﻿आदिकविः/NV महर्षिः/NV वाल्मीकिः/NS 



हिमालयतः/NS कन्याकुमारीपर्यन्तं/A न/AN कः/SN अपि/APY भारतवासी/NP अस्ति/KP यः/SN सीतायाः/NS श्रीरामचन्द्रस्य/NS च/APY नाम/NP न/AN जानाति/KP ।/PUNC 
एतादृशं/SN सुविख्यातस्य/NV श्रीरामचन्द्रस्य/NS जीवनचरित्रं/NP महर्षिवाल्मीकिः/NS लिखितवान्/KN ।/PUNC 
"/PUNC रामायणम्/NS "/PUNC इति/AUD आर्षमहाकाव्यम्/NV अस्ति/KP ।/PUNC 
भारतीयानां/NP कृते/A रामायणं/NS धर्मग्रन्थः/NP वर्तते/KP ।/PUNC 
रामायणम्/NS आदिकाव्यम्/NV अस्ति/KP ।/PUNC 
अतः/AVK वाल्मीकिः/NS आदिकविः/NV इति/AUD प्रसिद्धः/NP जातः/KN ।/PUNC 
श्रीरामचन्द्रः/NS चैत्रमासस्य/NP नवम्यां/NV तिथौ/NP जनिम्/NP अलभत/KP ।/PUNC 
रामनवमी/NP एकं/SMKY पवित्रपर्व/NP अस्ति/KP ।/PUNC 
अस्मिन्/SNV दिने/NP जनाः/NP रामजन्मोत्सवं/NP हर्षोल्लासेन/NP सम्पादयन्ति/KP ।/PUNC 
अस्मिन्/SNV प्रसङ्गे/NP जनाः/NP सीतारामयोः/NS चरित्रम्/NP आनन्देन/NP शृण्वन्ति/KP ।/PUNC 
अर्चनाम्/NP अपि/APY कुर्वन्ति/KP ।/PUNC 


रत्नाकरवृत्तान्तः/NP 
श्रीरामचन्द्रः/NS त्रोतायुगे/NP अवतीर्णः/KNV जातः/KN ।/PUNC 
वाल्मीकिः/NS अपि/APY तस्य/SN समकालीनः/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
वाल्मीकिमुनेः/NP पूर्वनाम/NP "/PUNC रत्नाकरः/NS "/PUNC इति/AUD आसीत्/KP ।/PUNC 
तस्मिन्/SNV समये/NP गङ्गातीरे/NP गहनम्/NV अरण्यम्/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
न/AN एके/SMK तपश्चर्यार्थं/A तस्मिन्/SNV तटे/NP आश्रमान्/NP निर्मितवन्तः/KN ।/PUNC 
ईश्वरप्राप्त्यर्थं/A तपः/NP कुर्वन्तः/KNV ऋषयः/NP तत्र/A निवसन्ति/KP स्म/A ।/PUNC 
तेषु/SN प्रचेतस्/NS नाम/NP ऋषिः/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
क्रीडन्/KN भ्रमवशात्/NP एकदा/A सः/SNV बालकः/NP दूरं/NV गतवान्/KN ।/PUNC 
"/PUNC गृहं/NP प्रति/AUP अहं/SN कथं/A गच्छामि/KP "/PUNC इति/AUD चिन्तयित्वा/KKS सः/SN रोदितुम्/KKS आरभत/KP ।/PUNC 
तस्मिन्/SNV एव/INTF समये/NP तत्र/A एकः/SMKY व्याधः/NP मृगयार्थम्/A आगतवान्/KN ।/PUNC 
रुदन्तं/KNV बालकं/NP दृष्ट्वा/KKS व्याधस्य/NP मनसि/NP स्नेहः/NP उत्पन्नः/KN ।/PUNC 
तस्य/SNV व्याधस्य/NP स्वापत्यं/NP न/AN आसीत्/KP ।/PUNC 
अतः/AVK रत्नाकरः/NS पुत्ररूपेण/NP प्राप्तः/KN इति/AUD चिन्तयित्वा/KKS सः/SN बालकं/NP स्वगृहं/NP नीतवान्/KN ।/PUNC 
रत्नाकरस्य/NS पिता/NP प्रचेता/NS स्वपुत्रस्य/NP अन्वेषणं/NP कृतवान्/KN किन्तु/APY निष्फलम्/NP ।/PUNC 
अन्ततः/A पुत्रः/NP प्रायः/A ?/PUNC क्रूरमृगेण/NP भक्षितः/KN स्यात्/KP इति/AUD विचिन्त्य/KKS दुःखेन/NP सः/SN गृहं/NP गतवान्/KN ।/PUNC 

व्याधगृहे/NP व्याधः/NP तस्य/SN पत्नी/NP च/A रत्नाकरः/NS अस्माकं/SN स्वीयः/NV पुत्रः/NP इति/AUD मत्वा/KKS तस्य/SN भरणं/NP पोषणं/NP लालनं/NP च/APY अकुरुताम्/KP ।/PUNC 
व्याधदम्पत्योः/NP स्नेहं/NP ममतां/NP च/APY अनुभूय/KKS रत्नाकरः/NS अपि/APY स्वपितरौ/NP विस्मृतवान्/KN ।/PUNC 
तौ/SN एव/INTF सः/SN स्वस्य/A पितरौ/NP अमन्यत/KP ।/PUNC 
व्याधः/NP तस्मै/SN मृगयाकौशलं/NP पाठितवान्/KN ।/PUNC 
रत्नाकरः/NS मेधावी/NV च/APY आसीत्/KP ।/PUNC 
तेन/SN मृगयाज्ञानं/NP क्षिप्रम्/NV अङ्गीकृतम्/NP ।/PUNC 
तस्य/SN शरसन्धानम्/NP अमोघम्/NV आसीत्/KP ।/PUNC 
वने/NP पशवः/NP तस्मात्/SN भयम्/NP अनुभूतवन्तः/KN ।/PUNC 
एषः/SNV बालकः/NP साक्षात्/NV यमदेवः/NP अस्ति/KP इति/AUD वन्यपशवः/NP अचिन्तयन्/KP ।/PUNC 


रत्नाकरस्य/NS यौवनम्/NP 
दिने/NP दिने/DV सः/SNV तरुणः/NP जातः/KN ।/PUNC 
तदा/AVK कस्यचित्/SN व्याधकुटुम्बस्य/NP सुन्दर्या/NV एकया/SMKY कन्यया/NP सह/A तस्य/SN विवाहः/NP सञ्जातः/KN ।/PUNC 
किञ्चित्/SN कालानन्तरं/NP सा/SNV कन्या/NP माता/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
एवं/A प्रकारेण/NP तस्य/SN कुटुम्बविस्तारः/NP अभवत्/NP ।/PUNC 
तस्य/SN महत:/NV परिवारस्य/NP भरणपोषणस्य/NP दायित्वं/NP रत्नाकरे/NS आसीत्/KP ।/PUNC 
केवलं/NP मृगयाद्वारा/NP एतत्/SNV दायित्वं/NP पूर्णं/NV कर्तुं/KKS सः/SN असमर्थः/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
अतः/AVK दस्युः/NP भूत्वा/KKS सः/SN मार्गस्थानां/NP धनं/NP चोरयति/KP स्म/A ।/PUNC 

