NP फलसंन्यासम्/NP सर्वकर्मफलत्यागम्/NP ततः/A अनन्तरम्/A कुरु/KP यतात्मवान्/NV संयतचित्तः/KN सन्/KKS इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
इदानीम्/A सर्वकर्मफलत्यागम्/NP स्तौति/KP -/PUNC
श्रेयः/NP हि/A ज्ञानम्/NP अभ्यासात्/NP ज्ञानात्/NP ध्यानम्/NP विशिष्यते/KP ।/PUNC
ध्यानात्/NP कर्मफलत्यागः/NP त्यागात्/NP शान्तिः/NP अनन्तरम्/A ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC -/PUNC श्रेयः/NP हि/A प्रशस्यतरम्/NV ज्ञानम्/NP ।/PUNC कस्मात्/SN ?/PUNC अविवेकपूर्वकात्/NV अभ्यासात्/NP ।/PUNC तस्मात्/SN अपि/A ज्ञानात्/NP ज्ञानपूर्वकम्/NV ध्यानम्/NP विशिष्यते/KP ।/PUNC ज्ञानवतः/KN ध्यानात्/NP अपि/A कर्मफलत्यागः/NP ,/PUNC '/PUNC विशिष्यते/KP '/PUNC इति/AUD अनुषज्यते/KP ।/PUNC एवम्/AUD कर्मफलत्यागात्/NP पूर्वविशेषणवतः/KN शान्तिः/NP उपशमः/NP सहेतुकस्य/NP संसारस्य/NP अनन्तरम्/A एव/AUD स्यात्/KP ,/PUNC न/AN तु/A कालान्तरम्/A अपेक्षते/KP ।।/PUNC 
अज्ञस्य/NP कर्मणि/NP प्रवृत्तस्य/NP पूर्वोपदिष्टोपायानुष्ठानाशक्तौ/NP सर्वकर्मणाम्/NP फलत्यागः/NP श्रेयःसाधनम्/NP उपदिष्टम्/KN ,/PUNC न/AN प्रथमम्/SMKP एव/INTF ।/PUNC अतः/A च/AVK '/PUNC श्रेयः/NP हि/A ज्ञानम्/NP अभ्यासात्/NP '/PUNC इति/AUD उत्तरोत्तरविशिष्टत्वोपदेशेन/NP सर्वकर्मफलत्यागः/NP स्तूयते/KP ,/PUNC संपन्नसाधनानुष्ठानाशक्तौ/NP अनुष्ठेयत्वेन/NP श्रुतत्वात्/NP ।/PUNC केन/SN साधर्म्येण/NP स्तुतित्वम्/NP ?/PUNC '/PUNC यदा/A सर्वे/SN प्रमुच्यन्ते/KP (/PUNC क0/NS उ0/NS 6/PUNC ।/PUNC 14/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD सर्वकामप्रहाणात्/NP अमृतत्वम्/NP उक्तम्/KN ;/PUNC तत्/SN प्रसिद्धम्/KN ।/PUNC कामाः/NP च/AVK सर्वे/SNV श्रौतस्मार्तकर्मणाम्/NP फलानि/NP ।/PUNC तत्त्यागे/NP च/AVK विदुषः/NP ध्याननिष्ठस्य/NP अनन्तरा/A एव/INTF शान्तिः/NP इति/AUD सर्वकामत्यागसामान्यम्/NP अज्ञकर्मफलत्यागस्य/NP अस्ति/KP इति/AUD तत्सामान्यात्/NP सर्वकर्मफलत्यागस्तुतिः/NP इयम्/SN प्ररोचनार्था/NP ।/PUNC यथा/AVK अगस्त्येन/NS ब्राह्मणेन/NS समुद्रः/NP पीतः/KN इति/AUD इदानींतनाः/A अपि/A ब्राह्मणाः/NS ब्राह्मणत्वसामान्यात्/NP स्तूयन्ते/KP ,/PUNC एवम्/AUD कर्मफलत्यागात्/NP कर्मयोगस्य/NP श्रेयःसाधनत्वम्/NP अभिहितम्/KN ।।/PUNC 
