﻿अष्टावक्रः/NS 
प्रसन्नः/NV सायङ्कालः/NP ।/PUNC 
आह्लादकः/NP वायुः/NP मन्दं/NP मन्दं/DV वाति/KP स्म/A ।/PUNC 
भगवतः/NV सूर्यस्य/NS आरक्ताः/NV किरणाः/NP बालकान्/NP क्रीडितुं/KKS प्रेरयन्ति/KP स्म/A ।/PUNC महर्षेः/NV उद्दालकस्य/NS आश्रमे/NP अपि/APY ऋषिकुमाराः/NP क्रीडायां/NP मग्नाः/KN आसन्/KP ।/PUNC 
केचित्/SN धावन्ति/KP ,/PUNC केचित्/SN कूर्दन्ति/KP ,/PUNC केचित्/SN च/APY कन्दुकेन/NP क्रीडन्ति/KP स्म/A ।/PUNC 

एकः/SMKY दशवर्षीयः/NV ऋषिकुमारः/NP महर्षेः/NV उद्दालकस्य/NS अङ्के/NP उपविष्टः/KN ।/PUNC 
क्रीडायाः/NP दर्शनेन/NP एव/INTF सः/SN आनन्दम्/NP अनुभवति/KP स्म/A ।/PUNC 
स्वयं/SN क्रीडितुं/KKS तु/A असमर्थः/NP एव/INTF सः/SN ।/PUNC 
तस्य/SN अङ्गानि/NP अष्टसु/SMKY स्थानेषु/NP वक्राणि/NP ।/PUNC 
कथं/AP खेलितुं/KKS पारयेत्/KP वराकः/NP ?/PUNC 
सः/SN आसीत्/KP अष्टावक्रनाम/NP महर्षेः/NV उद्दालकस्य/NS दौहित्रः/NP ।/PUNC 
तस्य/SN अङ्गानि/NP असामान्यतया/NV वक्राणि/NP ,/PUNC बुद्धिः/NP तु/A असामान्यतया/NV एव/INTF तीक्ष्णा/NP ।/PUNC 
तस्य/SN एव/INTF कथा/NP अद्य/A श्रूयते/KP ।/PUNC 
बालाः/NP !/PUNC अवहितचित्ताः/NV भूत्वा/KKS शृणुत/KP ।/PUNC 


कुलवृत्तान्तः/NP 
पुरा/A उद्दालकमहर्षेः/NP आश्रमे/NP बहवः/NV ब्रह्मचारिणः/NP वेदाध्ययनं/NP कुर्वन्ति/KP स्म/A ।/PUNC 
खगोदरशर्मा/NS तेषु/SN अन्यतमः/SN ।/PUNC 
तस्य/SN माता/NP तु/A तस्य/SN बाल्यकाले/NP एव/INTF दिवङ्गता/KN ।/PUNC 
अचिरात्/A एव/INTF पिता/NP तस्य/SN उपनयनं/NP विधाय/KKS तम्/SN उद्दालकाश्रमं/NP प्रेषितवान्/KN ।/PUNC 
बुद्धिमान्/NV स/SNV बालकः/NP महर्षेः/NP प्रियशिष्यः/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
आश्रमस्य/NP दिनचर्या/NP तु/A नियमकठोरा/NV ।/PUNC 
किन्तु/AVK विनयेन/NP गुर्वादेशान्/NP पालयन्/KN सः/SN सर्वाणि/SNV कर्माणि/NP नियमानुसारं/NP प्रवर्तयन्/KNV सर्वेषाम्/SNV आचार्याणाम्/NP ऋषिपत्नीनां/NP च/APY आनन्ददायकः/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
सर्वे/SN प्रीत्या/NP तं/SN '/PUNC कहोड/NV '/PUNC इति/AUD सम्बोधयन्ति/KP स्म/A ।/PUNC 

तस्य/SN किशोरे/NP वयसि/NP एव/INTF तस्य/SN पिता/NP अपि/APY पञ्चत्वं/NP गतः/KN ।/PUNC 
महर्षेः/NV उद्दालकस्य/NS स्नेहच्छायायाम्/NP एव/INTF कहोडः/NS बाल्यात्/NP तरुणः/NP जातः/KN ।/PUNC 
उद्दालकस्य/NS कन्यया/NP सुजातया/NS सह/AUP तस्य/SNV विवाहः/NP जातः/KN ।/PUNC 
तयोः/SN एव/INTF तनयः/NP अष्टावक्रः/NS ।/PUNC 


विषमा/NS परिस्थितिः/NP 
यदा/AVK सुजाता/NS गर्भवती/KN आसीत्/KP तदा/AVK खगोदरशर्मणः/NS ग्रामे/NP भीषणं/NV दुर्भिक्षं/NP जातम्/KN ।/PUNC 
क्षेत्राणि/NP शुष्काणि/NV ।/PUNC 
वृक्षाः/NP फलरहिताः/NV ।/PUNC 
नदी/NP कृशा/NV बभूव/KP ।/PUNC 
पातुम्/KKS अपि/APY जलं/NP दुर्लभम्/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
ईदृश्यां/SNV परिस्थितौ/NP ,/PUNC हाहाकारे/NP जाते/KN जनाः/NP यज्ञान्/NP कथं/AP सम्पादयेयुः/KP ?/PUNC कोपि/A कहोडसदृशान्/NV वेदपारगान्/NV ब्राह्मणान्/NP किमर्थं/AP वा/APY आह्वयेत्/KP ?/PUNC अन्नलाभः/NP कथं/AP भवेत्/KP इति/AUD एव/INTF सर्वेषां/SN चिन्तनम्/KN ।/PUNC 
यज्ञं/NP विशेषपूजां/NP वा/APY न/AN कोपि/A कारयति/KP स्म/A ।/PUNC 
अतः/AVK कहोडः/NS निष्कर्मा/NP अभवत्/kp ।/PUNC 
दारिद्र्येण/NP अभिभूतः/KN कहोडः/NS खिन्नः/NP च/APY अभवत्/KP ।/PUNC 

एकदा/A सुजाता/NS कहोडम्/NS उक्तवती/KN ,/PUNC "/PUNC नाथ/NP !/PUNC एषु/SNV दिवसेषु/NP भवन्तं/SN उद्विग्नं/NV हताशम्/NV च/APY पश्यामि/KP ।/PUNC 
"/PUNC इति/AUD ।/PUNC 