एकदा/A रत्नाकरः/NS पथिकानां/NP प्रतीक्षां/NP कुर्वन्/KNV आसीत्/KP ।/PUNC 
तदा/AVK सः/SN मुनिं/NV नारदं/NS दृष्टवान्/KN ।/PUNC 
तस्य/SN हस्ते/NP तस्य/SN परमप्रिया/NV वीणा/NP सीत्/KP ।/PUNC 
वीणावादनेन/NP भगवन्नामसङ्कीर्तनं/NP कुर्वन्/KNV सः/SN गच्छति/KP स्म/A ।/PUNC 
सङ्कीर्तने/NP सः/SNV निलीनः/NP जातः/KN ।/PUNC 
सङ्कीर्तनस्य/NP सात्विके/NV भावे/NP देहभानं/NP विस्मृत्य/KKS नारदमुनिः/NS गच्छन्/KNV आसीत्/KP ।/PUNC 
यदा/SSN नारदमुनिः/NS एतस्याम्/SNV अवस्थायाम्/NP आसीत्/KP तदा/SSN रत्नाकरः/NS तस्य/SN समीपं/NP गतवान्/KN ।/PUNC 
स्वह्स्ते/NP एकं/SMKY बृहत्/NV काष्ठं/NP धृत्वा/KKS सः/SN नारदमुनिम्/NS अवदत्/KP "/PUNC भो/ASMB पान्थ/NP ,/PUNC यत्/SSN किमपि/A तव/SN समीपे/NP अस्ति/KP तत्/SSN मह्यं/SN देहि/KP ।/PUNC 
नोचेत्/AVK अहं/SN तव/SN मस्तकभेदनं/NP करोमि/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 

नारदमुनिः/NS आसीत्/KP सः/SN ,/PUNC न/AN सामान्यमानवः/NP ।/PUNC 
तस्य/SN व्यक्तिमत्त्वम्/NP असाधारणम्/NV ।/PUNC 
सः/SN हसित्वा/KKS उक्तवान्/KN "/PUNC भो/ASMB मित्र/NP !/PUNC एषा/SNV वीणा/NP शरीरे/NP धृतानि/NV वस्त्राणि/NP च/APY एतत्/SN एव/INTF मम/SN धनम्/NP ।/PUNC 
यदि/AVK इच्छति/KP तर्हि/A गृह्णातु/KP ।/PUNC 
केवलं/AVK तदर्थं/A मे/SN शिरोभङ्गं/NP किमर्थं/A करोषि/KP ?/PUNC "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 


चित्तवृत्तिपरिवर्तनम्/NP 
नारदमुनेः/NS वचनं/NP श्रुत्वा/KKS रत्नाकरः/NS विस्मितः/KN ।/PUNC 
रत्नाकरस्य/NS कृते/A एषा/SNV प्रतिक्रिया/NP तु/A नूतना/NV अनपेक्षिता/NV च/APY आसीत्/KP ।/PUNC 
नारदमुनिः/NS न/AN तु/A भयभीतः/NP न/AN च/APY क्रुद्धः/NP ।/PUNC केवलं/APY शान्तचित्तेन/NP अतिष्ठत्/KP ।/PUNC 
तस्य/SN मुखे/NP तेजः/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
बालकस्य/NP इव/AUD निष्कलङ्कस्य/NV नारदमुनेः/NS मुखं/NP दृष्ट्वा/KKS सः/SN मुग्धः/NP जातः/KN ।/PUNC 
एतावन्तं/SNV मनोहरं/NV तेजस्विनं/NV पुरुषं/NP सः/SN पूर्वं/A कदापि/A न/AN दृष्टवान्/KN ।/PUNC 
तस्य/SN क्रूरभावः/NP द्रवीभूतः/NV ।/PUNC 
तस्य/SN प्रवृत्तिः/NP अपि/APY सौम्या/NV जाता/KN ।/PUNC 

नारदमुनिना/NS अपि/A रत्नाकरे/NS जातं/A परिवर्तनं/NP ज्ञातम्/KN ।/PUNC 
स्ववीणां/NP धृत्वा/KKS सः/SN तरुमूले/NP उपविष्टः/KN ।/PUNC 
मधुरं/NV वीणावादनं/NP कृत्वा/KKS सः/SN भगवत्सङ्कीर्तनम्/NP अकरोत्/KP ।/PUNC 
भावभक्तिपूर्णस्वरेण/NP रत्नाकरस्य/NS मनसि/NP बहु/NV प्रभावः/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
तत्/SN अवलोक्य/KKS नारदमुनिः/NS तं/SN पृष्टवान्/KN ।/PUNC 
"/PUNC भो/ASMB मित्र/NP ,/PUNC चौर्यकर्म/NP पापम्/NV अस्ति/KP ।/PUNC 
पशुहत्या/NP अपि/APY न/AN योग्या/NP ।/PUNC 
तर्हि/AVK त्वं/SN किमर्थं/A पापाचरणं/NP करोषि/KP ?/PUNC "/PUNC रत्नाकरः/NS उक्तवान्/KN "/PUNC यदि/A पापकर्म/NP न/AN करोमि/KP तर्हि/APY अन्यत्/A किं/AP करोमि/KP ।/PUNC 
यतः/AVK कुटुम्बस्य/NP भरणपोषणस्य/NV दायित्वं/NP मयि/SN अस्ति/KP ।/PUNC 
मम/SN पितरौ/NP ,/PUNC पत्नी/NP ,/PUNC पुत्राः/NP च/APY इत्यादयः/SNV सर्वे/SN मम/SN सुखदुःखेषु/NP सहभागिनः/NP सन्ति/KP ।/PUNC 
अतः/AVK तेषां/SN पालनं/NP मम/SN कर्तव्यम्/NP अस्ति/KP ।/PUNC 
तथा/AVK च/A अहं/SN द्वे/SMKY एव/INTF विद्ये/NP जानामि/KP ।/PUNC 
एका/SMKY तु/APY मृगया/NP ,/PUNC द्वितीया/SMKY तु/APY चौरकर्मविद्या/NP ।/PUNC 
एते/SN विहाय/KKS अहं/SN किं/AP करोमि/KP ?/PUNC "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 

नारदः/NS हसित्वा/KKS तं/SN पृष्टवान्/KN "/PUNC मित्र/NP ,/PUNC येषां/SN कृते/A त्वं/SN पापकर्म/NP करोषि/KP ते/SNV सर्वे/SN तव/SN पापफले/NP समभागिनः/NV सन्ति/KP वा/AP ?/PUNC गच्छ/KP ,/PUNC तान्/SN पृष्ट्वा/KKS आगच्छ/KP ।/PUNC 
ते/SNV किं/AP वदन्ति/KP तत्/SN मह्यं/SN कथय/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
रत्नाकरः/NS चिन्तितवान्/KN "/PUNC एषः/SNV धूर्तः/NP अस्ति/KP ।/PUNC 
मां/SN दूरं/KV प्रेषयित्वा/KKS प्रायः/A पलायनं/NP कर्तुम्/KKS इच्छति/KP "/PUNC ।/PUNC 
रत्नाकरस्य/NS मनसि/NP या/SNV शङ्का/NP उद्भूता/NV तां/SNV शङ्काम्/NP अन्तर्ज्ञानेन/NP विदित्वा/KKS नारदः/NS उक्तवान्/KN ,/PUNC "/PUNC अरे/ASMB ,/PUNC यदि/AVK मयि/SN विश्वासः/NP न/AN अस्ति/KP तर्हि/APY वृक्षाधारेण/NP मम/SN बन्धनं/SN कृत्वा/KNV गृहं/NP प्रति/AUP गच्छतु/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
रत्नाकरः/NS अपि/APY तथा/A एव/INTF कृत्वा/KKS गृहं/NP गतवान्/KN ।/PUNC 