%%अत्र/A च/AVK आत्मेश्वरभेदम्/NP आश्रित्य/KKS विश्वरूपे/NV ईश्वरे/NP चेतःसमाधानलक्षणः/NP योगः/NP उक्तः/KN ,/PUNC ईश्वरार्थम्/NV कर्मानुष्ठानादि/NP च/APY ।/PUNC '/PUNC अथ/A एतत्/SN अपि/A अशक्तः/KN असि/KP (/PUNC गीता/NS 12/PUNC ।/PUNC 11/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD अज्ञानकार्यसूचनात्/NP न/AN अभेददर्शिनः/NV अक्षरोपासकस्य/NV कर्मयोगः/NS उपपद्यते/KP इति/AUD दर्शयति/KP ;/PUNC तथा/AVK कर्मयोगिनः/NP अक्षरोपासनानुपपत्तिम्/NP ।/PUNC '/PUNC ते/SN प्राप्नुवन्ति/KP माम्/SN एव/INTF (/PUNC गीता/NS 12/PUNC ।/PUNC 4/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD अक्षरोपासकानाम्/NP कैवल्यप्राप्तौ/KN स्वातन्त्र्यम्/NP उक्त्वा/KKS ,/PUNC इतरेषाम्/SN पारतन्त्र्यात्/NP ईश्वराधीनताम्/NP दर्शितवान्/KN '/PUNC तेषाम्/SN अहम्/SN समुद्धर्ता/NV (/PUNC गीता/NS 12/PUNC ।/PUNC 7/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD ।/PUNC यदि/A हि/A ईश्वरस्य/NP आत्मभूताः/NV ते/SNV मताः/NP अभेददर्शित्वात्/NP ,/PUNC अक्षरस्वरूपाः/NV एव/INTF ते/SN इति/AUD समुद्धरणकर्मवचनम्/NP तान्/SN प्रति/AUP अपेशलम्/NP स्यात्/KP ।/PUNC यस्मात्/SN च/AVK अर्जुनस्य/NS अत्यन्तम्/NV एव/INTF हितैषी/NV भगवान्/NP तस्य/SN सम्यक्/NV दर्शनानन्वितम्/NV कर्मयोगम्/NP भेददृष्टिमन्तम्/NV एव/INTF उपदिशति/KP ।/PUNC न/AN च/AVK आत्मानम्/NP ईश्वरम्/NP प्रमाणतः/NP बुद्ध्वा/KKS कस्यचित्/A गुणभावम्/NP जिगमिषति/KP कश्चित्/A ,/PUNC विरोधात्/NP ।/PUNC तस्मात्/SN अक्षरोपासकानाम्/NP सम्यक्/NV दर्शननिष्ठानाम्/NP संन्यासिनाम्/NP त्यक्तसर्वैषणानाम्/SN '/PUNC अद्वेष्टा/NV सर्वभूतानाम्/NP (/PUNC गीता/NS 12/PUNC ।/PUNC 13/PUNC )/PUNC '/PUNC इत्यादिधर्मपूतम्/NV साक्षात्/NV अमृतत्वकारणम्/NP वक्ष्यामि/KP इति/AUD प्रवर्तते/KP -/PUNC
अद्वेष्टा/NV सर्वभूतानाम्/NP मैत्रः/NV करुणः/NV एव/INTF च/APY ।/PUNC 
निर्ममः/NV निरहङ्कारः/NV समदुःखसुखः/NV क्षमी/NV ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अद्वेष्टा/NV सर्वभूतानाम्/NP न/AN द्वेष्टा/NV ,/PUNC आत्मनः/NP दुःखहेतुम्/NP अपि/A न/AN किञ्चित्/A द्वेष्टि/NP ,/PUNC सर्वाणि/SNV भूतानि/NP आत्मत्वेन/NP हि/A पश्यति/KP ।/PUNC मैत्रः/NP मित्रभावः/NP मैत्री/NP मित्रतया/NP वर्तते/KP इति/AUD मैत्रः/NV ।/PUNC करुणः/NP एव/INTF च/AVK ,/PUNC करुणा/NP कृपा/NP दुःखितेषु/NP दया/NP ,/PUNC तद्वान्/KN करुणः/NP ,/PUNC सर्वभूताभयप्रदः/NV ,/PUNC संन्यासी/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC निर्ममः/NV ममप्रत्ययवर्जितः/KN ।/PUNC निरहंकारः/NP निर्गताहंप्रत्ययः/NP ।/PUNC समदुःखसुखः/NP समे/ASD दुःखसुखे/NP द्वेषरागयोः/NP अप्रवर्तके/NP यस्य/SN सः/SN समदुःखसुखः/NV ।/PUNC क्षमी/NV क्षमावान्/NV ,/PUNC आक्रुष्टः/KN अभिहतः/KN वा/APY अविक्रियः/NV एव/INTF आस्ते/KP ।।/PUNC