कहोडः/NS अवदत्/KP "/PUNC सुजाते/NS चिन्ता/NP मां/SN प्रतिदिनं/NP बाधते/KP ।/PUNC 
ईदृशी/SNV निराशा/NP न/AN कदापि/A मया/SN अनुभूतपूर्वा/NV ।/PUNC 
मम/SN विद्या/NP न/AN फलति/KP ।/PUNC 
न/AN अहं/SN धनं/NP लभे/KP ।/PUNC 
आवां/SN तु/A दारिद्र्ये/NP अपि/APY यथाकथं/A जीवेव/KP ,/PUNC किन्तु/AVK तव/SN उदरे/NP यः/SNV शिशुः/NP वर्धत/KP तस्य/SN पालनं/NP कथं/AP करिष्यामि/KP ?/PUNC वद/KP सुजाते/NS किं/AP करवाणि/KP ?/PUNC "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
पत्युः/NP विकलतां/NP ज्ञात्वा/KKS सुजाता/NS अपि/APY खिन्ना/NV जाता/KN ।/PUNC 
सुजाता/NS उपायं/NP चिन्तयति/KP तेषु/SNV दिनेषु/NP मिथिलानगरीं/NP जनकमहाराजः/NP प्रशास्ति/KP स्म/A ।/PUNC 
तस्य/SN राज्ये/NP सदा/A एव/INTF सुभिक्षं/NP वर्तते/KP स्म/A ।/PUNC 
वेदपारङ्गतानां/NP विषये/NP महाराजस्य/NP मनसि/NP महान्/NV आदरः/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
स्वयम्/SN अपि/APY सः/SN वेदज्ञः/NV शास्त्रनिपुणः/NV च/APY आसीत्/KP ।/PUNC 
सुजाता/NS एतत्/SN सर्वं/SN जानाति/KP स्म/A ।/PUNC 
अतः/AVK सा/SN कहोडाय/NS निवेदितवती/KN ,/PUNC "/PUNC नाथ/NP !/PUNC भवान्/SN मिथिलां/NS गच्छतु/KP ।/PUNC 
जनकमहाराजः/NP वेदज्ञान्/NP विप्रान्/NP सगौरवं/NP पश्यति/KP ।/PUNC 
तत्र/A गत्वा/KKS स्वविद्यां/NP प्रदर्शयतु/KP ।/PUNC 
महाराजः/NP प्रसन्नः/NV भूत्वा/KKS निश्चितम्/NP एव/INTF भवते/SN सुयोग्यं/NV पारितोषिकं/NP प्रभूतं/NV धनं/NP च/APY प्रदास्यति/KP ।/PUNC 
अस्माकं/SN दारिद्र्यदुःखं/NP नष्टं/NP भविष्यति/KP ।/PUNC 
"/PUNC 
कहोडेन/NS आशायाः/NP किरणाः/NP दृष्टाः/KN ।/PUNC 
तथापि/AVK कहोडः/NS तूष्णीम्/A एव/INTF आसीत्/KP ।/PUNC 
तस्य/SN मनसि/NP विचारक्रमः/NP भ्रमति/KP स्म/A ।/PUNC 
अन्ततः/A सः/SN अवदत्/KP ,/PUNC "/PUNC मिथिलानगरी/NP बहु/NV दूरे/NP वर्तते/KP ।/PUNC 
मार्गः/NP अपि/APY न/AN सुकरः/NP ।/PUNC 
मम/SN प्रवासाय/NP बहूनि/NV दिनानि/NP अपेक्ष्यन्ते/KP ।/PUNC 
तत्र/A प्राप्यम्/KN अपि/APY ।/PUNC 
प्रथमं/SMKP महाराजस्य/NP दर्शनम्/NP ।/PUNC 
तदनन्तरं/A मम/SN वेदविद्यायाः/NP प्रदर्शनस्य/NP अवसरः/NP ।/PUNC 
तत्र/A अपि/APY समयः/NP व्यतीतः/KN भविष्यति/KP ।/PUNC 
ततः/A अपि/APY यदि/AVK महाराजः/NP प्रसन्नः/NV भवेत्/KP तर्हि/AVK एव/INTF धनलाभः/NP ।/PUNC 
तत्पश्चात्/A प्रतिनिवर्तनम्/KN ।/PUNC 
भवतीम्/SN ईदृश्यां/SNV गर्भपूर्णायाम्/NP अवस्थायाम्/NP एकाकिनीं/NP विहाय/A गन्तुं/KKS न/AN मे/SN मनः/NP उत्सहते/KP ।/PUNC 
"/PUNC 
किन्तु/AVK सुजातया/NS तस्य/SN अपि/APY उपायः/NP चिन्तितः/KN ।/PUNC 
सा/SN उक्तवती/KN ,/PUNC "/PUNC मां/SN मातृगृहं/NP प्रापयतु/KP भवान्/SN ।/PUNC 
ततः/A मिथिलां/NS गच्छतु/KP ।/PUNC 
मम/SN प्रसवः/NP मातृगृहे/NP एव/INTF भवतु/KP ।/PUNC 
मम/SN माता/NP मत्समीपे/NP भविष्यति/KP ।/PUNC 
अतः/AVK निश्चिन्तः/KN भूत्वा/KKS भवान्/SN गच्छतु/KP "/KP इति/AUD ।/PUNC 