प्रथमं/A सः/SN पितुः/NP समीपं/KV गत्वा/KKS पृष्टवान्/KN "/PUNC तात/NP !/PUNC सर्वेषां/SN उदरभरणार्थम्/A अहं/SN यावन्ति/NV पापकर्माणि/NP करोमि/KP तेषु/SN कर्मसु/NP भवान्/SN समभागी/NV अस्ति/KP वा/AP न/AN वा/DV ?/PUNC "/PUNC रत्नाकरस्य/NS प्रश्नं/NP श्रुत्वा/KKS तस्य/SN पिता/NP क्रुद्धः/NV भूत्वा/KKS उक्तवान्/KN ।/PUNC 
"/PUNC हे/ASMB दुष्ट/NP ,/PUNC किं/AP वदसि/KP ?/PUNC अहं/SN बहुवारम्/A उक्तवान्/KN यत्/APY एतादृशं/SNV पापं/NP मा/AN कुरु/KP इति/AUD ।/PUNC 
किन्तु/AVK त्वम्/SN अवधानं/NP न/AN एव/INTF दत्तवान्/KN ।/PUNC 
अतः/AVK तव/SN पापकर्मफलेषु/NP मम/SN कः/SN अपि/APY सम्बन्धः/NP न/AN अस्ति/KP ।/PUNC 
तव/SN कर्मणः/NP फलभोगः/NP  तव/SN कृते/A एव/INTF "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 

पितुः/NP कठोरवचनं/NP श्रुत्वा/KKS सः/SN मातृसमीपं/NP गतवान्/KN ।/PUNC 
ताम्/SN अपि/ASD तथा/A एव/INTF पृष्टवान्/KN ।/PUNC 
किन्तु/AVK सा/SN अपि/A पापकर्मफलभोगं/NP स्वीकर्तुं/KKS निषेधं/NP दर्शितवती/KN ।/PUNC 
अनन्तरं/NP सः/SN पत्नीसमीपं/NP गत्वा/KKS पृष्टवान्/KN "/PUNC सर्वेषां/SN भरणपोषणार्थम्/A अहं/SN किं/SN करोमि/KP इति/AUD भवति/SN जानाति/KP वा/AP ?/PUNC अहं/SN जानामि/KP ।/PUNC 
एतत्/SNV पापकर्म/NP अस्ति/KP तथापि/AVK मम/SN समीपे/NP न/AN अन्यः/NV उपायः/NP ।/PUNC 
त्वं/SN मम/SN सहधर्मचारिणी/NP असि/KP ।/PUNC 
अतः/AVK मम/SN पापकर्मणि/NP सहभागिनी/NV भवितुम्/KKS अर्हसि/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
तस्य/SN वचनं/NP श्रुत्वा/KKS पत्नी/NP उक्तवती/KN "/PUNC भवान्/SN किं/AP वदति/KP ?/PUNC तव/SN पापकर्मणि/NP मम/SN कः/SN अपि/APY सम्बन्धः/NP नास्ति/KP ।/PUNC 
भवान्/SN मम/SN पतिः/NP ।/PUNC 
मम/SN पुत्राः/NP अपि/APY तव/SN एव/INTF ।/PUNC 
अतः/AVK तेषां/SN पालनपोषणं/NP तव/SN एव/INTF दायित्वम्/NP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 


नारदोपदेशः/NP 
मातुः/NP पितुः/NP भार्यायाः/NP च/A उत्तराणि/NP श्रुत्वा/KKS रत्नाकरः/NS बहु/NV दुःखितः/NP जातः/KN ।/PUNC 
सः/SN चिन्तितवान्/KN "/PUNC अहं/SN सर्वं/SNV पापकर्म/NP कुटुम्बस्य/NP एव/INTF पालनपोषणार्थं/NP करोमि/KP ।/PUNC 
न/AN तु/A स्वस्य/SN कृते/A ।/PUNC 
किन्तु/AVK न/AN कः/SN अपि/APY मम/SN पापकर्मणि/NP सहभागी/NP भवितुम्/KKS इच्छति/KP "/PUNC एतत्/SN चिन्तयित्वा/KKS सः/SN नारदमुनेः/NS समीपम्/NP आगतवान्/KN ।/PUNC 
वृक्षबन्धनात्/NP तस्य/SN विमोचनं/NP कृत्वा/KKS गृहजनानां/NP मतानि/NP रुदित्वा/KKS प्रकटीकृतवान्/KN ।/PUNC 
नारदस्य/NS चरणे/NP तेन/SN स्वात्मा/NP समर्पितः/KN ।/PUNC 
तथाच/AVK "/PUNC मुनिवर्य/NP !/PUNC इदानीम्/A अहं/SN किं/AP करोमि/KP ?/PUNC यानि/SNV पापकर्माणि/NP अहं/SNV कृतवान्/KN तेषां/SN प्रायश्चित्तार्थम्/A अहं/SN किं/AP करोमि/KP ?/PUNC माम्/SN उद्धर्तुं/KKS त्वम्/SN एव/INTF समर्थः/NP "/PUNC इति/AUD सः/SNV उक्तवान्/KN ।/PUNC 

नारदमुनिना/NS ,/PUNC तस्य/SN सान्त्वनं/NP कृतम्/KN ।/PUNC 
प्रेमपूर्णस्वरेण/NP सः/SN उक्तवान्/KN "/PUNC भयं/NP मा/AN अनुभवतु/KP ।/PUNC 
अहम्/SN एकम्/SMKY उत्तमं/NV मार्गं/NP वदामि/KP ।/PUNC 
भवान्/SN रामनाम्नः/NP निरन्तरं/NV जपं/NP करोतु/KP ।/PUNC 
अस्मिन्/SNV तरुतले/NP उपविश्य/KKS जपं/NP करोतु/KP ।/PUNC 
अहं/SN पुनः/A अत्र/A आगमिष्यामि/KP ।/PUNC 
तावत्पर्यन्तम्/A एतत्/SNV स्थानं/NP त्यक्त्वा/KKS अन्यत्र/A न/AN गच्छतु/KP "/PUNC इति/AUD उपदिश्य/KKS नारदमुनिः/NS गतवान्/KN ।/PUNC 


रत्नाकरः/NS वाल्मीकिः/NS सञ्जातः/KN 
अस्मात्/SNV प्रसङ्गात्/NP अनन्तरं/A रत्नाकरः/NS रामनामजपरूपस्य/NV तपसः/NP प्रारम्भं/NP कृतवान्/KN ।/PUNC 
सः/SN नेत्रे/NP निमील्य/KKS रामनामजपे/NP स्वमनः/NP केन्द्रितवान्/KN ।/PUNC 
तस्य/SN चित्तम्/NP एकाग्रं/NV सञ्जातम्/KN ।/PUNC 
सः/SN स्वस्य/A अस्तित्वम्/NP अपि/APY विस्मृतवान्/KN ।/PUNC 
सः/SNV राममयः/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
कति/A दिनानि/NP तेन/SN आहारेण/NP निद्रया/NP च/APY विना/A यापितानि/KN इति/AUD न/AN एव/INTF ज्ञातवान्/KN सः/SN ।/PUNC 
एवं/A प्रकारेण/NP कानिचित्/SNV वर्षाणि/NP तपश्चरणे/NP व्यतीतानि/NV ।/PUNC 
एतदन्तरे/NP तस्य/SN शरीरं/NP परितः/AUP पिपीलिकाभिः/NP वल्मीकं/NP निर्मितम्/KN ।/PUNC 
वल्मीकेन/NP तस्य/SN शरीरम्/NP अवस्थायाम्/NP आसीत्/KP तदा/AVK पुनः/A एकवारं/A नारदमुनिः/NP तत्र/A आगतवान्/KN ।/PUNC 
सः/SN क्षिप्रं/KV ज्ञातवान्/KN यत्/AVK रत्नाकरः/NS अस्मिन्/SNV एव/INTF वल्मीके/NP उपविष्टः/KN अस्ति/KP ।/PUNC 
तेन/SN वल्मीकं/NP नष्टं/NV कृतम्/KN ।/PUNC 
तथापि/AVK सः/SNV न/AN जागरितः/KN ।/PUNC 
सः/SN रामनामसमाधौ/NP निलीनः/NV आसीत्/KP ।/PUNC 
नारदमुनिना/NP यदा/SSN तस्य/SN कर्णे/NP रामनाम्नः/NP उच्चारणं/NP कृतम्/KN तदा/SSN एव/INTF तेन/SN नेत्रे/NP उद्घाटिते/NS ।/PUNC 
सः/SN नारदमुनिं/NP दृष्टवान्/KN ।/PUNC 
उपविश्य/KKS एव/INTF 
ण/NP तेन/SN नारदमुनये/NP नमस्कारः/NP कृतः/KN ।/PUNC 
नारदमुनिना/NP स्वहस्तस्य/NP आधारेण/NP तम्/SN उत्थाप्य/KKS आशीर्वादः/NP दत्तः/KN ।/PUNC 
नारदस्य/NS स्पर्शेन/NP सः/SN सकलाः/NV शरीरयातनाः/NP विस्मृतवान्/KN ।/PUNC 
तस्य/SN शरीरे/NP एकः/SNV चैतन्यप्रवाहः/NP प्रवाहितः/KN ।/PUNC 
नारदः/NS उक्तवान्/KN "/PUNC रत्नाकर/NS ,/PUNC त्वं/SNV भाग्यवान्/NP असि/KP ।/PUNC 
तव/SN तपश्चर्यां/NP दृष्ट्वा/KKS साक्षात्/A परमेश्वरः/NP त्वयि/SN प्रसन्नः/NV ।/PUNC 
इदानीं/A भवान्/SNV श्रेष्ठः/NV मुनिः/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
त्वं/SN ब्रह्मर्षिः/NP असि/KP ।/PUNC 
वल्मीकेन/NP आवृतः/NV अतः/APY त्वं/SN वाल्मीकिः/NS इति/AUD प्रसिद्धः/NP भविष्यसि/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 