सन्तुष्टः/NV सततम्/NV योगी/NP यतात्मा/NV दृढनिश्चयः/NV ।/PUNC 
मयि/SN अर्पितमनोबुद्धिः/NV यः/SSN मद्भक्तः/NP सः/SSN मे/SN प्रियः/NP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC -/PUNC संतुष्टः/NV सततम्/NV नित्यम्/NV देहस्थितिकारणस्य/NP लाभे/NP अलाभे/NP च/APY उत्पन्नालंप्रत्ययः/NP ।/PUNC तथा/AVK गुणवल्लाभे/NP विपर्यये/NP च/APY संतुष्टः/KN ।/PUNC सततम्/NV योगी/NP समाहितचित्तः/KN ।/PUNC यतात्मा/NV संयतस्वभावः/NV ।/PUNC दृढनिश्चयः/NV दृढः/NV स्थिरः/NV निश्चयः/NP अध्यवसायः/NP यस्य/SN आत्मतत्त्वविषये/NP सः/SN दृढनिश्चयः/NV ।/PUNC मयि/SN अर्पितमनोबुद्धिः/NV संकल्पविकल्पात्मकम्/NV मनः/NP ,/PUNC अध्यवसायलक्षणा/NV बुद्धिः/NP ,/PUNC ते/SN मयि/SN एव/INTF अर्पिते/KN स्थापिते/KN यस्य/SNV संन्यासिनः/NP सः/SN मयि/SN अर्पितमनोबुद्धिः/NV ।/PUNC यः/SSN ईदृशः/ASD मद्भक्तः/NP सः/SSN मे/SN प्रियः/NP ।/PUNC '/PUNC प्रियः/NP हि/A ज्ञानिनः/NP अत्यर्थम्/NP अहम्/SN सः/SN च/AVK मम/SN प्रियः/NP (/PUNC गीता/NS 7/PUNC ।/PUNC 17/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD सप्तमे/SMKP अध्याये/NP सूचितम्/KN ,/PUNC तत्/SN इह/A प्रपञ्च्यते/KP ।।/PUNC
यस्मात्/SN न/AN उद्विजते/KP लोकः/NP लोकात्/NP न/AN उद्विजते/KP च/AVK यः/SSN ।/PUNC 
हर्षामर्षभयोद्वेगैः/NP मुक्तः/KN यः/SSN सः/SSN च/AVK मे/SN प्रियः/NP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यस्मात्/SN संन्यासिनः/NP न/AN उद्विजते/KP न/AN उद्वेगम्/NP गच्छति/KP न/AN संतप्यते/KP न/AN संक्षुभ्यति/KP लोकः/NP ,/PUNC तथा/AVK लोकात्/NP न/AN उद्विजते/KP च/AVK यः/SSN ,/PUNC हर्षामर्षभयोद्वेगैः/NP हर्षः/NP च/APY अमर्षः/NP च/APY भयम्/NP च/APY उद्वेगः/NP च/APY तैः/SNV हर्षामर्षभयोद्वेगैः/NP मुक्तः/KN ;/PUNC हर्षः/NP प्रियलाभे/NP अन्तःकरणस्य/NP उत्कर्षः/NP रोमाञ्चनाश्रुपातादिलिङ्गः/NP ,/PUNC अमर्षः/NP असहिष्णुता/NP ,/PUNC भयम्/NP त्रासः/NP उद्वेगः/NP उद्विग्नता/NP ,/PUNC तैः/SN मुक्तः/KN यः/SSN सः/SSN च/AVK मे/SN प्रियः/NP ।।/PUNC
अनपेक्षः/NV शुचिः/NV दक्षः/NV उदासीनः/NV गतव्यथः/NV ।/PUNC