अष्टावक्रस्य/NS जन्म/NP 
यथा/AVK सुजाता/NS सूचितवती/KN तथा/AVK एव/INTF कहोडेन/NS कृतम्/KN ।/PUNC 
यथासमयं/A सुजातायाः/NS पुत्रः/NP जातः/KN ।/PUNC 
किन्तु/AVK तस्य/SNV हस्तौ/NP पादौ/NP च/APY वक्रौ/NV ।/PUNC 
नासिका/NP अपि/APY विकृता/NV ।/PUNC 
कटिप्रदेशः/NP कुटिलः/NV ।/PUNC 
पृष्ठभागः/NP कुब्जः/NV ।/PUNC 
अङ्गुल्यः/NP अपि/APY न/AN सरलाः/NV ।/PUNC 
द्वे/SMKY नेत्रे/NP द्वयोः/SMKY दिशोः/NP प्रसृते/KN ।/PUNC 
तादृशं/SNV विकलाङ्गं/NV पुत्रं/NP दृष्ट्वा/KKS सुजाता/NS रोदितुम्/KKS आरभत/KP ।/PUNC 
किन्तु/AVK तस्याः/SN पिता/NV उद्दालकमुनिः/NP तु/A त्रिकालज्ञः/NV ।/PUNC 
तेन/SN स्पष्टतया/NP उक्तम्/KN ,/PUNC "/PUNC वत्से/NP ,/PUNC मा/AN रोदीः/KP ।/PUNC 
अयं/SNV बालकः/NP शरीरेण/NP विकलः/NP ।/PUNC 
किन्तु/AVK ज्ञानबलेन/NP सर्वेषां/SN पूजनीयः/NV भविष्यति/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
पितुः/NP वचने/NP सुजातायाः/NS अतीव/A श्रद्धा/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
अतः/AVK अश्रूणि/NP प्रमृज्य/KKS तया/SN पुत्रः/NP स्नेहेन/NP आलिङ्गितः/KN ।/PUNC 
तस्य/SN शरीरम्/NP अष्टसु/SMKY स्थलेषु/NP वक्रम्/NP ,/PUNC अतः/AVK '/PUNC अष्टावक्रः/NS '/PUNC इति/AUD तस्य/SN नाम/NP स्थिरं/KN जातम्/KN ।/PUNC 

कहोडः/NS मिथिलां/NS गच्छति/KP 
तत्र/A कहोडः/NS मिथिलां/NS प्राप्तः/KN ।/PUNC 
तस्मिन्/SN प्रदेशे/NP नद्यः/NP जलपरिपूर्णः/NP ।/PUNC 
वृक्षाः/NP पुष्पफलैः/NP सुशोभिताः/NV ।/PUNC 
जनाः/NP अतिथीनां/NP सत्कारे/NP तत्पराः/NP ।/PUNC 
तत्/SN सर्वं/SN दृष्ट्वा/KKS कहोडः/NP प्रसन्नः/NV अभवत्/KP ।/PUNC 
तस्य/SNV बाल्यकालस्य/NP सखा/NP यज्ञदत्तः/NS अपि/APY तेन/SN तत्र/A दृष्टः/KN ।/PUNC 
कहोडं/NS दृष्ट्वा/KKS सः/SN हर्षितः/NV विस्मितः/NV च/APY अभवत्/KP ।/PUNC 
तेन/SN सह/AUP कहोडः/NS तस्य/SN गृहं/NP गतः/KN ।/PUNC 
भोजनानन्तरं/A तयोः/SN वार्तालापः/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
दारिद्र्येण/NP पीडितः/NV कहोडः/NP भाग्यपरीक्षणार्थं/A जनकस्य/NS आस्थाने/NP विद्यां/NP प्रदर्शयितुम्/KKS आगतः/KN इति/AUD यज्ञदत्तेन/NS ज्ञातम्/KN ।/PUNC 
परन्तु/AVK PUNC 

बन्दिपण्डितरूपि/NP प्राणसङ्कटम्/NV 
परन्तु/AVK जनकस्य/NS राजसभायां/NP बन्दी/NS नामकः/NP कश्चन/SNV पण्डितः/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
सर्वेषु/SNV विषयेषु/NP सः/SN पारङ्गतः/KN ,/PUNC साधारणपण्डितानां/NP सत्कारं/NP सः/SN राज्ञा/NP कारयति/KP स्म/A ।/PUNC 
धनादि/NP दापयति/KP स्म/A ।/PUNC 
यज्ञकर्मकुशलः/NV पण्डितः/NP जनकस्य/NS आस्थानं/NP शास्त्रचर्चार्थम्/A आगच्छति/KP स्म/A ,/PUNC तेन/SN सह/AUP चर्चां/NP कृत्वा/KKS बन्दी/NS तं/SN पराजितं/KN करोति/KP स्म/A ।/PUNC 
पराजितान्/NV पण्डितान्/NP सः/SN नद्यां/NP मज्जयति/KP स्म/A ।/PUNC 
यज्ञदत्तः/NS मिथिलानिवासी/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
अतः/AVK स/SN एतत्/SN जानाति/KP स्म/A ।/PUNC 
अतः/AVK कहोडस्य/NS मुखात्/NP तस्य/SNV मिथिलागमनस्य/KNV हेतुं/NP श्रुत्वा/KKS स/SN चिन्तितः/KN अभवत्/KP ।/PUNC 
कहोडं/NS परावृत्तं/KN कर्तुं/KKS सः/SN प्रयत्नं/NP कृतवान्/KN ।/PUNC 
किन्तु/AVK कहोडः/NS कृतनिश्चयः/NV आसीत्/KP ।/PUNC 


बन्दिकहोडयोः/NS वादः/NP 
अथ/A निर्दिष्टदिने/NP यज्ञदत्तेन/NS सह/AUP कहोडः/NS शास्त्रचर्चार्थं/A राजसभां/NP प्राप्तः/KN ।/PUNC 
बन्दिपण्डितः/NP अघोषयत्/KP ,/PUNC "/PUNC चर्चायां/NP यदि/AVK अस्माकं/NP प्रश्नानाम्/NP उत्तराणि/NP सम्यक्/A दीयन्ते/KP तर्हि/AVK महाराजः/NP भवदिच्छानुसारं/NP सर्वं/SN भवते/SN प्रदास्यति/KP ।/PUNC 
अपूर्वं/NV सम्मानं/NP भवान्/SN प्राप्स्यति/KP ।/PUNC 
किन्तु/A यदि/AVK निरुत्तरः/NP भवति/KP भवान्/SN तर्हि/AVK '/PUNC मम/SN वशंवदः/NP '/PUNC भूत्वा/KKS मया/SN विधास्यमानं/KNV दण्डं/NP प्राप्तुम्/KKS अर्हति/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
कहोडः/NS सिद्धः/KN अभवत्/KP ।/PUNC 