नारदमुनेः/NP वचनं/NP श्रुत्वा/KKS रत्नाकरस्य/NS नेत्रे/NP हर्षवेगेन/NP अश्रुपूर्णे/NP अभवताम्/KP ।/PUNC 
तेन/SN पुनः/A मुनिः/NP साष्टाङ्गं/NP नमस्कृत्य/KKS कृतज्ञताभावेन/NP उक्तः/KN "/PUNC गुरुदेव/NP ,/PUNC एतत्/SNV सर्वं/SN तव/SN कृपया/NP एव/INTF अभवत्/KP ।/PUNC 
सत्सङ्गत्या/NP पतितानाम्/NP अपि/APY उद्धारः/NP भवति/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
नारदमुनिः/NP तस्मै/SN आशीर्वादं/NP दत्त्वा/KKS निर्गतवान्/KN ।/PUNC 


प्रभुरामचन्द्रस्य/NS आगमनम्/NP 
तदनन्तरं/A वाल्मीकिः/NS गङ्गातीरे/NP आश्रमं/NP निर्मितवान्/KN ।/PUNC 
सर्वत्र/A तस्य/SN कीर्तिः/NP प्रसृता/KN ।/PUNC 
तथा/AVK च/A बहवः/NV ऋषयः/NP तस्य/SN आश्रमे/NP स्वपरिवारेण/NP सह/A निवासार्थम्/A आगताः/KN ।/PUNC 
ऋषिपुत्राः/NP वाल्मीकिऋषेः/NP शिष्यत्वं/NP स्वीकृतवन्तः/KN ।/PUNC 
एकस्मिन्/SNV दिने/NP प्रभुः/NV रामचन्द्रः/NS सीतया/NS लक्ष्मणेन/NS च/APY सह/A तत्र/A आगतवान्/KN ।/PUNC 
स्वाश्रमे/NP तान्/SN दृष्ट्वा/KKS वाल्मीकिऋषिः/NP अतीव/NV आनन्दितः/NV जातः/KN ।/PUNC 
वाल्मीकिना/NS तस्य/SN शिष्यसमुदायेन/NP च/APY प्रभोः/NV श्रीरामस्य/NS स्वागतम्/NP अतीव/NV हर्षोल्लासेन/NP कृतम्/KN ।/PUNC 
तेषां/SN कृते/A सुन्दरं/NV आसनं/NP निर्मितम्/KN ।/PUNC 
आहारार्थं/A शुद्धं/NV मधु/NP ,/PUNC दुग्धं/NP ,/PUNC स्वादिष्टफलानि/NP च/APY आनीतानि/KN ।/PUNC 

तदनन्तरं/AVK संभाषणं/NP प्रचलत्/KNV आसीत्/KP ।/PUNC 
तदा/AVK रामचन्द्रेण/NS स्वजीवनवृत्तान्तः/NP तस्मै/SN कथितः/KN ।/PUNC 
"/PUNC यत्/AVK वचनं/NP पित्रा/NP दत्तम्/KN तस्य/SNV वचनस्य/NP पूर्तिं/NP कर्तुं/KKS अहम्/SN अरण्यवासी/NP भवामि/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
रामचन्द्रस्य/NS वचनं/NP श्रुत्वा/KKS वाल्मीकिः/NS प्रसन्नः/NV अभवत्/KP ।/PUNC 
सः/SNV उक्तवान्/KN "/PUNC रामचन्द्र/NS ,/PUNC न/AN कः/SN अपि/AVK तव/SNV सदृशः/SN सत्यवादी/NP अस्ति/KP ।/PUNC 
एषा/AVK तु/A वचनपालनस्य/NP पराकाष्ठा/NP अस्ति/KP ।/PUNC 
तव/SN नाम्नि/NP अद्भुतं/NV सामर्थ्यं/NP वर्तते/KP ।/PUNC 
अहं/SN स्वयं/A पापाचरणे/NP लिप्तः/KN आसम्/KP ।/PUNC 
किन्तु/AVK तव/SN नामजपेन/NP एव/INTF अहं/SN मुनिपदं/NP प्राप्तवान्/KN ।/PUNC 
अहं/SN ब्रह्मर्षिः/NP अभवम्/KP ।/PUNC 
तव/SN कृपा/NP अमोघा/NV अपारा/NV च/APY "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 

एतत्/SN श्रुत्वा/KKS रामचन्द्रस्य/NS कमलवदने/NP हास्यपङ्क्तिः/NP उन्मीलिता/NV ।/PUNC 
सः/SN वाल्मीकिम्/NS अवदत्/KP "/PUNC भवान्/SN मुनिश्रेष्ठः/NV अस्ति/KP ।/PUNC 
सत्सङ्गाभिलाषया/NP वयम्/SN अत्र/A आगतवन्तः/KN ।/PUNC 
भवतः/SN आश्रमस्य/NP निकटे/NP वयं/SN निवासं/NP कर्तुम्/KKS इच्छामः/KP ।/PUNC 
तत्कृते/AUP उचितं/NV स्थानं/NP दर्शयतु/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
तदनन्तरं/A वाल्मीकिः/NS आश्रमस्य/NP निकटे/NP एव/A चित्रकूटः/NS नाम/NV पर्वतः/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
तस्मिन्/SNV रमणीये/NV स्थाने/NP रामचन्द्रः/NS लक्ष्मणेन/NS सीतया/NS च/APY सह/A न्यवसत्/KP ।/PUNC 