सर्वारम्भपरित्यागी/NV यः/SSN मद्भक्तः/NP सः/SSN मे/SN प्रियः/NP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC -/PUNC देहेन्द्रियविषयसंबन्धादिषु/NP अपेक्षाविषयेषु/NP अनपेक्षः/NV निःस्पृहः/NV ।/PUNC शुचिः/NP बाह्येन/NP आभ्यन्तरेण/NP च/APY शौचेन/NP संपन्नः/KN ।/PUNC दक्षः/NP प्रति/AUP उत्पन्नेषु/NV कार्येषु/NP सद्यः/A यथावत्/ASD प्रतिपत्तुम्/KKS समर्थः/NP ।/PUNC उदासीनः/NP न/AN कस्यचित्/A मित्रादेः/NP पक्षम्/NP भजते/KP यः/SSN ,/PUNC सः/SSN उदासीनः/NV यतिः/KP ।/PUNC गतव्यथः/NV गतभयः/NV ।/PUNC सर्वारम्भपरित्यागी/NV आरभ्यन्ते/KP इति/AUD आरम्भाः/NP इहामुत्रफलभोगार्थानि/NV कामहेतूनि/NV कर्माणि/NP सर्वारम्भाः/NP ,/PUNC तान्/SN परित्यक्तुम्/KKS शीलम्/NP अस्य/SN इति/AUD सर्वारम्भपरित्यागी/NV यः/SSN मद्भक्तः/NP सः/SSN मे/SN प्रियः/NP ।।/PUNC
किञ्च/AVK -/PUNC
यः/SSN न/AN हृष्यति/KP न/AN द्वेष्टि/KP न/AN शोचति/KP न/AN काङ्क्षति/KP ।/PUNC 
शुभाशुभपरित्यागी/NV भक्तिमान्/KN यः/SSN सः/SSN मे/SN प्रियः/NP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यः/sSN न/AN हृष्यति/KP इष्टप्राप्तौ/KN ,/PUNC न/AN द्वेष्टि/KP अनिष्टप्राप्तौ/KN ,/PUNC न/AN शोचति/KP प्रियवियोगे/NP ,/PUNC न/AN च/AVK अप्राप्तम्/NP काङ्क्षति/KP ,/PUNC शुभाशुभे/NV कर्मणी/NP परित्यक्तुम्/KKS शीलम्/NP अस्य/SN इति/AUD शुभाशुभपरित्यागी/NV भक्तिमान्/KN यः/SSN सः/SSN मे/SN प्रियः/NP ।।/PUNC
समः/ASD शत्रौ/NP च/APY मित्रे/NP च/APY तथा/APY मानापमानयोः/NP ।/PUNC 
शीतोष्णसुखदुःखेषु/NP समः/ASD सङ्गविवर्जितः/KN ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC -/PUNC समः/ASD शत्रौ/NP च/APY मित्रे/NP च/APY ,/PUNC तथा/AVK मानापमानयोः/NP पूजापरिभवयोः/NP ,/PUNC शीतोष्णसुखदुःखेषु/NP समः/ASD ,/PUNC सर्वत्र/A च/AVK सङ्गविवर्जितः/KN ।।/PUNC 
किञ्च/AVK -/PUNC
तुल्यनिन्दास्तुतिः/NV मौनी/NV सन्तुष्टः/NV येन/SN केनचित्/A ।/PUNC 
अनिकेतः/NV स्थिरमतिः/NV भक्तिमान्/NV मे/SN प्रियः/NV नरः/NP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तुल्यनिन्दास्तुतिः/NP निन्दा/NP च/APY स्तुतिः/NP च/APY निन्दास्तुती/NP ते/SN तुल्ये/NP यस्य/SN सः/SN तुल्यनिन्दास्तुतिः/NV ।/PUNC मौनी/NV मौनवान्/NV संयतवाक्/NV ।/PUNC संतुष्टः/NV येन/SN केनचित्/A शरीरस्थितिहेतुमात्रेण/NP ;/PUNC तथा/AVK च/AVK उक्तम्/KN -/PUNC '/PUNC येन/SN केनचित्/A आच्छन्नः/NP येन/SN केनचित्/A आशितः/KN ।/PUNC यत्र/A क्वचन/A शायी/NP स्यात्/KP तम्/SN देवाः/NP ब्राह्मणम्/NS विदुः/KP (/PUNC महा0/NS शान्ति0/NS 245/PUNC ।/PUNC 12/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD ।/PUNC किञ्च/AVK ,/PUNC अनिकेतः/NP निकेतः/NP आश्रयः/NP निवासः/NP नियतः/NV न/AN विद्यते/KP यस्य/SN सः/SN अनिकेतः/NV ,/PUNC अनागारे/NP इत्यादिस्मृत्यन्तरात्/NP ।/PUNC स्थिरमतिः/NP स्थिरा/NV परमार्थविषया/NP यस्य/SN मतिः/NP सः/SN स्थिरमतिः/NP ।/PUNC भक्तिमान्/KN मे/SN प्रियः/NV नरः/NP ।।/PUNC