अथ/A शास्त्रचर्चा/NP प्रारब्धा/KN ।/PUNC 
आस्थानं/NP विद्वज्जनैः/NP परिपूर्णम्/NP अपि/AVK यज्ञदत्तः/NS तत्र/A सकुतूहलं/A शृणोति/KP स्म/A ।/PUNC 
परन्तु/AVK PUNC हन्त/ABS !/PUNC अन्ततः/A गत्वा/KKS बन्दी/NS एव/INTF विजयं/NP प्राप्तवान्/KN ।/PUNC 
सगर्वं/A सः/SN कहोडम्/NS आज्ञापितवान्/KN ,/PUNC "/PUNC अधुना/A मम/SN वशंवदः/NP भवान्/SN ।/PUNC 
माम्/SN अनुसरतु/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
निस्तेजस्कः/NV कहोडः/NS अगतिकः/NP सन्/NP तम्/SN अनुसृतवान्/KN ।/PUNC 
इतःपरं/A का/AP तस्य/SN स्थितिः/NP गतिः/NP वा/APY इति/AUD ज्ञातुं/KKS न/AN कोपि/A शक्तः/KN ।/PUNC 


कुत्र/AP भवेत्/KP कहोडः/NS 
विषण्णः/NV यज्ञदत्तः/NS एकः/SMKY एव/INTF गृहम्/NP आगतः/KN ।/PUNC 
दुःखितमनसा/NP एताम्/SNV अप्रियां/NP वार्तां/NP सः/SN उद्दालकाय/NS प्रेषितवान्/KN ।/PUNC 
एषा/SNV दुर्वार्ता/NP यदा/SSN सुजातायाः/NS कर्णपथम्/NP आगता/KN तदा/SSN तस्याः/SN शोकस्य/NP सीमा/NP एव/INTF न/AN आसीत्/KP ।/PUNC 
सर्वैः/SN आश्रमवासिभिः/NP पितृभ्यां/NP च/APY सा/SN कथमपि/A सान्त्वनावचनैः/NP समाश्वसिता/KN ।/PUNC 
नवजातस्य/NV शिशोः/NP अष्टावक्रस्य/NS केवलं/A मासमात्रं/A वयः/NP ।/PUNC 
इदानीं/A सः/SN एव/INTF तस्याः/SN मन्दभागिन्याः/NP एकमात्रं/NV चित्तविनोदनम्/NP ।/PUNC 


अष्टावक्रस्य/NS विद्यार्जनम्/NP 
एवं/AUD पञ्चवर्षाणि/NP व्यतीतानि/KP ।/PUNC 
सुजातायाः/NS प्रसवात्/NP पूर्वम्/NP एव/INTF तस्याः/SN माता/NP अपि/APY पुत्रम्/NP एकं/SMKY प्रसूतवती/KN आसीत्/KP ।/PUNC 
तस्य/SN नाम/NP श्वेतकेतुः/NS ।/PUNC 
द्वौ/SMKY अपि/APY मातुलभागिनेयौ/NP समवयस्कौ/NS एव/INTF ।/PUNC 
तयोः/SN उपनयनसंस्कारः/NP अपि/APY जातः/KN ।/PUNC 
द्वौ/SMKY अपि/APY विद्याध्ययनम्/NP आरब्धवन्तौ/NP ।/PUNC 
अष्टावक्रस्य/NS असामान्येन/NV बुद्धिवैभवेन/NP सर्वे/SN अपि/APY आश्रमवासिनः/NP विस्मिताः/KN ।/PUNC 
श्वेतकेतुः/NS अपि/APY मेधावी/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
किन्तु/AVK अष्टावक्रस्य/NS पुरतः/AUP तस्य/SN तेजः/NP मन्दम्/KP इव/AUD भासते/KP स्म/A ।/PUNC 
केवलम्/A एकवारं/A श्रुत्वा/KKS एव/INTF अष्टावक्रः/NS सर्वं/SN कण्ठगतं/KN करोति/KP स्म/A ।/PUNC 
शास्त्राणां/NP गहनतमान्/NV अपि/APY सिद्धान्तान्/NP सः/SN लीलया/NP अवगच्छति/KP स्म/A ।/PUNC 
न/AN केवलं/A विषयाणाम्/NP आकलनं/NP ,/PUNC अपि/APY तु/A पठितानाम्/KNV अंशानाम्/NP उचितेषु/NV स्थानेषु/NP समीचीनं/NV प्रयोगम्/NP अपि/APY कर्तुं/KKS सः/SN समर्थः/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
तस्य/SN अङ्गानां/NP वक्रताकारणेन/NP तस्य/SN चलनवलनादयः/NP क्रियाकलापाः/NP दोषपूर्णाः/NV आसन्/KP ।/PUNC 
अप्रगल्भाः/NV केचित्/SNV बालकाः/NP तम्/SN उपहसन्ति/KP स्म/A ।/PUNC 
किन्तु/AVK अष्टावक्रस्य/NS तत्र/A अवधानम्/NP एव/INTF न/AN आसीत्/KP ।/PUNC 
स/SN तु/A विद्यार्जने/NP एव/INTF दत्तचित्तः/KN ।/PUNC 
अद्भुता/NV मेधा/NP ,/PUNC अपूर्वः/NV निश्चयः/NP 