रत्नाकरस्य/NS व्यक्तिमत्वं/NP त्यक्त्वा/KKS "/PUNC वाल्मीकिः/NS "/PUNC कथं/A सञ्जातः/KN इति/AUD एषा/SNV कथा/NP यथा/SSN रोमाञ्चकारिणी/NP अस्ति/KP तथा/SSN एव/INTF वाल्मीकिरचितस्य/NV रामायणस्य/NS कथा/NP अपि/APY रोमाञ्चकारिणी/NV ।/PUNC 
एकदिने/NP नारदमुनिः/NP वाल्मीकेः/NS आश्रमम्/NP आगतवान्/KN ।/PUNC 
तेन/SN नारदमुनेः/NP श्रद्धया/NP स्वागतं/NP कृतम्/KN ।/PUNC 
वाल्मीकिः/NS नारदमुनिं/NP पृष्टवान्/KN "/PUNC मुनिवर्य/NP ,/PUNC भवान्/SN त्रैलोक्यसञ्चारी/NV ।/PUNC 
अतः/A कुत्र/A कुत्र/DV किं/SN किं/DV प्रचलति/KP तत्/SNV सर्वं/SN जानाति/KP ।/PUNC 
तर्हि/AVK मम/SN प्रश्नस्य/NP उत्तरं/NP दातुं/KKS भवान्/SN एव/INTF समर्थः/NP ।/PUNC 
अस्यां/SN पृथिव्यां/NP सर्वगुणसम्पन्नः/NV कः/AP ?/PUNC कः/AP सत्यवादी/NV तथा/APY शान्तचित्तः/NV अस्ति/KP ?/PUNC कः/AP सर्वेषां/SN कल्याणम्/NP इच्छति/KP ?/PUNC कः/AP सः/SN यस्मिन्/SN सर्वे/SN स्निह्यन्ति/KP ?/PUNC यः/SN सर्वश्रेष्ठः/NV सुविख्यातः/NV लोकनायकः/NV अस्ति/KP ?/PUNC "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 

वाल्मीकिऋषेः/NP प्रश्नानाम्/NP उत्तरं/NP नारदमुनिना/NP एकस्मिन्/SN एव/INTF शब्दे/NP दत्तम्/KN "/PUNC रामः/NS "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
तदनन्तरं/AVK सम्पूर्णां/NV रामकथां/NP स/SN तस्मै/SN अकथयत्/KP ।/PUNC 
कथाश्रवणानन्तरं/A वाल्मीकिः/NS सन्तुष्टः/NV जातः/KN ।/PUNC 
तेन/SN नारदाय/NS स्तुतिशब्दपुष्पाणि/NP समर्पितानि/KN ।/PUNC 
देवर्षिः/NV नारदः/NS अपि/A तस्मै/SN आशीर्वादं/NP दत्त्वा/KKS निर्गतः/KN ।/PUNC 


रामायणकथानिर्मितिः/NP 
एकदा/A महर्षिः/NV वाल्मीकिः/NS स्नानार्थं/NP गङ्गातीरं/NP गतवान्/KN ।/PUNC 
महर्षेः/NP वस्त्रं/NP धृत्वा/KKS भारद्वाजनामकः/NP तस्य/SN शिष्यः/NV अपि/APY तेन/SN सह/AUP गतः/KN आसीत्/KP ।/PUNC 
मार्गे/NP तमसानदी/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
नद्याः/NP जलम्/NP अतीव/ASD शुद्धम्/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
सज्जनानाम्/NP अन्तःकरणम्/NP इव/AUD ।/PUNC 
सः/SN खगानां/NP कलरवं/NP श्रुतवान्/KN ।/PUNC 
सः/SN मधुरस्वरः/NP कस्यचित्/SN क्रौञ्चयुगलस्य/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
तत्/AVK युग्मं/NP गगनविहारे/NP मग्नम्/KN आसीत्/KP ।/PUNC 
तस्मिन्/AVK एव/INTF समये/NP एकः/SMKY खगः/NP अधः/NV पतितः/KN ।/PUNC 
शराघातेनन/NP केन/SN अपि/APY तस्य/SN हननं/NP कृतम्/KN ।/PUNC 
सः/AVK खगः/NP नरः/NV आसीत्/KP ।/PUNC 
नरस्यन/NP एतादृशीम्/SNV अवस्थां/NP दृष्ट्वा/KKS पक्षिणी/NP दुःखेन/NP आक्रोशं/NP कृतवती/KN ।/PUNC 
तस्याः/SN आक्रोशं/NP श्रुत्वा/KKS शोचनीयां/NV दशां/NP च/APY दृष्ट्वा/KKS वाल्मीकिऋषेः/NP अन्तःकरणं/NP द्रवितम्/KN ।/PUNC 
एतत्/AVK नीचकर्म/NP व्याधेन/NP कृतम्/KN ।/PUNC 
एतत्/AVK ज्ञात्वा/KKS वाल्मीकिः/NS क्रुद्धः/NV अभवत्/KP ।/PUNC 
अकस्मात्/A तस्य/SN मुखात्/NP शापवाणी/NP निःसृता/KN ।/PUNC 

मा/AN निषाद/NP प्रतिष्ठां/NP त्वम्/SN अगमः/KP शाश्वतीः/NV समाः/NP ।/PUNC 

यत्क्रौञ्चमिथुनात्/NP एकम्/SMK अवधीः/KP काममोहितम्/NP ॥/PUNC 
दुःखातिरेकेण/NP तस्य/SN मुखात्/NP शापवाणी/NP निःसृता/KN ।/PUNC 
किन्तु/AVK अनन्तरं/A सः/SN बहु/NV मनस्तापं/NP अनुभूतवान्/KN ।/PUNC 
तथा/AVK च/APY उत्स्फूर्ततया/NP श्लोकनिर्मितिं/NP विज्ञाय/KKS आश्चर्यम्/NV अपि/APY अनुभूतवान्/KN ।/PUNC 
स्नानसमये/NP एषः/SNV एव/INTF विचारः/NP तस्य/SN मनसि/NP प्रचलन्/KNV आसीत्/KP ।/PUNC 
सः/SN आश्रमम्/NP प्रत्यागतवान्/KN तदा/APY अपि/A तस्य/SN मनसि/NP सः/SNV एव/INTF विचारः/NP आसीत्/KP ।/PUNC 


प्रजापतेः/NS आशीर्वचनम्/NP 
तस्मिन्/SNV एव/INTF समये/NP सृष्टिनिर्माता/NV ब्रह्मदेवः/NP आत्मानं/NP तत्र/A प्रकटितवान्/KN ।/PUNC 
उक्तवान्/KN च/APY "/PUNC भो/ASMB महर्षे/NP ,/PUNC यः/SNV श्लेकः/NP तव/SN मुखात्/NP अकस्मात्/A निःसृतः/KN तस्य/APY प्रेरणाम्/NP अहम्/SN एव/INTF दत्तवान्/KN ।/PUNC 
अस्मिन्/SNV एव/INTF छन्दसि/NP त्वं/SN रामायणस्य/NS रचनां/NP कुरु/KP ।/PUNC 
रामायणकथा/NP पुरा/A एव/INTF नारदेन/NS श्राविता/KN ।/PUNC 
इदानीं/A त्वं/SN भविष्यद्घटनाः/NP अपि/APY द्रष्टुं/KKS समर्थः/NP असि/KP ।/PUNC 
यत्/SSN त्वं/SN वदसि/KP ,/PUNC लिखसि/KP तत्/SSN एव/INTF सत्यं/NP भविष्यति/KP ।/PUNC 
तव/SN शब्दः/NP सत्यः/NV ,/PUNC चिरस्थायी/NV च/APY भविष्यति/KP ।/PUNC 
"/PUNC "यावत्/A स्थास्यन्ति/KP गिरयः/NP सरितः/NP च/APY महीतले/NP ।/PUNC 

तावत्/SSN रामायणकथा/NP लोकेषु/NP प्रचलिष्यति/KP ॥/PUNC "/PUNC 
एवम्/ASD आशीर्वादं/NP दत्त्वा/KKS सः/SN तिरोहितः/NV जातः/KN ।/PUNC 
तदनन्तरं/A वाल्मीकिमुनिना/NP रामायणं/NS रचितम्/KN ।/PUNC 
एतत्/SN रामायणं/NS नाम/NP महाकाव्यं/NV सर्वप्रथमं/SMKP लवकुशौ/NS अगायताम्/KP ।/PUNC 
लवकुशौ/NS श्रीरामस्य/NS पुत्रौ/NP आस्ताम्/KP ।/PUNC 
किन्तु/AVK तयोः/SN जन्म/NP वाल्मीक्याश्रमे/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
तत्र/AVK एव/INTF तयोः/SN पालनपोषणं/NP जातम्/KN ।/PUNC 