'/PUNC अद्वेष्टा/NV सर्वभूतानाम्/NP (/PUNC गीता/NS 12/PUNC ।/PUNC 13/PUNC )/PUNC '/PUNC इत्यादिना/A अक्षरोपासकानाम्/NP निवृत्तसर्वैषणानाम्/NP संन्यासिनाम्/NP परमार्थज्ञाननिष्ठानाम्/NP धर्मजातम्/KN  प्रक्रान्तम्/KN उपसंह्रियते/KP -/PUNC
ये/SSN तु/A धर्म्यामृतम्/NP इदम्/SN यथोक्तम्/KN पर्युपासते/KP ।/PUNC 
श्रद्दधानाः/NV मत्परमाः/NV भक्ताः/NP ते/SSN अतीव/NV मे/SN प्रियाः/NP ।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमद्भगवद्गीतासु/NS उपनिषत्सु/NS ब्रह्मविद्यायाम्/NS योगशास्त्रे/NS श्रीकृष्णार्जुनसंवादे/NP भक्तियोगः/NS नाम/NP द्वादशः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC
।।/PUNC 12/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ये/SSN तु/A संन्यासिनः/NP धर्म्यामृतम्/NP धर्मात्/NP अनपेतम्/NV धर्म्यम्/NP च/AVK तत्/SNV अमृतम्/NP च/AVK तत्/SN ,/PUNC अमृतत्वहेतुत्वात्/NP ,/PUNC इदम्/SN यथोक्तम्/KN ,/PUNC '/PUNC अद्वेष्टा/NV सर्वभूतानाम्/NP '/PUNC इत्यादिना/A पर्युपासते/KP अनुतिष्ठन्ति/KP श्रद्दधानाः/KN सन्तः/KN मत्परमाः/NV यथोक्तः/KN अहम्/SN अक्षरात्मा/NP परमः/NV निरतिशया/NV गतिः/NP येषाम्/SN ते/SN मत्परमाः/NV ,/PUNC मद्भक्ताः/NP च/AVK उत्तमाम्/NV परमार्थज्ञानलक्षणाम्/NV भक्तिम्/NP आश्रिताः/KN ,/PUNC ते/SN अतीव/NV मे/SN प्रियाः/NP ।/PUNC '/PUNC प्रियः/NP हि/A ज्ञानिनः/NP अत्यर्थम्/NP '/PUNC इति/AUD यत्/SSN सूचितम्/KN तत्/SSN व्याख्याय/NP इह/A उपसंहृतम्/KN '/PUNC भक्ताः/NP ते/SN अतीव/NV मे/SN प्रियाः/NP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC यस्मात्/SSN धर्म्यामृतम्/NP इदम्/SN यथोक्तम्/KN अनुतिष्ठन्/KNV भगवतः/NV विष्णोः/NS परमेश्वरस्य/NP अतीव/NV प्रियः/NP भवति/KP ,/PUNC तस्मात्/SSN इदम्/SN धर्म्यामृतम्/NP मुमुक्षुणा/NP यत्नतः/KN अनुष्ठेयम्/NP विष्णोः/NS प्रियम्/NP परम्/NV धाम/NP जिगमिषुणा/NP इति/AUD वाक्यार्थः/NP ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य/NV श्रीगोविन्दभगवत्पूज्यपादशिष्यस्य/NV श्रीमच्छङ्करभगवतः/NP कृतौ/KN श्रीमद्भगवद्गीताभाष्ये/NP द्वादशः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC 