कहोडस्य/NS मिथिलाप्रस्थानं/NP 
,/PUNC तत्र/A वादे/NP तस्य/SN पराजयः/NP पराजितानां/NV वेदपारगानां/NV पण्डितानां/NP जले/NP मज्जनम्/KN इति/AUD सर्वम्/SN अष्टावक्रेण/NP श्रुतपूर्वम्/NP ।/PUNC 
सर्वशास्त्रार्थवेत्ता/NP वादमर्मज्ञः/NP च/APY भूत्वा/KKS तं/SNV बन्दिपण्डितं/NP वादे/NP जेष्यामि/KP ,/PUNC पितृऋणात्/NP आत्मानं/NP मोचयिष्यामि/KP इति/AUD तस्य/SN दृढः/NV निश्चयः/NP ।/PUNC 
वयसः/NP एकादशे/SMKY वर्षे/NP एव/INTF तेन/SN चत्वारः/SMKY वेदाः/NP सम्यक्/NP अधीताः/KN ।/PUNC 
वेदानां/NP षट्सु/SMKY अङ्गेषु/NP नैपुण्यं/NP प्राप्तम्/KN ।/PUNC 
साङ्ख्यादि/NP शास्त्राणि/NP पठितानि/KP ।/PUNC 
श्रुतिस्मृतिपुराणग्रन्थाः/NP अपि/APY कण्ठस्थीकृताः/KN ।/PUNC 
अद्भुता/NV तस्य/SN मेधा/NP ।/PUNC 
आत्मविश्वासः/NV पितृभक्तिः/NV च/APY 
एकदा/A अष्टावक्रः/NS मातरम्/NP अवदत्/KP ,/PUNC अम्ब/NP ,/PUNC मां/SN मिथिलां/NV प्रेषयतु/KP ।/PUNC 
तत्र/A गत्वा/KKS बन्दिपण्डितं/NP जेष्यामि/KP ।/PUNC 
तस्य/SN विद्यागर्वं/NP निर्वाप्य/KKS तम्/SN अपि/APY जले/NP मग्नं/NP द्रक्ष्यामि/KP ।/PUNC 
ततः/A एव/INTF पितृतर्पणं/NP करिष्यामि/KP इति/AUD ।/PUNC 
तस्य/SN आत्मविश्वासं/NV पितृभक्तिं/NV च/APY ज्ञात्वा/KKS सुजातायाः/NS हृदयं/NP भावाकुलम्/NV अभवत्/KP ।/PUNC 
परन्तु/AVK व्याघ्रस्य/NP गुहायां/NP कथम्/AP अयं/SNV हरिणशावकः/NP प्रेषणीयः/KN इति/AUD विचारेण/NP तस्याः/SN मातृहृदयं/NP कम्पितम्/KN ।/PUNC 
अतः/AVK तया/SN पिता/NV उद्दालकमहर्षिः/NP एव/INTF मार्गदर्शनार्थं/A पृष्टः/KN ।/PUNC 
उद्दालकस्य/NS तु/A अष्टावक्रस्य/NS सामर्थ्ये/NP महान्/NV विश्वासः/NP ।/PUNC 
अतः/AVK मातामहस्य/NP ,/PUNC जनन्याः/NP ,/PUNC अन्येषां/SNV गुरुजनानां/NP च/APY अनुमत्या/NP अष्टावक्रः/NS श्वेतकेतुना/NS सह/AUP मिथिलां/NS प्रस्थितः/KN ।/PUNC 


मिथिला/NS प्रवेशः/NP 
यदा/SSN एतौ/SNV बालकौ/NP जनकस्य/NS राजसभां/NP प्राप्तौ/KN ,/PUNC तदा/SSN अष्टावक्रस्य/NS विचित्रं/NV शरीरं/NP ,/PUNC विकृताः/NS चेष्टाः/NP दृष्ट्वा/KKS केचित्/SNV सभाजनाः/NP अहसन्/KP ।/PUNC 
परन्तु/AVK अष्टावक्रः/NS अविचलः/NV एव/INTF आसीत्/KP ।/PUNC 
शान्तचित्तेन/NP जनकराजस्य/NS अभिवादनं/NP कृत्वा/KKS सः/SN पृष्टवान्/KN राजन्/NP भवतां/SNV सभायां/NP विद्वांसः/NP विराजन्ते/KP इति/AUD श्रूयते/KP ।/PUNC 
किन्तु/AVK अत्र/A तथा/AVK न/AN दृश्यते/KP इति/AUD विस्मितः/NV अस्मि/KP ।/PUNC 
मम/SN वक्राणि/NV अङ्गानि/NP दृष्ट्वा/KKS एते/SN अहसन्/KP ।/PUNC 
किन्तु/AVK किं/AP मे/SN आत्मा/NP अपि/AVK वक्रः/NP ?/PUNC किम्/AP एते/SN विद्वांसः/NP न/AN जानन्ति/KP तत्/SN ?/PUNC 
एतत्/SN श्रुत्वा/KKS सर्वे/SNV सभाजनाः/NP लज्जिताः/NV ।/PUNC 
अनन्तरं/A सः/SN अवदत्/KP ,/PUNC महाराज/NP बन्दिपण्डितेन/NP सह/AUP शास्त्रचर्चां/NP कर्तुम्/KKS उपस्थितः/KN अस्मि/KP ।/PUNC 
तं/SN पराजित्य/KKS पण्डितानां/NP जलनिमज्जनस्य/NP क्रूरां/NV परम्परां/NP समापयितुम्/KKS इच्छामि/KP ।/PUNC 
कृपया/NP मह्यम्/SN अवसरं/NP ददातु/KP इति/AUD ।/PUNC 

अकल्पितानि/NV एतानि/SNV वचनानि/NP श्रुत्वा/KKS सर्वे/SN चकिताः/NV भयभीताः/NV च/APY जाताः/KP ।/PUNC 
बन्दिपण्डितस्य/NP कठोराः/NV नियमाः/NP ।/PUNC 
अष्टावक्रस्य/NS सुकुमारं/NV वयः/NP ।/PUNC 
महाराजः/NP करुणार्द्रेण/NV स्वरेण/NP उक्तवान्/KN ।/PUNC 
वत्स/NP शास्त्रचर्चा/NP न/AN शिशुक्रीडा/NV ।/PUNC 
बन्दिपण्डितः/NP महान्/NV विद्वान्/NV अस्ति/KP ।/PUNC 
वादनियमाः/NP अपि/APY कठोराः/NV सन्ति/KP ।/PUNC 
एतत्/SN दुःसाहसं/NP न/AN कर्तव्यम्/KN इति/AUD ।/PUNC 
परन्तु/AVK अष्टावक्रस्य/NS निश्चयः/NP दृढः/NV आसीत्/KP ।/PUNC 
अतः/AVK प्रथमं/SMKP जनकः/NP कतिचित्/SNV प्रश्नान्/NP पृष्ट्वा/KKS तस्य/SN क्षमतायाः/NP निर्णयं/NP कुर्यात्/KP ,/PUNC तत्र/A यदि/AVK अष्टावक्रः/NS सफलः/NV भवेत्/KP तर्हिः/AVK बन्दिपण्डितेन/NP सह/AUP वादः/NP भवेत्/KP इति/AUD ज्येष्ठैः/NP एकमतेन/NP निश्चितम्/KN ।/PUNC 

जनकस्य/NS प्रश्नाः/NP ,/PUNC अष्टावक्रस्य/NS उत्तराणि/NP 
जनकः/NS –/PUNC षण्णाभेः/SMKY द्बादशाक्षस्य/SMKY चतुर्विंशतिपर्वणः/SMKY ।/PUNC 

यः/SSN त्रिषष्टिशतारस्य/NP वेदार्थं/A स/SSN परः/NV कविः/NP ॥/PUNC 
अस्य/SNV श्लोकस्य/NP अर्थं/NP वदतु/KP ।/PUNC 