तौ/SNV राजपुत्रौ/NP आस्ताम्/KP तथापि/APY तयोः/SN पालनम्/NP आश्रमे/NP कथम्/AP अभवत्/KP ?/PUNC एतस्य/SN अपि/APY एका/SNV रोमाञ्चकारिणी/NV कथा/NP अस्ति/KP ।/PUNC 

सीतायाः/NS रावणपाशात्/NP मुक्तिः/NP आवश्यकी/NV ।/PUNC 
अतः/UNK रामचन्द्रेण/NS रावणेन/NS सह/A तुमुलं/NV युद्धं/NP कृतम्/KN ।/PUNC 
युद्धविजयानन्तरं/A सीतया/NS सह/A सः/SN अयोध्यां/NS प्रत्यागतवान्/KN ।/PUNC 
राज्याभिषेकानन्तरं/PUNC सः/SN कोसलदेशस्य/NP राजसिंहासनम्/NP आरूढः/KN ।/PUNC 
सीता/NS महाराज्ञीपदं/NP भूषितवती/KN ।/PUNC 
एवं/AVK सुखेन/NP तेषां/SN जीवनकालः/NP प्रचलन्/KNV आसीत्/KP ।/PUNC 
तस्य/SN प्रजा/NP अपि/APY सुखसम्पन्ना/NV आसीत्/KP ।/PUNC 
यथासमयं/NV सीता/NS गर्भवती/NV अभवत्/KP ।/PUNC 
अस्माकं/SN वंशवृक्षस्य/NP वर्धनं/NP भवति/KP इति/AUD चिन्तयित्वा/KKS रामः/NS अपि/APY आनन्दितः/NV जातः/KN ।/PUNC 
सः/SN तस्मिन्/SN समये/NP सीतां/NS पृष्टवान्/KN "/PUNC सीते/NS ,/PUNC इदानीं/APY त्वं/SN मातृपदं/NP भूषयिष्यसि/KP ।/PUNC 
यदि/AVK तव/SN मनसि/NP का/SNV अपि/UNK इच्छा/NP अस्ति/KP तर्हि/AVK वद/KP ।/PUNC 
अहं/SN निश्चयेन/NP पूरयामि/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 

तत्/AVK श्रुत्वा/KKS सीता/NS आनन्दिता/NV जाता/KN ।/PUNC 
सा/SN हसित्वा/KKS उक्तवती/KN "/PUNC अहं/SN किम्/AP इच्छामि/KP ,/PUNC भवान्/SN सदा/A सुखे/NP निवसतु/KP ।/PUNC 
तव/SN स्नेहस्य/NP अहं/SN सदा/A अधिकारिणी/NV भवामि/KP इति/AUD एवम्/A एव/INTF मम/SN इच्छा/NP मम/SN मनसि/NP वर्तते/KP ।/PUNC 
तत्/SN वदामि/KP ।/PUNC 
यदा/SSN वयं/SN वनवासे/NP आस्म/KP तदा/SSN ऋषीणाम्/NP आश्रमे/NP निवासं/NP कृतवन्तः/KN ।/PUNC 
किन्तु/A तदा/SN अहं/SN ऋषिभार्याभ्यः/NP किम्/SN अपि/APY न/AN दत्तवती/KN ।/PUNC 
इदानीं/A ऋषीणाम्/NP आश्रमान्/NP गत्वा/KKS तेषां/SN भार्याभ्यः/NP तासाम्/SN इच्छानुसारं/NP बहुमूल्यानि/NV  वस्तूनि/NP दातुं/KKS तथा/AVK च/A किञ्चित्कालं/NP ताभिः/SN सह/AUP कालं/NP यापयितुम्/KKS इच्छामि/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
तस्याः/SN इच्छां/NP श्रुत्वा/KKS रामेण/NS अपि/A तां/SNV इच्छां/NP पूरयितुं/KKS वचनं/NP दत्तम्/KN ।/PUNC 


वज्रपातः/NP 
अथ/AVK एकदा/A प्रातःकाले/NP रामचन्द्रः/NS राज्यकार्ये/NP मग्नः/KN आसीत्/KP ।/PUNC 
तदा/SN एकः/SMKY चारः/NP तस्य/SN समीपम्/NP आगतवान्/KN ।/PUNC 
एते/SNV गुप्तचाराः/NP प्रतिरात्रौ/NP वेषपरिवर्तनं/NP कृत्वा/KKS नगरे/NP नगरे/DV भ्रमणं/NP कुर्वन्ति/KP स्म/A ।/PUNC 
नगरे/NP प्रजाः/NP किं/SN वदन्ति/KP इति/AUD वृत्तान्तं/NP ते/SN महाराजाय/NP कथयन्ति/KP स्म/A ।/PUNC 
सः/NV गुप्तचरः/NP अपि/A गुप्तवृत्तान्तकथनार्थं/A रामस्य/NS समीपम्/NP आगतवान्/KN ।/PUNC रात्रौ/NP तेन/SN एकस्मिन्/SN लोकसमुदाये/NP श्रीरामस्य/NS विषये/NP निन्दावचनं/NP श्रुतम्/KN आसीत्/KP ।/PUNC निन्दाकथनम्/NP अप्रियं/NV तथापि/APY तस्य/SN श्रावणम्/NP चारस्य/NP कर्तव्यम्/NP ।/PUNC 
अतः/AVK सः/NV उक्तवान्/KN "/PUNC महाराज/NP अयोध्यावासिनः/NP सदा/A भवते/SN स्तुतिपुष्पाणि/NP एव/INTF अर्पयन्ति/KP ।/PUNC 
किन्तु/AVK कश्चित्/NV रजकः/NP भवतः/SN विषये/NP अयोग्यं/NV निन्दावचनं/NP वदति/KP ।/PUNC 
सः/AVK वदति/KP ,/PUNC सीतामाता/NP रावणस्य/NS गृहे/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
रावणः/NS तु/APY असुराणां/NP राजा/NP ।/PUNC 
तस्य/SN प्रवृत्तिः/NV दुष्टा/NP ।/PUNC 
सीतायाः/NS रामेण/NS पुनः/A स्वीकरणं/NP कृतम्/KN ।/PUNC 
तत्/AVK न/AN समीचीनम्/A ।/PUNC 
सीता/NS तु/APY अपवित्रा/NV अस्ति/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 

सीतायाः/NS विषये/NP एवं/A लोकापवादं/NP श्रुत्वा/KKS रामः/NS मनसि/NP बहु/NV दुःखम्/NP अनुभूतवान्/KN ।/PUNC 
"/PUNC सीता/NS सदा/A मम/SN एव/INTF विचारं/NP करोति/KP ।/PUNC 
सा/SN गङ्गा/NS इव/AUD पवित्रा/NV ।/PUNC 
"/PUNC इति/AUD रामः/NS जानाति/KP स्म/A ।/PUNC 
परं/AVK प्रजामतं/NP तु/APY राज्ञः/NP कृते/A आज्ञा/NP इव/AUD इति/AUD अपि/A सः/SN सम्यक्/A अजानत्/KP ।/PUNC 
अतः/AVK प्रजानां/NP सन्तोषार्थं/A रामेण/NS सीतायाः/NS त्यागः/NP कृतः/KN ।/PUNC 
तत्कृते/AVK सः/SN लक्ष्मणम्/NS आहूय/SN आज्ञां/NP दत्तवान्/KN "/PUNC वाल्मीकिमहर्षेः/NP आश्रमस्य/NP समीपे/NP सीतां/NS नीत्वा/KKS तत्र/A एव/INTF तस्याः/SN त्यागं/NP करोतु/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 