अष्टा/NS -/PUNC [/PUNC सस्मितम्/A ]/PUNC एतत्/SN वर्षचक्रस्य/NP वर्णनम्/NP ।/PUNC 
षड्ऋतवः/NP वर्षचक्रस्य/NP नाभ्यः/NV ।/PUNC 
द्वादशमासाः/NP एव/INTF अक्षाः/NV ।/PUNC 
चतुर्विंशतिः/SMKY पक्षाः/NP पर्वाणि/NV ।/PUNC 
तथैव/AUD षष्ट्यधिकत्रिशतसङ्ख्यकानि/NP तस्य/SN दिनानि/NV भवन्ति/KP ।/PUNC 
यः/SSN एतां/SNV वर्षगणनां/NP जानाति/KP सः/SSN एव/INTF कविः/NP [/PUNC पण्डितः/NP ]/PUNC इति/AUD अत्र/A कथितम्/KN ।/PUNC 


[/PUNC सभायाः/NP करताडनेन/NP तस्य/SN अभिवादनं/NP कृतम्/KN ।/PUNC 
राजा/NP अपि/APY सन्तुष्टः/NV जातः/KN ।/PUNC 
तेन/SN पुनः/A पृष्टम्/KN ]/PUNC 
जनकः/NS –/PUNC किंस्वित्/A सुप्तं/KN न/AN निमिषति/KP ?/AP [/PUNC नेत्रनिमीलनं/KN न/AN करोति/KP ]/PUNC 
अष्टा/NS –/PUNC मत्स्यः/NP सुप्तो/KN न/AN निमिषति/KP ।/PUNC 

जनकः/NS –/PUNC किंस्वित्/A जातं/KN न/AN चोपते/KP ?/PUNC [/PUNC स्पन्दते/KP ]/PUNC 
अष्टा/NS –/PUNC अण्डं/NP जातं/KN न/AN चोपते/KP ।/PUNC 

सर्वे/SNV अपि/APY सभासदाः/NP साधु/NP साधु/DV इति/AUD उच्चैः/KV उद्घोष्य/KKS तं/SN प्रशंसितवन्तः/KN ।/PUNC 
अयं/SNV बालकः/NP अतीव/A बुद्धिमान्/NV इति/AUD जनकः/NS अपि/APY ज्ञातवान्/KN ।/PUNC 
अन्येद्युः/A बन्दिपण्डितेन/NP सह/AUP अष्टावक्रस्य/NS वादः/NP भविष्यति/KP इति/AUD तेन/SN घोषितम्/KN ।/PUNC 


अष्टावक्रबन्दिपण्डितयोः/NP वादः/NP 
अपरस्मिन्/SNV दिने/NP सम्पूर्णम्/NV आस्थानं/NP विद्वज्जनैः/NP सङ्कुलम्/KN ।/PUNC 
"/PUNC कोमलः/NV अयं/SNV मृगशावकः/NP स्वयम्/SN एव/INTF व्याघ्रमुखं/NP प्रविशति/KP "/PUNC इति/AUD तेषां/SN मनसि/NP कौतूहलम्/NP अपि/APY आसीत्/KP ,/PUNC चिन्ता/NP करुणा/NP अपिच/APY ।/PUNC 
चर्चा/NP प्रारब्धा/KN ।/PUNC 
जगतः/NP कर्ता/NP एकः/SMKY एव/INTF इति/AUD अष्टावक्रस्य/NS पक्षः/NP ।/PUNC 
जगतः/NP अनेककर्तारः/NP इति/AUD च/APY बन्दिपण्डितस्य/NP ।/PUNC 

अष्टावक्रः/NS –/PUNC यथा/AUD समग्रस्य/NV राष्ट्रस्य/NP एकः/SMKY एव/INTF अधिपतिः/NP तथा/AUD समस्तस्य/NV विश्वस्य/NP कर्ता/NP गोप्ता/NP च/APY एकः/SMKY एव/INTF ।/PUNC 
यदि/AVK बहवः/NV कर्तारः/NP तर्हि/AVK ते/SNV सर्वे/SN यथेच्छं/A प्रवर्तेरन्/KP ।/PUNC 
तेन/SN ऋतुचक्रम्/NP असन्तुलितं/NV भवेत्/KP ।/PUNC 
किन्तु/AVK सृष्टिक्रमः/NP सन्तुलितः/NV दृश्यते/KP ।/PUNC 
अतः/AVK जगत्कर्ता/NP एकः/SMKY एव/INTF ।/PUNC 

बन्दिः/NS –/PUNC यदि/AVK साधारणः/NV रथः/NP निर्मातव्यः/KN तर्हि/AVK बहवः/NV कर्तारः/NP तत्र/A भवन्ति/KP ।/PUNC 
केचित्/SNV कारवः/NP ,/PUNC केचित्/SNV लोहकर्मकराः/NP ।/PUNC 
इदं/SNV जगत्/NP तु/A विविधतापूर्णम्/NV ।/PUNC 
साधारणस्य/NV रथस्य/NP यदि/AVK बहवः/NV कर्तारः/NP तर्हि/AVK विविधस्य/NV जगतः/NP कर्ता/NP एकः/SMKY एव/INTF कदापि/A भवितुं/KKS न/AN अर्हति/KP ।/PUNC 
अतः/AVK अस्य/SN कर्तारः/NP बहवः/NV ।/PUNC 

अष्टावक्रः/NS -/PUNC सस्मितम्/NV सन्तु/KP नाम/A बहवः/NV कर्मकराः/NP ।/PUNC 
परन्तु/AVK समग्रस्य/NS रथस्य/NP कल्पनां/NP यः/SSN वहति/KP सः/SSN एकः/SMKY एव/INTF प्रमुखः/NV कर्ता/NP ।/PUNC 
तस्य/SN एव/INTF मार्गदर्शने/NP सर्वे/SN स्वीयानि/SNV कर्माणि/NP कुर्वन्ति/KP ।/PUNC 
एकेन/SMKY निर्मितं/NV भागम्/NP अपरेण/SN रचिते/NV भागान्तरे/NP ते/SN तस्य/SN एव/INTF आज्ञया/NP योजयन्ति/KP ।/PUNC 
तथा/A एव/INTF तेषु/SN तेषु/DV ]/PUNC कर्मसु/NP प्रवर्तमानाः/KNV वायुसूर्यवरुणादिकाः/NV बहवः/NV देवाः/NP वर्तन्ते/KP किन्तु/AVK जगतः/NP कर्ता/NV तु/A एकः/SMKY एव/INTF ईश्वरः/NS ।/PUNC 
तस्य/SN एव/INTF आज्ञया/NP ते/SN प्रवर्तन्ते/KP ।/PUNC 

बन्दिः/NS –/PUNC वेदेषु/NP बहवः/NV देवाः/NP वर्णिताः/KN ।/PUNC 
तेषु/SN न/AN कोपि/A न्यूनः/NP अधिकः/NP वा/APY ।/PUNC 
अतः/AVK ते/SNV सर्वे/SN अपि/APY कर्तारः/NP ।/PUNC 

अष्टावक्रः/NS –/PUNC सर्वे/SNV देवाः/NP '/PUNC तस्य/SN '/PUNC एव/INTF आज्ञामनुवर्तन्ते/KP इति/AUD श्रुतिः/NP स्पष्टं/NP कथयति/KP ।/PUNC 
'/KP भीषास्मात्/NP वायुः/NS पवते/KP ।/PUNC 
भीषात्/NP एति/KP सूर्यः/NS ।/PUNC 
भीषास्मात्/NP अग्निः/NS चन्द्रः/NS च/APY ।/PUNC 
मृत्युः/NP धावति/KP पञ्चमः/SMKP '/PUNC इति/AUD श्रुतिवाक्यानि/NP स्पष्टं/NP प्रतिपादयन्ति/KP यत्/AVK सर्वे/SNV देवाः/NP एकस्य/SMKY एव/INTF प्रमुखस्य/NV विश्वकर्तुः/NP आदेशं/NP वहन्ति/KP इति/AUD ।/PUNC 
अतः/AVK एककर्तृकम्/NV एव/INTF जगत्/NP ।/PUNC 
अपरञ्च/AVK ,/PUNC एतेषां/SNV देवानां/NP नामानि/NP भिन्नानि/NV ।/PUNC 
किन्तु/AVK मूलतया/NP एकम्/SMKY एव/INTF सत्यं/NP वर्तते/KP ।/PUNC 
एकं/SMKY सत्/NP विप्राः/NP बहुधा/A वदन्ति/KP अग्निं/NS यमं/NS मातरिश्वानम्/NS आहुः/KP इति/AUD ऋग्वेदः/NS एव/INTF प्रमाणम्/NP ।/PUNC 

[/PUNC एतत्/SN श्रुत्वा/KKS सर्वैः/SNV करतालिकाभिः/NP साधुवादैः/NP च/APY अष्टावक्रः/NS अभिनन्दितः/KP ।/PUNC 
बन्दिपण्डितः/NP अपि/APY प्रभावितः/KN ।/PUNC 
तथापि/AVK धैर्येण/NP अवदत्/KP ।/PUNC 
]/PUNC 
बन्दिः/NS –/PUNC कस्यापि/A एकस्य/SN एकस्मिन्/SMKY एव/INTF विषये/NP सामर्थ्यं/A भवति/KP ।/PUNC 
न/AN कुम्भकारः/NP स्वर्णालङ्कारान्/NP निर्मातुं/KKS शक्नोति/KP ।/PUNC 
न/AN स्वर्णकारः/NS वस्त्राणि/NP सीवितुम्/KKS ।/PUNC 
तर्हि/AVK नक्षत्राणि/NP ,/PUNC जीवजन्तवः/NP ,/PUNC वृक्षलताः/NP ,/PUNC नद्यः/NP ,/PUNC पाषाणः/NP इति/AUD विविधानि/NV वस्तूनि/NP कथम्/AP एकः/SMKY एव/INTF ईश्वरः/NS सृजेत्/KP ?/PUNC 
अष्टावक्रः/NS –/PUNC भवतः/SN दृष्टान्तः/KN एव/INTF विषमः/NP ।/PUNC 
मनुष्यः/NP अल्पज्ञः/NV ,/PUNC अल्पशक्तिः/NV ,/PUNC अल्पायुः/NV च/APY ।/PUNC 
किन्तु/AVK जगत्कर्ता/NP सर्वज्ञः/NV सर्वशक्तिमान्/NV शाश्वतः/NV ।/PUNC 
तस्य/SN सङ्कल्पमात्रेण/NP एव/INTF जगत्/NP सृज्यते/KP ।/PUNC 
अत्र/A अपि/APY श्रुतिः/NS ]/PUNC प्रमाणम्/NP ।/PUNC 


बन्दिपण्डितः/NP पराजितः/NV 
अत्र/A बन्दी/NS निरुत्तरः/KNV जातः/KN ।/PUNC 
तस्य/SN मुखकान्तिः/NP मलिना/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
मुखे/NP स्वेदबिन्दवः/NP उद्भूताः/KN ।/PUNC 
गतधैर्यः/NV सः/SN अवाङ्मुखः/NV अतिष्ठत्/KP ।/PUNC 
"/PUNC अष्टावक्रः/NS विजयी/NV "/PUNC इति/AUD निर्णयः/NP जातः/KN ।/PUNC 
अधुना/A प्रतिभापरीक्षा/NP ।/PUNC 
द्वितीयं/SMKP पर्व/NP प्रारब्धम्/KN ।/PUNC 
एकादिभिः/NV सङ्ख्याभिः/NP प्रसिद्धानां/NV वस्तूनां/NP निरूपणं/KN स्वरचितेन/NV पद्येन/NP द्वाभ्यां/SMKY करणीयम्/KN इति/AUD जनकः/NS सूचितवान्/KN ।/PUNC 

एकसङ्ख्यया/NP बन्दिना/NS प्रारम्भः/NP कृतः/KN ।/PUNC 

बन्दिपण्डितः/NP –/PUNC एकः/SMKY एव/INTF अग्निः/NS बहुधा/A समिध्यते/KP 
एकः/SMKY सूर्यः/NS सर्वम्/SNV इदं/SN प्रभासते/KP ।/PUNC 

एकः/SMKY वीरः/NP देवराजः/NP निहन्ता/NV 
यमः/NS पितॄणाम्/NP ईश्वरः/NS एकः/SMKY एव/INTF ।/PUNC 