सीतात्यागः/NP 
रामचन्द्रस्य/NS आज्ञां/NP श्रुत्वा/KKS सः/SNV भयविस्मितः/NP जातः/KN ।/PUNC 
रामचन्द्रस्य/NS मनोविचारपरिवर्तनार्थं/A तेन/SN बहु/NV प्रयत्नः/NP कृतः/KN ।/PUNC 
किन्तु/AVK व्यर्थम्/NP ।/PUNC 
इदानीं/A लक्ष्मणस्य/NS कृते/A सीतात्यागं/NP विना/A न/AN अन्यः/NV उपायः/NP ।/PUNC 
लक्ष्मणः/NS रथं/NP सज्जीकृत्य/KKS सीताभवनस्य/NP द्वारम्/NP आगतः/KN इति/AUD सः/SN उक्तवान्/KN ।/PUNC 
प्रसन्ना/NV सीता/NS हरिद्राकुङ्कुमं/NP ,/PUNC सुवर्णं/NP रजतं/NP वस्त्राणि/NP इत्यादीनि/NP गृहीत्वा/KKS रथम्/NP आरूढा/KN ।/PUNC 
अचिरात्/A एव/APY तौ/SN गङ्गातीरे/NP आगतौ/KN ।/PUNC 
तीरस्य/NP समीपे/NP एव/APY वाल्मीकिमुनेः/NP आश्रमः/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
लक्ष्मणः/NS अश्रुपूर्णनयनाभ्यां/NP सीताम्/NS उक्तवान्/KN ।/PUNC 
"/PUNC मातः/NP ,/PUNC अयोध्यावासिनः/NP भवत्याः/SN विषये/NP अनुचितं/NV मतं/NP प्रदर्शयन्ति/KP ।/PUNC 
तेषां/SN मते/NP भवती/SN रावणपाशे/NP अपवित्रा/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
भवत्याः/SN विषये/NP एवं/A लोकापवादं/NP श्रुत्वा/KKS प्रभुः/NV रामः/NS बहु/NV दुःखितः/NP जातः/KN ।/PUNC 
यद्यपि/AVK सः/SN जानाति/KP भवती/SN गङ्गा/NS इव/AUD पवित्रा/NV इति/AUD ।/PUNC 
परं/AVK प्रजानां/NP सन्तोषः/NP तु/APY राज्ञः/NP आद्यं/A कर्तव्यम्/NP अस्ति/KP ।/PUNC 
अतः/AVK निरुपायः/NP भूत्वा/KKS आर्येण/NV रामेण/NS तव/SN त्यागः/NP कृतः/KN ।/PUNC 
तेन/SN सः/SN बहु/NV दुःखम्/NP अनुभवति/KP ।/PUNC 
किन्तु/AVK राजकर्तव्यं/NP परमोच्चं/NV मत्वा/KKS सः/SN एतत्/SNV दुःखं/NP सोढुं/KKS कथम्/A अपि/APY समर्थः/NP ।/PUNC 
अहं/SN तस्य/SN आदेशपालनार्थं/NP भवतीम्/SN अत्र/A आनीतवान्/KN ।/PUNC 
अहं/SN पापी/NP अस्मि/KP ।/PUNC 
क्षमतां/NP यदि/APY शक्यम्/NP ।/PUNC 
किन्तु/AVK अहम्/SN अपि/APY निरूपायः/NP एव/INTF अस्मि/KP "/PUNC इति/AUD उक्त्वा/KKS सीतां/NS प्रणम्य/KKS सः/SN निर्गतवान्/KN ।/PUNC 

दुःखोद्वेगेन/NP रुदती/KNV सीता/NS महासङ्कल्पविचारेण/NP तरुतले/NP पतिता/KN ।/PUNC 
लक्ष्मणस्य/NS शब्दैः/NP तस्याः/SN मनसि/NP वज्राघातः/NP कृतः/KN ।/PUNC 
सदा/A पतिं/NP परमेश्वरं/NV मत्वा/KKS तस्य/SN एव/INTF आराधनाम्/NP आजीवनं/NP कुर्वत्याः/KNV चरित्रं/NP किं/AP कलङ्कितम्/NP ?/PUNC इति/AUD विचार्य/KKS सा/SN बहुरोदनं/NP कृतवती/KN ।/PUNC 
किन्तु/AVK सा/SN रामाय/NS किञ्चित्/SN अपि/APY दोषं/NP न/AN दत्तवती/KN ।/PUNC 
दुर्दैवात्/NP एव/INTF एषः/SNV प्रसङ्गः/NP मम/SN जीवने/NP आपतितः/KN इति/AUD सा/SNV चिन्तितवती/KN ।/PUNC 
तस्मिन्/SNV एव/INTF समये/NP पुष्पाणि/NP चिन्वन्तः/KNV वाल्मीकिशिष्याः/NP तत्र/A आगतवन्तः/KN ।/PUNC 
ते/SN सीतायाः/NS रोदनं/NP श्रुत्वा/KKS तस्य/SN ध्वनेः/NP दिशां/NP अनुसृत्य/KKS तस्याः/SN समीपं/NP गत्वा/KKS पृष्टवन्तः/KN च/APY "/PUNC हे/ASMB मातः/NP ,/PUNC भवती/SN का/AP ?/PUNC अरण्ये/NP एकाकिन्या/NP उपविश्य/KKS किमर्थं/A रोदनं/NP क्रियते/AP ?/PUNC वयं/SN वाल्मीकिऋषेः/NP शिष्याः/NP ।/PUNC 
समीपे/NP एव/INTF अस्माकम्/SN आश्रमः/NP वर्तते/KP ।/PUNC 
भवती/SN अस्माभिः/SN सह/A चलतु/KP ।/PUNC 
"/PUNC वाल्मीकिऋषेः/NP नाम/NP श्रुत्वा/KKS एव/INTF सीतायाः/NS धैर्यम्/NP आगतम्/KN ।/PUNC 
सा/SN तैः/SN सह/AUP आश्रमं/NP गतवती/KN ।/PUNC 
वाल्मीकिं/NS प्रणम्य/KKS अश्रुपूर्णनयना/SNV सा/SN सर्ववृत्तान्तम्/NP अकथयत्/KP ।/PUNC 
वाल्मीकिः/NS तस्याः/SN दुःखं/NP श्रुत्वा/KKS बहु/NV कष्टम्/NP अनुभूतवान्/KN ।/PUNC 
यथाशक्ति/A तेन/SN तस्याः/SN सान्त्वनं/NP कृतम्/KN ।/PUNC 
तस्याः/SN निवासव्यवस्था/NP स्वस्य/SN आश्रमे/NP कृता/KN ।/PUNC 
सदाचारिण्याः/NV पुण्यशीलायाः/NV सीतायाः/NS सेवायाः/NP दायित्वम्/NP आश्रममहिलासु/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
ताभिः/SN अपि/APY तस्याः/SN सेवा/NP मनोयोगेन/NP कृता/KN ।/PUNC 


लवकुशजन्म/NP 
यथाकालं/A सा/SN पुत्रद्वयं/NP प्रासूत/KN ।/PUNC 
शुभवेलायां/NP शुभनक्षत्रेषु/NP बालयोः/NP जन्म/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
सोदरौ/NV चन्द्रप्रकाशः/NP इव/AUD गौरवर्णीयौ/NV बालौ/NP दृष्ट्वा/KKS वाल्मीकिः/NS आनन्दमग्नः/KN सञ्जातः/KN ।/PUNC 
दशमे/SMKP दिने/NP तयोः/SN नामकरणं/NP लवः/NS कुशः/NS इति/AUD तेन/SN कृतम्/KN ।/PUNC 
बालानां/NP पालनपोषणे/NP आश्रमवासिनः/NP आनन्दम्/NP अनुभूतवन्तः/KN ।/PUNC 
आश्रमवासिनां/NP स्नेहं/NP दृष्ट्वा/KKS सीता/NS स्वदुःखम्/NP अपि/APY व्यस्मरत्/KP ।/PUNC 
दिने/NP दिने/DV लवः/NS कुशः/NS च/APY चन्द्रकला/NP इव/AUD वर्धितौ/KP ।/PUNC 
एतयोः/SN अध्ययनारम्भः/NP मुनिना/NV वाल्मीकिना/NS एव/INTF कृतः/KN ।/PUNC 
तयोः/SN स्वरे/NP बहु/NV माधुर्यम्/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
तयोः/AVK गानं/NP श्रुत्वा/KKS जनाः/NP मन्त्रमुग्धाः/NV भवन्ति/KP स्म/A ।/PUNC 
यदा/SSN लवकुशौ/NS अष्टवर्षीयौ/NV जातौ/KN तदा/SSN तयोः/SN उपनयनसंस्कारः/NP जातः/KN ।/PUNC 
तदनन्तरं/AVK तयोः/SN वेदाभ्यासः/NP पूर्णः/NP जातः/KN ।/PUNC 
वाल्मीकेः/NS पुरतः/A तौ/SNV गायतः/KP स्म/A ।/PUNC 
तत्/SN श्रुत्वा/KKS वाल्मीकिः/NS आनन्दितः/KN अभवत्/KP ।/PUNC 
सीता/NS अपि/APY बालयोः/NP स्वरमाधुर्येण/NP कथायाः/NP हृदयस्पर्शित्वेन/NP पुलकिता/NP जाता/KN ।/PUNC 


अयोध्यावृत्तान्तः/NP 
वाल्मीकेः/NS आश्रमे/NP बालानां/NP संवर्धनम्/NP सुष्ठु/A रूपेण/NP अभवत्/KP ।/PUNC 
तथा/AVK एव/INTF अयोध्यायां/NS रामः/NS अपि/A स्वराज्यवर्धने/NP प्रजारक्षणे/NP च/APY व्यग्रः/NP आसीत्/KP ।/PUNC 
रामस्य/NS अश्वमेधं/NS कर्तुम्/KKS इच्छा/NP जाता/KN ।/PUNC 
अतः/AVK सः/SN अश्वमेधमहायज्ञं/NP कृतवान्/KN ।/PUNC 
अश्वमेधस्य/NP तम्/SNV अश्वं/NP लवकुशौ/NS कौतूहलेन/NP गृहीतवन्तौ/KN ।/PUNC 
तदा/AVK जाते/NV युद्धे/NP सर्वे/SNV सैनिकाः/NP पराजिताः/KN ।/PUNC 
अन्ततो/A गत्वा/KKS रामः/NS स्वयं/SN तत्र/A आगतवान्/KN ।/PUNC 
सः/SN बालकयोः/NP प्रशंसां/NP कृतवान्/KN ।/PUNC 
ताभ्याम्/SN अश्वं/NP मोचयित्वा/KKS सः/SN अश्वमेधार्थं/NP वाल्मीकिं/NS तस्य/SN शिष्यैः/NP सह/A निमन्त्रितवान्/KN ।/PUNC 
रामचन्द्रस्य/NS अश्वमेधः/NP बहुदिनानि/NP यावत्/APY उत्साहेन/NP प्राचलत्/KP ।/PUNC 
रामेण/NS प्रभूतं/NV दानं/NP कृतम्/KN ।/PUNC 
विप्राः/NP ,/PUNC प्रजाः/NP ऋषयः/NP च/APY सर्वे/SNV सन्तुष्टाः/NP जाताः/KN ।/PUNC 
तस्मिन्/SN यज्ञप्रसङ्गे/NP लवकुशौ/NS रामायणं/NS रामस्य/NS पुरतः/A अगायताम्/KP ।/PUNC 

यथा/AVK रामः/NS सीतायाः/NS नाम/NP रामायणे/NS श्रुतवान्/KN तदा/APY तस्य/SN नेत्रे/NP अश्रुपूर्णे/NV अभवताम्/KP ।/PUNC 
रामायणश्रवणानन्तरं/A रामः/NS पृष्टवान्/KN "/PUNC भवन्तौ/SN कौ/AP ?/PUNC "/PUNC तौ/SNV उक्तवन्तौ/KN "/PUNC आवां/SN सीतादेव्याः/NP पुत्रौ/NP तथा/APY वाल्मीकिऋषेः/NP शिष्यौ/NP स्वः/KP ।/PUNC 
"/PUNC 
तदनन्तरं/AVK सीतायाः/NS त्यागानन्तरं/A सर्वः/NV वृत्तान्तः/NP वाल्मीकिना/NS रामाय/NS कथितः/KN ।/PUNC 
तत्/SN श्रुत्वा/KKS रामः/NS वाल्मीकिमुनिम्/NP उक्तवान्/KN ,/PUNC "/PUNC अहं/SN पुनः/A सीतायाः/NS स्वीकरणं/NP कर्तुम्/KKS इच्छामि/KP ।/PUNC 
"/PUNC अतः/AVK वाल्मीकिना/NS सीता/NS अयोध्याम्/NS आनीता/KN ।/PUNC 
रामः/NS तां/SN उक्तवान्/KN ,/PUNC "/PUNC त्वं/SN अग्निपरीक्षायां/NP जनानां/NP कृते/A स्वपवित्रतां/NP दर्शय/KP ।/PUNC 
तदनन्तरम्/AVK अहं/SN तव/SN स्वीकारं/NP करोमि/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 

सीतायाः/NS अग्निपरीक्षाविषये/NP वाल्मीकिः/NS विरोधं/NP दर्शितवान्/KN ।/PUNC 
किन्तु/AVK अन्येषां/SNV जनानां/NP मनसि/NP स्थितायाः/NV शङ्कायाः/NP निवारणार्थम्/NP एतत्/SN आवश्यकम्/NP एव/A आसीत्/KP ।/PUNC 
सीता/NS व्यथिता/NV जाता/KN ।/PUNC 
अश्रुपूर्णाभ्यां/NV नयनाभ्यां/NP पृथिवीम्/NP उक्तवती/KN ,/PUNC "/PUNC हे/ASMB मातः/NP ,/PUNC यदि/AVK अहं/SN पवित्रा/NP अस्मि/KP तर्हि/AVK मां/SN स्वसमीपे/NP नयतु/KP ।/PUNC 
"/PUNC सीतायाः/NS वचनानन्तरं/A पृथ्वी/NP विदीर्णा/KN ।/PUNC 
सीता/NS पृथिव्यां/NP समाविष्टा/KN ।/PUNC 
तत्/AVK दृष्ट्वा/KKS रामः/NS शोकविह्वलः/NV अभवत्/KP ।/PUNC 
तदा/AVK एव/INTF ब्रह्मदेवः/NP प्रकटितः/KN ।/PUNC 
रामचन्द्रस्य/NS सान्त्वनं/NP कृत्वा/KKS सः/SN उक्तवान्/KN "/PUNC भवान्/SN साक्षात्/NV नारायणः/NS अस्ति/KP ।/PUNC 
एतत्/SNV मनुष्यशरीरं/NP तु/APY केवलम्/NV अवतारकार्यं/NP समापयितुम्/KKS आसीत्/KP ।/PUNC 
भवतः/SN निवासस्थानं/NP तु/APY वैकुण्ठधाम/NP ।/PUNC 
सीता/NS तत्र/A एव/INTF भवतः/SN प्रतीक्षां/NP करिष्यति/KP "/PUNC इति/AUD ।/PUNC 
यत्/AVK ज्ञात्वा/KKS पत्नी/NP विरहस्य/NP दुःखं/NP विस्मृत्य/KKS रामः/NS वैकुण्ठं/NS गतवान्/KN ।/PUNC 

एतस्य/SNV महाकाव्यस्य/NP रचनां/NP कृत्वा/KKS वाल्मीकिमुनिः/NP न/AN केवलं/NP संस्कृतसाहित्ये/NP अपि/A तु/A अखिलजगति/NP "/PUNC आदिकविः/NS "/PUNC इति/AUD स्वस्य/A स्थानं/NP ध्रुवं/NV कृतवान्/KN ।/PUNC 