अष्टावक्रः/NS –/PUNC द्वौ/SMKY इन्द्राग्नी/NS चरतः/KP वै/A सखायौ/NP 
द्वौ/SMKY देवर्षी/NV नारदः/NS पर्वतः/NS च/APY ।/PUNC 

द्वौ/SMKY अश्विनौ/NS द्वे/SMKY च/APY रथस्य/NP चक्रे/NP 
भार्यापती/NP द्वे/SMKY च/APY विहितौ/KP विधात्रा/NS ॥/PUNC 


बन्दिपण्डितस्य/NP वृत्तान्तः/NV 
तदभ्यन्तरे/A बन्दिपण्डितः/NP सविनयम्/A उक्तवान्/KN "/PUNC कृपया/A मम/SN अपि/APY वचनं/NP शृणोतु/KP ।/PUNC 
अहं/SN वरुणद्वीपस्य/NP अधिपतेः/NP पुत्रः/NP ।/PUNC 
मम/SN पिता/NP तत्र/A द्वादशवार्षिकं/NV यज्ञसत्रम्/NP आरब्धवान्/KN ।/PUNC 
तदर्थं/A वेदपारङ्गताः/NV ऋत्विजः/NP आवश्यकाः/NP ।/PUNC 
परन्तु/AVK वरुणद्वीपं/NP समुद्राभ्यन्तरे/A वर्तते/KP ।/PUNC 
तावत्/A दूरं/KV गन्तुं/KKS वेदज्ञाः/NP न/AN सिद्धाः/KN ।/PUNC 
अतः/AVK वादस्य/NP व्याजेन/NP पण्डितान्/NP वशीकृत्य/KKS अहं/SN नदीमार्गेण/NP तान्/SN वरुणद्वीपं/NP प्रेषितवान्/KN ।/PUNC 
ते/SNV सर्वे/SN शीघ्रम्/KV एव/INTF सक्षेमं/NV प्रत्यागमिष्यन्ति/KP ।/PUNC 
अहं/SN न/AN क्रूरः/NV दुष्टः/NV ब्राह्मणहन्ता/KNV वा/APY ।/PUNC 
एतत्/SN सर्वं/SN मया/SN पितृकार्यार्थं/A कृतम्/KN ।/PUNC 
अधुना/A भवन्तः/SN प्रमाणम्/NP ]/PUNC "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 

एतत्/SN श्रुत्वा/KKS सर्वे/SN एव/INTF आश्चर्यमुग्धाः/NV जाताः/KN ।/PUNC 
"/PUNC किं/AP सत्यम्/NP इदम्/SN ?/PUNC जीवति/KP मे/SN पिता/NP ?/PUNC "/PUNC अष्टावक्रः/NS सोल्लासं/NV सविस्मयं/NV ]/PUNC च/APY पृष्टवान्/KN ।/PUNC 

"/PUNC आम्/NP !/PUNC सर्वे/SN अपि/APY विद्वांसः/NP जीवन्ति/KP ।/PUNC 
"/PUNC बन्दिना/NS प्रत्युत्तरं/NP दत्तम्/KN ।/PUNC 

"/PUNC महाराज/NP !/PUNC तर्हि/AVK प्रतिकारस्य/NP दण्डस्य/NP वा/APY प्रयोजनम्/NP एव/INTF न/AN अस्ति/KP ।/PUNC 
वयोज्येष्ठं/NV ज्ञानवृद्धं/NV बन्दिपण्डितम्/NP अहं/SN सविनयं/A ]/PUNC प्रणमामि/KP "/PUNC इति/AUD उक्तवान्/KN अष्टावक्रः/NS ।/PUNC 

"/PUNC विद्या/NP विनयेन/NP एव/INTF शोभते/KP ।/PUNC 
विद्यायाः/NP उचितम्/NP एव/INTF भवतः/NP आचरणम्/NP "/PUNC इति/AUD उक्त्वा/KKS बन्दिपण्डितेन/NP सः/SNV अभिनन्दितः/KN ।/PUNC 

अचिरात्/NP एव/INTF कहोडादयः/NP अनेके/SN वेदविदः/NV पण्डिताः/NP तत्र/A प्रविष्टाः/KN ।/PUNC 
जनकमहाराजेन/NP सर्वेषां/SN हार्दिकः/NV सत्कारः/NP कृतः/KN ।/PUNC 
"/PUNC एषः/SNV अजेयः/NV बन्दिपण्डितः/NP मम/SN पुत्रेण/NP वादे/NP पराजितः/KN "/PUNC इति/AUD यदा/SSN कहोडः/NS ज्ञातवान्/KN तदा/SSN आनन्देन/NP ,/PUNC अभिमानेन/NP ,/PUNC आश्चर्येण/NP ,/PUNC धन्यतया/NP ]/PUNC च/APY तस्य/SN मनः/NP भावानुकूलम्/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
"/PUNC धन्यः/NV भवान्/SN ,/PUNC यत्/AVK ईदृशः/SN ज्ञानवान्/NV गुणवान्/NV च/APY भवतः/SNV पुत्रः/NP "/PUNC इति/AUD जनकमहाराजः/NP अपि/APY कहोडम्/NS अभिनन्दितवान्/KN ।/PUNC 
बन्दिपण्डितेन/NP वरुणद्वीपात्/NP दिव्यौषधम्/NP एकम्/SMKY आनीय/KKS अष्टावक्रस्य/NS अङ्गानां/NP वक्रतादोषः/NP अपि/APY दूरीकृतः/KN ।/PUNC 
अधुना/A विद्याविनयसम्पन्नः/NV अष्टावक्रः/NS देहसौन्दर्येण/NP अपि/APY विराजते/KP स्म/A ।/PUNC 

धन्यः/NV सः/SNV अष्टावक्रः/NS येन/SN अल्पीयसि/NV एव/INTF वयसि/NP ,/PUNC पितृवियोगम्/NP अपि/APY सोढ्वा/KKS ,/PUNC पङ्गुताम्/NP अपि/APY अविगणय्य/KKS स्वस्य/SN ,/PUNC पितुः/NP वंशस्य/NV च/APY नाम/NP अजरामरं/NP कृतम्/KN ,/PUNC "/PUNC सः/SN जातः/KN येन/SNV जातेन/NP याति/KP वंशः/NP समुन्नतिम्/NP "/PUNC ।/PUNC 

